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सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण ध्वस्त; जिला प्रशासन का अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार निरंतर जारी

Illegal construction on government land demolished; district administration's crackdown on encroachment continues
Illegal construction on government land demolished; district administration's crackdown on encroachment continues

नेहरूग्राम; एनआईवीएच में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई मजार ध्वस्त

देहरादून दिनांक 30 अगस्त 2025 (सू.वि), जिलाप्रशासन देहरादून ने नेहरू ग्राम में सिंचाई विभाग की भूमि तथा राजपुर रोड में एनआईवीएच में अतिक्रमण कर किए गए निर्माण को हटा दिया गया है। नेहरू ग्राम में सिंचाई विभाग की नहर किनारे तथा एनआईवीएच भूमि पर अवैध निर्माण कर बनाई गई मजार को आज ध्वस्त कर दिया। जिला प्रशासन को दोनों ही स्थानों पर सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण कर मजार बनी होने की शिकायत प्राप्त हो रही थीं।
इन मजार को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा जिला प्रशासन से आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिला प्रशासन ने नियत प्रक्रिया के अंतर्गत नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह एवं उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से उक्त अवैध ढांचे को ध्वस्त कर दिया।
इस दौरान सिंचाई, पुलिस के अधिकारी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

“तुंगनाथी” के नाम पर होगा कार्तिक स्वामी मन्दिर पैदल ट्रैक: महाराज

Kartik Swami temple walking track will be named after Tunganathi Maharaj
Kartik Swami temple walking track will be named after Tunganathi Maharaj

हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल की जयंती पर स्व० डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल का भी किया स्मरण

देहरादून। हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल शोध संस्थान सोसाइटी जैसे विशाल वट वृक्ष को खड़ा करने में स्व० डॉ योगम्बर सिंह बर्तवाल “तुंगनाथी” के योगदान को देखते को जनपद चमोली के अन्तर्गत विकास खण्ड पोखरी में पर्यटन विभाग के ट्रैकिंग ट्रेक्शन सेन्टर तथा कनकचौरी (चमोली) से कार्तिक स्वामी मन्दिर (रूद्रप्रयाग) तक पैदल ट्रैक मार्ग (2.5 कि0मी0) का नामकरण प्रसिद्ध साहित्यकार स्व० डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल “तुंगनाथी” के नाम पर रखा जायेगा।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्वाल की जंयती पर शनिवार को रिस्पना बाईपास स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कही। उन्होंने कार्यक्रम के लिए साहित्य कला एवं संस्कृति के लिए समर्पित “हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बतर्वाल शोध संस्थान सोसाइटी” के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जनपद रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि के मालकोटी गांव में जन्में हिमवंत कवि के नाम से प्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार चन्द्र कुंवर बतर्वाल ने 13 वर्ष की आयु से लेकर 28 वर्ष की आयु तक 750 से अधिक कविताओं, 25 से अधिक कहानियां और कई व्यंग्य लेख लिखे। अपने जीवन के अल्प कालखण्ड में साहित्य जगत में दिया गया उनका योगदान अकल्पनीय है।

कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने कहा कि यदि चन्द्र कुंवर बतर्वाल के उपलब्ध साहित्य का सही ढंग से मूल्याकंन किया जाय तो वह उस स्थान को हासिल कर सकते है जिसके सही मायने में हकदार थे। उन्होंने कहा कि बहुत से साहित्यकारों ने चन्द्र कुंवर बर्वाल के साहित्य को संजोने का भगीरथ प्रयास किया है। ऐसे ही हमारे बीच के वरिष्ठ साहित्यकार स्व० डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल “तुगनाथी” भी रहे हैं जिन्होंने चन्द्र कुंवर बर्तवाल के साहित्य को समेटने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री महाराज ने कहा कि हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल शोध संस्थान सोसाइटी” जिसके बैनर तले हम आज चन्द्र कुंवर बर्तवाल की जंयती पर यहां एकत्रित हुए हैं इस संस्थान की स्थापना भी साहित्यकार स्व० डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल “तुंगनाथी” ने ही की है। उन्होंने कहा कि स्व० श्री तुंगनाथी द्वारा संकलित चन्द्र कुंवर बतर्वाल की कई अप्रकाशित कृतियों पर आधारित पुस्तक का इस अवसर पर विमोचन किया जाना अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। निश्चित रूप से इस पुस्तक से हमें हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल के साहित्य की और अधिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। “हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल शोध संस्थान सोसाइटी” जैसे विशाल वट वृक्ष को खड़ा करने में स्व० डॉ योगम्बर सिंह बर्तवाल “तुंगनाथी” के अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए पर्यटन विभाग को जनपद चमोली के अन्तर्गत विकास खण्ड पोखरी में पर्यटन विभाग के ट्रैकिंग ट्रेक्शन सेन्टर तथा कनकचौरी (चमोली) से कार्तिक स्वामी मन्दिर (रूद्रप्रयाग) तक पैदल ट्रैक मार्ग (2.5 कि0मी0) का नामकरण प्रसिद्ध साहित्यकार स्व० डॉ योगम्बर सिंह बर्तवाल “तुंगनाथी” के नाम पर रखने के भी निर्देश पर्यटन विभाग को दे दिये गये हैं।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व आईएएस चंद्र सिंह, श्रीमती विजयलक्ष्मी गोंसाई, कुंवर भवानी सिंह, श्रीमती कुलवंती बर्तवाल, शोध संस्थान के सचिन गौरव सिंह बर्तवाल, धीरेंद्र सिंह बर्तवाल, कर्नल डीएस बर्तवाल, शक्ति बर्तवाल और नरेंद्र सिंह रौथाण आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एमडीडीए ने ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 11 बहुमंजिले अवैध निर्माण किए गये सील

On the instructions of Chief Minister Pushkar Singh Dhami, MDDA took swift action against illegal constructions in Rishikesh, 11 multi-storey illegal constructions were sealed
On the instructions of Chief Minister Pushkar Singh Dhami, MDDA took swift action against illegal constructions in Rishikesh, 11 multi-storey illegal constructions were sealed

नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनाधिकृत निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा –बंशीधर तिवारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट कहा कि नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनधिकृत निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) क्षेत्र अतंर्गत ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में कई अवैध निर्माणों के विरुद्ध सील की कार्यवाही करते हुए ऋषिकेश शहर में अखण्ड आश्रम गली नं0-4, आवास विकास के समीप श्री पुजारा, एंव विस्थापित गली न-10 एंव 11 में बहुमंजिला इमारतों पर कार्यवाही करते हुए निर्माणों को सील किया गया। सीलिंग की कार्यवाही सचिव महोदय, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, द्वारा गठित टीम संयुक्त सचिव महोदय के नेतृत्व में सम्पन्न करायी गयी। उपाध्यक्ष महोदय द्वारा सक्त निर्देश दिये गये है कि जो भी मानचित्र स्वीकृति के बिना अवैध निर्माण करेगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही प्राधिकरण द्वारा अमल में लायी जायेगी और आगे भी अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्यवाही निरन्तर जारी रहेगी। विशेष रूप से गली नंबर-10, निर्मल बाग बी, विरशानित, ऋषिकेश में लगभग 20×30 फीट क्षेत्रफल में भू-तल से लेकर तृतीय तल तक बिना स्वीकृति का निर्माण पाया गया। यह उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 का स्पष्ट उल्लंघन था। प्राधिकरण ने पहले ही निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किया था, लेकिन समयावधि में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 25 अगस्त 2025 को अंतिम अवसर दिया गया, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद एमडीडीए ने उक्त भवन को सील कर दिया गया। पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की कार्रवाई की गई।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जो लोग बिना अनुमति निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्यवाही जारी रहेगी। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) क्षेत्र अतंर्गत नियमों का उल्लंघन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ऋषिकेश में सीलिंग के आदेशित प्रमुख मामले :-

