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दून के उद्यमी शिवम अग्रवाल को मेरिलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि  

Doon entrepreneur Shivam Aggarwal receives honorary doctorate from Maryland State University
Doon entrepreneur Shivam Aggarwal receives honorary doctorate from Maryland State University

देहरादून।  देहरादून के प्रमुख उद्यमी और सामाजिक परिवर्तनकर्ता शिवम वीरेंद्र अग्रवाल को हाल ही में मेरिलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका द्वारा बिज़नेस मैनेजमेंट और सोशल वर्क में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान इंडिया इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव 2025 के दौरान प्रदान किया गया, जो इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इस सम्मान समारोह में देशभर से कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। यह डॉक्टरेट उपाधि शिवम अग्रवाल के बहुआयामी व्यावसायिक कार्यों, सामुदायिक विकास और सामाजिक सरोकारों में उनके उल्लेखनीय योगदान को मान्यता प्रदान करती है। लगभग 16 साल पहले एक साधारण स्ट्रीट फूड वेंडर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले शिवम अग्रवाल आज विज्ञापन, इवेंट मैनेजमेंट, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स और इंस्टीट्यूशनल सप्लाई चेन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कई व्यवसायिक समूहों के संस्थापक और संचालक हैं। उनके प्रमुख उपक्रमों में त्रिनेत्रम ब्रांड सॉल्यूशन्स (प्रा.) लि., अग्रवाल ऐडप्रो (प्रा.) लि., फार्म फ्रेश इंडिया ट्रेडिंग कंपनी, एसए एसोसिएट्स और एसएए एक्सपोर्ट्स शामिल हैं।
शिवम न केवल एक सफल व्यवसायी हैं, बल्कि एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वे उत्तराखंड में शिक्षा अभियान, राहत कार्यों और स्थानीय छोटे व्यवसायों को सहयोग देने जैसे अनेक सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। वे उत्तराखंड गृह विभाग के सिविल डिफेंस में डिप्टी सेक्टर वार्डन जैसे पद पर भी कार्यरत हैं, और इंडिया थिंक काउंसिल, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन तथा वाईआई उत्तराखंड चैप्टर जैसी कई संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं।
वडोदरा से स्कूली शिक्षा और मुंबई से एमबीए करने के बाद शिवम अपने मूल शहर देहरादून लौट आए, जहाँ वे वर्तमान में अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते हैं। उनके संघर्ष से सफलता तक के इस प्रेरणादायक सफर ने यह सिद्ध कर दिया है कि संकल्प, विनम्रता और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व के बल पर कोई भी ऊँचाइयाँ हासिल की जा सकती हैं।