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इलाज के दौरान युवती की मौत के बाद परिजनों का हॉस्पिटल में  हंगामा- तोड़फोड़

After the death of the girl during treatment, the family members created ruckus and vandalism in the hospital
After the death of the girl during treatment, the family members created ruckus and vandalism in the hospital

– इलाज में लापरवाही बरतते हुए गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
हरिद्वार।   कनखल के जगजीतपुर स्थित एसआर मेडिसिटी हॉस्पिटल में शनिवार को एक युवती की मौत के बाद स्वजनों ने हंगामा किया। इलाज में लापरवाही बरतते हुए गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ भी की गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा शांत कराया। देर रात तक पुलिस, प्रशाासन व स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल के बाद अस्पताल सील कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, ज्वालापुर अहबाबनगर निवासी गुलबहार की बेटी सानिया को पेट दर्द व बुखार आने पर शुक्रवार रात जगजीतपुर स्थित एसआर मेडिसिटी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। शनिवार की शाम सानिया की तबीयत बिगड़ गई।
स्वजनों ने आरोप लगाया कि गलत इंजेक्शन लगाने के बाद अचानक युवती की तबीयत बिगड़ी है। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर ज्वालापुर से बड़ी संख्या में स्वजनों के परिचित भी अस्पताल पहुंच गए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ व हंगामा किया। हंगामा बढ़ने पर डाक्टर वहां से निकल लिए। हंगामे की सूचना पर कनखल थाने के एसएसआई रमेश सैनी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी जुटाते हुए हंगामा शांत कराया। स्वजनों ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि तबीयत बिगड़ने पर स्टाफ ने डाक्टर को सूचित किया। तब डाक्टर ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर युवती को फौरन अस्पताल से बाहर करने के निर्देश दिए। दावा किया कि तब तक युवती की मौत हो चुकी थी।
देर रात तक पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में स्टाफ से युवती के उपचार के बारे में जानकारी लेते हुए जांच की। एसडीएम जितेंद्र कुमार की मौजूदगी में मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराते हुए एसआर मेडिसिटी को सील कर दिया गया। सीओ सिटी शिशुपाल नेगी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराते हुए अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने कब्जे में लिए दस्तावेज:  जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवती के उपचार से जुड़े दस्तावेज कब्जे में ले लिए। सीएमओ डा. आरके सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाई। सीएमओ ने मौके पर ही एसीएम डा. रमेश कुंवर को प्रकरण की जांच सौंप दी। उन्होंने बताया कि मरीज के इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज कब्जे में ले लिए गए हैं। युवती के स्वजनों से जानकारी लेने के साथ ही डाकटर व स्टाफ के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
डाक्टरों ने आरोपों को बताया गलत:   एसआर मेडिसिटी के संचालक डा. एसके मिश्रा ने इस संबंध में मीडिया को बयान जारी करते कहा कि युवती को तेज बुखार, बहु-अंग विफलता के लक्षण, प्लेटलेट्स की कमी, सांस लेने में कठिनाई और चेहरे पर सूजन की शिकायत के साथ भर्ती कराया गया था। शनिवार की सुबह युवती के प्लेटलेट्स बहुत कम पाए गए, जिस पर प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की सलाह दी गई।
मरीज की स्थिति नाजुक होने की जानकारी स्वजनों को देते हुए आईसीयू शिफ्ट करने या हायर सेंटर रेफर करने की आवश्यकता भी स्पष्ट की गई थी। प्रोग्नोसिस की गंभीरता समझाने के बाद मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसके बाद 30 से 40 लोग अस्पताल पहुंचे और तोड़फोड़ कर चिकित्सा उपकरणों को क्षति पहुंचाई, स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट करते हुए अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और उपचार कार्य में बाधा डाली।

तंत्र-मंत्र से इलाज जे नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तांत्रिक गुरु-चेला गिरफ्तार

