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देहरादून में खुला उत्तराखंड का पहला आधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र

Uttarakhand's first modern disabled rehabilitation center opened in Dehradun
Uttarakhand's first modern disabled rehabilitation center opened in Dehradun

– महापौर सौरभ थपलियाल, विधायक खजानदास, पार्षद सुनीता मंजखोला ने किया डीडीआरसी का उद्घाटन
–  दिव्यांगजनों को डीडीआरसी केंद्र तक आने जाने के लिए तैनात रहेगा स्पेशल डेडिकेटेड वाहन :  डीएम
देहरादून(आरएनएस)।   देहरादून के गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का प्रथम जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) का बुधवार को विधिवत शुभारंभ हो गया है। इसमें दिव्यांगजनों को फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह, दिव्यांग प्रमाण पत्र और कृत्रिम अंग प्राप्त करने जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो गई है।
गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में बुधवार को रायपुर विधायक खजानदास की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल, विशिष्ट अतिथि देहरादून पार्षद सुनीता मंजखोला, जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल ने जिला प्रशासन के अभिनव प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सशक्त समाज के निर्माण में देहरादून में स्थापित उत्तराखंड का पहला आधुनिक जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। जहां दिव्यांगजनों को सभी जरूरी सेवाएं एक साथ मिलेगी और उनका जीवन आसान और समृद्ध होगा और सशक्त दिव्यांग सशक्त समाज की अवधारणा पूरी होगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को उचित उपचार मिलने से उनकी दिव्यांगता भी दूर हो रही है। इस दौरान मुख्य अतिथि ने डीडीआरसी के हेल्पलाइन नंबर 8077386815 का अनावरण किया। दिव्यांग अनिल कुमार ढौंडियाल और नीरज बिष्ट को कान की मशीन प्रदान की। वहीं विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में दिव्यांगजनों की आर्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग छात्रों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष विधायक खजानदास ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री ने शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को दिव्यांग नाम देकर दिव्यांगजनों को समाज में एक गरिमा प्रदान की। वहीं देहरादून जिला प्रशासन ने दिव्यांगों के जीवन को आसान, सरल और आत्म गौरवपूर्ण बनाने के लिए राज्य का प्रथम जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र को स्थापित कर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के संकल्प को आगे बढ़ाने में इस प्रशंसनीय कार्य को अंजाम दिया है। उन्होंने जिला नेत्र चिकित्सालय के खाली पडे इस भवन का सदुपयोग करने के लिए सराहना की। कहा कि आने वाले समय में इस केंद्र में दिव्यांगजनों को सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया होंगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने समाज में करीब 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है, जो कि एक बडी संख्या है। ऐसे में दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाना, उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करना हमारा दायित्व है। दिव्यांगजनों को एक प्लेटफार्म पर एकीकृत रूप में सारी सुविधाएं मिले, इस दिशा में दिव्यांगजनों के लिए डेडिकेटेड सेंटर जिला चिकित्सालय में खोला गया ळें यहां पर दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक सलाह, इलाज और कृत्रिम उपकरण के साथ ही   रोजगार प्रशिक्षण जैसी तमाम सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांगजनों को केंद्र तक आने जाने के लिए स्पेशल डेडिकेटेड वाहन भी तैनात किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि पुनर्वास केंद्र को और बेहतर बनाने के लिए जो भी सुझाव मिलेगे उन पर प्रभावी तरीके से अमल किया जाएगा।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि महापौर सौरथ थपलियाल, विधायक खजानदास एवं विशिष्ट अतिथि पार्षद सुनीता मंजखोला ने जिला प्रशासन के साथ जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र में वाक चिकित्सा कक्ष, स्पीच थेरेपी, अर्ली इंटरवेंशन रूम, फिजियोथेरेपी कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर ढौंडियाल आदि सहित दिव्यांग एवं उनके परिजन मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन नोडल एजेंसी डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान के सचिव अनंत मेहरा द्वारा किया।
एकीकृत सेवाएं एक छत के नीचे
गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित डीडीआरसी केंद्र दिव्यांगजनों को न सिर्फ प्रमाणन, बल्कि कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, उपकरण वितरण, फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श जैसी सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे देगा। समाज कल्याण विभाग निगरानी में नोडल एजेंसी डीडीआरसी देहरादून मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान द्वारा इसका संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समावेशी और सुलभ सेवा नीति को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। केंद्र का संचालन भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा किया जाता है। संचालन हेतु 14 पद स्वीकृत हैं, जिनका वेतन समाज कल्याण विभाग द्वारा वहन किया जाता है।
डीडीआरसी के प्रमुख कार्य और सेवाएं
जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समुचित पुनर्वास सेवाएं प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित करना है। केंद्र में पंजीकरण के बाद दिव्यांगजनों को चिकित्सकीय, सामाजिक, शैक्षिक एवं मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर उचित परामर्श और सेवाएं प्रदान की जाती हैं। आवश्यकता अनुसार उन्हें सहायक उपकरण जैसे व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र आदि भी वितरित किए जाते हैं। इसके साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाता है। केंद्र विशेष शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराता है ताकि दिव्यांगजन शिक्षा या रोजगार के अवसरों से वंचित न रहें। समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रचार-प्रसार गतिविधियां चलाई जाती हैं, जिससे दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्हें सरकारी योजनाओं जैसे यूडीआईडी कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति आदि से भी जोड़ा जाता है। केंद्र की विशेषता इसकी बहु-विषयी (मल्टी-डिसिप्लिनरी) टीम होती है जिसमें फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट और काउंसलर जैसे विशेषज्ञ सम्मिलित होते हैं, जो दिव्यांगजनों के लिए समग्र पुनर्वास सुनिश्चित करते हैं।

