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राज्यपाल ने किया शिक्षाविद्  एन. जे. यासस्वी के जीवन पर आधारित पुस्तक “फर्स्ट फॉरएवर” का विमोचन

Governor released the book “First Forever” based on the life of educationist  N.J. Yasasvi
Governor released the book “First Forever” based on the life of educationist  N.J. Yasasvi

देहरादून।  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को राजभवन देहरादून में एन. जे. यासस्वी के जीवन पर आधारित पुस्तक “फर्स्ट फॉरएवर” का विमोचन किया। यह पुस्तक लेखक वी. पट्टाभि राम और सुधाकर राव द्वारा लिखी गई है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि “फर्स्ट फॉरएवर” केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एन. जे. यासस्वी जी के जीवन और कार्यों का सजीव दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यासस्वी ने विधि, प्रौद्योगिकी, अध्यापक शिक्षा, औषधि विज्ञान, कला और संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की और शिक्षा की ज्योति को हिमालय की वादियों से लेकर पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचाया।
राज्यपाल ने कहा कि जीवनी केवल एक व्यक्ति के जीवन की कथा नहीं होती, बल्कि वह उस युग की विचारधारा और संघर्ष की भी गाथा होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के संस्थापकों के जीवन, उनके संघर्ष और योगदान को लिखित रूप में संरक्षित कर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का खजाना संजो सकते हैं। यह हमें सिखाता है कि संस्थान केवल ईंट और पत्थरों से नहीं, बल्कि दृष्टि, मूल्य और समर्पण से निर्मित होते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की सबसे बड़ी भूमिका है। शिक्षा ही हमें आत्मनिर्भर बनाएगी, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी और हमारे मूल्यों व संस्कृति को सुरक्षित रखेगी। विश्वविद्यालयों की भूमिका पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्र निर्माण के अग्रदूत बनें।
इस कार्यक्रम में विधि परामर्शी राज्यपाल कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव रीना जोशी, इक्फाई विश्वविद्यालय की चेयरपर्सन शोभारानी यासस्वी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामकरन, रजिस्ट्रार प्रो. आर. सी रमोला, डॉ. मीना भंडारी सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारीगण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

पंजाब नैशनल बैंक ने अपनी पहली स्टार्टअप-केंद्रित शाखा का उद्घाटन किया

Punjab National Bank inaugurates its first startup-focused branch
Punjab National Bank inaugurates its first startup-focused branch

बैंक ने पात्र स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

देहरादून – 27 अगस्त, 2025 – भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने भीकाजी कामा प्लेस, नई दिल्ली में अपनी पहली स्टार्टअप-केंद्रित शाखा का उद्घाटन किया है । स्टार्टअप इंडिया पहल के अनुरूप, इस शाखा का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और बैंकिंग समाधान के सभी पहलुओं सहित सेवाओं के माध्यम से नवाचार का समर्थन करना है ।

उद्घाटन समारोह में माननीय मुख्य अतिथि श्री अरविंद कुमार, महानिदेशक, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई), और प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री अशोक चंद्र (पीएनबी) उपस्थित थे। इस अवसर पर एसटीपीआई के निदेशक श्री सुबोध सचान, एसटीपीआई के अतिरिक्त निदेशक श्री अंकेश कुमार, तथा पीएनबी और एसटीपीआई के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इसके अलावा, पात्र स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पीएनबी और एसटीपीआई के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग के अंतर्गत , एसटीपीआई बैंक के साथ इनक्यूबेटेड, ऑनबोर्डेड या ग्रेजुएटेड स्टार्टअप्स की एक चयनित सूची साझा करके एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, और पीएनबी की स्टार्टअप-केंद्रित योजनाओं और वित्तीय उत्पादों तक पहुँच को सुगम बनाने हेतु स्टार्टअप्स और वित्तीय संस्थानों के मध्य एक सेतु का काम करेगा।

