
स्याल्दे/भिकियासैंण। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओ के पेपर लीक मामले मे केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र पधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने बजरखोड़ा मे प्रदर्शन किया। उन्होने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और युवा अभिजीत दीपके द्वारा शिक्षा सुधार एवं पेपर लीक के मुद्दे को लेकर किए जा रहे आंदोलन को हमारा समर्थन है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ बलपूर्वक एवं बर्बरतापूर्ण कार्रवाई जो की गई है,वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
आंदोलनकारी सुनील टम्टा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि इन मामलों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसद और विधायक इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा के सांसद और विधायक अब तक मौन हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दे पर उनकी स्पष्ट राय क्यों सामने नहीं आ रही है।
सुनील टम्टा ने कहा कि उत्तराखण्ड की जनता जनहित, स्वाभिमान और लोकतांत्रिक संघर्षों के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री प्रेम अग्रवाल का इस्तीफा भी जनआंदोलन के दबाव के बाद हुआ था, और अब शिक्षामंत्री इस्तीफे की बारी है। 20 जुलाई मानसून सत्र मे उत्तराखंड और देश मे जघन्य हत्या और रेप पर दोषी को 30 दिन मे फाँसी का नियम लागू हो।
सोशल एक्टिविस्ट राजेन्द्र नेगी ने कहा कि बच्चों और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए चल रहे इस आंदोलन को उनका पूर्ण समर्थन है, तथा पेपर लीक के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस प्रदर्शन में आनन्द राम पूर्व प्रधान,केदार दत्त पूर्ब सैनिक, अवतार सिंह, सुल्तान सिंह, भीम सिंह, प्रकाश चन्द्र, नरेन्द्र नेगी, प्रेम सिंह, रितिका टम्टा, मेघना टम्टा, दीपांशु टम्टा एवं नंदन राम सहित अनेक लोगों ने भाग लिया।
