Tantrik Guru and his disciple arrested for cheating people in the name of Tantra-Mantra treatment
Tantrik Guru and his disciple arrested for cheating people in the name of Tantra-Mantra treatment

हरिद्वार।   तंत्र-मंत्र से इलाज का झांसा देकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले तांत्रिक गुरु-चेला गिरफ्तार किए गए हैं। ज्वालापुर पीठ बाजार निवासी एक महिला ने शनिवार को तांत्रिक विक्रम और उसके चेले संदीप निवासीगण लक्सर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों ने ज्वालापुर क्षेत्र में कई परिवारों को तंत्र-मंत्र से बुरी शक्ति भगाने का झांसा देकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, जानकी देवी निवासी पीठ बाजार ज्वालापुर ने तहरीर देकर बताया कि एक पंपलेट के जरिये तांत्रिक विक्रम से उनकी मुलाकात हुई थी। विक्रम ने खुद को जैतपुर लक्सर का निवासी बताया। उन्होंने अपनी पारिवारिक समस्या बताई तो उसने घर आने के लिए कहा। एक दिन तांत्रिक विक्रम अपने एक चेले संदीप के साथ उनके घर आया। समस्या सुनकर बताया कि घर पर किसी बुरी शक्ति का साया है। अभी तुम्हारे भाई की मौत हुई है, अगला नंबर तुम्हारे पति का है। शैतानी शक्ति बहुत जल्द तुम्हारे पति को अपने साथ ले जाएगी। तांत्रिक की बातें सुनकर जानकी घबरा गई और उपाय पूछने के बाद समय-समय पर तांत्रिक विक्रम और उसके चेले संदीप को पैसे देती रही। आरोप लगाया कि दोनों ने मिलकर करीब एक लाख रुपये हड़प लिए। लेकिन परिवार की समस्या पहले जैसे ही रही।
बताया कि उनके घर आने जाने वाले लोकेश राणा निवासी सीतापुर ज्वालापुर से 35 हजार रुपये, योगेन्द्र कुमार से 30 हजार रुपये, विमला, दया और बेबी से 20-20 हजार, धन्नो से 22 हजार, विक्रम से 40 हजार, अमरदीप से 28 हजार रुपये लेकर हड़प लिए। उनके परिवार में भी बुरी शक्ति का प्रभाव बताया। कार्य सम्पन्न होने की समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्होंने विक्रम और संदीप संपर्क किया तो उन्होंने गाली-गलौच शुरू कर दी। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उन्होंने प्रेत आत्माएं, पिशाचनी भेजकर कुल का विनाश कराने की धमकी दी।

प्रोटोकॉल तोड़ जनता के बीच पहुंचे सीएम धामी

CM Dhami reached among the public by breaking the protocol
CM Dhami reached among the public by breaking the protocol

– आपदा प्रभावित लोगों को देख सीएम धामी ने रुकवाया काफिला
– थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण
– कुलसारी राहत शिविरों में प्रभावितों  का जाना हाल, हर संभव मदद का दिया भरोसा
–  प्रभावित परिवारों को सीएम ने प्रदान किए 5-5 लाख के तत्कालिक सहायता धनराशि के चेक
–  संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह से प्रभावितों के साथ खड़ी, राहत कार्यों में नहीं होगी कोई कोर कसर : सीएम
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया एवं आपदा प्रभावित लोगों से भी मिले। इस दौरान थराली में आपदा प्रभावित कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे ऊपर के गांवों का भी जल्द से जल्द रास्ता खुलवा दें।  मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए राहत कार्यों की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि  संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को 24*7 मोड पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने थराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्यों  की सराहना भी की।
मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों से व्यवस्थाओं और यहां पर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए। पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सीएम ने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि चेक प्रदान करने के साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुःख साझा किया। जिस पर सीएम ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने  मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिवरों में ठहराया गया है और उनको नियमित रूप से भोजन और रुकने की उचित व्यवस्था की गई है। राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है। प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया की जा रही है। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मालवा सफाई के साथ क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह रांगड, एसडीएम पंकज भट्ट, सीओ अमित कुमार सैनी आदि मौजूद थे।

