19.1 C
Dehradun, IN
September 29, 2026
https://primetimesnewz.com/
उत्तराखंड

गैरसैंण सत्र बीच में स्थगित करना सरकार की अक्षमता का प्रमाण : धस्माना

Postponing the Gairsain session midway is proof of the government's incompetence Dhasmana

*ज्वलंत मुद्दों से घबराकर मैदान छोड़ भागी भाजपा सरकार*

देहरादून| उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र को बीच में ही अनिश्चितकालीन स्थगित किए जाने पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा जनता के ज्वलंत मुद्दों को उठाए जाने से बुरी तरह घबरा गई और चर्चा से बचने के लिए मैदान छोड़ भाग खड़ी हुई।

धस्माना ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महज तीन दिनों का सत्र प्रदेश की गंभीर समस्याओं पर चर्चा के लिए नाकाफी था। इसके बावजूद विपक्ष की नियम 310 के तहत कानून व्यवस्था और प्राकृतिक आपदा पर बहस की मांग को पीठ द्वारा अस्वीकार करना सरकार की अक्षमता को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। पंचायत चुनावों में नैनीताल और बेतालघाट में जिस तरह हथियारबंद बदमाशों ने अपहरण और गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया, वह इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। धस्माना ने आरोप लगाया कि पुलिस दोनों ही मामलों में मूकदर्शक बनी रही।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पूरे प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, हत्या और बलात्कार की घटनाओं की बाढ़ आ चुकी है, जबकि भाजपा सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। दूसरी ओर, उत्तरकाशी, हरसिल-धराली, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत पर्वतीय जिलों में भीषण आपदा ने जनजीवन तबाह कर दिया है। धराली गांव लगभग बर्बाद हो गया है, लेकिन अब तक न तो सही आकलन हुआ है और न ही कोई केंद्रीय दल स्थिति का जायज़ा लेने पहुंचा।

धस्माना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसते हुए कहा कि मुखबा गांव जाकर उन्होंने जनता को ‘घाम तापो’ का मंत्र दिया था, लेकिन आपदा के वक्त केवल फोन और संदेश तक सीमित रह गए।

उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार आपदा और कानून व्यवस्था पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग कर रहा था, किंतु सत्ताधारी दल ने बहस से भागते हुए बिना विपक्ष के नौ बिल पारित कराए और सत्र स्थगित कर देहरादून लौट गई।

धस्माना ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि अब भाजपा विधानसभा सत्र स्थगन का दोष कांग्रेस पर मढ़ने की कोशिश कर रही है, जबकि पूरा प्रदेश जानता है कि सदन बुलाने और स्थगित करने का अधिकार सरकार के पास होता है।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायक मंडल दल ने सत्र की पहली रात विधानसभा भवन में ही गुजारी, इस उम्मीद से कि शायद सरकार बहस कराने का मन बना ले। किंतु सरकार ने लोकतंत्र और जनता दोनों के साथ अन्याय करते हुए गैरसैंण सत्र को हल्के में लिया।

Related posts

अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शीघ्र होगी शिक्षकों की तैनातीः डा. धन सिंह रावत

Primetimes Newz

चमोली। गौचर में नाबालिगों के हाथों में वाहन और गलियों में नशे पर पुलिस की सख्ती, चार दोपहिया सीज

Primetimes Newz

देहरादून को मिला राज्य का प्रथम मॉडल टीकाकारण केन्द्र

Primetimes Newz

Leave a Comment