दिव्य और भव्य होगा हरिद्वार कुंभ का आयोजन: मुख्यमंत्री

Haridwar Kumbh will be organized divinely and grandly Chief Minister
Haridwar Kumbh will be organized divinely and grandly Chief Minister

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में कुम्भ मेला 2027 के भव्य आयोजन की सभी तैयारियां समय रहते हुए स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किये जाएं। कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर उन्हें पूर्ण किये जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यों को आगे बढ़ायें।
बुधवार को सचिवालय में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी के क्रम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला संबंधित सभी कार्य विस्तारित क्षेत्र और मास्टर प्लान को ध्यान में रख कर किए जाएं। मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट, कैम्प स्थलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित किया जाए, ताकि इसके अनुसार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करने के साथ ही संबंधित भूमि का अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भीड़ का दबाव कम करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार और मौजूदा घाटों की मरम्मत भी समय से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें कुंभ को देखते हुए प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बहादराबाद – श्यामपुर बाईपास को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ कुंभ के दौरान मिल सके। इसी तरह श्यामपुर, गैंडीखाता एवं चण्डीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट लगाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसी तरह कुंभ क्षेत्र में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन योजना, पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। पार्किंग दूर होने पर शटल सेवा की व्यवस्था पर विचार किया जाए। कुंभ क्षेत्र में आंतरिक मार्गों को भी समय से ठीक किया जाए, इसका लाभ स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। मंसा देवी, चंड़ी देवी पैदल मार्ग के सुदृढीकरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ठोस कचरा अपशिष्ट के लिए जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट अपनाया जाए, कुंभ क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों और गंगा तटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था की जाए। हरकी पैड़ी में श्रद्धालुओं के लिए आरती और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा से संबंधित सभी इंतजाम समय से पूरी कर ली जाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पार्किंग स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाए जाएं। श्रद़धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सी और मोटर बोट की उपलब्धता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालु उत्तराखंड से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। इसके लिए कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखी जाएं। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाए। मेला प्रबंधन में आईटी व डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम सूचना देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव को कुंभ मेला तैयारी की समीक्षा 15 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में विधायक मदन कौशिक, प्रेमचंद अग्रवाल, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, रवि बहादुर, अनुपमा रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फेनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ पंकज पांडेय, डॉ आर राजेश कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मेलाधिकारी सोनिका और वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ ऐतिहासिक माँ नंदा–सुनंदा महोत्सव।

The historic Maa Nanda-Sunanda festival concluded with a grand procession.
The historic Maa Nanda-Sunanda festival concluded with a grand procession.

रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत में पिछले कई दिनों से चल रहे ऐतिहासिक माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव का बुधवार को भव्य शोभायात्रा के साथ समापन हो गया है। इस भावुक विदाई समारोह में माँ नंदा-सुनंदा की डोली को फूलों से सजाया गया और हजारों भक्तों ने नम आंखों से उन्हें विदा किया।

इस धार्मिक शोभायात्रा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, क्षेत्र के विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल और पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने भी हिस्सा लिया। सभी ने नगर वासियों को इस सफल आयोजन के लिए ढेर सारी बधाई दी।

बुधवार सुबह से ही माँ नंदा देवी मंदिर में विशेष हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद माँ नंदा-सुनंदा की डोली को मुख्य बाजार से रोडवेज और सदर बाजार होते हुए गांधी चौक तक ले जाया गया। रास्ते में स्कूल के विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।

शोभायात्रा में आदर्श बालिका इंटर कॉलेज, विवेक विद्या मंदिर स्कूल, रानीखेत इंटर कॉलेज, नेशनल इंटर कॉलेज और कैंट छावनी के इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। खास तौर पर, ताड़ीखेत नवोदय विद्यालय के छोलिया नृत्य दल का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा।

शोभायात्रा के बाद, नंदा देवी महोत्सव समिति के हरीश लाल शाह ने दुकानों में प्रसाद का वितरण किया। इस धार्मिक महोत्सव से जुड़े अन्य गणमान्य व्यक्तियों में विमल सती, कैलाश पांडेय, के. एल. चंद्रा, पंकज शाह, अगस्त लाल शाह, उमेश पंत, ललित मेहरा, अंशुल शाह, हर्षवर्धन पंत, अशोक शाह, सुनील शाह, मुकेश शाह, गोविंद चंद्र, अनिल वर्मा, अंशुल शाह, जगदीश, दिनेश तिवारी, संजय पंत, पंकज शाह, किरण शाह, ललित शाह, विनीत चौरसिया, कुलदीप कुमार, रणजीत सिंह बिष्ट और सतीश पांडे आदि भारी संख्या में लोग शामिल रहे।

मेघालय का ‘ऑटम कैलेंडर 2025’ घोषित : वैश्विक कलाकार, विश्वस्तरीय उत्सव और पूरे राज्य में प्रतिदिन संगीत

Meghalaya's 'Autumn Calendar 2025' announced Global artistes, world-class festivals and daily music across the state
Meghalaya's 'Autumn Calendar 2025' announced Global artistes, world-class festivals and daily music across the state

छह प्रमुख उत्सव, अंतरराष्ट्रीय हस्तियां और स्थानीय कलाकार मिलकर देंगे मेघालय को अब तक का सबसे बड़ा सांस्कृतिक सीजन

देहरादून – 03 सितम्बर 2025: मेघालय सरकार के पर्यटन विभाग ने आज ऑटम कैलेंडर 2025 की आधिकारिक घोषणा की। इस कैलेंडर में विश्वस्तरीय प्रस्तुतियां, अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन, साहित्यिक संवाद और सतत विकास पर आधारित प्रदर्शन शामिल हैं। इस पहल से मेघालय देश ही नहीं बल्कि विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर और भी सशक्त रूप से स्थापित होगा।

उद्घाटन अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री पॉल लिंगदोह ने कहा, “इन उत्सवों को व्यय के रूप में नहीं बल्कि निवेश के रूप में देखना चाहिए। यह हमारे युवाओं और स्थानीय कलाकारों को अवसर प्रदान करते हैं, पर्यटन से जुड़े रोजगार सृजित करते हैं, और राज्य की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाते हैं।”

