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मक्कूमठ में 18 वर्षो बाद महायज्ञ शुरू, भक्तिमय हुआ  माहौल

रुद्रप्रयाग। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में शुक्रवार को विधिवत पूजा पाठ के साथ महायज्ञ शुरू हुआ। 18 वर्षों बाद आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों ग्रामीण शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। महायज्ञ के आयोजन से क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मन्दिर समिति व ग्राम पंचायत मक्कूमठ तथा पावजगपुड़ा के सहयोग से मंगलवार से गणेशादि पंचांग पूजन व हरिद्रादि सर्वारम्भ के साथ धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया था। 11 दिवसीय महायज्ञ में प्रतिदिन आचार्यों द्वारा हवन कुंड में अनेक प्रकार की आहुतियां डालकर विश्व शान्ति व कल्याण की कामना की जाएगी। शुक्रवार को प्रातः पूजा अर्चना के साथ हवनकुंड में महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। 1 मई को कलश यात्रा आयोजित की जाएगी जबकि 2 मई को पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ का समापन होगा। यहां 18 वर्षों बाद हो रहे महायज्ञ को लेकर तुंगनाथ घाटी का माहौल भक्तिमय बना है। इस मौके पर बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, प्रभारी कार्याधिकारी आरसी तिवारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आरके नौटियाल, पुजारी शिवशंकर लिंग, शिवलिंग, मठापति रामप्रसाद मैठाणी, आचार्य लम्बोदर प्रसाद मैठाणी, युद्धवीर पुष्पवान, प्रकाश पुरोहित, मृत्युंजय हीरेमठ, प्रधान विजयपाल नेगी, पंचपुरोहित अध्यक्ष रिवाधर मैठाणी, मुरलीधर मैठाणी, आशीष मैठाणी, दीपक पंवार आदि मौजूद थे।

श्रीनगर में धूमधाम से मनाया गया पृथ्वी दिवस

श्रीनगर गढ़वाल। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर में गोविंद बल्लभ पंत शोध संस्थान सोल्डर ऑफ इंनवायरमेंट टीम ने संयुक्त रूप से पीरुल इक्ट्ठा किया एवं खोला गांव में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। साथ में टीम ने गांव वालों को पीरुल से कैसे रोजगार कर सकते हैं उसकी जानकारी दी और हर सम्भव सहायता देने की भी बात कही। वहीं राइंका मंजाकोट में अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस मनाया गया। भूगोल प्रवक्ता मदन मोहन रावत ने कहा कि पर्यावरणीय क्षति के लिये विभिन्न मानवीय क्रिया-कलाप जिम्मेदार हैं हमें समय रहते पृथ्वी संरक्षण की लिये कदम उठाने होंगे। मौके पर डॉ. अशोक कुमार बडोनी, प्रमोद तिवाडी, मुन्नी रावत, पुष्पा चौहान, मनीष चमोली, किरन घिल्डियाल, धीरेन्द्र भंडारी, मनोज उनियाल मौजूद थे। वहीं एंजेल्स हेवन स्कूल एवं एचएनबी गढ़वाल विवि के शिक्षा विभाग कार्यक्रम आयोजित हुआ। विवि के आयोजित कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. रमा मैुखरी ने आम जनमानस को अपने दैनिक जीवन में पॉलीथिन के उपयोग कम कर पृथ्वी के संरक्षण की जिम्मेदारी उठाने का आह्वान किया। इस मौके प्रो. अनिल कुमार, प्रो. सीमा धवन, डॉ. रमेश राणा, डॉ. शंकर सिंह ने भी अपना विचार रखे।

