Home Blog Page 16

पीएम मोदी के ‘विकसित भारत–2047’ विज़न को ज़मीन पर उतारने में हडको बनेगा उत्तराखंड का मजबूत साझेदार

HUDCO will be a strong partner for Uttarakhand in implementing PM Modi's 'Developed India-2047' vision on the ground.
HUDCO will be a strong partner for Uttarakhand in implementing PM Modi's 'Developed India-2047' vision on the ground.

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत–2047’ के संकल्प को साकार करने और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को सुनियोजित, आधुनिक एवं समावेशी राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। राज्य में सभी के लिए आवास, नए नगरों के विकास और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विस्तार को गति देने के उद्देश्य से हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हडको) के सहयोग से संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, रेंटल हाउसिंग योजना एवं भविष्य की शहरी विकास रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक का मुख्य फोकस राज्य में आवासीय जरूरतों को दीर्घकालिक दृष्टि से पूरा करना, विशेषकर ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और एलआईजी (निम्न आय वर्ग) के लिए सस्ते, सुरक्षित और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराना रहा।
2047 और 2050 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर रणनीति:    बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि उत्तराखंड की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 2047 के विकसित भारत लक्ष्य और 2050 तक की आवासीय जरूरतों के लिए एक समग्र एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुनियोजित निर्माण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और भविष्य के नए नगरों की परिकल्पना शामिल होगी।
नए नगरों के विकास में हडको देगा पूर्ण सहयोग:   हडको के क्षेत्रीय प्रमुख एवं राज्य प्रभारी संजय भार्गव ने राज्य सरकार को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में नए शहरों और टाउनशिप के विकास, भूमि अधिग्रहण, मास्टर प्लानिंग और वित्तीय सहयोग में हडको अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का पूरा लाभ राज्य को देगा। देश के विभिन्न राज्यों में नए नगर बसाने के अनुभव को उत्तराखंड में भी लागू किया जाएगा।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास:   बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आवासीय योजनाएं केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में भी सुनियोजित ढंग से लागू हों। इससे पलायन की समस्या को कम करने, स्थानीय रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूती मिलेगी।
पर्वतीय जिलों में स्थानीय तकनीक को बढ़ावा:   उत्तराखंड के 10 पर्वतीय जिलों में स्थानीय भवन तकनीक और पारंपरिक निर्माण सामग्री के अधिकतम उपयोग पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया। इससे जहां निर्माण लागत कम होगी, वहीं राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भवन स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और सस्ते आवास निर्माण के लिए नवाचारों को अपनाने पर सहमति बनी।
रेंटल हाउसिंग और सस्ते आवास पर विशेष फोकस:   प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ रेंटल आवास योजना को भी गति देने पर चर्चा हुई, जिससे प्रवासी श्रमिकों, युवाओं और कामकाजी वर्ग को सुरक्षित एवं किफायती आवास उपलब्ध कराया जा सके। यह कदम शहरी क्षेत्रों में अनियोजित बसावट को रोकने में भी सहायक होगा।
हडको का मजबूत वित्तीय योगदान :   बैठक में जानकारी दी गई कि हडको देहरादून द्वारा राज्य में अब तक 1543.34 करोड़ रुपये की ऋण राशि वाली 115 आवासीय एवं शहरी विकास योजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। यह आंकड़ा उत्तराखंड में आवास विकास के प्रति हडको की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सुनियोजित विकास से बढ़ेगी आवास की उपलब्धता :   सरकार और हडको के संयुक्त प्रयासों से राज्य में आवास की उपलब्धता बढ़ेगी, ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग को सम्मानजनक जीवन मिलेगा और उत्तराखंड आधुनिक, टिकाऊ और समावेशी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान  :   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘विकसित भारत–2047’ विज़न और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड में सभी के लिए आवास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। हडको के सहयोग से राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना, रेंटल हाउसिंग और भविष्य के नए नगरों के विकास को नई गति मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग को सस्ते, सुरक्षित और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराए जाएं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुनियोजित विकास से राज्य का संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित होगा।
संजय भार्गव, क्षेत्रीय प्रमुख एवं राज्य प्रभारी, हडको का बयान :   हडको उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर राज्य में आवास और शहरी विकास के क्षेत्र में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। नए नगरों के निर्माण, रेंटल हाउसिंग और ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए सस्ते आवास हमारी प्राथमिकता है। अगले 25 वर्षों को ध्यान में रखते हुए हडको राज्य के लिए एक दीर्घकालिक एवं व्यावहारिक आवास विकास रणनीति तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

सीएम धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की एविएशन क्षेत्र में  देशभर में बनी नई पहचान

Under the leadership of CM Dhami, Uttarakhand has carved a new identity for itself in the aviation sector across the country.
Under the leadership of CM Dhami, Uttarakhand has carved a new identity for itself in the aviation sector across the country.

