Home उत्तराखंड भगवान नरसिंह के क्रोध को शांत करने के लिए लिया शरभअवतार

भगवान नरसिंह के क्रोध को शांत करने के लिए लिया शरभअवतार

The Sharabha Avatar was assumed to pacify the wrath of Lord Narasimha.
The Sharabha Avatar was assumed to pacify the wrath of Lord Narasimha.

रिया सोलीवाल, भिकियासैंण

स्याल्दे/भिकियासैंण। जय महाकाल सेवा समिति भरसोली द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा के षष्ठटम दिवस के मुख्य यजमान पूरन सिंह बंगारी उनकी धर्मपत्नी वीना देवी बंगारी पयलगांव द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात कथा व्यास नन्दा वल्लभ पन्त द्वारा शिव महापुराण कथा में भगवान शिव के शरभ अवतार का सुन्दर वर्णन किया। बताया कि अपने भक्त प्रहलाद को उसके पिता हिरण्यकश्यप के अत्याचारों से मुक्त करने के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह का अवतार लिया, जिसमें उनके द्वारा हिरण्यकश्यप का बध किया गया। भगवान नरसिंह के उग्र क्रोध शांत करने के लिए भगवान शिव ने शरभ का अवतार लिया जिसमें, आधा शरीर शरभ पक्षी व आधा शरीर सिंह का था दोनों में भयंकर युद्ध हुआ ब्रह्मांड में संतुलन बनाने के लिए आदिशक्ति प्रकट हुई, जिसके हुंकार से दोनों अपने वास्तिवक शरीर में आ गए,जिससे सृष्टि का कल्याण हुआ।
आयोजन को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष प्रताप सिंह ड़गवाल,महेन्द्र सिंह बंगारी,आनन्द सिंह रावत,रामदत्त दत्त ढौडियाल,बालम सिंह बंगारी,कैलाश ढौडियाल,हीरा सिंह बंगारी,कुन्दन सिंह महेत्ता,लक्की प्रताप सिंह बंगारी,खुशहाल सिंह बंगारी,इंद्र सिंह महेरा,बचें सिंह बंगारी,मनोज चन्द्र जोशी आदि जुटे रहे।