1️⃣ निर्मल बाग, गली नंबर 11 : श्री मनीष अग्रवाल द्वारा 30×70 फीट क्षेत्रफल पर प्रथम और द्वितीय तल का निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

2️⃣ गली नंबर 11 : श्री रघुन शर्मा द्वारा 30×50 फीट क्षेत्र पर भू-तल और प्रथम तल का अवैध निर्माण। नोटिस के बावजूद नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

3️⃣ वीरभद्र रोड : श्री प्रदीप दुबे द्वारा अवैध निर्माण। पहले अधूरी कार्रवाई हुई थी। पुलिस बल की मदद के साथ नियम विरूद्व अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

4️⃣ निर्मल बाग, गली नंबर 10 : श्री रवि द्वारा 30×40 फीट में तीन मंजिला अवैध निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

5️⃣ निर्मल बाग, गली नंबर 11 : श्री विपिन चौधरी द्वारा 30×100 फीट क्षेत्र पर स्कूल और कॉलोनी का निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

6️⃣ हरिद्वार रोड, कोयल ग्रांट : स्वामी दयानंद महाराज जी द्वारा मानचित्र के विपरीत निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

7️⃣ रेड फोर्ट रोड स्कूल के पास : श्री सुरेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा 25×60 फीट पर तृतीय तल का अवैध निर्माण। नोटिस के बावजूद कोई मानचित्र नहीं। नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

8️⃣ गली नंबर 4, होटल गंगा अशोक के पास: श्रीमती अनीता पुजारा द्वारा 26×50 फीट पर कॉलोनी निर्माण। नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

9️⃣ निर्मल ब्लॉक बी, गली नंबर 11 : श्री अनुज द्वारा 60×50 फीट क्षेत्र में कॉलम निर्माण। नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

🔟 निर्मल बाग, गली नंबर 11 : श्री सागर द्वारा 20×50 फीट क्षेत्र पर नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 2027 में उत्तराखंड के सभी विधानसभा सीटों पर अपनी उम्मीदवार उतारेगी।

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) will field its candidates on all the assembly seats of Uttarakhand in 2027.
Lok Janshakti Party (Ram Vilas) will field its candidates on all the assembly seats of Uttarakhand in 2027.
उत्तराखंड में युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं छात्र-छात्राओं के लिए सर्वश्रेष्ठ शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगी एल जे पी (आर)।
उत्तराखंड के बहुमुखी विकास के लिए पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्रों के प्रति समर्पित होगी एल जे पी (आर)।
हरिद्वार – 30 अगस्त 2025- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से हरिद्वार प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसे प्रदेश प्रभारी पवन वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ पंडित ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। अपने संबोधन में पवन वर्मा ने कहा  उत्तराखंड में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के लिए अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ कोई ठोस तीसरा विकल्प मौजूद नहीं है। प्रदेश की जनता पलायन, आपदा, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध और भू-माफिया जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही हैं, लेकिन वर्तमान सरकार इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने में असफल रही है। कोई नीतियों बनीं भी हैं तो वे धरातल पर लागू नहीं हो पा रही हैं जिससे जनता में असंतोष एवं वर्तमान सरकार के प्रति नाराजगी है।
उन्होंने कहा पार्टी उत्तराखंड में राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री चिराग पासवान जी के मार्गदर्शन में वर्ष 2027 के चुनाव की तैयारीयों में जुटी है। सभी कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया जा रहा हैं एवं संगठन मजबूती से उत्तराखंड के सभी जिलों में अपना विस्तार कर रही हैं।   संगठन प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ पंडित के नेतृत्व में उत्तराखंड में नया राजनीतिक इतिहास रच रही हैं।
प्रदेश प्रभारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारा गठबंधन भाजपा के साथ है और वह मजबूती से चल भी रहा है परंतु लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तराखंड के सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी को 2027 के चुनाव में उतारेगी। स्वर्गीय रामविलास पासवान जी के पद  चिन्हों एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान जी के मार्गदर्शन में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य जनता को एक सशक्त विकल्प देना हैं और हम इसी दिशा में संगठित होकर सभी कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ पंडित  ने कहा कि पार्टी ‘मिशन 2027 के लिए पूरी तरह तैयार है। सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिन-रात संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं और आने वाले समय में इसका असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा। उन्होंने केंद्रीय संगठन, प्रदेश प्रभारी एवं कार्यक्रम में मौजूद पत्रकार बंधुओ का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हुए कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी की नई खोज – अब राडार नहीं पकड़ पाएंगे विमान

