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चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट रहे बंद, शुद्धिकरण के बाद हुई पूजा

Temples remained closed due to the lunar eclipse, and puja was performed after purification.
Temples remained closed due to the lunar eclipse, and puja was performed after purification.

अल्मोड़ा।  वर्ष के पहले चंद्रग्रहण का प्रभाव मंगलवार को जिले में साफ दिखाई दिया। सूतक काल लगने के बाद नगर सहित आसपास के प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह से ही बंद कर दिए गए और नियमित पूजा-अर्चना स्थगित रही। मंदिर समितियों से मिली जानकारी के अनुसार जागेश्वर मंदिर, नंदा देवी मंदिर सहित अन्य देवालयों में प्रातःकाल से पूजा-पाठ और भोग आदि धार्मिक अनुष्ठान रोक दिए गए। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में विधिवत शुद्धिकरण प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद ही कपाट खोले गए और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। ग्रहण समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं ने स्नान किया। कई लोगों ने परंपरा के अनुसार जनेऊ बदली और घरों में पूजा-अर्चना की। दोपहर 2:39 बजे शुरू हुआ चंद्रग्रहण सायं 6:18 बजे तक प्रभावी रहा। ग्रहण से लगभग नौ घंटे पहले सूतक काल लग गया था, जिसके चलते धार्मिक गतिविधियां रोक दी गई थीं। पुरोहितों ने श्रद्धालुओं से ग्रहण अवधि के दौरान घरों में रहकर जप, ध्यान और पाठ करने की अपील की थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में देव प्रतिमाओं को स्पर्श करना और भोजन करना वर्जित माना जाता है। इसी परंपरा का पालन करते हुए मंदिरों में एहतियातन व्यवस्थाएं की गईं।