
रिया सोलीवाल, भिकियासैंण
सतपुली (पौड़ी गढ़वाल)। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के पर राजकीय महाविद्यालय सतपुली में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण विषयक संगोष्ठी तथा महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में गाजर घास उन्मूलन अभियान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार, महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा कुन्ती दयाल फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक प्रोफेसर डॉ. राकेश इस्टवाल ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होने के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने सभी से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से वृक्षारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने तथा प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम संयोजक विपिन चन्द्र ने हरेला पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का नियमित संरक्षण एवं देखभाल भी सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम में कुन्ती दयाल फाउंडेशन के सदस्य संदीप नेगी, श्रीमती अनीता रावत, श्रीमती सपना रावत, प्रतीक, रणवीर सिंह, डॉ. आशीष उपाध्याय, कंचन तिवारी, डॉ. कुमार विमल लखटकिया, डॉ. सन्दीप कुमार, आईक्यूएसी के संयोजक डॉ. संजीव कुमार, डॉ. सुरेखा घिल्डियाल, डॉ. ममता बेलवाल, डॉ. वीर सिंह, डॉ. किशोरी लाल शाह, मनवीर सिंह, डॉ. एच. के. सेमवाल, श्रीमती विजया पंवार, श्री मनोज धूलिया, सूर्या प्रकाश, नीरज राणा, श्रीमती गुड्डी देवी, श्रीमती रूबी रानी, निशांत कुमार, हरिओम, अर्जुन सिंह, मनीष सिंह, अजय कुमार, जितेन्द्र प्रसाद तथा नितिन भट्ट सहित महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। अन्त मे सभी ने
कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ परिसर एवं हरित उत्तराखण्ड के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।