केनस्टार ने लॉन्‍च किया भारत का पहला 5-स्‍टार रेटेड एयर कूलर, 5 साल की वारंटी के साथ  

Kenstar launches India's first 5-star rated air cooler, with 5 years warranty
Kenstar launches India's first 5-star rated air cooler, with 5 years warranty

देहरादून – 24 अगस्त 2025 – भारत में लगभग तीन दशकों से भरोसेमंद ब्रांड्स में शुमार केनस्टार ने गुरुग्राम, हरियाणा में देश के पहले 5-स्टार बीईई रेटेड एनर्जी-एफिशियंट एयर कूलर की नई रेंज लॉन्च की। इस नई रेंज में 5 साल की वारंटी के साथ बेहतरीन आराम और मानसिक संतुष्टि का भरोसा दिया गया है। यह आधुनिक उत्पाद केनस्टार के “द पावर ऑफ 5” अभियान को मजबूती देता है, जो ब्रांड की स्थिरता, ऊर्जा दक्षता और बेहतरीन कूलिंग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और ग्राहकों का विश्वास बढ़ाता है।

केनस्टार में इनोवेशन सिर्फ तकनीक तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों का जीवन आसान बनाना, भरोसा बढ़ाना और ग्राहकों को लंबे समय तक मूल्य देना भी है। इस नई एयर कूलर रेंज में ऊर्जा बचत के साथ आधुनिक तकनीक का बेहतरीन मेल है, जिससे ग्राहकों को शानदार कूलिंग मिलती है और बिजली का बिल भी कम आता है। “पावर ऑफ 5” के तहत ये कूलर बीएलडीसी मैक्स टेक्नोलॉजी, तेज़ हवा देने वाली क्वाड्रा फ्लो टेक्नोलॉजी बेहतर ठंडक और मजबूती के लिए हाइड्रो डेंस मेश हनीकॉम्ब कूलिंग पैड और लंबे समय तक चलने वाली हेवी ड्यूटी और डबल बॉल बेयरिंग मोटर के साथ उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर केनस्टार के सीईओ सुनील जैन ने कहा,“नई बीईई 5-स्टार रेटेड केनस्टार कूलर रेंज हमारी स्थिरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है और यह भारत सरकार के पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह मेल खाती है। केनस्टार में हम मानते हैं कि सच्‍ची सफलता उन उपलब्धियों से नहीं मापी जाती जो हम हासिल करते हैं, बल्कि उन मुस्कानों से जानी जाती है जो हम अपने ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। हमारे द्वारा डिज़ाइन किए गए प्रत्येक उपकरण में सटीकता, गुणवत्ता और रोज़मर्रा के जीवन को बेहतर बनाने का वादा शामिल है। ‘पावर ऑफ 5’ हमारी उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है जिसमें हम हर घर को बेजोड़ प्रदर्शन, उच्च दक्षता, बिना समझौता किए गुणवत्ता, असाधारण टिकाऊपन और विश्वसनीयता का भरोसा देते हैं।”

 

संतोष भामरे, नेशनल सेल्स हेड – केनस्टार, ने कहा, “हमें भारत की पहली 5-स्टार रेटेड एयर कूलर रेंज लॉन्च करके खुशी हो रही है। यह उपलब्धि ग्राहकों का भरोसा बढ़ाएगी और उन्हें सही खरीदारी निर्णय लेने

 

में मदद करेगी। 5 साल की वारंटी के साथ यह रेंज केनस्टार की नई तकनीक, ऊर्जा बचत और बेहतरीन गुणवत्ता के साथ किफायती दामों पर उत्पाद देने के वादे को भी दर्शाती है।”

 

