देहरादून। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ। गीता खन्ना ने एक होटल में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने आयोग का दृष्टि पत्र प्रस्तुत किया। कहा कि हम न केवल बच्चों से जुड़ी शिकायतों का निवारण करेंगे, बल्कि कुछ नया भी करेंगे, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। इसके लिए आयोग के प्रत्येक सदस्य को दो-दो जिले बांट दिए हैं। एक साल के भीतर सभी स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि बच्चों को समुचित सुविधाएं मिल रही है या नहीं। बच्चों में नशावृत्ति रोकने, बाल विवाह और बाल श्रम रोकने के लिए ठोस प्रयास करेंगे। सभी जिलों में दवा की दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं, ताकि कोई भी नशे की दवा न बेच सके। प्रत्येक जिले में चाइल्ड फ्रेंडली पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे। 27 अप्रैल को दून में पॉक्सो ऐक्ट पर कार्यशाला होगी, जिसमें सीएम भी मौजूद रहेंगे।

















