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मन की बात कार्यक्रम जन-जन को प्रेरित करने वाला माध्यम : सीएम धामी

Mann Ki Baat program is a medium to inspire the people CM Dhami
Mann Ki Baat program is a medium to inspire the people CM Dhami

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में जन प्रतिनिधियों और संस्कृति स्कूल के बच्चों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 131वें एपिसोड को सुना। मुख्यमंत्री  ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम जन-जन को प्रेरित करने वाला माध्यम है, जो नवाचारों, सामाजिक एकता तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान को प्रोत्साहित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस एपिसोड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर वैश्विक शिखर सम्मेलन, अंगदान की प्रेरणादायक कहानियां तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी से सावधानी बरतने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेशवासियों से पइन संदेशों को अपनाने तथा AI, स्वास्थ्य जागरूकता एवं डिजिटल सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक खजानदास, सविता कपूर, सुरेश गड़िया, पूर्व विधायक बलवंत सिंह भौंरियाल मौजूद थे।

ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड का अभूतपूर्व योगदान

Uttarakhand's unprecedented contribution in the field of energy
Uttarakhand's unprecedented contribution in the field of energy

उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी ने दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में सौर परियोजनाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

ग्लोबल एआई समिट के दौरान इंडिया एनर्जी स्टैक पवेलियन में पावरएक्सचेंज ऐप और अंतरराज्यीय पीयर-टू-पीयर ऊर्जा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया

देहरादून- 22 फरवरी — विकेन्द्रीकृत और स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, ग्लोबल एआई समिट के दौरान इंडिया एनर्जी स्टैक पवेलियन में पावरएक्सचेंज ऐप और अंतरराज्यीय पीयर-टू-पीयर ऊर्जा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल देशभर में — विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा से समृद्ध राज्यों जैसे उत्तराखंड — बिजली के उत्पादन, व्यापार और उपभोग के तरीके को बदल सकती है।

यह प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं और “प्रोज्यूमर” — यानी वे घर या संस्थान जो बिजली का उत्पादन भी करते हैं और उपभोग भी — को ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित डिजिटल मार्केटप्लेस के माध्यम से अतिरिक्त सौर ऊर्जा का सीधे व्यापार करने की सुविधा देता है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को ऐप का प्रदर्शन दिखाया गया, जिसमें छतों पर लगे सोलर पैनलों से अतिरिक्त बिजली के सहज लेनदेन को प्रदर्शित किया गया। इससे पहले यह प्लेटफॉर्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दिखाया गया था, जिन्हें बताया गया कि यह किसानों और घरों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।

इंडिया एनर्जी स्टैक पहल के तहत विकसित पावरएक्सचेंज को देशभर में पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चुने गए केवल दो प्लेटफॉर्मों में से एक बनाया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने तकनीकी विकास और उपयोगकर्ता पंजीकरण में सहयोग किया। लाइव डेमो के दौरान एक बुटीक संचालिका लक्ष्मी गाबा ने ऐप के एआई वॉइस एजेंट का उपयोग कर बिजली खरीदी, जिससे इसकी सरलता और उपयोगिता प्रदर्शित हुई।

अधिकारियों के अनुसार, तेजी से बढ़ती सौर क्षमता वाले राज्यों — विशेषकर उत्तराखंड — में यह प्लेटफॉर्म बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिसने हाल ही में 1 गीगावाट स्थापित सौर क्षमता का आंकड़ा पार किया है। राज्य में कुल सौर क्षमता अब 1,027 मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जिसमें रूफटॉप सिस्टम, ग्राउंड-माउंटेड प्लांट, कृषि सौर पंप और व्यावसायिक परियोजनाएँ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को हरित ऊर्जा के माध्यम से “आत्मनिर्भर भारत” के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप बताया। अधिकारियों ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर और राज्य की सौर स्वरोजगार योजना ने क्षमता वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पावरएक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म इन परियोजनाओं की पूरी क्षमता को सामने ला सकते हैं, क्योंकि इससे घर, व्यवसाय और किसान अपनी अतिरिक्त सौर ऊर्जा को व्यर्थ जाने देने के बजाय बेच सकेंगे। पहाड़ी राज्यों में, जहां बड़े बिजली संयंत्रों की तुलना में विकेन्द्रीकृत उत्पादन अधिक व्यावहारिक है, पीयर-टू-पीयर व्यापार ग्रिड दक्षता बढ़ाने, ट्रांसमिशन हानि कम करने और नए आय स्रोत बनाने में मदद कर सकता है।

उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी ने दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में सौर परियोजनाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सहायक नीतियों, सब्सिडी और सरल प्रक्रियाओं के चलते अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल ऊर्जा व्यापार प्लेटफॉर्म के एकीकरण से सौर ऊर्जा अपनाने की गति और तेज होगी।

जैसे ही अंतरराज्यीय पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार प्रणाली संचालन शुरू करती है, नीति निर्माताओं का मानना है कि यह भारत के उभरते डिजिटल, उपभोक्ता-केंद्रित ऊर्जा बाजार की आधारशिला साबित होगी — ऐसा बाजार जो नागरिकों को केवल बिजली उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि उत्पादक और व्यापारी बनने की भी शक्ति देता है।

शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने किया डायट भीमताल का औचक निरीक्षण

Education Minister Dr. Rawat made a surprise inspection of DIET Bhimtal.
Education Minister Dr. Rawat made a surprise inspection of DIET Bhimtal.

अधिकारियों से ली संस्थान के शैक्षिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थआों की जानकारी

हल्द्वानी में आयोजित सम्मान समारोह में उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित

हल्द्वानी/देहरादून, 20 फरवरी 2026
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज कुमाऊँ मण्डल के एक दिवसीय दौरे के दौरान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) भीमताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संस्थान में शैक्षिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डाॅ. रावत ने भ्रमण के दौरान विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्थाओं को भी परखा। इसके अलावा उन्होंने हल्द्वानी में आयोजित सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि कुमाऊँ मण्डल के एक दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने डायट भीमताल सहित विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान भीमताल के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान की शैक्षिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संसाधनों की उपलब्धता, शिक्षकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा संस्थान की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली। डाॅ. रावत ने निरीक्षण के दौरान डायट परिसर में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय भवन एवं प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्यों की जानकारी ली, साथ ही कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये।
इसके पश्चात उन्होंने एचजीएस स्कूल, भीमताल का भ्रमण कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही डाॅ. रावत ने भीमताल, नौकुचियाताल, हल्द्वानी, बागेश्वर में विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर शनिवार से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि परीक्षाएं नकलविहीन, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिये।

कुमाऊं दौरे के दौरान डाॅ. रावत ने हल्द्वानी में देश के अमर उजाला एवं देवभूमि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘देवभूमि शिक्षा सम्मान’ के चतुर्थ संस्करण में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग कर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट, नवाचारी एवं समर्पित कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर डाॅ. रावत ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे मजबूत नींव हैं। गुरु न केवल ज्ञान देते हैं, बल्कि संस्कार, प्रेरणा व राष्ट्र निर्माण की भावना भी जगाते हैं। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं भ्रमण के दौरान नौकुचियाताल एवं बागेश्वर पहुँचने पर डाॅ. रावत का भाजपा कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया।

एडिफाई वर्ल्ड स्कूल में दो दिवसीय ‘कॉफी मॉर्निंग’ और ‘ग्रैंडपेरेंट्स डे’ उत्सव का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया

Edify World School successfully organised a two-day 'Coffee Morning' and 'Grandparents Day' celebration
Edify World School successfully organised a two-day 'Coffee Morning' and 'Grandparents Day' celebration