इस अवसर पर बोलते हुए, प्रबंध निदेशक श्री अशोक चंद्र ने भारत की उद्यमशीलता संबंधी आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए पीएनबी की अटूट प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “यह समर्पित स्टार्टअप शाखा, स्टार्टअप्स के लिए एक व्यापक और वन-स्टॉप बैंकिंग समाधान प्रदान करती है। एसटीपीआई के साथ बैंक का सहयोग वित्तीय समाधानों के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देगा जिससे उभरते उद्यमियों के विकास को गति मिलेगी।”

एसटीपीआई के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार ने पीएनबी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सहयोग एसटीपीआई की तकनीकी विशेषज्ञता को पीएनबी की बैंकिंग उत्कृष्टता के संयोजन से स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेगा।

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मानसून से लोनिवि को 55438.16 लाख रुपये से अधिक का नुकसान: महाराज

PWD has suffered a loss of more than Rs 55438.16 lakh due to monsoon Maharaj
PWD has suffered a loss of more than Rs 55438.16 lakh due to monsoon Maharaj

देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण प्रदेश में लोक निर्माण विभाग को 55438.16 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस मानसून सीजन में अभी तक 2600 से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं इनमें से अभी तक 2406 सड़कों को खोल कर यातायात बहाल किया गया है।

लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि तेज बारिश एवं आपदा की वजह से कुछ जगहों पर संड़कें पूरी तरह बह गई हैं। 195 मार्ग अभी भी बंद हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोनिवि की बंद 1703 सड़कों में से 1624 को खोल दिया गया है और शेष 97 सड़कों को खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि एन एच की 24 बंद सड़कों में से 23 खुल गई हैं। पीएमजीएसवाई की 869 सड़कों में से 754 को आवागमन के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है और शेष 115 सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। जबकि बीआरओ और एनएचआईडीसीएल की सभी सड़कें इस समय पूरी तरह से खुली हुई हैं।

भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर जे.सी.बी. की तैनाती की गई है, ताकि तत्काल प्रभाव से सड़कों को खोला जा सके।प्रदेश में मागों को सुलभ यातायात हेतु उपलब्ध रखे जाने के लिये कुल 684 मशीनें विभिन्न महत्वपूर्ण एवं मार्ग बन्द होने के सम्भावित स्थानों पर तैनात किये गये हैं।

देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने उत्तराखंड के मूल निवासी ठेकेदारों के हित में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

Devbhoomi Jal Shakti Contractor Welfare Association sent a memorandum to the Chief Minister in the interest of the native contractors of Uttarakhand.
Devbhoomi Jal Shakti Contractor Welfare Association sent a memorandum to the Chief Minister in the interest of the native contractors of Uttarakhand.

उत्तराखंड के मूल निवासी ठेकेदारों को 10 करोड़ के काम का प्रलोभन देकर सरकार ने कठोर नियम बनाए।

उत्तराखंड के मूल निवासी ठेकेदारों को 10 करोड़ रूपए के काम के लिए 200% (प्रतिशत) से अधिक का टर्नओवर दिखाना होगा।

उत्तराखंड के मूल निवासी ठेकेदार नहीं डाल पाएंगे निविदा सरकार ने ऐसा ई-टेंडर प्रकुरमेंट रूल बनाया निविदा राशि की 200% हैसियत मांगी और एक्सपीरियंस 50%की जगह 80% की माँग की ।

देहरादून – 26 अगस्त 2025- देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने अपने चन्दर नगर, देहरादून मुख्यालय में बैठक कर उत्तराखंड के मूल निवासी ठेकेदारों के हित में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कृपया ठेकेदारों के लिए बनाए गए ई टेंडरिंग प्रक्रिया को रिव्यू करें एवं उत्तराखंड के ठेकेदारों के हितों में उनके हैसियत मुताबिक संशोधित नियम बनाएं जिससे यहां के स्थानीय ठेकेदार सरकारी कार्यों को करने में समर्थ हो।

देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन में कहा है
” आपका हमारी एसोसिएशन आभार व्यक्त करती हैं कि उत्तराखंड राज्य के ठेकेदारों के लिए दस करोड़ तक के कार्य के लिए उत्तराखंड के ठेकेदारों को प्राथमिकता दी हैं जिससे उत्तराखंड राज्य में हो रहे पलायन में कमी आएगी।”
उन्होंने कहा यहाँ ये भी अवगत कराना है कि ” वित्त विभाग उत्तराखंड शासन ‌द्वारा अपने शासनादेश संख्या 310161/2025/XXV11 (9)/ अधिप्राप्ति 01/2024//ई -77841 दि. 30 जून 2025 द्वारा उत्तराखंड राज्य के समस्त विभागों में लागू है प्रोक्योरमेंट व्यवस्था के अंतर्गत निविदा में एकरूपता लाये जाने के दृष्टिगत नयी स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट लागू कि गई हैं। जिसमे उपरोक्त लागू नियमावली शर्तों में आप द्वारा 10 करोड़ तक कि निविदा में स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता देने का आदेश स्वयं निरर्थक हो गया हैं, स्थानीय ठेकेदार छोटे स्तर पर ही कार्य करते हैं और उन्होंने छोटे- छोटे कार्य कर अपनी एक हैसियत और अनुभव बनाये हैं ऐसे में 200 प्रतिशत टर्न ओवर एवं 80% का अनुभव होना उन्हें स्वतः ही बाहर का रास्ता दिखा रहा हैं।”

देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने निवेदन हैं कि कृपया उपरोक्त नयी शर्तों में सांसोधन कर पूर्व कि भांति शर्तों को यथावत रखा जाए एवं 10 करोड़ तक उत्तराखंड राज्य के ठेकेदारों को दिए जाने कि लिए विभागो को निर्देशित किया जाए। इस नई नियमावली पर अन्य विभागों के ठेकेदारों ने भी अपनी-अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य से पलायन न हो और जो हमारे राज्य के ठेकेदार हैं वे सभी अपने स्टाफ साथ उत्तराखंड में रहकर ही रोजगार प्राप्त कर सके और पलायन करने के लिए मजबूर ना हो। इस तरह के सख्त नियम से वे सभी ई टेंडरिंग प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे एवं ठेकेदारों के साथ-साथ अनेक मजदूर परिवार भी भुखमरी के शिकार हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि हम आपसे अपने और अपने राज्य के ठेकेदार भाइयो के भविष्य में उन्नति और प्रगति की कामना करते हैं

बैठक में देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल, उपाध्यक्ष सचिन मित्तल एवं महासचिव सुनील गुप्ता, सकलानंद लखेरा, पिंकी, जीतेन्द्र भंडारी, संदीप मित्तल, दीपक भट्ट एवं यशपाल चौहान मौजूद रहे।

 लगातार हो रही बारिश से 13 सड़कों पर यातयात प्रभावित

Continuous rain has affected traffic on 13 roads
Continuous rain has affected traffic on 13 roads