पिछले 29 वर्षों से केनस्टार ऐसे उत्पाद पेश करता रहा है जो गुणवत्ता, इनोवेशन और भरोसेमंद प्रदर्शन का बेहतरीन मेल देते हैं और ग्राहकों के जीवन में खुशियाँ लाते हैं। इस नए लॉन्च के साथ, ब्रांड ने भारतीय घरों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उन्हें ध्यान में रखते हुए और भी उन्नत उपकरण बनाने की अपनी प्रतिबद्धता जारी रखी है।

 

विश्वास, गुणवत्ता और निरंतरता की मजबूत परंपरा पर आधारित, केनस्टार का नया प्रोडक्ट होम अप्लायंस क्षेत्र में ब्रांड की लीडरशिप को और मजबूत करता है। पावर ऑफ 5 एयर कूलर का लॉन्च भारत भर के घरों में आराम, खुशी और ऊर्जा दक्षता लाने की कंपनी की यात्रा में एक नया मील का पत्थर है। ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन की गई इस कूलर रेंज में स्टाइल, कार्यक्षमता और इनोवेशन का बेहतरीन मेल है, जिसने कूलिंग समाधानों में एक नया मानक स्थापित कर दिया है।

कांग्रेस का वार: अंकिता की तरह हिमांशु चमोली मामले में भी ‘’वीआईपी बचाव”

Congress's attack Like Ankita, in Himanshu Chamoli's case too, VIP protection
Congress's attack Like Ankita, in Himanshu Chamoli's case too, VIP protection

देहरादून|  उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ को बचाने की कोशिश की गई, उसी तरह अब भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली को बचाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जितेंद्र नेगी आत्महत्या प्रकरण में पुलिस द्वारा एक ही घटना की दो एफआईआर दर्ज की जाना इस साजिश का हिस्सा है ताकि मामले को कमजोर किया जा सके।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माहरा ने कहा कि मृतक जितेंद्र नेगी के वीडियो बयान में हिमांशु चमोली को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया गया था और मृतक के पिता की एफआईआर में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है। बावजूद इसके पुलिस ने बाद में अलग धाराओं में दूसरी एफआईआर दर्ज कर दी। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे भाजपा नेतृत्व का दबाव करार देते हुए मांग की कि दूसरी एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाए।

माहरा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और भाजपा नेताओं की सीधी संलिप्तता कई गंभीर अपराधों में सामने आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण से लेकर सल्ट, चंपावत, काशीपुर, हरिद्वार और अन्य मामलों में भाजपा पदाधिकारियों पर बलात्कार और हत्या जैसे आरोप लगे हैं। यहां तक कि हरिद्वार में 13 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म में भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष का नाम सामने आया।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में भाजपा ने खुलेआम अपराधियों का इस्तेमाल कर प्रतिनिधियों का अपहरण कराया और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान देहरादून और हरिद्वार में डकैतियां होना प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था का बड़ा उदाहरण है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा में नियम 310 के तहत सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की गई, लेकिन भाजपा ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया ताकि असहज सवालों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस प्रदेशभर में कानून व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी।

इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, विधायक लखपत बुटोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रवक्ता शीशपाल सिंह, सुजाता पॉल, डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी और आईटी विभाग अध्यक्ष विकास नेगी मौजूद रहे।

ग्राफिक एरा अस्पताल ने अर्धसैनिक बलों के जवानों व आश्रितों के लिए की ऐतिहासिक शुरुआत

Graphic Era Hospital made a historic beginning for paramilitary forces personnel and their dependents
Graphic Era Hospital made a historic beginning for paramilitary forces personnel and their dependents

*मिलेगी सीजीएचएस दरों पर आधुनिक चिकित्सा सुविधा*

देहरादून( हमारी चौपाल) ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और एक्स-सीएपीएफ पर्सनल एसोसिएशन के बीच हुए समझौते से अब अर्धसैनिक बलों के जवानों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। इस एमओयू के तहत उन्हें ग्राफिक एरा अस्पताल में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के विभाग सीजीएचएस (Central Government Health Scheme) द्वारा स्वीकृत दरों पर चिकित्सा व शल्य चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