देहरादून: 20 फरवरी 2026- एडिफाई वर्ल्ड स्कूल में मासिक” गतिविधियों’ के अंतर्गत दो दिवसीय ‘कॉफी मॉर्निंग’ और ‘ग्रैंडपेरेंट्स डे’ उत्सव का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूल और अभिभावकों के बीच के संबंधों को सुदृढ़ करना तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक साझा मंच प्रदान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ पवित्र मंत्रोच्चार के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण सकारात्मकता से भर गया। प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों ने अपनी सीखने की यात्रा को बेहद रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। नन्हे कलाकारों ने अंग्रेजी नाटकों और सुमधुर गीतों के माध्यम से अपनी अभिनय क्षमता और आत्मविश्वास का परिचय दिया।

शिक्षा को मनोरंजक बनाते हुए छात्रों ने महान गणितज्ञ रामानुजन के जीवन पर आधारित एक आकर्षक झाँकी प्रस्तुत की। गणितीय प्रदर्शनों के माध्यम से बच्चों ने संख्याओं के जादू को जीवंत कर दिया। इसके साथ ही, विद्यार्थियों ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित कर समाज को एक सशक्त संदेश दिया।

इस आयोजन का मुख्य आकर्षण अभिभावकों और दादा-दादी के लिए आयोजित विशेष खेल और गतिविधियाँ रहीं। परिवार के सदस्यों ने इनमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे विद्यालय और अभिभावकों के बीच का आपसी रिश्ता और भी मजबूत हुआ।

स्कूल के निदेशक एडवोकेट पंकज होलकर जी और प्रधानाचार्या श्रीमती हरलीन कौर चौधरी जी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा: “ऐसे मंच बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। हमारा लक्ष्य बच्चों का केवल शैक्षणिक विकास ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनका सर्वांगीण विकास करना है।”

अभिभावकों ने स्कूल की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। कार्यक्रम का समापन भविष्य में भी इसी तरह के साझा प्रयासों के संकल्प के साथ हुआ।

ऑपरेशन क्रैक डाउन के तहत अल्मोड़ा में चला सघन सत्यापन अभियान

Intensive verification campaign was carried out in Almora under Operation Crack Down.
Intensive verification campaign was carried out in Almora under Operation Crack Down.

अल्मोड़ा।  जनपद में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन को लेकर पुलिस का अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। मुख्यालय के निर्देश पर चल रहे ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ के तहत गुरुवार को जिले भर में सघन सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किरायेदारों, मजदूरों और फड़-फेरी करने वाले लोगों की जांच की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देश पर सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील स्थान चिन्हित कर व्यापक स्तर पर सत्यापन करने को कहा गया है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक हरबन्स सिंह के मार्गदर्शन में क्षेत्राधिकारी अल्मोड़ा बलवंत सिंह रावत और क्षेत्राधिकारी रानीखेत विमल प्रसाद के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुल 223 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। वहीं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर 69 लोगों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने अभियान के दौरान लोगों से अपील की कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार या मजदूर के रूप में न रखें। साथ ही चेतावनी दी गई कि बिना सत्यापन के किसी को किराये पर रखने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 सीएम धामी ने किया चिन्यालीसौड़ में आयोजित जन-जन की सरकार,जन -जन के द्वार कार्यक्रम का शुभारंभ

CM Dhami inaugurated the People's Government, People's Door program organized in Chinyalisaur.
CM Dhami inaugurated the People's Government, People's Door program organized in Chinyalisaur.

