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रेडक्रास आपदा प्रबंधन शिविर में रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा सम्मानित

Blood Donor Shiromani Dr. Anil Verma honored at Red Cross Disaster Management Camp
Blood Donor Shiromani Dr. Anil Verma honored at Red Cross Disaster Management Camp

विद्यार्थियों के लिए आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य हो- डॉ० सरफराज

भारतीय रेडक्रास सोसायटी देहरादून के वाईस पैट्रन व प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ० सरफराज हुसैन ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए युवा विद्यार्थियों के लिए आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए। इस वर्ष अतिवृष्टि व बादल फटने के फलस्वरूप भू-स्खलन तथा भयंकर त्वरित बाढ़ की आपदाओं से राज्य जान -माल की काफी क्षति हुई है। अतः शिक्षित युवा आपदा प्रबंधन का विधिवत् प्रशिक्षण लेकर आपदाओं से निपटने में बहुत सक्षम भूमिका का निर्वाह कर सकते हैं। उन्होंने डॉ० अनिल वर्मा द्वारा दिए जाने वाले सर्च एंड रेस्क्यू प्रशिक्षण को बेहद जरूरी बताते हुए रक्तदान के क्षेत्र में उनकी अतुलनीय सेवाओं की विशेष सराहना की। साथ ही छात्र-छात्राओं से देशहित में संपूर्ण प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण करने का अनुरोध किया।
उक्त विचार डॉ० सरफराज ने उत्तराखण्ड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (USDMA) के तत्वावधान में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, देहरादून द्वारा गवर्नमेंट इण्टर कॉलेज, मेहूवाला में एक चार दिवसीय डिजास्टर मैनेजमेंट एवं फर्स्ट एड ट्रेनिंग प्रोग्राम के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
शिविर निर्देशक एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ० एम एस अंसारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य भूकंप, बाढ़ भूस्खलन तथा जंगल की आग आदि आपदाओं के प्रति बहुत ही संवेदनशील है। रेडक्रास सोसायटी जहां एक ओर आपदा प्रभावित लोगों के दुःख- दर्द दूर करने हेतु राहत सामग्री पहुंचाकर यथासंभव उनकी मदद करती है, वहीं दूसरी ओर आपदाओं से मुकाबला करने के लिए आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण युवाओं को प्रदान करके नुकसान को कम से कम करने योग्य भी बनाती है।
जिला रेडक्रॉस के वाईस चेयरमैन सुभाष चौहान ने कहा कि समाज सेवा मानवता की पहचान है। आपदाओं के दौरान पीड़ितों की देखभाल करते हुए उनके दुःख-दर्द को दूर करना रेडक्रास का उद्देश्य है। मुझे आशा है कि छात्र- छात्राएं जो शिविर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे उसका महत्व शत्रु से युद्ध के दौरान हो या शांतिकाल में कोई आपदा हो, समय आने पर अवश्य पता चलेगा।
प्रधानाचार्य डी एस घरिया ने कहुं कि आपदाओं की सटीक भविष्यवाणी करना असम्भव है परन्तु सूझ-बूझ और सघन प्रशिक्षण से आपदाओं से कुशलतापूर्वक निपटा जा सकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हमारे विद्यार्थी प्रशिक्षणोपरांत किसी भी आपदा में अपनी सेवाएं देने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
इससे पूर्व जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व वाईस पैट्रन डॉ० सरफराज हुसैन जी, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रधानाचार्य जीआईसी मेहूवाला श्री डी एस घरिया जी, प्रशिक्षक डॉ० अनिल वर्मा मास्टर ट्रेनर डिजास्टर मैनेजमेंट व श्री अर्शलान हुसैन का माल्यार्पण करके, शॉल ओढ़ाकर, तथा प्रतीक चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया।
शिविर के प्रथम दिवस पर रेडक्रास के मास्टर ट्रेनर आपदा प्रबंधन डॉo अनिल वर्मा द्वारा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के तहत् आपदा की परिभाषा, प्रकार, भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ एवं त्वरित बाढ़, बादल फटना, आदि से जान -माल की क्षति को न्यूनतम करने के लिए आपदा से पूर्व, दौरान तथा उपरांत बरती जाने वाली सावधानियों का प्रशिक्षण दिया। साथ ही आपदा के उपरांत घायलों अथवा रोगियों को दुर्घटनास्थल से सुरक्षित बाहर निकाल कर उपचार हेतु ले जाने के इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू व रोप रेस्क्यू का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।*
इसके अतिरिक्त‌ फर्स्ट एड प्रशिक्षण के तहत् हार्ट अटैक से मृतप्राय व्यक्ति को पुनर्जीवित करने वाली विश्व स्तरीय प्रमाणित चिकित्सा प्रक्रिया सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
जागरूकता कार्यक्रम में नशामुक्ति, रक्तदान – जीवनदान, एनीमिया , थैलेसीमिया, डेंगू नियंत्रण, अग्निशमन तथा सड़क सुरक्षा पर ज्ञानवर्धक जानकारियां दी गईं ।
प्रशिक्षण के उपरांत टीम लीडर सानिया मिर्जा के नेतृत्व में सुदरा कुरैशी, दीपिका, सुमैया शाकिर,भवानी गुलिस्ता अंसारी सहित अनेक छात्र -छात्राओं ने इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू ऑपरेशन तथा कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन (सीपीआर) का बहुत ही सराहनीय प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ० अनिल वर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन वाईस चेयरमैन सुभाष चौहान द्वारा किया गया।

