देहरादून (आरएनएस)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने महात्मा गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर लोक भवन की ओर से प्रार्थना सभा भी आयोजित की गई। कार्यक्रम में भातखंडे संगीत महाविद्यालय, देहरादून के कलाकारों ने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों एवं रामधुन की संगीतमय प्रस्तुतियां दी।
राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और मानवता के प्रति समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार किसी एक कालखंड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज के समय में भी समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक हैं। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, अनुशासन और सेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सादगीपूर्ण जीवन, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा से सार्वजनिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए। उनका जीवन हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
राज्यपाल ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनके बताए मूल्यों को जीवन में अपनाते हुए हमें एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर प्रथम महिला गुरमीत कौर, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव रीना जोशी, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव सहित लोक भवन के अधिकारीगण एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