– सौ और गौचर हवाई पट्टी का सेना के माध्यम से किया जाएगा संचालन :मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विकास खंड परिसर चिन्यालीसौड़ में आयोजित जन-जन की सरकार,जन -जन के द्वार कार्यक्रम में विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या एवं शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकांश समस्याओं का निस्तारण किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम से आम जन को राहत मिली है तथा प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुगम और पारदर्शी हुई है। इस अभियान के तहत अब तक 600 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में पाँच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 40 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से आमजन को राहत मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुलभ एवं पारदर्शी बनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हैली सेवा के विस्तार के लिए सरकार ने अहम निर्णय लिए है। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ एवं गौचर हवाई पट्टी से हैली सेवा शुरू होगी। दोनों हवाई पट्टी सेना के माध्यम से संचालित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। सरकार ने यात्रा की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। ताकि यात्री, श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा शुरू कराने में समन्वयक के रूप में है जबकि असली यात्रा शुरू कराने में स्थानीय हितधारक, तीर्थ पुरोहित, होटल,टैक्सी, मैक्सी स्थानीय लोग है।  मुख्यमंत्री ने कहा की आज पूरी दुनिया में सनातन का उद्घोष हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा प्रधानमंत्री जी ने जो विकसित भारत का संकल्प लिया है उसमें उत्तराखंड भी अपना महत्वपूर्ण रूप से योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि हमारी बहनों द्वारा उत्पादित उत्पादों की देश ही नही बल्कि दुनिया में पहचान मिल सके जिसके लिए निरंतर काम किया जा रहा है। कहा कि महिलाओं द्वारा जो भी उत्पाद बनाये जा रहे है उसकी देश और दुनिया में मांग बढ़ी है। इस दिशा में राज्य सरकार ने अब तक दो लाख से अधिक लखपति दीदियों को सशक्त किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की मांग पर सीएचसी चिन्यालीसौड़ एवं महाविद्यालय का उच्चीकरण को सीएम घोषणा में सम्मिलित करने का आश्वसन दिया।
मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में जन-जन की सरकार,जन जन के द्वार अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया है। जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया तथा 40 हजार से अधिक नागरिकों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए। ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं के निस्तारण के लिए संयुक्त टीमें गठित कर समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। जिनका निस्तारण नही किया जा सका उन्हें ऑनलाइन कर नियमित रूप से फॉलोअप करते हुए उनका निस्तारण किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनन्द वर्द्धन, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल, प्रताप पंवार, गीताराम गौड़, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनवीर चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ. स्वराज विद्वान, ब्लाक प्रमुख रणबीर सिंह महंत, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैद्यनाथ आयुर्वेद ने प्रतिदिन के पोषण में कमी को दूर करने के लिए सर्टिफाइड आर्गेनिक मोरिंडा पाउडर के लांच के साथ सुपरफूड पोर्टफोलियो का विस्तार किया

Baidyanath Ayurveda expands its superfood portfolio with the launch of Certified Organic Morinda Powder to address daily nutritional gaps
Baidyanath Ayurveda expands its superfood portfolio with the launch of Certified Organic Morinda Powder to address daily nutritional gaps

देहरादून- 19 फरवरी 2026: भारत में पारंपरिक आयुर्वेदिक दवाओं और वेलनेस उत्पादों के सबसे बड़े और सबसे पुराने निर्माताओं में से एक, बैद्यनाथ आयुर्वेद ने आज अपने बढ़ते सुपरफूड्स पोर्टफोलियो में नया उत्पाद ‘बैद्यनाथ सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मोरिंगा पाउडर’ लॉन्च करने की घोषणा की है। दुनिया भर में पोषक तत्वों से भरपूर सुपरफूड के रूप में पहचाने जाने वाले मोरिंगा को समग्र  प्लांट-आधारित पोषण की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पेश किया गया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को प्राकृतिक रूप से आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सुपरफूड प्रदान करना है, ताकि वे अपनी दैनिक सेहत को सरल और प्राकृतिक तरीके से बेहतर बना सकें।