वनों को आग लगाते पकड़े जाने पर अब जुर्माने के साथ होगी जेल

बागेश्वर। वनों को आग लगाने वालों की अब खैर नहीं। आग लगाते पकड़े जाने पर अब जुर्माने के साथ जेल भी होगी। इसके अलावा आग लगाने वालों की सूचना देने वालों को दस हजार का इनाम भी दिया जाएगा। डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए वन विभाग से जंगलों में लगी आग पर तुरंत काबू पाने के निर्देश दिए हैं। इसमें किसी तरह की लापरवाही सहन नहीं होगी। डीएम विनीत कुमार ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक में आग लगाने वालों पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आरोपियों की सूचना देने पर सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रख 10 हजार का इनाम भी दिया जाएगा। उन्होंने सब डिविजन व ब्लॉक स्तर पर टीमें गठित करने को कहा, जो निंरतर निगरानी बनाते हुए प्रभावी कारवाई से भी अवगत कराएगी। उन्होंने इसके लिए माइक्रो प्लांन तैयार करते हुए न्याय पंचायत व ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर लोगों को वृहद स्तर पर जागरूक करने को कहा। वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने पर एसडीआरएफ को भी इसमें शामिल किया जाय और जरूरत पड़ने पर सेना की भी मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का स्टॉक हो। अगले दो माह तक अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी स्टॉफ को अवकाश पर न भेजें। प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी ने बताया कि जिले में 91 फायर की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे 110 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कांडा, धरमघर तथा बागेश्वर क्षेत्र में वनाग्नि की घटनाएं ज्यादा हुई हैं। सात लोगों को आग लगाते पकडे़ जाने पर जुर्माना लगाया है। इस दौरान वृक्ष प्रेमी किशन सिंह मलड़ा सहित पंचायत सरपंच संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा वनाग्नि रोकने के अपने सुझाव भी रखे। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, उपजिलाधिकारी गरुड़ राजकुमार पांडे, कपकोट परितोष वर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कृष्ण पलडिया आदि मौजूद रहे।

जाम से  निपटने को नये पार्किंग स्थल विकसित करें

बागेश्वर। डीएम ने उपजिलाधिकारियों को जाम से निपटने के लिए नये पार्किंग स्थल विकसित करने के निर्देश दिए। ताकि शहर में जाम की स्थिति पैदा न हो और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। पूर्व में चयनित स्थलों का आंकलन उपलब्ध कराएं। उपजिलाधिकारी अपनी साइटों को देखकर इसकी रिपोर्ट जल्द दें। नगर में बढ़ते वाहनों की संख्या और पार्किंग स्थलों की कमी लोगों के लिए मुसीबत का सबब न बनें, इस समस्या से निपटने के लिए अब प्रशासन छोटे-छोटे पार्किंग स्थलों के निर्माण की योजना बना रहा है। जिलाधिकारी विनीत कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को शहर में नए पार्किंग स्थल विकसित किए जाने को लेकर बैठक हुई। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में साइट आइडेंटिफाइड कर टाइमलाइन निर्धारित करते हुए चयनित पार्किंग स्थलों का प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा सर्फेस पार्किंग की बजाए कैविटी पार्किंग पर ज्यादा फोकस किया जाए। बागेश्वर जैसे पर्वतीय जनपद में पार्किंग एक बड़ी समस्या है। जिन जगहों पर पार्किंग की समस्या ज्यादा बड़ी है, उन पर पहले फोकस किया जाए। जिलाधिकारी ने पूर्व में चयनित पार्किंग स्थल कौसानी, कठायतबड़ा, बिलौना, गाड़गांव, बमसेरा तथा भराड़ी बाजार आदि के आंकलन जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश ग्रामीण निर्माण विभाग व लोनिवि के अधिकारियों को दिए। बैठक में उपजिलाधिकारी बागेश्वर हरगिरि, गरुड़ राजकुमार पांडे, कांडा मोनिका, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या, ईई ग्रामीण निर्माण विभाग रमेश चंद्रा आदि मौजूद रहे।

बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ। गीता खन्ना ने प्रस्तुत किया आयोग दृष्टि पत्र