: विंग्स इंडिया 2026 में  उत्तराखंड को बड़ी सफलता, एविएशन इकोसिस्टम में सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार
: एविएशन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने वाला सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित
देहरादून।  हैदराबाद स्थित बेगमपेट एयरपोर्ट में 29–31 जनवरी 2026 को आयोजित देश के प्रतिष्ठित एविएशन इवेंट “विंग्स इंडिया 2026” में उत्तराखंड राज्य को “एविएशन और इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए सबसे अच्छा राज्य” के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य सरकार की प्रभावी एविएशन नीतियों का परिणाम है। यह सम्मान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव आशीष चौहान एवं संजय टोलिया सहित अनेक गणमान्य  उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ-साथ चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने में एविएशन सेक्टर का प्रभावी उपयोग किया है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के लिए हेली सेवाओं का विस्तार, हेलीपोर्ट और हेलीपैड का विकास, यात्रियों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा आपातकालीन सेवाओं में हवाई संसाधनों का बेहतर उपयोग उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान बना है। चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों और समय की कमी से जूझ रहे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसकी देश-भर में सराहना हुई। इसके साथ ही सीमांत और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने, उड़ान योजना, एयर स्ट्रिप्स के उन्नयन और हेली-टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच पर विशेष रूप से सराहा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड की जनता, राज्य सरकार की टीम और एविएशन सेक्टर से जुड़े सभी हितधारकों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में चारधाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल एवं तकनीक-समर्थ बनाने के साथ-साथ उत्तराखंड को देश का अग्रणी एविएशन और हेली-टूरिज्म हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान उत्तराखंड के लिए पर्यटन, निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
यह पुरस्कार उत्तराखंड की समग्र विमानन नीति, बेहतर प्रशासनिक समन्वय और प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ना हमारी प्राथमिकता रही है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है बल्कि आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से ली सेवाओं के विस्तार, उड़ान योजना के सफल क्रियान्वयन और आधुनिक विमानन अवसंरचना के विकास से उत्तराखंड तेजी से एक उभरते विमानन हब के रूप में स्थापित हो रहा है।  :  पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की

The Chief Minister reviewed various schemes related to employment and self-employment.
The Chief Minister reviewed various schemes related to employment and self-employment.

-युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में कृषि, पशुपालन, पर्यटन एवं उद्योग क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से लोगों को इन योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाए, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं का समय पर एवं पूरा लाभ मिले, इस पर सभी विभाग विशेष ध्यान दें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आवंटित बजट का पूर्ण आउटकम प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त उन्नति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। उन्होंने सेब की अतिसघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से संचालित कर निर्धारित लक्ष्यों को समय से प्राप्त किया जाए तथा किसानों को अधिकाधिक प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों से संबंधित देयकों का भुगतान समय पर हो। किसानों को उनके उत्पादन का बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए राज्य में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहद उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखंड में व्यापक संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए ‘हनी मिशन’ के अंतर्गत शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं। राज्य में शहद का ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बागवानी एवं मौन पालन के क्षेत्र में जिन राज्यों में अच्छा कार्य हुआ है, उनके अध्ययन हेतु अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की टीमें उन राज्यों में भेजी जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 29 उत्पादों को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है, जिनमें से 18 कृषि एवं कृषि कल्याण से संबंधित हैं। इस वर्ष 25 अन्य उत्पादों को जी.आई. टैग के लिए चिन्हित किया जाएगा। राज्य में 134 करोड़ रुपये की लागत से लागू स्टेट मिलेट पॉलिसी के अंतर्गत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी एवं चीना को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत प्रथम चरण में 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के 24 विकासखंडों तथा द्वितीय चरण में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के 44 विकासखंडों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में 5 हजार से अधिक गांवों को आच्छादित कर लगभग डेढ़ लाख कृषकों को लाभान्वित किया गया है। मिलेट फसलों की क्रय-विक्रय हेतु 216 क्रय केंद्र खोले गए हैं तथा सहकारिता विभाग के अंतर्गत 20 करोड़ रुपये का रिवाल्विंग फंड बनाया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 5 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5,386 मीट्रिक टन मिलेट फसलों का क्रय किया जा चुका है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत चार वर्षों में 32 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। आगामी वर्ष में 9 हजार लोगों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पर्यटन विभाग के अंतर्गत दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत चार वर्षों में 780 होम स्टे स्थापित किए गए हैं, जिसके लिए 188.58 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया गया है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चार वर्षों में एक हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया है, जिसमें कुल 105 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का वित्त पोषण किया गया है। राज्य में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन क्षेत्र में 17,450 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, वी. षणमुगम, धीराज गर्ब्याल सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, हरिद्वार की 41वीं बैठक संपन्न, टीएचडीसी नराकास वैजयंती योजना के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार से सम्मानित