बैद्यनाथ सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मोरिंगा पाउडर को सावधानीपूर्वक चुनी गई मोरिंगा  की पत्तियों से तैयार किया गया है। इसमें विटामिन ए और सी जैसे पौधों पर आधारित पोषक तत्व और प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले ‘फाइटोन्यूट्रिएंट्स’ शामिल हैं, जो संतुलित आहार के रूप में लेने पर  वाइटलिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसकी प्राकृतिक पोषण क्षमता को बनाए रखने के लिए पत्तियों को साफ किया जाता है, छाया में सुखाया जाता है और फिर बारीक पीसा जाता है। प्रोसेसिंग की यह कोमल विधि पत्तियों के प्राकृतिक विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट को सुरक्षित रखने में मदद करती है। साथ ही, इसका गहरा हरा रंग और ताजी खुशबू इस बात का प्रमाण है कि इसे बहुत कम रसायनों या मशीनी बदलावों के साथ तैयार किया गया है। प्रत्येक बैच की शुद्धता, स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त जांच की जाती है, ताकि उपभोक्ताओं को बिना किसी कृत्रिम मिलावट या फिलर्स के एक शुद्ध ‘क्लीन-लेबल’ सुपरफूड पाउडर मिल सके।

लॉन्च के दौरान बैद्यनाथ आयुर्वेद के निदेशक अजय शर्मा ने कहा: “ऑर्गेनिक मोरिंगा पाउडर की पेशकश के साथ, हम अपने सुपरफूड्स पोर्टफोलियो को एक पोषक तत्वों से भरपूर और प्लांट-आधारित समाधान के साथ मजबूत कर रहे हैं, जो आज के प्रिवेंटिव वेलनेस  रुझानों के अनुरूप है। मोरिंगा अपनी समृद्ध पोषण क्षमता के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है, और इसे एक सुविधाजनक पाउडर के रूप में पेश करने से उपभोक्ताओं को अपनी दैनिक पोषण संबंधी कमियों को आसानी से दूर करने में मदद मिलेगी। यह लॉन्च हमारी उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें हम पारंपरिक विशेषज्ञता को आधुनिक पोषण संबंधी आवश्यकताओं के साथ जोड़ते हैं।”

किसी विशेष बीमारी की दवा के बजाय एक डेली न्यूट्रिशन सप्लीमेंट के रूप में पेश किया गया बैद्यनाथ सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मोरिंगा पाउडर, उपभोक्ताओं के एक बड़े वर्ग के लिए उपयुक्त है। इसमें वे महिलाएं शामिल हैं जो आयरन और कैल्शियम से भरपूर आहार की तलाश में हैं, शाकाहारी और वीगन  लोग जो प्लांट-आधारित सुपरफूड चाहते हैं, साथ ही फिटनेस के प्रति उत्साही लोग, कामकाजी पेशेवर और संतुलित पोषण बनाए रखने का लक्ष्य रखने वाले वरिष्ठ नागरिक भी इसका लाभ उठा सकते हैं।

इसके हल्के स्वाद और बारीक बनावट के कारण इसे स्मूदी, प्रोटीन शेक, गुनगुने पानी, सूप, दाल, सब्जी, चटनी और यहाँ तक कि रोटी या पराठे के आटे में भी आसानी से मिलाया जा सकता है। यह पारंपरिक और आधुनिक, दोनों तरह के व्यंजनों में उपयोग के लिए लचीलापन प्रदान करता है।

प्रमुख ऑनलाइन मार्केटप्लेस (जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट, जियो-मार्ट आदि) और चुनिंदा ऑफलाइन रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध, यह लॉन्च वेलनेस के प्रति बैद्यनाथ के विरासत-आधारित और प्रगतिशील दृष्टिकोण को और मजबूत करता है। हालाँकि, पारंपरिक प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों में मोरिंगा की जड़ें बहुत पुरानी हैं, लेकिन इसे सुपरफूड पाउडर के रूप में पेश करना शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक और उपयोग में आसान स्वरूपों में ढालने की बैद्यनाथ की क्षमता को दर्शाता है। इस नए उत्पाद के साथ, बैद्यनाथ अपनी समृद्ध आयुर्वेदिक विरासत से जुड़े रहते हुए उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए अपने वेलनेस पोर्टफोलियो को लगातार विकसित कर रहा है।