बागेश्वर।   जिले में बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार की रातभर जिले में बारिश होते रही। सोमवार को भी सुबह से आसमान काले बादलों से घिरा रहा। शाम को गरज चमक के साथ बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश से 13 सड़कों पर यातयात प्रभावित रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हरीनगरी-पय्या, कंधार-रौल्याना, हवीलकुलवान, बीनातोली- मजकोट, सिमखेत-मैगड़ीस्टेट, कपकोट-पिंडारी, खड़लेख-भनार, सूपी-हरकोट, सनेती-दियाली, धरमघर-माजखेत, कमेड़ीदेवी-स्यांकोट, कपकोट-कर्मी, भयूं-गुलेर मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बंद मार्ग खोलने का काम जारी है।
विधायक गड़िया ने आपदा प्रभावितों का जाना हाल:  भारी अतिवृष्टि व बरसात से ग्राम पंचायत बिलाडी के तोक मैठारा में कई मकानों में दरारें आ गई हैं, कई ध्वस्त हो गए हैं। सात परिवार खतरे की जद में हैं। क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया ने आपदा प्रभावितों का हाल जाना। इस दौरान आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों, सामुदायिक भवनों, क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों एवं विद्युत लाइनों का भी हाल जाना। पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनको राहत सामग्री एवं मुआवजा देने के साथ प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार अन्यत्र सुरक्षित स्थानों में विस्थापित के लिए तत्काल प्रस्ताव बनाकर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश प्रशासन को दिए। इस दौरान उनके साथ मनोहर राम, आनंद धपोला, गणेश भौर्याल, हयात रावत, ग्राम प्रधान बिलाड़ी, जीवन कार्की, गौरव पंत,एसडीएम प्रियंका रानी, तहसीलदार दलीप सिंह आदि मौजूद रहे। आपदा से आवासीय मकान ध्वस्त कौसानी। गरुड़ तहसील के ग्राम भतड़िया राजस्व क्षेत्र कौसनी में हंसी देवी पत्नी स्व. जगदीश सिंह के आवासीय मकान आपदा की चपेट में आ गया। इससे घर के अंदर रखा सारा सामान मलबे में दब गया है। भवन स्वामी कई दिनों से वह घर से बाहर गए थे, इसलिए किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। सोमवार की सुबह नौ बजे एसडीआरएफ को सूचना मिली। सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंची। टीम ने परिजनों की मौजूदगी में भवन के अंदर जितना कीमती सामान था उसे निकाल लिया है। उन्हें दूसरे मकान में शिफ्ट कर दिया है। इस मौके पर धीरज परिहार, मनोज कुमार तथा सूरज मलड़ा आदि मौजूद रहे।

472 ग्राम चरस के साथ युवक गिरफ्तार

Youth arrested with 472 grams of hashish
Youth arrested with 472 grams of hashish

बागेश्वर।   लगातार दूसरे दिन पुलिस ने 472 ग्राम चरस के साथ एक और युवक को गिरफ्तार किया है। न्यायालय के आदेश के बाद उसे भी अल्मोड़ा जेल भेज दिया है। अपने कार्यालय में एसपी चंद्रशेखर घोड़के ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एसओजी की टीम रविवार शाम गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को 19 वर्षीय अभिषेक कनवाल पुत्र हीरा सिंह कनवाल निवासी उडेरा, बसेत, तुनेड़ा की मानीखेत कपकोट के पास चेकिंग की। चेकिंग के दौरान उसके पास से 472 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोतवाली में लाए। उसके खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में अल्मोड़ा जेल भेज दिया है। आरोपी ने अभी इंटर की परीक्षा पास की है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी सलाउद्दीन आदि शामिल थे। एसपी ने बताया कि पकड़ी गई चरस की कीमत डेढ़ लाख है। पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

​आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक सुधार और सेवा वितरण : धामी के अहम निर्णय

Disaster management, administrative reforms and service delivery Important decisions of Dhami
Disaster management, administrative reforms and service delivery Important decisions of Dhami

देहरादून| मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक सुधार तथा स्थानीय स्तर पर सेवा वितरण को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से थराली क्षेत्र को धराली की तर्ज पर विशेष राहत और पुनर्वास पैकेज प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थराली में हाल की आपदाओं से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाई जाए और पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ किए जाएं। इसी प्रकार जोशीमठ में भी राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्रता से आरंभ करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की पीड़ा को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का आग्रह किया।

विधानसभा की रजत जयंती के अवसर पर आगामी नवंबर माह में दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा होगी।

प्रशासनिक सुगमता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भविष्य में एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकारी और बीडीओ के कार्यालय एक ही छत के नीचे एकीकृत रूप से स्थापित किए जाएं, जिससे जनता को सरकारी सेवाओं तक सुविधाजनक पहुंच मिल सके। साथ ही ग्राम सभा स्तर पर सप्ताह में एक दिन पंचायत भवन में पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारी, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रोस्टर के अनुसार अनिवार्य कर दी जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सभी आवश्यक सेवाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सभी निर्णयों के तत्काल क्रियान्वयन के निर्देश दिए साथ ही स्पष्ट किया कि जनहित में किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई नहीं बर्दाश्त की जाएगी।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते तथा अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने ली कार्बन क्रेडिट के सम्बन्ध में बैठक

