Home उत्तराखंड राज्यपाल, सांसद और न्यायाधीशों ने योग से दिया निरोगी जीवन का संदेश

राज्यपाल, सांसद और न्यायाधीशों ने योग से दिया निरोगी जीवन का संदेश

The Governor, Members of Parliament, and judges conveyed the message of a disease-free life through yoga.
The Governor, Members of Parliament, and judges conveyed the message of a disease-free life through yoga.

नैनीताल।  बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर रविवार को नैनीताल हाईकोर्ट, लोकभवन, डीएसए मैदान, डीएसबी समेत भीमताल, भवाली, गरमपानी आदि क्षेत्रों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान न्यायाधीशों, नेता-मंत्री, विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने योग कर निरोगी रहने का संदेश दिया।
उत्तराखंड हाईकोर्ट में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग उत्तराखंड की ओर से योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी थीम ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ व ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ रही। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी नैनीताल डॉ. एमएस गुंज्याल ने दीप जलाकर किया। यहां न्यायाधीश सुभाष उपाध्याय, न्यायाधीश सिद्धार्थ शाह, रजिस्ट्रार विजिलेंस सुबीर कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. रेनू आर्या रहीं। योग अनुदेशिका दीपिका मेहरा ने योग विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। साथ ही नमस्ते योग ऐप की जानकारी दी। यहां फार्मासिस्ट विमल पोखरियाल, संदीप जोशी, समेत 150 लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। नैनीताल डीएसए मैदान में सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, विधायक नैनीताल सरिता आर्या समेत दर्जाधारियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय लोगों, युवाओं ने योगाभ्यास किया गया। भीमताल में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने भी योगाभ्यास किया। उन्होंने उलोगों से अपील की, कि वे अपनी जीवन शैली में बदलाव लाकर कम से कम 30 मिनट रोज योग व्यायाम के लिए निकालें और योग को अपनाएं।
योग भारत की आत्मा और सनातन सभ्यता की शाश्वत चेतना है : राज्यपाल
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने रविवार को लोकभवन में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों एवं देश-विदेश में योग साधना से जुड़े सभी साधकों को शुभकामनाएं दीं। कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत की सनातन संस्कृति, ऋषि परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के वैश्विक उत्कर्ष का महापर्व है। योग भारत की आत्मा, हमारी संस्कृति का प्राण और सनातन सभ्यता की वह शाश्वत चेतना है, जिसने व्यक्ति को आत्मबोध, समाज को समरसता और विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दिया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के योग विभाग के छात्रों की ओर से योग की प्रस्तुति दी गई। यहां परिसहाय राज्यपाल अमित श्रीवास्तव, सुमित कुमार शादिजा, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, कम्पट्रोलर प्रमोद चमोली आदि रहे।