पेपर लीक कांड: धामी सरकार विफल, कांग्रेस ने उठाए सवाल

Paper leak scandal Dhami government failed, Congress raises questions
Paper leak scandal Dhami government failed, Congress raises questions

देहरादून| उत्तराखंड में एक बार फिर यूकेएसएसएससी (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया है। इस घटना पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने धामी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सरकार के नकल विरोधी कानून को “खोखले और जुमले” करार देते हुए कहा कि यह लाखों युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा धोखा है।
सरकार के दावों पर उठे सवाल
माहरा ने याद दिलाया कि धामी सरकार ने उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023 को देश का सबसे सख्त कानून बताया था। सरकार ने दावा किया था कि वह नकल माफिया को जड़ से खत्म कर देगी और पारदर्शी भर्तियां सुनिश्चित करेगी।
लेकिन, हालिया पेपर लीक ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। माहरा ने कहा, “धामी सरकार के सभी दावे खोखले साबित हुए। भाजपा के अपने ही पूर्व नेता और यूकेएसएसएससी पेपर लीक के आरोपी को दोबारा गिरफ्तार करना पड़ा।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े नेताओं और उच्च अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
हाकम सिंह और उसके ‘हाकिम’ पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने पेपर लीक माफिया हाकम सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि हाकम सिंह किसकी शह पर बार-बार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है? उन्होंने हाकम सिंह के ‘हाकिम’ यानी ‘गॉडफादर’ की पहचान उजागर करने की मांग की, जो इस नेटवर्क को लगातार बढ़ावा दे रहा है।
करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में इस घटना का पुरजोर विरोध करेगी और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

डीएम बंसल ने की जनपद में आपदा से हुई क्षति एवं प्रभावित क्षेत्रों में संरचनाओं एवं पुनर्स्थापना कार्यों की समीक्षा बैठक

DM Bansal held a review meeting on the damage caused by the disaster in the district and the structures and restoration work in the affected areas.
DM Bansal held a review meeting on the damage caused by the disaster in the district and the structures and restoration work in the affected areas.

देहरादून।  जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रट में जनपद में आपदा से हुई क्षति एवं प्रभावित क्षेत्रों में संरचनाओं एवं पुनर्स्थापना कार्यों की समीक्षा बैठक की। जनपद में 15 सितम्बर की रात्रि को हुई अतिवृष्टि में लगभग 211 करोड़ से अधिक की अनुमानित क्षति हुई है, अभी आंकलन कार्य गतिमान है। इस दौरान जिलाधिकारी ने मझाड़, कार्लीगाड, फुलैत, छमरोली, क्यारा, सरोना, भीतरली किमाड़ी, सिल्ला, चामासारी एवं पुरकुल, धनोला में हुई क्षति एवं पुनःस्थापना कार्यों की गहन समीक्षा की।
डीएम सविन बसंल ने आपदाग्रस्त सभी क्षेत्रों में भ्रमण, टीम कॉर्डिनेशन, रिलिफ रेस्क्यू आपरेशन ऑन ग्राउण्ड करने के पश्चात अब नुकसान की गणना कराई । डीएम ने सीडीओ, उप जिलाधिकारियों, अधीक्षण अभियंताओं, कृषि, पशु व उद्यान अधिकारियों संग उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बिजली, सड़क, पेयजल का पुनर्स्थापन; घर, खेत, फसल का त्वरित मुआवजा हमारी प्राथमिकता है तथा प्रत्येक आपदा प्रभावित को रिलिफ पंहुचाना है प्रशासन का दायित्व है। इसके लिए अहैतुक, गृह, अनुगृह मुआवजा हेतु डीएम ने प्रत्येक क्षेत्र में की सिनियर QRT तैनात है। जिलाधिकारी ने सहस्त्रधारा,/मझाड़ (कार्लीगाड), भितरली किमाड़ी; सिरोना-फुलेत, क्षेत्रों में विशेष फोकस करते हुए पूरे जनपद की क्षतियों को अभिलिखित कराया है।
जिलाधिकारी ने विभागों से क्षति का जायजा लेते हुए निर्देश दिए  कि बजट का इंतजार न करें प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही जिले एवं शासन को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने लोनिवि, पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सम्पर्क विहीन हुए गावों को युद्धस्तर पर सम्पर्क से जोड़ा जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागो विद्युत, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, पेयजल निगम, सिंचाई, कृषि, पशुपालन एवं उद्यान विभाग को त्वरित कार्यवाही करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत, सड़क, पेयजल, सिंचाई एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली हेतु विभागीय अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि आपदा प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग संयुक्त सर्वे कर भवन, क्षति, पशु हानि, उद्यान कृषि की हुई क्षति का आंकलन करते हुए हैण्ड टू हैण्ड मुआवजा वितरण की कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों से बारी-बारी से उनकी संरचनाओं एवं सेवाओं को हुई क्षति की जानकारी ली। जनपद में 13 पुल लोनिवि, 01 एनएचआई फनवैली के पास जाखन पुल एप्रोजच क्षतिग्रस्त अनुमानित आंकलन 13.46 करोड़, सहित पेयजल निगम को 18.23 करोड़, जलसंस्थान को 13.31 करोड़, सिंचाई विभाग को 64.50 करोड़, विद्युत विभाग को 10.63 करोड़, शिक्षा विभाग को 4.18 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग को 4.15 करोड़, लोनिवि को 46 करोड़, स्वास्थ्य विभाग को 35 लाख, कृषि विभाग को 54 लाख, उद्यान विभाग को 8.78 लाख, पीएमजीएसवाई को 26.38 करोड़, समस्त विकासखण्ड में 9.23 करोड़ की अनुमानित क्षति हुई है। जनपद में अभी क्षति का आंकलन सर्वे गतिमान है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के.के मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सिंचाई संजय राय, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, अधीक्षण अभियंता यूपीसीएल श्रीजैन, अधीक्षण अभि0जलसंस्थान नमित रमोला,अधि.अभि पीएमजीएसवाई आरएस गुंसाई सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय गोर्खा दशै दिवाली महोत्सव एवं राजकीय मेला 2025 का आयोजन 31अक्टूबर से 02 नवम्बर तक महेंद्र ग्राउंड, गढ़ी कैंट देहरादून में आयोजित होगा