देहरादून। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ। गीता खन्ना ने एक होटल में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने आयोग का दृष्टि पत्र प्रस्तुत किया। कहा कि हम न केवल बच्चों से जुड़ी शिकायतों का निवारण करेंगे, बल्कि कुछ नया भी करेंगे, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। इसके लिए आयोग के प्रत्येक सदस्य को दो-दो जिले बांट दिए हैं। एक साल के भीतर सभी स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि बच्चों को समुचित सुविधाएं मिल रही है या नहीं। बच्चों में नशावृत्ति रोकने, बाल विवाह और बाल श्रम रोकने के लिए ठोस प्रयास करेंगे। सभी जिलों में दवा की दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं, ताकि कोई भी नशे की दवा न बेच सके। प्रत्येक जिले में चाइल्ड फ्रेंडली पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे। 27 अप्रैल को दून में पॉक्सो ऐक्ट पर कार्यशाला होगी, जिसमें सीएम भी मौजूद रहेंगे।

उप शिक्षाधिकारी ने ली संकुल समन्वयकों की बैठक

विकासनगर। नए शिक्षा सत्र में सभी विद्यालयों में व्यवस्थाएं दुरस्त करने और विद्यालयों में दाखिला बढ़ाने के लिए उप शिक्षाधिकारी ने शुक्रवार को संकुल समन्वयकों की बैठक लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए। बैठक में कई विभागीय बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।  शुक्रवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र में आयोजित बैठक में उप शिक्षाधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि भले ही गत बुधवार को प्रवेशोत्सव मनाया गया हो, लेकिन अभी भी विद्यालयों में दाखिला बढ़ाने के लिए जनसंपर्क अभियान जारी रखना होगा। कहा कि प्रवेशोत्सव के दौरान कुल 1929 नए बच्चों ने प्रवेश लिया है। 104 प्राथमिक और 34 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिहाज से यह संख्या काफी कम है। लिहाजा प्रत्येक विद्यालय में छात्र संख्या पचास तक पहुंचाने का लक्ष्य इस शिक्षा सत्र में रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी संकुल समन्वयकों और शिक्षकों को सामूहिक प्रयास करने होंगे। बताया कि जिन विद्यालयों में निशुल्क पाठ्य पुस्तकें कम पहुंची थीं, ऐसे विद्यालयों के लिए संकुलों में पाठ्य पुस्तकें मुहैया करा दी गई हैं। सभी संकुल समन्वयक प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों में पाठय पुस्तकें पहुंचाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही बैठक में आय विवरण, एमडीएम, जूता, बैग की सूचना निर्धारित प्रारूप पर उपलब्धता, कृमि मुक्ति नाशक दवाई की उपभोग रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रभु लाल केष्टवाल, बीआरसी सत्येंद्र रावत, राम नारायण रतूड़ी, सरदार हरजिंदर सिंह, दिग्विजय बेधड़क, संजय प्रजापति, मनोज राठौर, नरेश चौधरी, यशवीर आदि मौजूद रहे। प्रवेशोत्सव के दौरान सबसे अधिक प्रवेश वाले विद्यालयों को इस बार विभाग की ओर से दस हजार रुपये की नगद राशि बतौर पुरस्कार दी गई है। उप शिक्षाधिकारी श्रीवास्तव ने बताया कि विकासनगर ब्लॉक में प्रवेशोत्सव के दौरान जूनियर वर्ग में उच्च प्राथमिक विद्यालय सभावाला में सबसे अधिक 110 नए दाखिले हुए। जबकि प्राथमिक वर्ग में प्राथमिक विद्यालय कुंजा में सबसे अधिक 38 नौनिहालों ने दाखिला लिया। दोनों ही विद्यालयों को दस-दस हजार की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

उत्तराखंड में 24 घंटे के भीतर कोरोना के नए मरीज ?

