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October 25, 2026
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उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रूपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की

The Chief Minister transferred pension funds amounting to ₹176.59 crore to 9.74 lakh beneficiaries.

– राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला में नशा मुक्ति एवं वरिष्ठ नागरिक सम्मान की दिलाई शपथ
– जन कल्याण और समामाजिक न्याय के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री।
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आई. आर.डी. टी सभागार में राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत माह मई 2026 की पेंशन वन क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की।  09 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खाते में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार की धनराशि का हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नशा मुक्त अभियान एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के योजनाओं का लाभ प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। वहीं स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से वंचित वर्गों को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तथा ‘अपणि सरकार पोर्टल’ के माध्यम से विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर पर भी कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है तथा बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट एवं बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून एवं सख्त भू-कानून लागू किए गए हैं। सरकार द्वारा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आयोगों, परिषदों एवं समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास,, भूपाल राम टम्टा, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, विभिन्न्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद थे।

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