Three day Gorkha Dashain Diwali Festival and State Fair 2025 to be organised from 31st October to 02nd November at Mahendra Ground, Garhi Cantt, Dehradun
Three day Gorkha Dashain Diwali Festival and State Fair 2025 to be organised from 31st October to 02nd November at Mahendra Ground, Garhi Cantt, Dehradun

देहरादून| वीर गोर्खा कल्याण समिति देहरादून द्वारा तीन दिवसीय गोर्खा दशै दिवाली सांस्कृतिक महोत्सव एवं राजकीय मेला 2025 का आयोजन महेंद्र ग्राउंड, गढ़ी कैंट देहरादून में होने जा रहा है। यह कार्यक्रम 31अक्टूबर से 02 नवम्बर तक चलेगा एवं इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह जानकारी वीर गोरख कल्याण समिति द्वारा गौतम कुंड, चंद्रमणि मंदिर में आयोजित एक बैठक में दी गई, जिसमें वीर गोर्खा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने संस्था के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार हम गोर्खा दशै दिवाली महोत्सव 2025 का आयोजन 31अक्टूबर से 02 नवम्बर तक करने जा रहे हैं, इस आयोजन का पिछले साल से बेहतर तैयारी की जा रही है, 2024 में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा गोर्खा दशै दिवाली महोत्सव को उत्तराखंड का एक राजकीय मेला घोषित किया गया था एवं इस साल राजकीय मेला की तैयारी बड़ी धूमधाम से की जा रही है। उत्तराखंड के लोगों को हर वर्ष की भांति इस साल भी मेघालय, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, असम के साथ – साथ गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी एवं नेपाली संस्कृति की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियां देखने को मिलेगी! वहीं यहां पर विभिन्न प्रकार के स्टॉल्स लगाए जाएंगे जहां पर देहरादून के लोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं एवं अपनी मनपसंद खरीदारी भी कर सकते हैं।

वही देहरादून के लोगों के लिए हम नेपाल की सांस्कृतिक प्रस्तुति का भी आयोजन कर रहे हैं जिसमें नेपाल की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में आपको नेपाल की संस्कृति एवं संस्कार से परिचित कराएंगे।

बैठक में समिति के अध्यक्ष कमल थापा, संरक्षक ई० मेख बहादुर थापा वरिष्ठ उपाध्यक्ष उर्मिला तामाड, कोषाध्यक्ष टेकु थापा, सचिव- देविन शाही, सह-सचिव आशु थापा, सांस्कृतिक सचिव देव कला दीवान, सह सांस्कृतिक सचिव करमिता थापा, संगठन मंत्री लोकेश बन, सोनु गुरूगं, सदस्य यामु राना, सोना शाही, पूरन थापा बुद्धेश राई, बबिता गुरुंग एवं मौजूद रहे।

श्री मनोहर लाल, माननीय केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री ने खुर्जा एसटीपीपी(2×660 मेगावाट) की दूसरी इकाई की सीओडी पर टीएचडीसीआईएल की सराहना की