मुख्यमंत्री मेघालय ग्रासरूट्स म्यूज़िक प्रोजेक्ट : प्रतिदिन संगीत का उत्सव-

2025 के कैलेंडर की सबसे खास झलक होगी मुख्यमंत्री मेघालय ग्रासरूट्स म्यूज़िक प्रोजेक्ट (CM-MGMP), जिसके तहत पूरे राज्य में प्रतिदिन संगीत कार्यक्रम होंगे। अब तक 7,750 से अधिक कलाकारों ने 13,000 से ज़्यादा प्रस्तुतियां दी हैं, जिससे 175 युवाओं को नियमित रोजगार मिला है। इस वर्ष यह परियोजना न केवल राज्य को सांस्कृतिक धड़कन देगी बल्कि वैश्विक मंच पर भी प्रतिनिधित्व करेगी—सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल और जापान के ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे।

प्रमुख उत्सव

मेघा कायाक फेस्टिवल (14–18 अक्टूबर, उमथम गाँव, री-भोई): रोमांचक वाइटवॉटर रेसिंग और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का संगम।

अहोर 4×4 ऑफ-रोड चैलेंज (23–25 अक्टूबर): उत्तर-पूर्व भारत का सबसे चुनौतीपूर्ण मोटरस्पोर्ट आयोजन।

 

शिलांग चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल (14–15 नवम्बर, जेएन स्टेडियम, शिलांग): इस बार अंतरराष्ट्रीय कलाकार जैसे जेसन डेरुलो, द स्क्रिप्ट और नोरा फतेही करेंगे प्रस्तुति। पिछले वर्ष के आयोजन से 60 करोड़ का आर्थिक लाभ हुआ था।

शिलांग साहित्य उत्सव (20–22 नवम्बर): देश-दुनिया के चर्चित लेखक, कवि और चिंतक होंगे शामिल।

मे·गोंग फेस्टिवल (28–29 नवम्बर, सोंगसाक, ईस्ट गारो हिल्स): खानपान, शिल्प और संगीत से भरपूर मेघालयी संस्कृति का उत्सव।

विंटर टेल्स फेस्टिवल (11–13 दिसम्बर, वार्ड्स लेक, शिलांग): कला, हस्तशिल्प, लोककथाओं और स्थानीय स्वादों से सजी अनोखी प्रस्तुति।

2024 में सरकार ने 23.50 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिससे 133.42 करोड़ रुपये की आर्थिक आमदनी हुई। यह दर्शाता है कि संस्कृति और पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था में कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय कलाकारों, वैश्विक खिलाड़ियों, विख्यात लेखकों और हज़ारों स्थानीय संगीतकारों की भागीदारी से ऑटम कैलेंडर 2025 मेघालय के इतिहास का सबसे जीवंत और प्रभावशाली सांस्कृतिक सीजन होगा।

उत्तराखण्ड बनेगा ‘न्यू टूरिज्म हब’: महाराज

Uttarakhand will become a 'new tourism hub' Maharaj
Uttarakhand will become a 'new tourism hub' Maharaj

देहरादून। देवभूमि उत्तराखण्ड न केवल आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है, बल्कि प्रकृति, पर्वत और रोमांच का भी अद्भुत संगम है। राज्य में रोपवे विकास के लिये जो समझौता हुआ है वह उत्तराखंड रोपवे युग की एक नई शुरुआत है।

