चम्पावत। वनाग्नि में रोकथाम के लिए अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जंगल में लगने वाली आग में काबू पाने के लिए विचार विमर्श किया गया। गुरुवार को वन पंचायत मानर में वन विभाग और अभिलाषा समिति ने कार्यशाला का आयोजन किया। सरपंच सुनीता देवी की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में वनाग्नि प्रबंधन, जागरुकता अभियान और समुदाय की भूमिका परचर्चा की गई। डीएफओ नवीन चंद्र पंत ने वन संरक्षण की आवश्यकता और सामुदायिक भागीदारी की भूमिका की जानकारी की। साथ ही जंगल में लगने वाली आग की रोकथाम और सुरक्षा उपायों पर चर्चा की। एसडीओ नेहा सौन ने कहा कि वन संरक्षण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। अभिलाषा समिति के निदेशक डॉ. किशोर कुमार पंत ने वनाग्नि विहीन हिमालय मुहिम के मकसद की जानकारी दी। रेंजर कैलाश चंद्र गुणवंत ने वन पंचायतों की भूमिका के बारे में बताया। कार्यशाला में तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

