Shri Manohar Lal, Hon'ble Union Minister for Power, Housing & Urban Affairs compliments THDCIL on COD of 2nd Unit of Khurja STPP (2x660 MW)
Shri Manohar Lal, Hon'ble Union Minister for Power, Housing & Urban Affairs compliments THDCIL on COD of 2nd Unit of Khurja STPP (2x660 MW)

ऋषिकेश|  टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने खुर्जा, उत्तर प्रदेश में खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (2×660 मेगावाट) की दूसरी इकाई (660 मेगावाट) का वाणिज्यिक प्रचालन सफलतापूर्वक शुरू कर दिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भारत सरकार के माननीय केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल उपस्थित थे, जिन्होंने वर्चुअल माध्यम से दूसरी इकाई के प्रचालन का आधिकारिक उद्घाटन किया। श्री ए. के. शर्मा, माननीय ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री नरेंद्र भूषण (आईएएस), अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्त्रोत, उत्तर प्रदेश सरकार तथा अन्य अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में विद्युत क्षेत्र के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जो विद्युत मंत्रालय, श्रम शक्ति भवन, नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जिनमें श्री घनश्याम प्रसाद, अध्यक्ष, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, श्री श्रीकांत नागुलापल्ली (आईएएस), अपर सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार; श्री पीयूष सिंह (आईएएस), अपर सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार; श्री आर. के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल शामिल थे। खुर्जा परियोजना नियंत्रण कक्ष से, इस कार्यक्रम में टीएचडीसीआईएल के निदेशक (वित्त) श्री सिपन कुमार गर्ग और टीएचडीसीआईएल के कार्यपालक निदेशक (परियोजना) श्री कुमार शरद के साथ-साथ टीएचडीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी और परियोजना संघ के प्रतिनिधि, जिसमें एनटीपीसी, बीएचईएल, स्टीग, राइट्स, जीई वर्नोवा, एल एंड टी, एमर्सन और विद्युत क्षेत्र के अन्य प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे।

श्री मनोहर लाल, माननीय केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को प्राप्त करने पर टीएचडीसीआईएल और खुर्जा सुपर थर्मल पावर परियोजना से जुड़े सभी हितधारकों को बधाई दी। उन्होंने विद्युत क्षेत्र के विकास को गति देने, ग्रिड स्थिरता को सुदृढ़ करने और उत्तर प्रदेश तथा राष्ट्र की ऊर्जा आकांक्षाओं को पूरा करने में केएसटीपीपी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। माननीय मंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि पारंपरिक रूप से एक जलविद्युत कंपनी के रूप में मान्यता प्राप्त टीएचडीसीआईएल ने इस तापीय परियोजना को रिकॉर्ड समय में पूरा करके एक नया मानदंड स्थापित किया है, जो पूरे उद्योग जगत के लिए एक प्रेरणा है।

उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री, माननीय श्री ए. के. शर्मा ने सीओडी की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि केएसटीपीपी की दूसरी इकाई भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को विश्वसनीय और किफायती विद्युत से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उत्तर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आगे ज़ोर देकर कहा कि यह परियोजना राज्य और क्षेत्र के विद्युत आपूर्ति परिदृश्य को काफ़ी मज़बूत करेगी।

सीईए के अध्यक्ष, श्री घनश्याम प्रसाद ने इस उपलब्धि पर टीएचडीसीआईएल को बधाई दी और कहा कि केएसटीपीपी न केवल उत्तर प्रदेश और उत्तरी भारत में विद्युत आपूर्ति को बढ़ाएगा, बल्कि आधुनिक, कुशल और सतत विद्युत अवसंरचना विकसित करने के लिए देश की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करेगा।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.के.विश्नोई ने इस अवसर पर  विशिष्ट उपस्थिति के लिए माननीय केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, श्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री श्री ए.के. शर्मा की उपस्थिति के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्युत मंत्रालय और एनटीपीसी के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना की, जिनके निरंतर प्रोत्साहन ने खुर्जा एसटीपी परियोजना (2x 600 मेगावाट) के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

14 विशेष पैकेजों के माध्यम से निर्मित 1320 मेगावाट के इस संयंत्र ने अपनी पहली इकाई की सीओडी 26.01.2025 को और दूसरी इकाई की 22.09.2025 को प्राप्त की, जिससे कोविड-19 और अन्य चुनौतियों के बावजूद इसे सुचारू रूप से पूरा किया गया। अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक, उच्च दक्षता वाले पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों और अमेलिया खदान से प्राप्त कैप्टिव कोल लिंकेज से सुसज्जित, इस परियोजना को सालाना 9,264 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के लिए परिकल्पित किया गया है, जो भारत की विद्युत क्षमता और विश्वसनीयता में प्रभावी योगदान देगा।

उल्लेखनीय है कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की इक्विटी एनटीपीसी और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच साझा की जाती है।

 

अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन सील

MDDA takes major action against illegal construction, seals multi-storey building in Rishikesh
MDDA takes major action against illegal construction, seals multi-storey building in Rishikesh