समझौते के अंतर्गत अर्धसैनिक बलों के जवानों और नॉन-सीजीएचएस डिपेंडेंट्स को ओपीडी, आईसीयू, पैथोलॉजी जांच, शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार और विभिन्न रोगों से संबंधित आधुनिक उपचार की सुविधा सीजीएचएस दरों पर दी जाएगी। इसके अलावा मातृत्व देखभाल, नवजात शिशु चिकित्सा, पुत्र व पुत्रवधु, पुत्री व दामाद जैसी पारिवारिक श्रेणी के सदस्यों को भी यह लाभ मिलेगा।

ग्राफिक एरा अस्पताल और एसोसिएशन के बीच हुए इस करार से बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों के कर्मियों और उनके आश्रितों को राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों को जो लंबे समय तक देश सेवा करने के बाद रिटायरमेंट के पश्चात आर्थिक रूप से उतने सक्षम नहीं रह पाते। इस सुविधा पर उम्र, आय अथवा नौकरी की स्थिति का कोई असर नहीं होगा।

इस अवसर पर ग्राफिक एरा अस्पताल की ओर से महाप्रबंधक मेजर जनरल (अवकाश प्राप्त) संजय पुरी और एक्स-सीएपीएफ एसोसिएशन की ओर से महासचिव अवकाश प्राप्त कमांडेंट जे. एस. तडियाल ने हस्ताक्षर किए। दोनों ही पक्षों ने इसे उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ और सस्ता बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

मेजर जनरल (अवकाश प्राप्त) संजय पुरी ने कहा कि “अर्धसैनिक बलों के जवान सीमाओं और कठिन परिस्थितियों में सेवा करते हैं। ऐसे में उनके और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी समाज की भी बनती है। ग्राफिक एरा अस्पताल सदैव इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।”

वहीं एसोसिएशन के महासचिव अवकाश प्राप्त कमांडेंट श्री जे. एस. तडियाल ने इस पहल को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि “इस सुविधा से हमारे पैरामिलिट्री फोर्सेस के करीब 2 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही अन्य सभी फोर्सेज के सेवारत कर्मियों और उनके आश्रितों को मिलाकर कुल 5 से 8 लाख पारिवारिक सदस्य इस योजना के दायरे में आ जाएंगे। यह अपनी तरह का एक अनूठा समझौता है, जो संभवतः उत्तराखंड में किसी अस्पताल द्वारा अब तक नहीं किया गया। इसके लिए हम ग्राफिक एरा अस्पताल के अत्यंत आभारी हैं।”

ग्राफिक एरा अस्पताल का नया कीर्तिमान: बिना ब्रेन खोले जटिल सर्जरी में सफलता

Graphic Era Hospital's new record Success in complex surgery without opening the brain
Graphic Era Hospital's new record Success in complex surgery without opening the brain

देहरादून| ग्राफिक एरा अस्पताल ने एक बार फिर चिकित्सा जगत में नया इतिहास रचते हुए अपनी उत्कृष्टता और अत्याधुनिक तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है। अस्पताल के न्यूरोसाइंस विशेषज्ञों ने हॉर्मोनल कुशिंग डिज़ीज़ से पीड़ित दो मरीजों का ऐसा उपचार कर दिखाया, जिसमें बिना ब्रेन खोले जटिल सर्जरी पूरी की गई और मरीजों को नया जीवन मिला। यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ी चिकित्सकीय सफलता मानी जा रही है।