सूबे में नकलविहीन होंगी बोर्ड परीक्षाएंः डाॅ. धन सिंह रावत

Board examinations in the state will be free from cheating Dr. Dhan Singh Rawat
Board examinations in the state will be free from cheating Dr. Dhan Singh Rawat

संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश

कहा, 21 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं

देहरादून, 19 फरवरी 2026
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल (10वीं) व इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षाएं आगामी 21 फरवरी से शुरू होगी। इस बार प्रदेश भर में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी कराने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही संवेदनशील व अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को भी कहा गया है।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि आगामी 21 फरवरी से शुरू होने वाली उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि 10वीं व 12वीं कक्षाओं की परिषदीय परीक्षाएं निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है, जिसमें विभागीय अधिकारियों, जिला प्रशासन व पुलिस विभाग को आपसी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के लिहाज से संवेदनशील एवं अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त व्यवस्था करने, विशेष उड़नदस्तों की तैनाती तथा लगातार निगरानी करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं। परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा-144 के नियमों का पालन, अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक तथा प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आपूर्ति, संग्रहण व गोपनियता सुनिश्चित करने को केन्द्र व्यवस्थापकों, निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। डाॅ. रावत ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में इस बार लगभग 2 लाख 15 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे, इसके लिये प्रदेशभर में 1261 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं, जिसमें 156 संवेदनशील जबकि 6 अति संवेदनशील केन्द्र हैं।

डॉ. रावत ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बिना किसी तनाव के आत्मविश्वास व सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को प्रोत्साहित करें ताकि बच्चे परीक्षा हाॅल में अच्छे से परीक्षाएं दे सके।

सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का वर्चुअल माध्यम से शुभारम्भ

CM Dhami virtually inaugurated the 'Champawat Saras Corbett Festival-2026'
CM Dhami virtually inaugurated the 'Champawat Saras Corbett Festival-2026'

देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि चंपावत के प्रत्येक घर में इन दिनों उत्साह और उमंग का वातावरण है। उन्होंने उल्लेख किया कि होली का पर्व समीप है और काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के कारण पूरे देश में अलग स्थान रखती है। बैठकी होली, खड़ी होली, चौफुला, सुर-ताल और लोकसंस्कृति का ऐसा अद्भुत संगम देश में विरल ही देखने को मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत की पुण्य भूमि इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर रही है। उनके अनुसार ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ केवल सात दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक सौंदर्य, मातृशक्ति के सामर्थ्य, युवाओं के उत्साह और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प का जीवंत उत्सव है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महोत्सव के अंतर्गत पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर बलून, रिवर राफ्टिंग, पैरामोटरिंग, पक्षी अवलोकन और ट्रेकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से चंपावत को राष्ट्रीय स्तर पर साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन विकसित होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिम कॉर्बेट और उनकी कहानियाँ देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। उनकी आत्मकथाओं के माध्यम से चंपावत-लोहाघाट क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर वन्यजीव प्रेमियों और टाइगर लवर्स के बीच पहचान मिली। वर्ष 1907 में चंपावत क्षेत्र में कुख्यात आदमखोर बाघिन का अंत कर उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाई और आगे चलकर वन्यजीव संरक्षण की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि यह क्षेत्र आज भी साहस, इतिहास और प्रकृति प्रेम का अद्भुत केंद्र माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में मधुबनी चित्रकला एवं आधुनिक कला कार्यशालाएं, क्विज प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, लोक संस्कृति कार्यक्रम और जागरूकता कार्यशालाएं इसे बहुआयामी स्वरूप प्रदान करेंगी। साथ ही आयोजित खाद्य उत्सव पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान देगा। स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों का यह संगम नई पीढ़ी को अपनी खाद्य संस्कृति से परिचित कराने के साथ स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘Vocal for Local’ की भावना को सशक्त करते हुए ‘Local for Global’ का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चंपावत को आदर्श एवं श्रेष्ठ जिला बनाने के उद्देश्य से अनेक विकासपरक परियोजनाओं पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ जाम की समस्या के समाधान हेतु मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास कार्य किया जा रहा है तथा माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माणाधीन है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट का विकास किया जाएगा। इस परिक्रमा मार्ग से माँ पूर्णागिरी धाम, चूका, श्यामलाताल और शारदा घाट जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए चंपावत में वे-साइड एमेनिटीज केंद्र का निर्माण किया गया है तथा चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। अमोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया है और अमोड़ी में हाउस ऑफ हिमालया के विपणन केंद्र की स्थापना की गई है। सूखीढांग से डाडामीनार मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण के साथ हनुमानगढ़ी से खेतखेड़ा के बीच स्पान आर्च पुल का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से जौलजीबी मार्ग पर लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से स्पान आर्च पुल का निर्माण किया जा रहा है तथा 33 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग का सुधारीकरण भी हो रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ रुपये की लागत से ड्राई पोर्ट का निर्माण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। विज्ञान और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए 57 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की सूची अत्यंत विस्तृत है और सभी का उल्लेख करना संभव नहीं, किंतु वे चंपावत को आदर्श जिला बनाने के अपने संकल्प को पूर्ण किए बिना विश्राम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ प्रदेश की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए संकल्पित है। “विकास भी और विरासत भी” के विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चंपावत की जनता का सहयोग और समर्थन इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने   किया  मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में प्रतिभाग  