किसी भी निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य लें- बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर सख़्त कार्रवाई की है। भुवन रावत द्वारा गली नंबर 9, निर्मल बाग, ब्लॉक–बी, ऋषिकेश में किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को सोमवार को एमडीडीए टीम ने सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता मनीष डिमरी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइज़र बीरेंद्र खंडूरी, सतीश कुमार सहित पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिना अनुमति के हो रहे निर्माणों को रोका जाए। नियमों के विरुद्ध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन को भी सलाह है कि किसी भी निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य लें। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध निर्माणों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पेपर लीक के आरोपों से भूचाल, बेरोजगार युवाओं का सचिवालय कूच, देहरादून की सड़कें जाम

Allegations of paper leaks stir up unrest, unemployed youth march to the secretariat, Dehradun roads blocked
Allegations of paper leaks stir up unrest, unemployed youth march to the secretariat, Dehradun roads blocked

*आयोग ने खारिज किया लीक का दावा, पुलिस जांच में कोई गैंग नहीं*

देहरादून| उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बीच प्रदेश के बेरोजगार युवा रविवार को सड़कों पर उतर आए। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में हजारों युवाओं ने परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परेड ग्राउंड से सचिवालय की ओर कूच किया, जिससे राजधानी की प्रमुख सड़कें जाम हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने न केवल पेपर लीक की निष्पक्ष जांच की मांग की, बल्कि सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द करने की भी अपील की। वहीं, आयोग और पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह संगठित लीक का मामला नहीं है, बल्कि एक केंद्र से तीन पेजों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, और जांच जारी है।

*परीक्षा का विवरण और लीक के आरोप*
यूकेएसएसएससी की यह स्नातक स्तरीय परीक्षा विभिन्न विभागों में ग्रुप-सी पदों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेशभर के 445 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे की लिखित परीक्षा चली। लगभग 2.5 लाख उम्मीदवारों ने इसमें भाग लिया, जो विभिन्न पदों जैसे पटवारी, लेखपाल, वीडीओ आदि के लिए आवेदन कर चुके थे। आयोग के अनुसार, परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, और मोबाइल जेमर्स के उपयोग से सुरक्षा सुनिश्चित की गई थी।

हालांकि, उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने दावा किया कि परीक्षा शुरू होने के मात्र 35 मिनट बाद, यानी सुबह 11:35 बजे, एक सेट के तीन पेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से यह पेपर लीक हुआ, जहां से तस्वीरें खींचकर बाहर भेजी गईं। कंडवाल ने कहा, “लीक हुए पेजों और परीक्षा में वितरित प्रश्न पत्रों का मिलान करने पर कई प्रश्न एक जैसे पाए गए। यह परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता पर सीधा सवाल है। युवाओं का खून उबल रहा है, क्योंकि हम सालों की मेहनत को इस तरह बर्बाद होते नहीं देख सकते।” संघ ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग ने प्रदेश में चल रही आपदा (हालिया भारी बारिश और बाढ़) को देखते हुए परीक्षा स्थगित करने की उनकी मांग को नजरअंदाज किया, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आयोग अध्यक्ष से मुलाकात भी की थी।

प्रदर्शन के दौरान, परेड ग्राउंड में एकत्र युवाओं ने आंदोलन की रणनीति बनाई। राम कंडवाल के नेतृत्व में हजारों युवा सचिवालय की ओर बढ़े, नारे लगाते हुए “पेपर लीक माफ नहीं करेंगे”, “सीबीआई जांच हो” और “परीक्षा रद्द करो” गूंजे। मार्च के दौरान एकत्र युवाओं ने चक्का जाम कर दिया, जिससे देहरादून-मसूरी मार्ग सहित प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक ठप हो गया। प्रदर्शन में विभिन्न जिलों से युवा शामिल हुए, जिनमें कई महिलाएं भी थीं। संघ ने मांग की कि परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा।

*आयोग का पक्ष: “यह पेपर लीक नहीं, तीन पेजों की तस्वीरें वायरल*
यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष गणेश सिंह मार्टोलिया ने रविवार को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “यह पेपर लीक का मामला नहीं है। परीक्षा के एक सेट के मात्र तीन पेज किसी केंद्र से बाहर चले गए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। पूरी परीक्षा में 100 प्रश्न थे, और लीक केवल आंशिक था। हमने सभी केंद्रों पर मोबाइल जammers लगाए थे, फिर भी यह कैसे हुआ, इसकी आंतरिक जांच चल रही है।” मार्टोलिया ने स्पष्ट किया कि आयोग ने देहरादून के एसएसपी और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को पत्र लिखकर तत्काल जांच के लिए कहा है। “यदि कोई दोषी पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन परीक्षा रद्द करने का कोई आधार नहीं है, क्योंकि यह संगठित षड्यंत्र नहीं लगता।”