Graphic Era University's new discovery - now radars will not be able to detect planes
Graphic Era University's new discovery - now radars will not be able to detect planes

देहरादून|  उत्तराखंड की धरती से एक ऐसी वैज्ञानिक उपलब्धि सामने आई है, जिसने रक्षा और एयरोस्पेस की दुनिया में हलचल मचा दी है। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने ऐसी विशेष तकनीक विकसित की है, जो विमानों को राडार की पकड़ से बाहर कर देगी। इस अनूठी खोज को केंद्र सरकार ने 20 वर्षों के लिए पेटेंट भी प्रदान किया है।

यह महत्वपूर्ण शोध इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक डॉ. वारिज पंवार और डॉ. विकास राठी ने किया है। दोनों वैज्ञानिकों ने वर्षों के कठिन प्रयोगों के बाद इस उपलब्धि को हासिल किया है।

*EMI शील्डिंग फिल्म – तकनीक की खासियत**
डॉ. वारिज पंवार ने जानकारी दी कि उनकी टीम ने इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक इंटरफेरेंस (EMI) शील्डिंग फिल्म के रूप में एक पतली परत तैयार की है। इस परत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह 12 से 18 गीगाहर्ट्ज़ फ्रीक्वेंसी (केयू बैंड) की किरणों को सोख लेती है। यही फ्रीक्वेंसी राडार द्वारा उपयोग की जाती है।

किसी विमान पर यदि यह परत चढ़ा दी जाए तो राडार से छोड़ी गई किरणें वापस नहीं लौटेंगी और विमान राडार पर दिखाई नहीं देगा। यही गुण इस तकनीक को बेहद खास और रक्षा क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी बनाता है।

खोजकर्ताओं ने कहा कि इस खोज को पेंट की तरह किसी भी सतह पर चढ़ाया जा सकता है। इसकी परत रक्षा एवं एयरोस्पेस के क्षेत्र में राडार, गाइडेड मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन (डीटीएच, वी-सैट, मोबाइल सैटेलाइट लिंक), एवियोनिक्स (एयरक्राफ्ट कम्युनिकेशन, इन-फ्लाइट इंटरनेट) तथा आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स (फाइव जी तकनीक और माइक्रोवेव इमेजिंग) जैसे क्षेत्रों में बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

*शोध की पृष्ठभूमि*
यह शोध सेंसर्स एंड एक्चुएटर्स लैब में कई वर्षों के प्रयोगों का परिणाम है। डॉ. वारिज और डॉ. राठी की इस प्रयोगशाला में पहले भी कई क्रांतिकारी खोजें हो चुकी हैं, जैसे–

गन्ने के रस से मेम्ब्रेन बनाने की तकनीक,बायोडिग्रेडेबल मटीरियल्स,

बायोडिग्रेडेबल मटीरियल्स,

एनर्जी हार्वेस्टिंग मटीरियल्स।

इन सभी खोजों को पेटेंट मिल चुका है। डॉ. पंवार ने कहा कि उनका साझा लक्ष्य ऐसे शोध करना है, जो सीधे देश, समाज और उद्योग जगत को लाभ पहुँचा सकें।

*रक्षा और तकनीकी क्षेत्र में उपयोग*
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस खोज को पेंट की तरह किसी भी सतह पर चढ़ाया जा सकता है। इसका उपयोग रक्षा और एयरोस्पेस के साथ-साथ कई आधुनिक क्षेत्रों में हो सकता है, जैसे–