Chief Secretary took a meeting regarding carbon credit
Chief Secretary took a meeting regarding carbon credit

–  उत्तराखंड की आय का अहम स्रोत बनेगा कार्बन क्रेडिट : मुख्य सचिव
– प्रदेश में पर्यावरण विभाग होगा कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल विभागः मुख्य सचिव
देहरादून।  मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में कार्बन क्रेडिट के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लिए कार्बन क्रेडिट आय के नए स्रोत के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सभी विभागों द्वारा कार्बन क्रेडिट की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पर्यावरण विभाग कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कार्बन क्रेडिट उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य, जिसका अधिकतम भूभाग वन से आच्छादित है, के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद करता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक

विकास के भी नए अवसर पैदा करता है। उत्तराखण्ड के किसान और स्थानीय समुदाय कार्बन क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि वन, कृषि और सहकारिता विभाग विभाग में कार्बन क्रेडिट की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने सहकारिता विभाग को अपने अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को इसमें शामिल कर कार्बन क्रेडिट्स की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को कार्बन क्रेडिट और ग्रीन क्रेडिट की दिशा में शीघ्र तेजी से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कृषि विभाग एवं दुग्ध विकास विभाग को भी कार्बन क्रेडिट पर कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय समुदायों की सहभागिता से जैव विविधता की रक्षा होगी एवं सतत जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के नए अवसर के साथ ही किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित नाबार्ड के प्रतिनिधि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, शीशमबाड़ा परवल रोड पर 10 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

MDDA's big action, illegal plotting on 10 bigha land on Sheeshambada Parwal Road demolished
MDDA's big action, illegal plotting on 10 bigha land on Sheeshambada Parwal Road demolished

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज शीशमबाड़ा परवल रोड स्थित मो. कामिल द्वार, ग्यान आईस्टीन स्कूल के निकट लगभग 10 बिघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेश पर की गई। मौके पर सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता नौन्सी, सुपरवाइजर और पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में अवैध निर्माणों को हटाया गया। एमडीडीए की यह कार्रवाई भविष्य में अवैध प्लॉटिंग रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण क्षेत्र में जहां भी अवैध निर्माण या प्लॉटिंग की जाएगी, उस पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील है कि भू-खरीद-फरोख्त से पूर्व एमडीडीए से स्वीकृति की पुष्टि अवश्य कर लें।

विमर्श-2025 के अंतर्गत दो दिवसीय मानव संसाधन सम्मेलन, टीएचडीसीआईएल, ऋषिकेश में आरंभ

Two-day Human Resource Conference under Vimarsh-2025 begins at THDCIL, Rishikesh
Two-day Human Resource Conference under Vimarsh-2025 begins at THDCIL, Rishikesh

ऋषिकेश, 25 अगस्त, 2025: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) ने 25 अगस्त, 2025 को अपने अत्याधुनिक तक्षशिला मानव संसाधन विकास केंद्र, ऋषिकेश में मानव संसाधन सम्मेलन: विमर्श- 2025 का आयोजन किया। 25-26 अगस्त, 2025 तक आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय कार्यक्रम, मानव संसाधन प्रथाओं के भविष्य पर विचार-विमर्श करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित मानव संसाधन पेशेवरों, विचारकों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाने में सहायक होगा।

इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए, टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर. के. विश्नोई ने ऐसे राष्ट्रीय महत्व के सम्मेलन के आयोजन के लिए टीम मानव संसाधन, टीएचडीसीआईएल को बधाई दी और इस बात पर प्रकाश डाला कि विमर्श-2025 जैसे मंच जन-केंद्रित विकास पर चर्चा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री विश्नोई ने इस बात पर जोर दिया कि आज के तेजी से बदलते परिदृश्य में, मानव संसाधन की भूमिका संगठनात्मक परिवर्तन में सबसे अग्रणी है, जो संस्थानों को लचीला और नवोन्मेषी बने रहने में सक्षम बनाता है।