आयोग ने यह भी बताया कि परीक्षा से पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसमें सीसीटीवी निगरानी और मजिस्ट्रेटों की तैनाती शामिल थी। मार्टोलिया ने युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और जांच का इंतजार करें। आयोग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह संभवतः किसी उम्मीदवार या स्टाफ की व्यक्तिगत लापरवाही है, न कि माफिया का हाथ। हमने पहले भी 2022 के लीक कांड से सबक लिया है, जब परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।”

*पुलिस प्रशासन का पक्ष: कोई गैंग नहीं, दो संदिग्ध हिरासत में*
देहरादून पुलिस ने रविवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कथित लीक की जांच में अब तक कोई संगठित गैंग का हाथ नहीं मिला है। एसएसपी कमलकांत ध्यानी ने कहा, “हमने हरिद्वार केंद्र से जुड़े सबूत जुटाए हैं। दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। यह व्यक्तिगत स्तर पर तस्वीरें शेयर करने का मामला लगता है। एसटीएफ को भी शामिल किया गया है, और जल्द ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी।” पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण रुख अपनाया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि हिंसा हुई तो कार्रवाई होगी।

प्रशासन ने बताया कि प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक डायवर्जन किया गया, और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों का स्रोत ट्रेस करने का दावा किया, और कहा कि यदि लीक की पुष्टि हुई तो आरोपी के खिलाफ कड़ी धारा (जैसे उत्तराखंड पब्लिक एग्जामिनेशन (एंटी-चीटिंग) एक्ट 2023 के तहत) लगाई जाएगी।

*राजनीतिक प्रतिक्रिया और पृष्ठभूमि*
इस घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा, प्रदेश अध्यक्ष करण महार ने कहा, “धामी सरकार पेपर लीक माफिया को रोकने में नाकाम रही। सख्त कानून होने के बावजूद यह क्यों हो रहा? युवाओं का गुस्सा जायज है।” वहीं, भाजपा ने आरोपों को “राजनीतिक साजिश” करार दिया। प्रदेश मीडिया इंचार्ज मनवीर सिंह चौहान ने कहा, “यह सरकार को बदनाम करने की कोशिश है। धामी सरकार ने 30,000 से अधिक नौकरियां दी हैं, और 200 से ज्यादा चीटिंग करने वालों को जेल भेजा। हम पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।”

गौरतलब है कि उत्तराखंड में पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं। 2022 में भी यूकेएसएसएससी की परीक्षा लीक हुई थी, जिसके बाद एसटीएफ ने 35 लोगों को गिरफ्तार किया और परीक्षा रद्द कर दी गई। तब सरकार ने ग्रुप-सी परीक्षाओं को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को सौंप दिया था, लेकिन अब फिर यूकेएसएसएससी ही आयोजन कर रहा है। बेरोजगार संघ ने कहा कि आपदा संकट के बीच परीक्षा आयोजित करना ही गलत था, क्योंकि कई केंद्रों पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में उम्मीदवारों को पहुंचने में दिक्कत हुई।

प्रदर्शन के बाद बेरोजगार संघ ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक जांच रिपोर्ट नहीं आई और कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज होगा। आयोग ने कहा कि आंतरिक जांच पूरी होने पर उम्मीदवारों को अपडेट दिया जाएगा। पुलिस ने अपील की कि युवा शांत रहें और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा करें। यह घटना न केवल भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ी करती है, बल्कि राज्य सरकार के लिए नया राजनीतिक विवाद भी खडा कर दे रही है।

पेपर लीक पर आग: कांग्रेस ने फूंके सरकार के पुतले

Congress burns effigies of government over paper leak
Congress burns effigies of government over paper leak

देहरादून| उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा रविवार को आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के आह्वान पर राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर भाजपा सरकार और आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार के प्रतीकात्मक पुतले दहन किए।

राजधानी देहरादून में, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना और महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से एक जुलूस निकाला, जो क्वालिटी चौक तक पहुंचा, जहां सरकार के पुतले को आग के हवाले कर दिया गया।

*धस्माना का सरकार पर हमला: “सरकार के दावे खोखले”*
इस मौके पर सूर्यकांत धस्माना ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार के पारदर्शी परीक्षा कराने के सारे दावे एक बार फिर खोखले साबित हुए हैं। आयोग के अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया का यह बयान सरकार के खोखलेपन को साबित करने के लिए काफी है कि परीक्षा के तीन पन्ने बाहर आ गए थे, लेकिन इसे पेपर लीक नहीं कह सकते।”

धस्माना ने आगे कहा, “यह उत्तराखंड के युवाओं का दुर्भाग्य है कि जिस पार्टी को उन्होंने लगातार दूसरी बार चुनकर भेजा, उसी के राज में बेरोजगारी चरम पर है और हर परीक्षा को भाजपा के संरक्षण प्राप्त माफिया तंत्र लीक करके युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।” उन्होंने परीक्षा से पहले भाजपा नेता हाकम सिंह की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ही संदेह पैदा हो गया था कि परीक्षा लीक हो सकती है, जो बाद में सच साबित हुआ।

