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September 27, 2026
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उत्तराखंड

हिमालय संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और सस्टेनेबल टूरिज्म पर जोर – मुख्यमंत्री

Government is committed to protect the Himalayas, emphasis on digital monitoring system and sustainable tourism - Chief Minister

देहरादून| मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार हिमालय के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में हम सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। मंगलवार को आईआरडीटी सभागार में हिमालय दिवस समारोह में बोलते हुए धामी ने कहा कि हिमालय सिर्फ बर्फीली चोटियों का समूह नहीं, बल्कि पूरे भारतीय उपमहाद्वीप का जीवन स्रोत है।
हिमालय का महत्व और खतरे
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय भारत के लिए एक प्रहरी की तरह है और यहां से निकलने वाली नदियां करोड़ों लोगों की जीवनधारा हैं। उन्होंने हिमालय के महत्व को बताते हुए कहा कि इसकी जैव विविधता और दुर्लभ जड़ी-बूटियां आयुर्वेद का आधार हैं।
हालांकि, धामी ने इस अमूल्य धरोहर पर मंडरा रहे खतरों के बारे में भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अनियंत्रित विकास और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन इसके संतुलन को बिगाड़ रहा है, जिससे ग्लेशियर पिघल रहे हैं और जल संकट की चुनौती बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय बनाना बेहद जरूरी है।
सरकार के प्रयास और नई पहलें
धामी ने बताया कि सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं:
* उच्च स्तरीय समिति: पिछले साल एक उच्च स्तरीय समिति के गठन के निर्देश दिए गए थे।
* विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन: इस साल नवंबर में राज्य में जलवायु परिवर्तन पर ‘विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा।
* डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम: हिमालय के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए यह प्रणाली शुरू की गई है।
* डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम: प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए इस पहल से 72 टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है।
* हिमालय जनजागरुकता सप्ताह: हर साल 2 से 9 सितंबर तक यह सप्ताह मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सस्टेनेबल टूरिज्म पर भी जोर दिया, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन का विकास किया जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में अनियंत्रित और असंवेदनशील गतिविधियां हिमालय के लिए हानिकारक साबित हो रही हैं।
जनभागीदारी की अपील
धामी ने कहा कि हिमालय की सुरक्षा सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। उन्होंने लोगों से पानी बचाने, पेड़ लगाने और प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने जैसे छोटे-छोटे प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पारंपरिक ज्ञान का सम्मान करना और उसे पर्यावरण संरक्षण नीतियों में शामिल करना भी जरूरी है।
इस मौके पर पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि साल-दर-साल मानसून काल में आ रही आपदाओं को देखते हुए हिमालय के पर्यावरण को बचाने के लिए नए सिरे से सोचने की जरूरत है। समारोह में विधायक किशोर उपाध्याय, मेयर सौरभ थपलियाल, मधु भट्ट, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, सूर्यकांत धस्माना सहित अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद थे।

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