*पहला मामला – 27 वर्षीय महिला की जिंदगी बचाई*
देहरादून निवासी 27 वर्षीय महिला लंबे समय से अत्यधिक वजन बढ़ने, चेहरे पर सूजन, मानसिक रोग, अनियमित मासिक धर्म और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी। जांच के बाद पता चला कि वह कुशिंग सिंड्रोम – पिट्यूटरी माइक्रोएडेनोमा से पीड़ित थी।
अस्पताल की एंडोस्कोपिक ट्रांस-नेजल न्यूरो-नेविगेशनल तकनीक की मदद से बिना ब्रेन खोले सफल सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद महिला का वजन कम हुआ, चेहरे की सूजन घट गई और मासिक धर्म भी सामान्य हो गया।

*दूसरा मामला – 24 वर्षीय युवती को मिला नया जीवन*
दूसरी मरीज 24 वर्षीय युवती थी जो लगातार उच्च रक्तचाप (200/100), सिरदर्द, वजन बढ़ने और हार्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर समस्याओं से परेशान थी। जांच में पता चला कि उसकी पिट्यूटरी ग्रंथि में 7-9 मिमी का ट्यूमर था। दवाओं से कोई फायदा नहीं होने पर विशेषज्ञों ने एंडोस्कोपिक ट्रांस-नेजल तकनीक से ऑपरेशन किया। सफल सर्जरी के बाद युवती का ब्लड प्रेशर सामान्य हो गया और सिरदर्द व अन्य लक्षण पूरी तरह खत्म हो गए।

*विशेष तकनीक और विशेषज्ञों का योगदान*
इन दोनों मामलों में पिट्यूटरी माइक्रोएडेनोमा पाया गया था। विशेषज्ञों ने मरीजों के नाक के रास्ते माइक्रोस्कोप और एंडोस्कोपी की मदद से ट्यूमर को हटाया और आसपास के हिस्सों को सुरक्षित रखा। इस टीम में न्यूरोसाइंस एवं न्यूरोसर्जरी विभाग के हेड डॉ. पार्था पी. विष्णु, वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. अंकुर कपूर, वरिष्ठ न्यूरोसर्जन व न्यूरो इंटरवेंशन स्पेशलिस्ट डॉ. पायोज पांडे, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पवेंद्र सिंह, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. सुनील कुमार मिश्रा और न्यूरो-एनेस्थीसिया टीम शामिल रही।

*अस्पताल की पहचान बनी उपलब्धियाँ*
ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लगातार चिकित्सा जगत में नए मानक स्थापित कर रहा है। पहले भी अस्पताल बिना ऑपरेशन हार्ट की दो वाल्व बढ़ाने, बिना चीरा लगाए आहार नली खोलने और बिना हड्डी काटे ओपन हार्ट सर्जरी जैसी उपलब्धियां हासिल कर चुका है। इस अवसर पर अस्पताल के निदेशक डॉ. पुनीत त्यागी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गुरदीप सिंह झीते, डीन डॉ. एस.एल. जेठानी और सीईओ अतुल बहल भी मौजूद रहे।

यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तराखंड अब सुपर-स्पेशलिटी हेल्थकेयर का हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर है, और मरीजों को जटिल बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता नहीं है।

धराली के बाद अब थराली में बादल फटा…

After Dharali, now cloud burst in Tharali...
After Dharali, now cloud burst in Tharali...

तहसील और कई घरों में घुसा मलबा, दो लापता, गाड़ियां दबीं; स्कूल बंद
चमोली(आरएनएस)। उत्तरकाशी के धारली में बादल फटने की घटना से हुई तबाही के बाद अब  चमोली के थराली तहसील में देर रात बादल फटने से काफी नुकसान होने की आशंका है। बादल फटने से काफी मलबा आया है, जिससे एसडीएम आवास समेत कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चमोली के डीएम संदीप तिवारी ने समाचार एजेंसी आर एन एस को यह जानकारी दी है।
उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने से तबाही मच गई है। थराली तहसील के टूनरी गदेरा में बादल फटने की खबर है। देर रात बादल फटने से थराली बाजार, कोटदीप, तहसील थराली परिसर में काफी मलबा आ गया है। इसके अलावा चेपड़ों और सागवाड़ा के अलावा कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। राहत और बचाव कार्यों के लिए गौचर से एनडीआरफ और आईटीबीपी, ग्वालदम से एसएसबी रवाना हो गई है।

