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September 28, 2026
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उत्तराखंड

कुमाऊं के चन्दन हॉस्पिटल हल्द्वानी में 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक प्रक्रियाएं, 100 से ज्यादा जटिल हृदय सर्जरी

Over 300 cardiothoracic procedures and more than 100 complex cardiac surgeries performed at Chandan Hospital, Haldwani (Kumaon).

कुलदीप सोलीवाल, नैनीताल

कुमाऊं में ही बच्चों और वयस्कों की जटिल कार्डियक सर्जरी की सुविधा

हल्द्वानी (नैनीताल)। कुमाऊं क्षेत्र में जटिल हृदय रोगों के उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत अब पहले की तुलना में कम हो रही है। हल्द्वानी स्थित चंदन हॉस्पिटल में अब तक 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जिकल और इंटरवेंशनल प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं। इनमें 100 से अधिक जटिल कार्डियक सर्जरी शामिल हैं।

अस्पताल में बच्चों के जन्मजात हृदय रोगों से लेकर वयस्क मरीजों की बाईपास सर्जरी और हृदय के वाल्व बदलने जैसी जटिल प्रक्रियाएं की जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, कुमाऊं क्षेत्र में इस स्तर की जटिल कार्डियक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

बच्चों में ASD (हृदय के ऊपरी दो कक्षों के बीच जन्मजात छेद), VSD (हृदय के निचले दो कक्षों के बीच छेद) और TOF यानी टेट्रालॉजी ऑफ फैलोट जैसे जन्मजात हृदय रोगों की सर्जरी की गई है। वहीं वयस्क मरीजों में हृदय की रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज के लिए CABG यानी बाईपास सर्जरी के साथ MVR (माइट्रल वाल्व बदलने), AVR (एओर्टिक वाल्व बदलने) और DVR (दो हृदय वाल्व बदलने) जैसी सर्जरी भी की गई हैं। चयनित मरीजों में छोटे चीरे के माध्यम से मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) भी की जा रही है।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हो रहा उपचार<—-

अस्पताल में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के कई जटिल मामलों का उपचार किया गया है। वहीं वयस्क मरीजों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज, वाल्व संबंधी बीमारियों और अन्य जटिल हृदय रोगों की सर्जरी की जा रही है।

कार्डियक सर्जरी विभाग का नेतृत्व डॉ. विकास सिंह, चेयरपर्सन कार्डियक सर्जरी कर रहे हैं। डॉ. विकास सिंह KGMU लखनऊ, Medanta और Apollo जैसे संस्थानों में सेवाएं दे चुके हैं। वहीं डॉ. रवि कुमार, वाइस-चेयरपर्सन—कार्डियक एनेस्थीसिया, जटिल हृदय सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया और मरीज की महत्वपूर्ण शारीरिक गतिविधियों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. रवि कुमार ने Medanta Hospital, Gurugram में लगभग 15 वर्षों तक सेवाएं दी हैं।

आयुष्मान और RBSK से पात्र मरीजों को लाभ<—-

जटिल हृदय सर्जरी के उपचार में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। चंदन हॉस्पिटल में पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार का लाभ मिल रहा है। वहीं RBSK (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के माध्यम से पात्र बच्चों की हृदय सर्जरी निःशुल्क की गई हैं।

इसके अलावा पात्र मरीजों के लिए TPA और कैशलेस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इन व्यवस्थाओं से कुमाऊं क्षेत्र के ऐसे परिवारों को लाभ मिल रहा है, जिनके लिए जटिल हृदय सर्जरी का खर्च वहन करना चुनौतीपूर्ण होता है।

कार्डियोलॉजी विभाग में आधुनिक उपचार सुविधाएं<—

कार्डियक सर्जरी के साथ अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में भी हृदय रोगों के उपचार की विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं। कार्डियोलॉजी विभाग में हृदय रोगों की जांच के साथ कोरोनरी एंजियोग्राफी, कोरोनरी एंजियोप्लास्टी एवं स्टेंटिंग, डिवाइस क्लोजर, पेसमेकर इम्प्लांटेशन तथा अन्य इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाएं की जा रही हैं।

जन्मजात हृदय रोगों के चयनित मरीजों में ASD और VSD जैसे हृदय में जन्मजात छेद को डिवाइस क्लोजर के माध्यम से बंद करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न कैथेटर-बेस्ड कार्डियक प्रक्रियाएं एवं उपचार किए जा रहे हैं।

कार्डियोलॉजी विभाग का नेतृत्व डॉ. गौरव यादव और डॉ. रजत कार्डियोलॉजिस्ट कर रहे हैं।

कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी की उपलब्धता से मरीजों को जांच, इंटरवेंशनल उपचार और आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी की सुविधा एक ही संस्थान में मिल रही है।

कुमाऊं के मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिल रहा विकल्प<—

चंदन हॉस्पिटल में कार्डियक सर्जरी के साथ वैस्कुलर, थोरैसिक और एंडोवैस्कुलर प्रक्रियाएं भी की जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इन सेवाओं का उद्देश्य कुमाऊं और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जटिल हृदय, रक्त वाहिका और छाती से संबंधित रोगों के लिए विशेषज्ञ उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर प्रक्रियाएं और 100 से अधिक जटिल कार्डियक सर्जरी पूरी होना पूरी चिकित्सा टीम के सामूहिक प्रयास और मरीजों के विश्वास का परिणाम है। अस्पताल में कार्डियक एवं कार्डियोथोरेसिक सेवाओं को आगे भी विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कुमाऊं के मरीजों को जटिल उपचार के लिए दूर के शहरों पर निर्भरता कम हो।

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