Chief Minister Dhami participated in the closing ceremony of the Chief Minister's Championship Trophy 2025-26.
Chief Minister Dhami participated in the closing ceremony of the Chief Minister's Championship Trophy 2025-26.

–  देहरादून जनपद को विजेता ट्रॉफी एवं 05 लाख रुपये का चेक प्रदान किया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद को विजेता ट्रॉफी एवं 05 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य समापन केवल एक प्रतियोगिता का अंत नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल खेल भविष्य की नई शुरुआत है। खेल आयोजन आज हमारे गाँव-गाँव, न्याय पंचायतों और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड में खेल प्रतियोगिताएं अब जनचेतना का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि भी बन चुका है। इस आयोजन में 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत खेल जगत में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश में खेलों की संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। देश में फिटनेस एक जन आंदोलन बन चुकी है। हमारी युवा पीढ़ी खेलों के प्रति नए उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ रही है। आज भारत ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रहा है। हमारे खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड संख्या में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है और कई खेलों में भारत ने विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों को नई प्राथमिकता मिली है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर आगे बढ़ी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल और भव्य आयोजन इसका सशक्त प्रमाण बना है, जिसने उत्तराखंड का मान पूरे देश में बढ़ाया है। इन खेलों में हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर 7वाँ स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आधुनिक और विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। हमारे स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और सुविधाएँ अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो चुकी हैं। सरकार द्वारा राज्य में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हल्द्वानी में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। इसमें खिलाड़ी आधुनिक कोचिंग, खेल विज्ञान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति के साथ-साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। सरकार खिलाड़ियों के साथ-साथ उन्हें तैयार करने वाले प्रशिक्षकों का भी पूरा ध्यान रख रही है। उनके मानदेय और प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की गई है, ताकि वे और बेहतर ढंग से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मान देने के लिए “उत्तराखंड खेल रत्न”, “द्रोणाचार्य पुरस्कार” और “हिमालय खेल रत्न” जैसे सम्मान भी दिए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की मेहनत को सही पहचान मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष से खेल महाकुंभ तथा अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में आवेदन करने पर 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि 23 नवम्बर 2025 से न्याय पंचायत स्तर से शुरू हुई खेल प्रतियोगिताओं का समापन 18 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के साथ किया जा रहा है। इसमें हर खिलाड़ी और जनप्रतिनिधि को जोड़ा गया। इसमें 01 लाख 62 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में 26 खेल स्पर्धाएँ शामिल की गईं। आगामी राष्ट्रीय खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए इस तरह के आयोजन खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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