बादल फटने से घरों में मलबा आ गया है, दुकानों में भी नुकसान हुआ है। तहसील परिसर में कुछ गाड़ियां भी मलबे में दबी हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। एक युवती और एक बुजुर्ग लापता हैं। एनडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।
थराली के तहसील परिसर राड़ीबगड़ में एक बरसाती गदेरा अचानक उफान पर आ गया। एसडीएम आवास मलबे से दब गया। एसडीएम समेत अन्य ने रात में ही आवास छोड़ दिया और सुरक्षित जगह पर चले गए। राड़ीबगड़ में गाड़ियों के मलबे में दबने की सूचना है।
जानकारी के अनुसार, थराली तहसील के टूनरी गदेरा में बादल फटने से थराली तहसील परिसर में काफी मलबा आ गया, घरों में भी मलबा आ गया है, तहसील परिसर में कुछ गाड़ियां भी मलबे में दबी हैं। थराली के चेपड़ों में भारी नुकसान हुआ है। यहां तीन से अधिक दुकानें बहने की सूचना है।
मलबे से कई घरों को नुकसान हुआ है। थराली बाजार भी मलबे से पट गया है। कई वाहन मलबे के साथ बहकर सड़क से लोगों के घरों तक पहुंच गए हैं। थराली-सागवाड़ा मार्ग भी बंद है। थराली- ग्वालदम मार्ग मिंग्गदेरा में बंद है।
सागवाड़ा गांव में एक व्यक्ति के मलबे में दबने की सूचना है। जबकि इसी गांव में 20 वर्षीय लड़की की मलबे में दबे होने की जानकारी मिल रही है। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम गौचर से घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है।

वहीं, आज तीनों विकासखंडों थराली, देवाल और नारायणबगड़ के सभी स्कूलों में भारी बारिश को देखते हुए अवकाश घोषित कर दिया गया है। 
सीएम धामी ने जताया दुख:
जनपद चमोली के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने की दुःखद सूचना मिली। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। इस सम्बन्ध में निरंतर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं। और स्वयं स्थिति की गहन निगरानी कर रहा हूं। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूँ।

महाराज ने थराली की घटना पर महाराज ने दु:ख जताया

Maharaj expressed grief over the Tharali incident
Maharaj expressed grief over the Tharali incident

देहरादून। चमोली जिले के थराली में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बादल फटने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दुख जताया है।

उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि 20 से 25 भवनों को मलबे से नुकसान पहुंचा है, जिनमें दो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। इस हादसे में एक महिला का शव बरामद हुआ है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। आपदा में पाँच लोग घायल हुए हैं। जिन्हें एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर भेजने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खराब मौसम राहत-बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहा है। सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार थराली क्षेत्र में आपदा राहत कार्य तेज से चल रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घायलों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।

ओडिसी इलेक्ट्रिक ने एविएशन-ग्रेड सीट और शानदार कम्‍फर्ट के साथ लॉन्‍च किया अपना हाई-स्‍पीड स्‍कूटर ओडिसी सन

Odyssey Electric launches its high-speed scooter Odyssey Sun with aviation-grade seats and ultimate comfort
Odyssey Electric launches its high-speed scooter Odyssey Sun with aviation-grade seats and ultimate comfort

देहरादून-23 अगस्त 2025: ओडिसी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली भारत की तेजी से बढ़ रही कंपनी, ने आज अपने नए हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर – ओडिसी सन के लॉन्च की घोषणा की। आधुनिक राइडर के लिए डिज़ाइन किया गया यह स्कूटर प्रदर्शन, आराम और स्मार्ट फीचर्स के साथ रोजमर्रा की यात्रा को बेहतर बनाता है। ओडिसी सन में शक्तिशाली लिथियम-आयन बैटरी कॉन्फिगरेशन, आधुनिक फीचर्स और एक बेहतरीन स्पोर्टी डिज़ाइन दी गई है।

