Home उत्तराखंड स्कूल-कॉलेज में आपदा प्रशिक्षण अनिवार्य हों – डॉo अनिल वर्मा

स्कूल-कॉलेज में आपदा प्रशिक्षण अनिवार्य हों – डॉo अनिल वर्मा

Disaster Training Should Be Mandatory in Schools and Colleges — Dr. Anil Verma
Disaster Training Should Be Mandatory in Schools and Colleges — Dr. Anil Verma

यूथ रेडक्रॉस द्वारा किड्स समर कैंप में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित

किड्स कैंप प्रीपेटरी स्कूल, जोगीवाला में यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा एक दिवसीय विशेष समर कैंप का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्घाटन करते हुए में यूथ रेडक्रॉस के मुख्य प्रशिक्षक आपदा प्रबंधन डॉo अनिल वर्मा ने कहा कि उत्तराखंड की आपदाओं के प्रति बहुत अधिक संवेदनशीलता को देखते हुए भारत सरकार ने इसे खतरे के छठे जोन में रख दिया है। यहाँ किसी भी क्षण आठ रिक्टर स्केल का भूकंप आ सकता है। अतः प्रत्येक स्कूल, कॉलेज अपने विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, बचाव के आपात्कालीन तरीकों एवं प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से करायें ताकि प्रशिक्षित बच्चे और युवा वक्त आने पर अपना व दूसरों का जीवन बचा सकें।
विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती कनिका नैथानी ने बताया कि शिविर में यूथ रेडक्रॉस द्वारा स्कूल के बच्चों, शिक्षिकाओं तथा एवं अभिभावकों को भूकंप, भूस्खलन , बाढ़ या आग लगने सहित किसी भी आपदा के दौरान स्कूल में, घर में अथवा घर से बाहर कहीं भी घबराने की बजाय पहले स्वयं को सुरक्षित रखते हुए दूसरों का जीवन बचाने हेतु घायलों, वृद्धजनों या दिव्यांगों को दुर्घटनास्थल से सुरक्षित निकालकर ले जाने के “इमरजेंसी मेथड्स आफ़ रेस्क्यू “ का विधिवत् प्रशिक्षण दिया गया।*
स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रशिक्षण में अनेक बीमारियों की जड़ गंदे हाथों को पूर्णतः स्वच्छ रूप से धोने के “सेवन स्टेप्स मेथड” सिखाया गया। शरीर में पानी की कमी डीहाईड्रेशन की पहचान, बचाव तथा उपचार हेतु “ओआरएस सोल्यूशन बनाने, की विधि सिखाई गई।
फर्स्ट ऐड के तहत हार्ट अटैक के दौरान बेहोश मृतप्राय व्यक्ति को पुनर्जीवित करने हेतु यथाशीघ्र “सीपीआर” देने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।
आग से निपटने के लिए “एबीसी” अग्निशमन यन्त्र का उपयोग करने की अंग्रेजी के “पी ए एस एस” (पास) की प्रक्रिया सिखाई। साथ ही आग या गर्म वस्तु से जल जाने पर “डिग्री आफ बर्न” की पहचान करके उपचार की जानकारी दी।
बरसात में जानलेवा बीमारी डेंगू बुख़ार की रोकथाम हेतु डेंगू मच्छर की पहचान,लक्षण, बचाव , रोकथाम व उपचार की जानकारी दी गई ।
रोड सेफ्टी जागरूकता के तहत रूल ऑफ़ द रोड,जेब्रा क्रासिंग, रेलवे क्रासिंग, लाइट सिग्नल्स, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग आदि की जानकारी दी गई। उन्होंने प्रशिक्षण को रोचक, ज्ञानवर्धक, उपयोगी और सराहनीय बताया। बच्चों के अभिभावकों ने समर कैंप में ऐसी रचनात्मक गतिविधियों को और अधिक आयोजित करने की अपेक्षा की।
प्रशिक्षण के उपरांत शिक्षिकाओं सुनंदा शर्मा, सुमन बहुगुणा , रेखा चमोली,नंदिनी रतूड़ी, नंदिता रावत तथा आयुषी के निर्देशन एवं टीम लीडर स्वर्णिका के नेतृत्व में अनुष्का,आद्याश्री, दक्ष, प्रतिष्ठा, रुद्रांश, अमूल्य तथा आव्यान ने रेस्क्यू मेथड्स तथा कार्डियो पल्मोनरी रीससीटेशन का कुशल प्रदर्शन किया।