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक संरचना अनेक अवसरों के साथ-साथ कई प्रकार की चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करती है। दूरस्थ क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और पर्वतीय पर्यटन स्थलों तक सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण-संतुलित पहुँच की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। रोपवे समझौते के माध्यम से हमने निश्चित रूप से उस आवश्यकता की पूर्ति की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) और उत्तराखण्ड सरकार के बीच जो समझौता हुआ है वह न केवल निवेश और अवसंरचना के लिहाज से बड़ा निर्णय है, बल्कि यह हमारी पर्यटन नीति के विजन को मूर्तरूप देने वाला निर्णय है।
रोप-वे विकास समझौते के तहत इस परियोजना में 51% इक्विटी हिस्सेदारी NHLML की और 49% हिस्सेदारी राज्य सरकार की सुनिश्चित की गई है। राजस्व का 90% भाग उत्तराखण्ड में ही पर्यटन, परिवहन एवं गतिशीलता के क्षेत्र में निवेश किया जाएगा। यह परियोजना न केवल पर्यटकों के लिए सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी। यह पर्यावरण की दृष्टि से भी उत्तराखण्ड के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगा।

श्री महाराज ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि रोपवे परियोजनाओं का उपयोग केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि ट्रेकिंग मार्गों, साहसिक पर्यटन स्थलों, और सीमावर्ती क्षेत्रों तक भी इसका विस्तार किया जाए जिससे राज्य की सुरक्षा, संवेदनशीलता और पर्यटन-आधारित अर्थव्यवस्था, तीनों को बल मिल सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग इस परियोजना के प्रत्येक चरण को पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा करेगा।

पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने कहा कि हम उत्तराखण्ड को ‘न्यू टूरिज्म हब’ बनाने की दिशा में अपना दायित्व पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में रेल, सड़क और रोपवे कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सोनप्रयाग-केदारनाथ (12.9 किमी, 24100 करोड़) और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब (12.4 किमी, 2700 करोड़) रोपवे परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। ये परियोजनाएं रोपवे कनेक्टिविटी का विस्तार करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में निश्चित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा के नेतृत्व में राज्य में सभी क्षेत्रों में विकास गतिविधियाँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। रोपवे के निर्माण से श्रद्धालुओं को केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा में और भी आसानी होगी।

आपदा की घड़ी में जनसेवा की मिसाल बने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

Chief Minister Pushkar Singh Dhami became an example of public service in the hour of disaster
Chief Minister Pushkar Singh Dhami became an example of public service in the hour of disaster

भारी बारिश के बीच ट्रैक्टर से पहुँचे हरिद्वार के लक्सर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में, स्थलीय निरीक्षण कर राहत कार्यों को गति देने के दिए निर्देश

कठिन परिस्थितियों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर के माध्यम से ग्रामीण और जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँचकर स्थलीय निरीक्षण किया

राज्य में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते उत्पन्न संकट की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज सबसे पहले हरिद्वार जिले के लक्सर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे। कठिन परिस्थितियों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर के माध्यम से ग्रामीण और जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँचकर स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर उपस्थित जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा,

राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। हम हर संभव सहायता उपलब्ध कराएँगे और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार को सरकार की ओर से यथासंभव सहायता प्रदान की जाएगी।”

 

मुख्यमंत्री द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने लक्सर हरिद्वार के गावों में जाकर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटे हुए पुल एवं जल से घिरे घरों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उनकी ज़रूरतों की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था और उनमें समुचित भोजन, पानी, दवाइयाँ एवं साफ-सफाई की व्यवस्था हो।

जिन परिवारों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।

किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।

आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सा सुविधाएं दी जाएं।

मुख्यमंत्री धामी के इस दौरे से स्थानीय जनता में एक सकारात्मक संदेश गया है और लोगों ने संकट की इस घड़ी में सरकार द्वारा दिखाई जा रही तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की।

इस अवसर पर विधायक श्री प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार, अन्य जिला प्रशासन के अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे |

पीएम-श्री स्कूलों की स्थापना को बनेगी ब्लॉक स्तरीय समितिः डॉ. धन सिंह रावत

Block level committee will be formed for the establishment of PM-Shri schools Dr. Dhan Singh Rawat
Block level committee will be formed for the establishment of PM-Shri schools Dr. Dhan Singh Rawat

आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूलों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