The 41st meeting of the Town Official Language Implementation Committee, Haridwar, concluded, and THDC was awarded the first prize under the Town Official Language Implementation Committee's Vaijayanti Scheme.
The 41st meeting of the Town Official Language Implementation Committee, Haridwar, concluded, and THDC was awarded the first prize under the Town Official Language Implementation Committee's Vaijayanti Scheme.

ऋषिकेश – 29 जनवरी 2026: श्री सिपन कुमार गर्ग, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति हरिद्वार के द्वारा टीएचडीसी को नराकास वैजयंती योजना के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया । श्री गर्ग ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास हेतु हमें इसी प्रकार कड़ी मेहनत एवं लगन से कार्य करने की आवश्यकता है।

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 41वीं अर्धवार्षिक बैठक 29.01.2026 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की में आयोजित की गई। बैठक की अध्‍यक्षता टीएचडीसी के मुख्य महाप्रबंधक (मा.सं. एवं प्रशा.), डॉ. अमर नाथ त्रिपाठी ने की । बैठक में समिति के सदस्‍य संस्‍थानों के प्रमुखों/प्रतिनिधियों एवं राजभाषा अधिकारियों ने बड़ी संख्‍या में प्रतिभागिता की। विदित ही है कि नराकास हरिद्वार देश की सबसे बड़ी नराकासों में से एक है जिसमें सदस्य संस्थानों की संख्या 73 हो गई है। इस समिति में रुड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं पर्वतीय क्षेत्र में स्थित केंद्र सरकार के संस्थान एवं कार्यालय सम्मिलित हैं।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम समिति के अध्‍यक्ष, डॉ अमर नाथ त्रिपाठी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की के निदेशक, प्रो. कमल किशोर पंत, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के राजभाषा प्रभारी, प्रो. अविनाश पाराशर, राजभाषा विभाग के उप निदेशक, श्री छबिल मेहेर एवं विशिष्‍ट अतिथियों का स्‍वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर किया गया। इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के कुल गीत का गायन किया गया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक, प्रो. कमल किशोर पंत ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया ।

बैठक के दौरान पुरस्कार वितरण समारोह में समिति के अध्यक्ष, डॉ त्रिपाठी एवं मंचासीन अतिथिगणों ने अपने कर-कमलों से छमाही के दौरान नराकास के तत्वावधान में आयोजित हुई प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इन प्रतियोगिताओं में टीएचडीसी के सहायक प्रबंधक, श्री नीरज शर्मा को प्रथम एवं सहायक प्रबंधक, श्री गोविंद रेलिया को प्रोत्साहन पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान अपने संस्थानों में राजभाषा का श्रेष्ठ कार्यान्वयन सुनिश्चित करने वाले संस्थानों को भी नराकास राजभाषा वैजयंती योजना के अंतर्गत सम्मानित किया गया। इसमें टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के कारपोरेट कार्यालय को सार्वजनिक उपक्रमों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

बैठक में समिति के सदस्य सचिव, श्री पंकज कुमार शर्मा द्वारा नराकास हरिद्वार द्वारा आयोजित गतिविधियों एवं राजभाषा से संबंधित नवीनतम जानकारियों से अवगत कराया गया । उन्होंने राजभाषा हिंदी की प्रगति की अर्धवार्षिक रिपोर्टो की समीक्षा की। इसके उपरांत चर्चा सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्‍थित सदस्‍य संस्‍थानों के प्रमुख एवं प्रतिनिधियों ने अपने बहुमूल्‍य सुझाव दिए।

भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के उप निदेशक (कार्यान्वयन), श्री छबिल कुमार मेहेर ने भारत सरकार की राजभाषा नीति, संविधान में राजभाषा के संबंध में किए गए प्रावधानों, राजभाषा अधिनियम, 1963 एवं राजभाषा नियम, 1976 में दिए गए प्रावधानों के बारे में जानकारी दी।

समिति के अध्‍यक्ष, डॉ. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं नराकास वैजयंती योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किए गए संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने गत वर्ष 15 सितंबर, 2025 को नराकास हरिद्वार को गृह मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा प्रशंसनीय श्रेणी में पुरस्कृत किए जाने पर सभी संस्थानों को बधाई एवं शुभकामनाएं संप्रेषित की। उन्होंने कहा कि नराकास हरिद्वार के सभी कार्यक्रम एवं गतिविधियां समय पर संचालित हो रही हैं, आवश्यकता है कि सभी सदस्‍य संस्‍थानों के प्रमुख समिति की बैठकों में नियमित रूप से भाग लें ताकि यह नराकास भविष्य में उत्कृष्ट श्रेणी में पुरस्कृत हो सके।

कार्यक्रम के अंत में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रो. अविनाश पाराशर ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सभी सदस्य संस्थानों के प्रमुख एवं प्रतिनिधियों, राजभाषा अधिकारियों, हिंदी समन्वयकर्ता अधिकारियों का बैठक में भाग लेने के लिए धन्यवाद संप्रेषित किया।

सूबे के 544 नये विद्यालयों में संचालित होंगे व्यावसायिक पाठ्यक्रम

Vocational courses will be offered in 544 new schools across the state.
Vocational courses will be offered in 544 new schools across the state.

योजना के तहत 8 व्यावसायिक विषयों में दक्ष होंगे छात्र-छात्राएं

अबतक व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर चुके 146 छात्रों को मिला कैम्पस प्लेसमेंट

देहरादून, 29 जनवरी 2026
सूबे में समग्र शिक्षा के तहत 544 और विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा का संचालन किया जायेगा, जिसकी स्वीकृति भारत सरकार ने दे दी है। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पारम्परिक विषयों के साथ ही व्यावसायिक शिक्षा दी जायेगी, जिससे वह व्यावहारिक व तकनीकी कौशल में दक्ष होंगे साथ ही भविष्य में रोजगार व स्वरोजगार के लिये भी सक्षम हो सकेंगे। योजना के तहत वर्तमान शैक्षणिक सत्र से छात्र-छात्राओं को 8 विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा दी जायेगी। नवीन स्वीकृत विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के शीघ्र संचालन को विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं।

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में एनईपी-2020 के अनुरूप विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी दी जा रही है। इसी क्रम में समग्र शिक्षा एवं पीएम-श्री योजना के तहत प्रदेश के 544 और नये विद्यालयों का चयन व्यावसायिक शिक्षा के संचालन को किया गया है, जिन्हें भारत सरकार द्वारा स्वीकृत दे दी गई है। इन विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से 8 विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा का संचालन किया जाएगा। जिसमें एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रोनिक्स एंड हार्डवेयर, आईटी, पलम्बिंग, रिटेल तथा टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी शामिल है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन सभी सेक्टर को उत्तराखंड बोर्ड व सीबीएसई के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। जिन्हें विद्यालय स्तर पर एक विषय के रूप में पढ़ाया जायेगा। उक्त व्यावसायिक विषयों में कक्षा-10 व 12 के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के माध्यम से क्रमशः लेवन-3 व 4 के दक्षता प्रमाण पत्र दिये जायेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के संचालन को पीएसएससीआईवीई (पंडित सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान) के मानकों के अनुरूप 548 प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण हेतु अनुभवी प्रशिक्षकों की तैनाती निर्धारित योग्यता के अनुरूप की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि उक्त विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालन के लिये प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, शासनादेश के उपरांत व्यावसायिक शिक्षा के संचालन को विभागीय स्तर पर निविदा आयोजित की जायेगी।