*डॉ. गोगी ने उठाए सवाल: “आपदा में परीक्षा कराना गलत”*
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो सरकार एक परीक्षा ठीक से नहीं करा सकती, जनता उससे क्या उम्मीद करे? पहले तो राज्यव्यापी आपदा के मद्देनजर परीक्षा स्थगित की जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने आपदा काल में युवाओं को परीक्षा के लिए बुलाया और ऊपर से पेपर लीक की घटना ने उन्हें निराश और आक्रोशित कर दिया है।”

*कांग्रेस ने की चेतावनी: “व्यापक आंदोलन की शुरुआत”*
श्री धस्माना ने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अत्यंत गंभीर है और यह प्रदर्शन एक व्यापक राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत भर है। उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं को लामबंद करके सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी।

इस प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री जगदीश धीमान, मनीष नागपाल, राजेंद्र शाह, प्रदेश प्रवक्ता सुनीता प्रकाश सहित कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही प्रभावित युवाओं के हित में पुनः परीक्षा आयोजित की जाए।

नहीं बख्शे जाएंगे नकल माफिया – मुख्यमंत्री

Copy mafia will not be spared – Chief Minister
Copy mafia will not be spared – Chief Minister

सीएम बोले उत्तराखंड में आने वाला समय स्थिरता और विकास का

देहरादून| मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नकल माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास के नाम रहेगा।

सोमवार को, स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने जब मुख्य सेवक के रूप में काम काज संभाला तो उस वक्त, विभिन्न विभागों में करीब 22 हजार पद रिक्त पड़े हुए थे, अब सरकार के प्रयासों से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, इसमें एक भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रकिया में बाधा न पहुंचे इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। इससे कुछ लोगों के पेट में दर्द होने लगा, जिस कारण वो सरकार का बदनाम करने का प्रयास करने लगे। रविवार को भी फिर ऐसा प्रयास किया गया, जबकि ये पेपर लीक जैसा मामला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नकल माफिया, कोचिंग माफिया सरकार को बदनाम करने का षडयंत्र रच रहे हैं, इसका जल्द खुलासा होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नकल माफिया को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा षडयंत्र पूर्व में भी हो चुका है, लेकिन सरकार ने पारदर्शिता के साथ सभी परीक्षाओं को सम्पन्न कराकर नकल माफिया के इरादों पर पानी फेर दिया।

जनता ने चुना राजनैतिक स्थिरता और विकास

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने विकास और स्थिरता को चुना है, उत्तराखंड का आने वाला समय विकास और स्थिरता के नाम रहेगा।

आपदा में फर्स्ट रिस्पांडर
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की जद में आया है, इसलिए उनकी कोशिश रहती है वो आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचकर लोगों का दुख दर्द बांट सके, साथ ही तत्काल राहत और बचाव अभियान भी संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड में मौजूद वैज्ञानिक संस्थानों के जरिए उत्तराखंड में आपदा के कारणों का पता लगाते हुए, आपदा की पूर्व सूचना जुटाने और नुकसान को कम से कम करने की दिशा में प्रयासरत है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दुर्गेश पंत, वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित तमाम लोग उपस्थित हुए।

155 बार रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा को “सर्टिफिकेट ऑफ एप्रीसिएशन” से सांसद नरेश बंसल एवं विधायक सविता कपूर ने किया सम्मानित

MP Naresh Bansal and MLA Savita Kapoor honored 155-time blood donor Shiromani Dr. Anil Verma with a Certificate of Appreciation.
MP Naresh Bansal and MLA Savita Kapoor honored 155-time blood donor Shiromani Dr. Anil Verma with a Certificate of Appreciation.