15 सितम्बर तक खाते में भेजनी होगी स्कूली बैग, ड्रेस, जूते की धनराशि

देहरादून, 02 सितम्बर 2025
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न जनपदों में पीएम-श्री विद्यालयों के अवस्थापना कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाये रखने के लिये तीन स्तरीय ब्लॉक स्तरीय समितियों का गठन किया जायेगा। जो कि विद्यालयों के निर्माण कार्यों से लेकर खरीद-फरोख्त आदि सभी कार्यों की निगरानी करेगी। इसके अलावा समग्र शिक्षा के अंतर्गत राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्कूली बैग, ड्रेस, जूते, साइकिल आदि की धनराशि डीबीटी के माध्यम से 15 सितम्बर तक उनके खातों में हस्तानांतरित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। इसी प्रकार आपदाग्रस्त विद्यालयों एवं अन्य परिसम्पतियों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को भी कहा गया है।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने पीएम-श्री विद्यालयों के अवस्थापना कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाये रखने के लिये ब्लॉक स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समिति की देखरेख में ही समस्त निर्माण कार्य एवं खरीद फरोख्त की जायेगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न जनपदों में आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के निर्माण एवं मरम्मत के लिये राज्य सरकार द्वारा आपदा मोचन निधि से 20 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। जो सभी जनपदों को आवंटित कर दी गई है। उन्होंने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिला शिक्षा समिति की अध्यक्षता में शीघ्र क्षतिग्रस्त विद्यालयों के प्रस्ताव प्रस्तुत कर निर्माण कार्य सम्पन्न कराये जाय। इसके अलावा समग्र शिक्षा के अन्तर्गत छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग, जूते, ड्रेस व साइकल आदि के लिये स्वीकृत धनराशि आगामी 15 सितम्बर तक डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में अनिवार्य रूप हस्तांतरित कर दी जाय। उन्होंने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में संचालित आवासीय विद्यालयों, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, अभिनव विद्यालय, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का नियमिति भ्रमण कर उनकी आवासीय व्यवस्था के साथ ही, भोजन, साफ-सफाई आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों को पुस्तकालय मद में किताबे खरीदने के लिये प्रतिवर्ष धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन कतिपय विद्यालयों में उक्त धनराशि का उपयोग समय पर सही ढंग से नहीं किये जाने की शिकायतें प्राप्त होती है। इसके लिये उन्होंने विद्यालय स्तर पर तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये साथ ही ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में समय-समय पर पुस्तकालयों का भौतिक निरीक्षण करने को भी कहा। विभागीय मंत्री ने प्रदेशभर में संचालित वर्चुअल कक्षाएं एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का भी नियमित निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी जनपद अपने-अपने विद्यालयों का सम्पूर्ण डाटा विद्या समीक्षा केन्द्र को उप
लब्ध कराये ताकि विद्यालयों से संबंधित सभी जानकारियां एक क्लिक पर उपलब्ध हो सके।

बैठक में निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, वित्त नियंत्रक वीरेन्द्र सिंह, अपर निदेशक महानिदेशलय पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक जगदीश काला, मंजू भारती, अजीत भण्डारी, रमेश तोमर आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे जबकि बैठक में सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

अक्टूबर माह में आयोजित होने वाली शहीद सम्मान यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

Sainik Welfare Minister Ganesh Joshi reviewing the preparations for the Shaheed Samman Yatra to be organized in the month of October
Sainik Welfare Minister Ganesh Joshi reviewing the preparations for the Shaheed Samman Yatra to be organized in the month of October
देहरादून, 02 सितम्बर। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज कैंप कार्यालय में सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ अक्टूबर माह में आयोजित होने वाली शहीद सम्मान यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में सैनिक कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि आयोजन की भव्यता और गरिमा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने बताया कि 05 अक्टूबर को लैंसडाउन में शहीद सम्मान यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शहीदों के परिजनों को ताम्रपत्र भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि इस यात्रा की तैयारियों को लेकर सभी जनपदों के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सक्रिय भूमिका निभाएं और कार्यक्रम की रूपरेखा सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराई जाए। बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेशभर में सैनिक विश्राम गृहों के जीर्णाेद्धार तथा भर्ती पूर्व प्रशिक्षण के लिए ढ़ाचागत विकास के भी निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी, निदेशक ब्रिगेडियर (सेनि) अमृतलाल, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर (सेनि) जेएनएस बिष्ट, सहित विभागीय एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारी उपस्थित रहे।