राडार और गाइडेड मिसाइल,

इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर,

सैटेलाइट कम्युनिकेशन (DTH, V-SAT, मोबाइल सैटेलाइट लिंक),

एवियोनिक्स (एयरक्राफ्ट कम्युनिकेशन, इन-फ्लाइट इंटरनेट),

5G तकनीक,

माइक्रोवेव इमेजिंग।

डॉ. विकास राठी ने कहा कि यह पेटेंट हमारे कई वर्षों की मेहनत की पहचान है। यह तकनीक भविष्य में सुरक्षित और ऊर्जा-कुशल उपकरणों के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

*चेयरमैन डॉ. कमल घनसाला ने दी बधाई*
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनसाला ने इसे देश के लिए एक अनमोल उपहार बताया और दोनों वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा की प्रयोगशालाओं में विश्वस्तरीय तकनीक और शोध का माहौल उपलब्ध है, जो छात्रों और वैज्ञानिकों को निरंतर कुछ नया कर दिखाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने बताया कि ग्राफिक एरा की प्रयोगशालाओं से पहले भी टायफाइड डायग्नोस की तकनीक, एआई आधारित व्यायाम मशीन, औषधीय तत्व निकालने की तकनीक, ग्रीन टी से फंगल रोधी दवा, शारीरिक गतिविधियों से बिजली उत्पादन जैसी खोजें सामने आई हैं और इन सबको पेटेंट भी प्राप्त हो चुका है।

*उत्तराखंड का बढ़ा गौरव*
केंद्र सरकार द्वारा 20 वर्षों के लिए पेटेंट मिलने के बाद इस खोज ने उत्तराखंड की सरजमीं को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि न सिर्फ भारत के रक्षा और विज्ञान क्षेत्र को नई दिशा देगी, बल्कि राज्य की पहचान को भी वैश्विक स्तर पर ऊँचाई प्रदान करेगी।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को सीएसआर विद ह्यूमन हार्ट के लिए “जीईईएफ ग्लोबल अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया

THDC India Limited awarded the “GEEF Global Award 2025” for CSR with Human Heart
THDC India Limited awarded the “GEEF Global Award 2025” for CSR with Human Heart

ऋषिकेश, 30 अगस्त, 2025: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य होटल में आयोजित ग्लोबल वाटर टेक समिट 2025 में “मानव हृदय के साथ सीएसआर – वर्ष 2025 की सर्वश्रेष्ठ कंपनी” श्रेणी के अंतर्गत प्रतिष्ठित “जीईईएफ ग्लोबल अवार्ड 2025” (“The GEEF Global Award 2025” under the category “CSR with a Human Heart – Company of the Year 2025” ) से सम्मानित किया गया।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर. के. विश्नोई ने “जीईईएफ ग्लोबल अवार्ड 2025” के लिए हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह सम्मान समावेशी और सतत विकास के प्रति टीएचडीसीआईएल की दृढ़ प्रतिबद्धता को मान्यता देता है।

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श्री विश्नोई ने इस बात पर भी जोर दिया कि कंपनी की प्रमुख सीएसआर पहल “टीएचडीसी सहृदय – मानवीय हृदय वाला कॉर्पोरेट” समाज के प्रति करुणा, जिम्मेदारी और सेवा के टीएचडीसीआईएल के मूल मूल्यों को मूर्त रूप देती है। अपनी प्रमुख सीएसआर पहलों के माध्यम से, टीएचडीसीआईएल ने विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा दिया है, जिसमें डिस्पेंसरियों, चिकित्सा अवसंरचना, स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करना; स्कूल उन्नयन, स्वच्छता सुविधाओं और जरूरतमंद बच्चों को सहायता के माध्यम से उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाना, साथ ही युवाओं और महिला सशक्तिकरण के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से आजीविका को बढ़ावा देना शामिल है।