श्री विश्नोई ने आगे कहा कि टीएचडीसीआईएल में, लोगों को विकास और उत्कृष्टता का सच्चा वाहक माना जाता है, और इसलिए, नेतृत्व की तत्परता, कर्मचारी कल्याण और क्षमता निर्माण पर निरंतर ध्यान देना अनिवार्य है। उन्होंने आगे कहा कि विमर्श-2025 न केवल संवाद का एक मंच है, बल्कि 2047 तक विकसित भारत बनने के भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, सार्वजनिक क्षेत्र, भविष्य के लिए नेतृत्वकर्ताओं  का एक समूह बनाने का एक सामूहिक प्रयास है।

सम्मेलन का उद्घाटन श्री शैलेन्द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक), टीएचडीसीआईएल, श्री परेश रनपारा, निदेशक (मानव संसाधन), ग्रिड इंडिया,  श्री मृदुल श्रीवास्तव, व्यवसाय परिवर्तन प्रमुख और समाधान विशेषज्ञ, डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन, केन्द्रीय संचार) टीएचडीसीआईएल साथ ही टीएचडीसीआईएल एवं अन्य प्रतिभागी संगठनों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।

टीएचडीसीआईएल के निदेशक (कार्मिक) श्री शैलेन्द्र सिंह ने सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह शिखर सम्मेलन केवल मानव संसाधन क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तियों का समागम नहीं है, बल्कि संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और रणनीतियों के सह-निर्माण का एक मंच है जो हमारे संगठनों में मानव संसाधन प्रबंधन की भावी रणनीतियों को आकार देने में मदद करेगा  और आने वाली चुनौतियों और बदलावों को स्वीकार करने के लिए एक संवाद का मार्ग प्रशस्त करेगा तथा हमें आपसी ज्ञान साझा करने और सामूहिक रणनीति के साथ सामूहिक रूप से उनका सामना करने के लिए तैयार रहने में सक्षम बनाएगा।

साथ ही श्री सिंह ने कहा कि टीएचडीसीआईएल मानव संसाधन शिखर सम्मेलन का नाम, विमर्श, एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है “विचार-विमर्श” या “चर्चा”। यह इस सम्मेलन के उद्देश्य को पूरी तरह से दर्शाता है साथ ही इसका प्रमुख उद्देश्य मानव संसाधन के निरंतर विकसित होते परिदृश्य पर एक सार्थक संवाद में शामिल होना, अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा करना और साथ मिलकर आगे का रास्ता तय करना है।

सोसाइटी फॉर ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएचआरएम) के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों और विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ मानव संसाधन प्रमुखों की सक्रिय भागीदारी देखी गई।

“सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण ‘एआई-संचालित दुनिया में नेतृत्व की तत्परता’ पर एक आकर्षक पैनल चर्चा थी, जिसमें टीएचडीसीआईएल के निदेशक (कार्मिक) श्री शैलेन्द्र सिंह, ग्रिड इंडिया के निदेशक (मानव संसाधन) श्री परेश रनपारा, व्यवसाय परिवर्तन प्रमुख और समाधान विशेषज्ञ श्री मृदुल श्रीवास्तव तथा  एसएचआरएम इंडिया के परामर्श एवं क्षमता निर्माण निदेशक श्री आशीष कौल सहित प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट मानव संसाधन के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।”

Dr. Anil Verma Honored with the NSS Maha Raktdani Award for Donating Blood 155 Times.

डॉo अनिल वर्मा 155 बार रक्तदान हेतु “एनएसएस महा रक्तदानी अवार्ड...

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एनएसएस निःस्वार्थ समाजसेवा का मंच है : प्रोफेसर (डॉo) सुनयना रावत डॉo बिद्युत बोस " रेडक्रास बैज ऑफ़ ऑनर" से सम्मानित राष्ट्रीय सेवा योजना युवा छात्र-...
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