मॉं नंदादेवी मंडल के रक्तदान शिविर में 108 युवाओं ने किया रक्तदान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन के उपलक्ष में सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत भा०ज०पा०माँ नन्दा देवी मण्डल , कैंट विधानसभा द्वाराऋ ऑफीसर्स क्लब, यमुना कालोनी में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल पंजीकृत 140 युवाओं में से 108 पुरुषों व महिलाओं ने रक्तदान किया।
इस अवसर पर विशेष रूप से विशिष्ट अतिथि अब तक 155 बार रक्तदान कर चुके रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा, इंडियन रेडक्रास सोसायटी को मुख्य अतिथि सांसद नरेश बंसल जी ,अति विशिष्ट अतिथि विधायक कैण्ट क्षेत्र श्रीमती सविता कपूर जी, श्री महंत इंदिरेश हाॅस्पिटल ब्लड बैंक चिकित्साधिकारी डॉ० राधिका अग्रवाल, राज्यमंत्री श्री श्याम अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष श्री सुमित कुमार पाण्डेय, उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष श्री संतोष कोठियाल, उपाध्यक्ष सीनियर एडवोकेट राजकुमार तिवारी तथा महामंत्री विकास बेनवाल ने उत्तराखंड में सर्वाधिक रक्तदान करने, उत्तराखंड में रक्तदान शिविरों के सूत्रधार , राष्ट्रीय स्तर पर रक्तदाता प्रेरक की भूमिका निभाने वाले डॉ० वर्मा को “सर्टिफिकेट ऑफ एप्रीसिएशन ” प्रदान करके विशेष रूप से सम्मानित किया।
रक्तदान विज्ञान के जनक डॉ० कार्ल लैण्डस्टीनर अवाॅर्डी डॉ० अनिल वर्मा ने उन्हें सम्मानित करने पर सांसद नरेश बंसल जी, विधायक सविता कपूर जी, शिविर अध्यक्ष सुमित कुमार पाण्डेय का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
युवा रक्तदाताओं को सम्बोधित करते हुए सांसद नरेश बंसल जी ने कहा कि रक्त का अब तक चिकित्सा विज्ञान के पास कोई विकल्प नहीं होने के कारण केवल 18 से 65 वर्ष तक के पुरूषों व महिलाओं को ही रक्त की आस में मृत्यु शय्या पर पड़े लोगों को अपना थोड़ा सा रक्त और थोड़ा सा वक्त देकर उनका अमूल्य जीवन बचाना है। अतः हर स्वस्थ पुरुष को प्रत्येक 3 महीने तथा महिलाओं को प्रत्येक 4 महीनों बाद नियमित रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने डॉ० अनिल वर्मा द्वारा रक्तदान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट योगदान की सराहना करते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
अति विशिष्ट अतिथि विधायक कैण्ट श्रीमती सविता कपूर ने शिविर में रक्तदान कर रहीं महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को भी रक्तदान करने के लिए स्वेच्छापूर्वक आगे आना चाहिए। उन्होंने डॉ० अनिल द्वारा स्वयं रक्तदान करने के साथ ही अपनी धर्मपत्नी मेजर प्रेमलता वर्मा सहित नेत्रदान एवं सम्पूर्ण देहदान संकल्पित होने पर दूसरों के लिए अनुकरणीय बताया।
इससे पूर्व रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा ने रक्तदाता प्रेरक की भूमिका निभाते हुए युवाओं को बताया कि प्रतिदिन अनेक लोग वक्त पर रक्त न मिल पाने से अकाल मौत के मुंह में समा जाते हैं। अगर आप में इंसानियत जिंदा हैं तो अपने रक्त से दूसरों का जीवन अवश्य बचाएं। मानवता की सेवा का इससे ज्यादा सरल और कोई तरीका नहीं है। परन्तु अभी भी लोग अंधविश्वासों के कारण रक्तदान करने से बचते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जो लोग नियमित रूप से रक्तदान करते हैं उन्हें 85 % कैंसर तथा 90% हार्ट अटैक होने की संभावना नहीं रहती। साथ ही बीपी कंट्रोल रहता है। जहां गंदा कोलेस्ट्रॉल एलडीएल कम होता है वहीं अच्छा कोलेस्ट्रॉल एचडीएल बढ़ता है। एक बार रक्तदान करने से 650-700 कैलोरी बर्न होती है जिससे शरीर में जमा फैट कम हो जाता है। बोन मैरो एक्टिवेट होने से शरीर में नये ब्लड सेल्स बनते हैं जो शरीर में नई ऊर्जा व उत्साह का संचार करते हैं। साथ ही यह एंटी एजिंग काम करता है जिससे आप चिर युवा और उत्साही बने रहते हैं।
राष्ट्र स्तरीय रक्तदाता प्रेरक डॉ० अनिल वर्मा के सम्बोधन के उपरांत उपस्थित युवाओं में रक्तदान करने की होड़ लग गई।और रक्तदान करने के लिए उत्साहपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते नज़र आए।
शिविर में मंडल उपाध्यक्ष व‌ पूर्व पार्षद समिधा गुरूंग , महामंत्री शेखर नौटियाल, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा रीता विशाल, पार्षद संजय सिंघल, पूर्व पार्षद सचिन गुप्ता, सागर गुरुंग , युवा नेता अनुराग क्षेत्री, युवा नेत्री ईशा सूद, शिखा थापा, कविता चौहान, भगत सिंह भण्डारी, रोहित मिश्रा,सूरज बिष्ट, पुनीत बग्गा सहित अनेक रक्तदानी उपस्थित थे।
श्री महंत इंदिरेश हाॅस्पिटल ब्लड बैंक की टीम में ब्लड बैंक चिकित्साधिकारी डॉ राधिका अग्रवाल, कोर्डिनेटर अमित चंद्रा, टेक्नीशियन निकिता पुंडीर, सोनम बिष्ट, विशाल सैनी तथा धीर सिंह नेगी शामिल थे।
शिविर का संयोजन मंडलीय अध्यक्ष सुमित कुमार पाण्डेय तथा धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार तिवारी ने किया।

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