विभागीय अधिकारियों के बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 531 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इन विषयों में कुल 50903 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। जिसमें 27561 छात्राएं व 23342 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा 28 हब्स एंड स्पोक विद्यालय भी संचालित किये जा रहे हैं। जिसमें 612 छात्राएं व 361 छात्र सहित कुल 973 बच्चे शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके तहत एयरोस्पेस एंड एविएशन तथा फूड इंडस्ट्री सेक्टर के संचालन को भी भारत सरकार द्वारा अनुमति दे दी गई है। जिसे उत्तराखंड बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा व्यावसायिक शिक्षा के तहत कक्षा-12 के प्रथम बैच में अध्ययनरत छात्रों के लिये राज्य स्तरीय जाॅब फेयर आयोजित किया गया, जिसमें 146 छात्रों को विभिन्न कंपनियों द्वारा जाॅब आॅफर दिये गये।

बयान-
राज्य सरकार की मंशा प्रदेश के नौनिहालों को पारम्परिक विषयों के साथ ही व्यावसायिक शिक्षा मुहैया कराना है। ताकि युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। व्यावसायिक शिक्षा का दायरा बढ़ाते हुये अब 544 और विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (IGI) ने 2025 की चौथी तिमाही के दौरान राजस्व में 21% और EBITDA में 26% की बढ़ोतरी के साथ दमदार प्रदर्शन किया

The International Gemological Institute (IGI) delivered a strong performance during the fourth quarter of 2025, with a 21% increase in revenue and a 26% increase in EBITDA.
The International Gemological Institute (IGI) delivered a strong performance during the fourth quarter of 2025, with a 21% increase in revenue and a 26% increase in EBITDA.

देहरादून- 29 जनवरी, 2026- इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (इंडिया) लिमिटेड (IGI) पूरी दुनिया में स्वतंत्र रूप से ग्रेडिंग एवं प्रमाणन सेवाएं उपलब्ध कराने में सबसे आगे है, जिसने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया।
कंपनी ने अपने व्यवसाय के सभी प्रमुख क्षेत्रों, जैसे कि कुदरती डायमंड्स, लैब में बने डायमंड्स, आभूषण एवं रत्न के क्षेत्र में शानदार प्रगति को बरकरार रखते हुए, पिछले साल की तुलना में 2025 की चौथी तिमाही के दौरान राजस्व में 21% और EBITDA में 26% की बढ़ोतरी दर्ज की है। इस तिमाही में प्रमाणन से होने वाली आय में भी 23% की वृद्धि हुई है।

इस तिमाही के दौरान प्रमाणन से प्राप्त कुल राजस्व 3,049 मिलियन रुपये और EBITDA 1,913 मिलियन रुपये तक पहुंच गया। 2025 की चौथी तिमाही के दौरान PAT साल-दर-साल आधार पर 18% की बढ़ोतरी के साथ 1,346 मिलियन रुपये दर्ज किया गया।

दिसंबर 2024 में समाप्त हुए 12 महीनों की तुलना में, दिसंबर 2025 में समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान संचालन से प्राप्त कुल राजस्व में 17% और EBITDA में 23% की बढ़ोतरी दर्ज की है। दिसंबर 2024 में समाप्त हुए 12 महीनों में EBITDA मार्जिन 56.9% था, जो दिसंबर 2025 में समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान बढ़कर 59.9% हो गया। इसी तरह, समेकित PAT भी दिसंबर 2024 में समाप्त हुए 12 महीनों की तुलना में 24% की बढ़ोतरी के साथ, दिसंबर 2025 में समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान 5,316 मिलियन रुपये तक पहुंच गया। गया। साथ ही, PAT मार्जिन भी 2024 में समाप्त हुए 12 महीनों के 40.6% से बढ़कर, दिसंबर 2025 में समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान 43.3% हो गया।

इस मौके पर IGI के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, श्री तेहमास्प प्रिंटर ने कहा, “2025 की चौथी तिमाही और समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान कंपनी ने अपनी कई रणनीतिक योजनाओं पर लगातार काम करते हुए, कारोबार के संचालन में बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। हमने नेचुरल डायमंड सर्टिफिकेशन बिज़नेस में भी अपनी पैठ और बाजार में हिस्सेदारी को बढ़ाया है। लैब में बने हीरों के हमारे सर्टिफिकेशन बिज़नेस में काफी तेजी आई है, क्योंकि भारत के साथ-साथ दुनिया के बाजारों में LGD से बने गहनों की मांग बढ़ी है और पिछली चार तिमाहियों से इनकी थोक कीमतें भी स्थिर बनी हुई हैं। सभी क्षेत्रों में अपनी दमदार उपस्थिति के साथ, IGI आने वाले साल में ग्राहकों को बेमिसाल अनुभव प्रदान करके और भी ज्यादा तरक्की करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

