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जल जीवन मिशन में भुगतान न होने के विरोध में उत्तराखंड के ठेकेदारों का कल सचिवालय कूच और विशाल धरना प्रदर्शन

Uttarakhand contractors to march to the Secretariat and stage a massive protest tomorrow over non-payment of dues under the Jal Jeevan Mission.
Uttarakhand contractors to march to the Secretariat and stage a massive protest tomorrow over non-payment of dues under the Jal Jeevan Mission.

पेयजल योजनाओं का करोड़ों का भुगतान रुकने से प्रदेशभर के ठेकेदार गंभीर आर्थिक मंदी की कगार पर।

मुख्यमंत्री को दिया गया 3 दिन का समय समाप्त, शासन की बेरुखी से नाराज ठेकेदारों ने खोला मोर्चा।

2 सितंबर को देहरादून में SWSM कार्यालय से सचिवालय की ओर बढ़ेगा आक्रोशित ठेकेदारों का हुजूम।

देहरादून, 1 सितंबर 2026: जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं में लंबे समय से रुके हुए भुगतान और विभाग की वादाखिलाफ़ी के खिलाफ उत्तराखंड के ठेकेदारों का गुस्सा फूट पड़ा है। ‘देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन, देहरादून’ के बैनर तले प्रदेशभर के ठेकेदार बुधवार, 2 सितंबर 2026 को राजधानी देहरादून में एक विशाल आंदोलन, सचिवालय कूच और धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि भुगतान न होने के कारण प्रदेश के तमाम ठेकेदार इस समय बेहद गंभीर आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों सचिव, पेयजल निगम के साथ हुई बैठक के बाद माननीय मुख्यमंत्री को इस समस्या के समाधान हेतु 3 दिन का समय दिया गया था। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि शासन स्तर से इस पर कोई भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। शासन और विभाग की इस उदासीनता और बेरुखी के फलस्वरूप प्रदेशभर के ठेकेदार अब अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो चुके हैं।

आंदोलन एवं कार्यक्रम का पूरा विवरण:

दिनांक: बुधवार, 02 सितंबर 2026

समय: सुबह 11:00 बजे (ठेकेदारों का संबोधन एवं जनसभा)

स्थान: SWSM कार्यालय, इंदर रोड, देहरादून।

सचिवालय कूच (प्रस्थान): सुबह 11:30 बजे, SWSM कार्यालय (इंदर रोड) से उत्तराखंड सचिवालय की ओर प्रस्थान एवं वहां निरंतर धरना प्रदर्शन।

मुख्य मांग: जल जीवन मिशन के तहत रुके हुए सभी भुगतानों का तुरंत निपटारा किया जाए और माननीय मुख्यमंत्री जी स्वयं इस पर एक अपना स्पष्टीकरण दें।

अमित अग्रवाल ने कहा कि यह लड़ाई ठेकेदारों के हक और न्याय की है। उन्होंने सभी मीडिया बंधुओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया) से सादर अनुरोध किया है कि इस न्यायसंगत आंदोलन की कवरेज कर इसे जन-जन और शासन के शीर्ष गलियारों तक पहुँचाने में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करें।