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मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक व किसान पंजीकरण पर जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Chief Secretary Issues Strict Directives to District Magistrates Regarding Agri-Stack and Farmer Registration
Chief Secretary Issues Strict Directives to District Magistrates Regarding Agri-Stack and Farmer Registration

देहरादून।  मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश में एग्री स्टैक से सम्बन्धित कार्यों को प्रदेश के किसानों के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अंश निर्धारण के कार्य में में देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जनपद को विशेष कदम उठाये जाने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करना होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि फर्टिलाइजर्स का वितरण का कार्य भी किसान पंजीकरण के आधार पर ही होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि लगातार मॉनिटरिंग करते हुए दैनिक प्रगति को बढ़ाने पर फोकस किया जाए ताकि किसानों का पंजीकरण कार्य पूर्ण किया जा सके। उन्होंने इसके लिए कैम्प आयोजित कर किसान पंजीकरण का कार्य शीघ्र से शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण कार्य पूर्ण ना होने से पीएम किसान और उर्वरक का वितरण अटक सकता है।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को देखते हुए इसमें स्वयं सहायता समूहों और युवा मंगल दलों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को लगाये जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर यह कार्य कराया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक से सम्बन्धित सभी कार्यों में तेजी लाये जाने के लिए किसानों को जागरूक किए जाने की भी बात कही। इससे युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक बहुत महत्त्वपूर्ण है, समय से यह सभी कार्य पूर्ण ना होने से भारत सरकार की बहुत सी स्कीम्स का लाभ किसानों को मिलना बंद हो सकता है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ . वी. षणमुगम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एस. एन. पाण्डेय एवं श्रीमती रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा मार्ग पर देवप्रयाग के समीप हुई दुखद वाहन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में दिवंगत हुए श्रद्धालुओं एवं यात्रियों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल (NDRF) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया। दुर्घटनास्थल पर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना में लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए सघन खोज एवं बचाव अभियान जारी है। संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा प्रशासन से पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है।