इंडस्ट्री के मौजूदा ट्रेंड और आगे की संभावनाओं पर विचार

ग्राहकों की पसंद में हो रहे बदलाव, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हुई प्रगति और सर्टिफिकेशन की बढ़ती मांग की वजह से पूरी दुनिया में हीरे एवं आभूषणों के बाजार में भी बदलाव हो रहा है। भारत में खर्च करने योग्य अतिरिक्त आय में बढ़ोतरी, बढ़ता मध्यम वर्ग और लग्जरी निवेश के रूप में हीरों के प्रति बढ़ता आकर्षण भी इस बाजार को लगातार आगे बढ़ा रहा है।

लैब में बने हीरों (LGDs) के बढ़ते इस्तेमाल का असर दुनिया भर के बाजारों पर हुआ है, क्योंकि किफायती और सस्टेनेबल होने की वजह से इन्हें पूरी दुनिया में पसंद किया जा रहा है। LGDs की मात्रा लगातार बढ़ रही है, क्योंकि ज़्यादातर बड़े LGD निर्माता अब अपनी क्षमता को बढ़ा रहे हैं, साथ ही इनकी थोक कीमतें भी स्थिर हो रही हैं। इन दिनों प्रामाणिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र प्रमाणन तेजी से आवश्यक होता जा रहा है, और अपनी लीडरशिप की वजह से IGI बाजार के इन बदलते माहौल के बीच सबसे आगे है।

इसके अलावा, प्रमाणित हीरों, रत्नों और आभूषणों की मांग अब पारंपरिक बाजारों से आगे निकलकर नए क्षेत्रों में फैल रही है, जिससे इस उद्योग में पारदर्शिता और भरोसे की ज़रूरत बढ़ रही है। IGI लैब्स, इन-फैक्ट्री लैब्स और मोबाइल लैब्स जैसी IGI की अलग-अलग सेवाएं ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत बनाती हैं और इस बदलते बाज़ार में कंपनी को दूसरों से आगे रखती हैं। इनोवेशन को अपनाना जारी रखते हुए और दुनिया भर में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए, IGI उभरते अवसरों का लाभ उठाने और आभूषण उद्योग के लिए पसंदीदा प्रमाणन भागीदार के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में 31वीं इंटर सीपीएसयू शतरंज प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

The 31st Inter-CPSU Chess Tournament was grandly inaugurated at THDC India Limited.
The 31st Inter-CPSU Chess Tournament was grandly inaugurated at THDC India Limited.

ऋषिकेश, 28.01.2026: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के ऋषिकेश स्थित कॉरपोरेट कार्यालय में 28 जनवरी, 2026 को 31वीं अंतर केंद्रीय विद्युत क्षेत्र के उपक्रमों (आईसीपीएसयू) की शतरंज प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। विद्युत क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में 28 जनवरी से लेकर 31 जनवरी, 2026 तक आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता का आयोजन पॉवर स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (पीएससीबी), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में किया जा रहा है ।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री सिपन कुमार गर्ग ने इस अवसर पर अवगत करवाया कि पीएससीबी के तत्वावधान में आयोजित खेल प्रतियोगिताएं विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के मध्य शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य एवं अनुशासन, रणनीतिक सोच एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड कर्मचारियों के समग्र विकास तथा विद्युत क्षेत्र के उपक्रमों के मध्य पारस्परिक सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु खेल एवं कल्याणकारी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिबद्ध है।

प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन श्री कुमार शरद, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं), टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा पीएससीबी का ध्वज फहराकर किया गया, जिससे प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह के अंतर्गत प्रतिभागी टीमों द्वारा मार्च पास्ट तथा खिलाड़ियों द्वारा शपथ ग्रहण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो एकता, सत्यनिष्ठा एवं खेल भावना के प्रतीक हैं।

श्री कुमार शरद ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक एवं सौहार्दपूर्ण मंच प्रदान करेगी। उन्होंने खेल एवं व्यावसायिक जीवन में अनुशासन, टीम भावना तथा खेल भावना के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

विद्युत क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों से आए खिलाड़ियों का स्वागत डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा.सं. एवं प्रशा. तथा कें. सं.), टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह को सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा और अधिक रोमांचक एवं आकर्षक बनाया गया।

