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आदर्श चंपावत की परिकल्पना को जिले के प्रगतिशील युवा कास्तकार भी कर रहे हैं साकार : सीएम

The progressive young farmers of the district are also realizing the vision of Adarsh ​​Champawat CM
The progressive young farmers of the district are also realizing the vision of Adarsh ​​Champawat CM

प्रगतिशील उन्नत किसानों द्वारा सेब उत्पादन के क्षेत्र में लाया जा रहा है क्रांतिकारी परिवर्तन।
-प्रदेश में सेब का सालाना टर्नओवर 200 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए का रखा जाए लक्ष्य।
देहरादून(आरएनएस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने कहा कि चंपावत में कोका-कोला इंडिया और इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (आईडीएचटी) प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण साझेदारी निभा रहे हैं। गोरलचोड़ निकट ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड सदन नई दिल्ली से वर्चुवल रूप से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की “उन्नति एप्पल परियोजना“ इस बात का शानदार उदाहरण है कि किस प्रकार सामूहिक प्रयासों से कृषि परिवर्तन को बढ़ावा मिल सकता है। इस पहल की सफलता हमारे किसानों की दृढ़ता और कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस परियोजना से प्रदेश में सेब के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। इस परियोजना से चंपावत में सेब की खेती करने वाले किसानों में आए सकारात्मक बदलावों के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये काश्तकार चंपावत को आदर्श जनपद की परिकल्पना को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने चम्पावत में हाई डेंसिटी प्लांटेशन तकनीक से लगाए गए 100 सेब के बगानों से 20 माह में ही फलों का उत्पाद होना सेब की खेती के लिये शुभ संकेत बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना ने किसानों को उन्नत रोपण सामग्री, अच्छे कृषि अभ्यासों (जीएपी) में प्रशिक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच प्रदान की है, जिसके परिणामस्वरूप सेब उत्पादन और किसानों की आय में पर्याप्त वृद्धि हुई है। जिससे किसानों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ ही प्रगतिशील किसानों द्वारा अन्य को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा  कि कृषि और बागवानी राज्य की आजीविका, समृद्धि और विकास का प्रतीक है। सेब के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कोका-कोला इंडिया और इंडो-डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज की परियोजना उन्नति एप्पल जैसी आधुनिक कृषि-तकनीक पहल अत्यधिक उत्पादक और लाभदायक साबित हुई है। इससे हमारे किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को भी बढ़ावा मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु कीवी, अखरोट, नाशपाती,प्लम, खुमानी और पैशन फ्रूट की खेती के लिए अनुकूल है। इन फलों के उत्पादन के लिए चम्पावत क्षेत्र उपुयक्त माना जाता है। यहां के सेब अपनी गुणवत्ता, स्वाद व पोषण तत्वों के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। राज्य सरकार प्रदेश में फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब बागान लगाने वाले किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। सरकार ने प्रदेश में नई सेब नीति बनाई है इसमें आठ वर्ष में पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सेब की अति सघन बागवानी का लक्ष्य रखा गया है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश में सेब का सालाना टर्नओवर 200 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए तक किया जाए। प्रदेश में उद्योगों के साथ ही बागवानी के विकास के लिए भी अनुकूल नीति बनाकर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों को सेब की खेती के प्रति अधिक से अधिक प्रेरित किया जाए ताकि सेब उत्पादन में उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाया जा सके। राज्य में नई तकनीकी से सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश से भी अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखण्ड की भी सेब उत्पादन में विशेष पहचान हो, इसके लिए गुणवत्ता व पैकिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के पांच लाख रुपए तक का ऋण दिया जा रहा है। परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती को प्रमोट करने के लिए किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत किसानों को 80 फीसदी तक सब्सिडी पर कृषि उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सतत् कृषि योजना के तहत कृषि में खाद्यान्न, मछली पालन, पशुपालन एवं डेयरी में बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक सेक्टर में अनुदान दिया जा रहा है। पशुधन बीमना योजना के तहत पशु बीमा से किसानों को पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर होने वाली हानि से बचाया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत राज्य में कलस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस लगाकर फूल, सब्जी आदि बागवानी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले चार-पांच सालों में विभिन्न फलों की पैदावार को 20 गुना तक बढ़ाया जाए, इससे न केवल किसानों को रोजगार मिलेगा बल्कि प्रदेश में एक पूरी फ्रूट इंडस्ट्री भी विकसित होगी। उन्होंने कहा कि प्रोसेसिंग की इकाइयां भी भविष्य में लगाई जाएगी, ताकि यहां का उत्पादन बेहतर तरीके से बाजार में जा सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों और काश्तकारों से संवाद भी किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय ने कहा कि सभी के अथक प्रयासों और मेहनत से जनपद में सेब उत्पादन के अच्छे परिणाम आ रहे, जिससे किसानों की आर्थिकी में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज के निदेशक सुधीर चड्ढा ने कहा, “प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल“ इस बात का उदाहरण है कि कैसे निजी और सार्वजनिक संस्थाओं के बीच साझेदारी समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने बताया की 2018 में लॉन्च किया गया प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल आनंदना, कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक प्रदान करके और उन्हें शिक्षित करके उनकी आजीविका को बढ़ाने के लिए अपने क्रियान्वयन भागीदार के रूप में इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के साथ भागीदारी की। के माध्यम से सेब की खेती और किसानों की आय बढाने में भी मदद मिली है।
निदेशक कोकाकोला राजीव गुप्ता ने कहा कि इस मिशन के अंतर्गत चंपावत में सेब के उत्पादन के बेहतर परिणाम आ रहे है। नई तकनीक एवं सभी के सहयोग से सेब का उत्पादन हम दो से तीन गुना और बढ़ा सकते है। जिससे किसानों के आय में भी वृद्धि होगी और किसान देश के विकास में अपनी भागीदारी  कर सकेंगे।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता भाजपा सुरेश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत रेखा देवी,विनीता फर्त्याल,सुमनलता, समेत प्रगतिशील किसान तथा अन्य मौजूद रहे।