ओडिसी सन 70 किमी/घंटा की टॉप स्पीड प्रदान करता है और एक बार चार्ज करने पर 85 किमी (1.95 Kwh) और 130 किमी (2.90 Kwh) की रेंज देता है। स्कूटर की बैटरी AIS 156 प्रमाणित है और इसे केवल 4 से 4.5 घंटे में पूरी तरह चार्ज किया जा सकता है। यह रोजमर्रा के उपयोग के लिए विश्वसनीयता और तेजी सुनिश्चित करता है।

ओडिसी सन 2500W की पीक मोटर से लैस है और इसमें तीन – ड्राइव, पार्किंग और रिवर्स ट्रांसमिशन मोड दिए गए हैं, जो इसे शहरी ट्रैफिक परिस्थितियों के लिए बहुपयोगी बनाते हैं। स्कूटर में टेलीस्कोपिक फ्रंट सस्पेंशन, फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक, डिजिटल मीटर और हाइड्रोलिक मल्टी-लेवल एडजस्टेबल शॉक एब्जॉर्बर्स हैं, जो बेहतर आराम प्रदान करते हैं। राइडर्स को 32-लीटर अंडर-सीट स्टोरेज कम्‍पार्टमेंट, कीलेस स्टार्ट-स्टॉप, एलईडी लाइटिंग सिस्टम और बढ़ी हुई सुरक्षा के लिए डबल फ्लैश रिवर्स लाइट का लाभ मिलता है।

इस लॉन्च के अवसर पर, ओडिसी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ, श्री नेमिन वोरा ने कहा, “ओडिसी सन उन आधुनिक राइडर्स के लिए बनाया गया है जो अधिक शक्ति, अधिक आराम और एक स्मार्ट इलेक्ट्रिक राइड चाहते हैं। यह लॉन्च भारत भर में हाई-स्पीड ईवी की स्वीकृति में तेजी लाने के हमारे व्‍यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। सन न केवल हमारी तकनीकी प्रगति को दर्शाता है, बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आकांक्षी और सुलभ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता भी दिखाता है।”

श्री वोरा ने आगे कहा, ‘‘एविएशन-ग्रेड सीटिंग, प्लस-साइज़ एर्गोनोमिक डिज़ाइन और सेगमेंट में अग्रणी स्टोरेज के साथ, सन को रोजा़ना और लंबी शहरी यात्राओं के लिए बेजोड़ आराम प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। हमने लग्जरी-प्रेरित स्टाइलिंग को मजबूत इंजीनियरिंग के साथ जोड़ा है ताकि एक ऐसा स्कूटर बनाया जा सके जो प्रदर्शन और खूबसूरती दोनों में अलग दिखे। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राइडर्स हर बार ओडिसी सन चुनने पर स्टाइल, व्यावहारिकता और स्थिरता का सही मिश्रण अनुभव करें।’’

ओडिसी सन चार आकर्षक रंग विकल्पों – पैटिना ग्रीन, गनमेटल ग्रे, फैंटम ब्लैक और आइस ब्लू में उपलब्ध है। इसकी स्टाइलिंग स्‍कूटर के जबर्दस्‍त प्रदर्शन से मेल खाती है। इसकी कीमत 81,000 रुपये (1.95 Kwh) और 91,000 रुपये (2.90 Kwh) एक्स-शोरूम रखी गई है। ओडिसी सन को ऑनलाइन बुक करा सकते हैं और यह कंपनी के डीलरशिप नेटवर्क पर भी उपलब्ध है। अपने प्रदर्शन, रेंज और प्रीमियम फीचर्स के संयोजन के साथ, यह हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में एक नया मानक स्थापित करता है।

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