इस प्रतियोगिता में पुरुष एवं महिला वर्ग की कुल 11 संस्थाओं की टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें विद्युत मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), बीबीएमबी, डीवीसी, ग्रिड इंडिया, एनएचपीसी, पीएफसी, पावरग्रिड, आरईसी, एसजेवीएनएल तथा टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। प्रतियोगिता का संचालन तीन विशेषज्ञ  निर्णायकों/प्रशिक्षकों की देखरेख में किया जा रहा है, ताकि  निष्पक्ष खेल एवं नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

Chief Minister Pushkar Singh Dhami handed over appointment letters to 1035 assistant teachers.
Chief Minister Pushkar Singh Dhami handed over appointment letters to 1035 assistant teachers.

शिक्षा मंत्री डॉ रावत बोले, विभाग में अब तक 11500 को मिली नियुक्तियां

देहरादून, 28 जनवरी 2026

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर, देहरादून में 1035 सहायक अध्यापक (प्राथमिक शिक्षा) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए, जिनमें 17 विशेष शिक्षक भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि सभी युवा शिक्षक राज्य में शिक्षा का स्तर बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आज से आपके कंधों पर उत्तराखंड के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ गई है। जब किसी बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा मिलती है, तो वह केवल अपना जीवन ही नहीं संवारता, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अमूल्य योगदान देता है। शिक्षक देश के उज्ज्वल भविष्य के शिल्पकार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना भी विकसित करें, जिससे वे शिक्षा के साथ संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक भी बनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने से लेकर डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और कौशल विकास तक हर स्तर पर व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के आत्मसम्मान की जीत है। इन साढ़े चार वर्षों में जितनी नौकरियां युवाओं को मिली हैं, वह राज्य गठन के बाद और पूर्ववर्ती सरकारों के समय से दो गुना से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने देगी।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में शिक्षा विभाग में 11 हजार 500 से अधिक नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। 3 हजार 500 से अधिक विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, जिसमें प्रवक्ता एवं चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों सहित समग्र शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न पद शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा में नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिसके तहत विद्यालयों में हाइब्रिड मोड़ में स्मार्ट क्लास का संचालन, कम्प्यूटर लैब, विभिन्न विषयों की आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशालाएं शामिल है। इसके अलावा विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। डॉ रावत ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को निरंतर मजबूत किया जा रहा है ताकि प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। डॉ रावत ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी शिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करेंगे व शिक्षा के क्षेत्र में अनुपम उदाहरण पेश करेंगे।

इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक सुश्री दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री अजय नौडियाल, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण श्रीमती वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक श्रीमती कंचन देवराड़ी उपस्थित थे।

चार राज्यों के अध्ययन भ्रमण पर जाएंगे रेशम बुनकर: डॉ धन सिंह रावत

Silk weavers will go on a study tour to four states Dr. Dhan Singh Rawat
Silk weavers will go on a study tour to four states Dr. Dhan Singh Rawat

विभागीय मंत्री डॉ रावत ने किया दून सिल्क आउटलेट के शुभारंभ

देहरादून 28 जनवरी 2026| उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन द्वारा प्रदेश के रेशम बुनकरों को चार राज्यों में अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक, नवीन डिज़ाइन और उन्नत रेशम उत्पादन प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें। यह घोषणा माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून स्थित राजपुर रोड पर दून सिल्क के चौथे रिटेल आउटलेट के शुभारंभ अवसर पर की।

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अध्ययन भ्रमण से रेशम बुनकरों की कार्यक्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी तथा वे देश के अन्य राज्यों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ तकनीकों को उत्तराखंड में लागू कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह भ्रमण कार्यक्रम पूरी तरह सुनियोजित और उद्देश्यपूर्ण हो, जिससे बुनकरों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान सहकारिता मंत्री ने रेशम बुनकरों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने बुनकरों से प्रश्न किया कि क्या रेशम फेडरेशन उनके साथ पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य कर रही है। इस पर उपस्थित बुनकरों ने एक स्वर में फेडरेशन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान व्यवस्था और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जा रही है, जिसका सीधा लाभ उन्हें मिल रहा है।

डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में प्रदेश सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और किसानों–बुनकरों के हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है, जिससे जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान बुनाई कार्यशाला का आयोजन किया गया तथा सिल्क समग्र परियोजना के अंतर्गत लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर 25 कीटपालकों को चेक वितरित किए गए, जबकि बुनाई क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

फेडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री आनंद शुक्ल ने बताया कि रेशम फेडरेशन का लक्ष्य प्रदेश की 10,000 महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में सशक्त बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि आज दून सिल्क के चौथे आउटलेट का शुभारंभ किया गया है तथा शीघ्र ही प्रदेश के अन्य शहरों में छह और आउटलेट खोले जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष में फेडरेशन द्वारा ₹10 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर निदेशक रेशम श्री प्रदीप कुमार, पूर्व अध्यक्ष श्री चौधरी अजीत सिंह, महाप्रबंधक श्री मातबर कंडारी सहित बड़ी संख्या में महिला बुनकर एवं रेशम फेडरेशन से जुड़े कीटपालक लाभार्थी उपस्थित रहे।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने लोक भवन एवं परेड ग्राउंड में फहराया राष्ट्रीय ध्वज

On the occasion of Republic Day, the Governor hoisted the national flag at Lok Bhawan and the parade ground.
On the occasion of Republic Day, the Governor hoisted the national flag at Lok Bhawan and the parade ground.

– परेड ग्राउंड में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस एवं विभिन्न अधिकारियों को किया सम्मानित।
– परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
– परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट रहीं।
देहरादून।  गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक अलंकरण कर सम्मानित किया गया साथ विभिन्न अधिकारियों को भी उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।
परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड रजत जयंती और शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’’ पर आधारित झांकी के अलावा महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग, विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण(उरेड़ा), वन विभाग, उद्योग विभाग एवं संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं तथा नीतियों पर आधारित मनमोहक झाँकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
समारोह में सेना 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी, सी0आर0पी0एफ0, आई०टी०बी०पी०, हिमाचल पुलिस, 40वीं वाहिनी पीएसी, 40वीं वाहिनी महिला दल, उत्तराखण्ड होमगार्ड्स, प्रान्तीय रक्षक दल, एन०सी०सी बॉयज, एन०सी०सी गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार, अग्निशमन, सी०पी०यू० ने भव्य परेड में प्रतिभाग किया। परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी रहीं, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में राज्य के लोक कलाकारों ने सांस्कृृतिक लोक नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य, पाइप बैंड आदि का महमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने खूब आनंद लिया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।
परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी  गीता धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद नरेश बंसल, सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि गण एवं जनसामान्य लोग भी उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए लोकतंत्र की सुदृढ़ नींव रखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने देश की स्वतंत्रता हेतु बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों तथा सीमाओं एवं तटों पर तैनात सशस्त्र बलों के जवानों को नमन किया।
राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विश्व गुरु भारत’ के संकल्प को साकार करने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर बल दिया।
राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक तकनीकों का सकारात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखण्ड की नारी शक्ति और युवाओं द्वारा नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल ने ‘राष्ट्र सर्वाेपरि’ की भावना के साथ एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान करते हुए सभी प्रदेशवासियों को देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिन अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया विवरण निम्नवत हैः-
1-डॉ. नीरज सिंघल, निदेशक पशुपालन विभाग उत्तरखण्ड।
2- मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड।
3- अरुण कुमार सिंह, अनुभाग अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।
4- राकेश सिंह असवाल, समीक्षा अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।

गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर घोषित राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से राज्य पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को पदक अलंकरण किया गया-
1- यशपाल सिंह, निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून(आरएनएस)।
2- नरोत्तम बिष्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून(आरएनएस)।
3- देवेन्द्र कुमार, आरक्षी 21 नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून(आरएनएस)।
4- भूपेन्द्र सिंह मर्ताेलिया, मुख्य आरक्षी एसटीएफ कुमाऊँ।
5- सुनील कुमार, अपर उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस पौड़ी गढ़वाल।
6- सुनील रावत, मुख्य आरक्षी 114 नागरिक पुलिस, जनपद देहरादून(आरएनएस)।

Sensation after woman's body found in ditch in Sudhowala

सुद्धोवाला में खाई से महिला का शव मिलने से सनसनी

0
देहरादून।  बाला सुंदरी प्राचीन मंदिर के पास खाई में एक महिला का तीन-चार दिन पुराना शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव...
romabet romabet romabet
deneme bonusu veren siteler