कंपनी ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सिंचाई, वनीकरण और जल संरक्षण के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता में भी योगदान दिया है, जबकि टिहरी झील में जल क्रीड़ाओं सहित कला, संस्कृति और खेलों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया है और उभरते एथलीटों को समर्थन दिया है। यह सम्मान समावेशी विकास और सतत सामुदायिक विकास के प्रति टीएचडीसीआईएल की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। यह पुरस्कार टीएचडीसीआईएल की ओर से श्री हर्ष कुमार जिंदल, महाप्रबंधक (एस एंड ई विभाग) और श्रीमती महक शर्मा, उप प्रबंधक (एस एंड ई विभाग) द्वारा प्राप्त किया गया।

आदि कर्मयोगी मिशन से देहरादून जिले के 41 जनजाति बाहुल्य गांव होंगे शत प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित

41 tribal dominated villages of Dehradun district will be 100% covered by schemes through Adi Karmayogi Mission
41 tribal dominated villages of Dehradun district will be 100% covered by schemes through Adi Karmayogi Mission

– सीडीओ ने ‘‘आदि कर्मयोगी मिशन’’ के प्रतीक चिन्ह का किया अनावरण, अधिकारियों को सत्यनिष्ठा से मिशन पूर्ण करने की दिलाई शपथ
देहरादून।   जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ के अंतर्गत शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अभिमुखी कार्यक्रम (वी.एल.ओ.) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर, जनपद और विकास खण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर के साथ ही जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बैठक में आदि कर्मयोगी अभियान के अन्तर्गत जनपद के प्रतीक चिन्ह का वर्चुअल रूप से अनावरण किया और सभी अधिकारियों को इस अभियान के अन्तर्गत पूर्ण सत्यनिष्ठा से मिशन को पूरा करने की शपथ दिलाई। उन्होंने निर्देशित किया कि चयनित जनजाति बाहुल्य गांवों को शत प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित किया जाए।  ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह ने सभी अधिकारियों को ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ के विषय में अवगत कराते हुए बताया कि जनपद देहरादून में इस योजना के अंतर्गत 04 विकास खण्डों के कुल 41 गांवों का चयनित किया गया है, जिसके अन्तर्गत उक्त 41 गाँवों में निवासरत समस्त जनजाति श्रेणी के व्यक्तियों को सरकार द्वारा संचालित समस्त लोक कल्याणकारी योजना से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाना है।  जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि जनजाति बाहुल्य जिन ग्रामों को शत प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित किया जाना है, उनमें विकासखंड चकराता के 24, कालसी के 12, विकासनगर के 04 और सहसपुर का 01 गांव शामिल है।

सीएस बर्द्धन ने ली जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सम्बन्ध में राज्यस्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक

CS Bardhan took the meeting of the state level inter-departmental coordination committee regarding birth-death registration
CS Bardhan took the meeting of the state level inter-departmental coordination committee regarding birth-death registration

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया एवं समस्याओं के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जन्म-मृत्यु का पंजीकरण निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीकरण से सम्बन्धित पुराने दस्तावेजों का भी डिजीटाईजेशन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालयों के बाहर सूचना पट पर रजिस्ट्रार कार्यालय के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी अनिवार्य रूप से लगायी जाए। मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर जिला रजिस्ट्रार/जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक का आयोजन वर्ष में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में फर्जी पोर्टल/वेबसाइटों के माध्यम से जन्म-मृत्यु पंजीकरण के कार्य को रोकने हेतु व्यापक प्रचार सहित आवश्यक कार्यवाही किए जाने की भी बात कही। इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय   ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव   रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड सरकार और  जर्मनी के मध्य हुआ एमओयू, रोजगार के खुले रास्ते

MoU signed between Uttarakhand Government and Germany, opens doors for employment
MoU signed between Uttarakhand Government and Germany, opens doors for employment

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किये गये। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड को कुशल युवाओं को जर्मनी में स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित स्टार्टप जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न देशों की मांग के आधार पर भी राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिये जाने के बाद राज्य के कई युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं।   इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल,जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड मौजूद थे।

टीएचडीसीआईएल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की: खुर्जा सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-2 (660 मेगावाट) को राष्ट्रीय ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज़ किया गया