नारसन में बनेगा वे साइड अमीनिटीज, सीएलएफ पदाधिकारियों संग हुई बैठक

Way side amenities will be built in Narsan, meeting held with CLF officials
Way side amenities will be built in Narsan, meeting held with CLF officials

नारसन/हरिद्वार ( हमारी चौपाल ) मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती आकांक्षा कोण्डे के निर्देशों के अनुसार, सोमवार को नारसन विकासखंड के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नारसन विकासखंड के सकौती गांव में प्रस्तावित वे साइड अमीनिटीज (सड़क किनारे यात्री सुविधा केंद्र) के निर्माण पर चर्चा करना था। बैठक में विकासखंड की समस्त क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के पदाधिकारी शामिल हुए।
जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना ने सीएलएफ पदाधिकारियों को वे साइड अमीनिटीज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत किन-किन कार्यों को किया जाएगा और फंड का उपयोग कैसे होगा। यह सुविधा केंद्र यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस तरह के केंद्र लोगों को साफ-सुथरे वातावरण के साथ-साथ शौचालय, पार्किंग, जलपान और स्थानीय उत्पादों की बिक्री की सुविधा प्रदान करते हैं। यह केंद्र स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
इस परियोजना के लिए फंड के उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सीएलएफ के पदाधिकारियों ने इस परियोजना को लेकर अपनी उत्सुकता दिखाई और इसे सफल बनाने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना, डीटीई सूरज रतूड़ी, खंड विकास अधिकारी सुभाष सैनी, सहायक प्रबंधक आजीविका शिवशंकर बिष्ट, समस्त सीएलएफ के तीनों पदाधिकारी, सीएलएफ के समस्त स्टाफ, एम&ई राशिद, बीएमएम प्रशांत, आजीविका समन्वयक हीना, एग्री एक्सटेंशन ललित और अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड के पहले ‘साथी केंद्र’ का शुभारंभ, शिक्षा में क्रांति की नई पहल

Launch of Uttarakhand's first 'Saathi Kendra', a new initiative for revolution in education
Launch of Uttarakhand's first 'Saathi Kendra', a new initiative for revolution in education

खटीमा| उत्तराखंड में गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राज्य के पहले साथी केंद्र का शुभारंभ किया। यह केंद्र आईआईटी कानपुर के सहयोग से स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2020 में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की नींव रखी। वर्ष 2023 में शुरू किए गए प्रोजेक्ट साथी के माध्यम से अब देशभर के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसरों से मार्गदर्शन मिल रहा है।

खटीमा में स्थापित इस केंद्र में 80 विद्यार्थियों को ऑफलाइन कोचिंग और मेंटरिंग की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। देशभर में अब तक 15 लाख से अधिक विद्यार्थी इस प्रोजेक्ट से लाभान्वित हो चुके हैं, जिनमें उत्तराखंड के लगभग 29 हजार विद्यार्थी भी शामिल हैं। पिछले वर्ष 500 से अधिक छात्रों ने इस प्लेटफॉर्म की मदद से विभिन्न परीक्षाओं में सफलता हासिल की।

राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के तहत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान और उत्कृष्ट शोध पत्रों के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, सचिव उच्च शिक्षा रंजीत कुमार सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा बी. एन. खाली, निदेशक आईआईटी कानपुर मनिंदर अग्रवाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, प्राचार्य पंकज कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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डॉo अनिल वर्मा 155 बार रक्तदान हेतु “एनएसएस महा रक्तदानी अवार्ड...

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