THDCIL achieves a major milestone Unit-2 (660 MW) of Khurja Super Thermal Power Project synchronized with National Grid
THDCIL achieves a major milestone Unit-2 (660 MW) of Khurja Super Thermal Power Project synchronized with National Grid

ऋषिकेश, 29 अगस्त, 2025: एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने 28 अगस्त, 2025 को अपनी खुर्जा सुपर थर्मल पावर परियोजना (2×660 मेगावाट) की यूनिट-2 (660 मेगावाट) को राष्ट्रीय ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज़ कर दिया। यह उपलब्धि परियोजना के चालू होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रगति को रेखांकित करती है।

टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.के. विश्नोई ने कहा कि खुर्जा एसटीपीपी की इकाई-2 का सफल सिंक्रोनाइज़ इस 2×660 मेगावाट परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो भारत की विद्युत उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करने और ऊर्जा क्षेत्र में अपने पोर्टफोलियो को आगे बढ़ाने के लिए टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। यह उपलब्धि ताप विद्युत क्षेत्र में हमारे रणनीतिक विविधीकरण को दर्शाती है, जो एक संतुलित और सतत ऊर्जा मिश्रण बनाने के लिए हमारे नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो का पूरक है। उन्नत बॉयलरों, टर्बाइनों और एफजीडी तथा कम-एनओएक्स बर्नर सहित अत्याधुनिक उत्सर्जन नियंत्रण प्रणालियों के साथ यह परियोजना परिचालन उत्कृष्टता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और राष्ट्र के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा पर टीएचडीसीआईएल के फोकस को रेखांकित करती है। सिंक्रोनाइजेशन कार्यक्रम श्री शैलेन्द्र सिंह के सम्मान समारोह के साथ आयोजित किया गया।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.के. विश्नोई ने इस उपलब्धि के महत्व पर प्रकाश डाला और टीएचडीसीआईएल बोर्ड के सक्रिय निर्णयों की सराहना की, जो संगठन की निरंतर प्रगति और विकास सुनिश्चित करने में सहायक रहे हैं। निदेशक (तकनीकी) श्री भूपेंद्र गुप्ता ने इस बात पर बल दिया कि खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की यूनिट-2 का सफल समन्वयन इसके चालू होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और साथ ही जटिल विद्युत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में टीएचडीसीआईएल की तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित करता है। यूनिट-2 के राष्ट्रीय ग्रिड से सिंक्रोनाइज़ होने के साथ ही परियोजना अब विश्वसनीय बेस लोड बिजली प्रदान करने की स्थिति में है, जो विशेष रूप से पीक डिमांड के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह उपलब्धि न केवल टीएचडीसीआईएल के समग्र उत्पादन पोर्टफोलियो को मजबूत करती है, बल्कि भारत के एक विश्वसनीय और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य के दृष्टिकोण के अनुरूप भी है।

इस अवसर पर उपस्थित कार्यकारी निदेशक (परियोजना) श्री कुमार शरद ने कहा कि यह उपलब्धि केएसटीपीपी की पूरी टीम के अथक प्रयासों का ही परिणाम है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सफलता को प्राप्त करने में टीम के समर्पण और कड़ी मेहनत को संपूर्ण श्रेय दिया। इस कार्यक्रम में श्री कुमार शरद, कार्यकारी निदेशक (परियोजना), श्री बी.के. साहू, महाप्रबंधक (ओ एंड एम), श्री आर.एम. दुबे, महाप्रबंधक (विद्युत), श्री शैलेश ध्यानी, महाप्रबंधक (यांत्रिक), श्री संदीप भटनागर, महाप्रबंधक (वित्त) सहित प्रमुख अधिकारीगण उपस्थित रहें, साथ ही टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, एनटीपीसी कंसल्टेंसी, बीएचईएल, एलएमबी, एसटीईएजी और जीई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहें।

Dr. Anil Verma Honored with the NSS Maha Raktdani Award for Donating Blood 155 Times.

डॉo अनिल वर्मा 155 बार रक्तदान हेतु “एनएसएस महा रक्तदानी अवार्ड...

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