Maharashtra, Apr 04 (ANI): BMC health worker collects a nasal sample from a passenger for Covid Antigen test at Dadar station, in Dadar on Sunday. (ANI Photo)

देहरादून। उत्तराखंड में 24 घंटे के भीतर कोरोना के 11 नए मरीज मिले हैं। जबकि, 1 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटा है। वहीं, एक्टिव केस की संख्या 53 रह गई है। पिछले 24 घंटे में एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। प्रदेश में सैंपल पॉजिटिविटी रेट की बात करें तो 0.70% है.उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, एक जनवरी 2022 से लेकर अभीतक प्रदेश में 92,280 मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें से 88,736 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट 96.16% है। वहीं, इस साल अब तक 275 मरीजों की मौत हुई है।
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 24 घंटे में सिर्फ देहरादून में 6 नए कोरोना मरीज मिले हैं। जबकि हरिद्वार में 4 और नैनीताल में 1 नया मरीज मिला है। बाकी जिलों में कोई नया कोरोना संक्रमित नहीं मिला है। वहीं, प्रदेश में 6 जिले कोरोना मुक्त हो चुके हैं, जहां कोई भी एक्टिव केस नहीं है। कोरोना मुक्त जिलों में चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, टिहरी, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी शामिल हैं।
वैक्सीनेशन: प्रदेश में शुक्रवार को 12,945 लोगों का कोविड वैक्सीनेशन हुआ है। अभी तक कुल 80,95,304 लोग फुल वैक्सीनेट हो चुके हैं। वहीं, 3 जनवरी से शुरू हुए 15 से 17 साल के बच्चों के टीकाकरण में अभी तक 3,32,603 बच्चों को फुल वैक्सीनेट किया गया है। जबकि 4,87,532 बच्चों को पहली डोज लग चुकी है। वहीं, 12 से 14 वर्ष तक के 1,77,224 बच्चों को पहली डोज लगी है।

मुख्यमंत्री ने बिजली कटौती पर जताई गहरी नाराज़गी, अधिकारियों को तत्काक समाधान के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग की बैठक बैठक ली। राज्य में अधिक बिजली कटौती पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जल्द से जल्द बिजली संकट की समस्या का समाधान ढ़ूढ़ा जाय। सचिव ऊर्जा, यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल के अधिकारी बिजली संकट की समस्या के समाधान के लिए क्या किया जा सकता है, इसकी रिपोर्ट शीघ्र मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब औद्योगिक क्षेत्रों एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली संकट की समस्या की शुरूआत उत्पन्न हो रही थी, तब इसके उचित समाधान निकालने के सार्थक प्रयास क्यों नहीं किये गये। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये की अधूरी तैयारी के साथ बैठक में न आयें। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा की बैठक जल्द दुबारा किये जाने के निर्देश दिये । सभी अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि वे पूरी तैयारी और समस्या के समाधान की पूरी योजना बनाकर ही बैठक में आयें।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में ऊर्जा एवं पर्यटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्य संस्कृति में सबसे पहले व्यावहारिकता लाई जाए। प्रदेश का विकास हम सबकी सामुहिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग समस्याओं के समाधान के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सोलर ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों से बिजली चोरी की शिकायते आ रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बिजली चोरी की शिकायतों पर संबंधित क्षेत्रों में कार्य कर रहे संबधित अधिकारियों पर सख्त कारवाई की जाय। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि व्यावहारिक समस्याओं एवं कार्य में आ रही कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया जाय। जो समस्याएं आ रही हैं, उनका उचित समाधान निकाला जाय।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक उरेडा एवं अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरू, अपर सचिव श्री इकबाल अहमद, एमडी यूपीसीएल श्री अनिल यादव, एमडी यूजेवीएनएल श्री संदीप सिंघल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों संग समीक्षा बैठक

अंत्योदय योजना के तहत गरीब महिलाओं को मिलेंगे तीन रसोई गैस सिलेंडर फ्री
देहरादून।  कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने गुरुवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गरीब वर्ग की महिलाओं को अंत्योदय योजना के तहत हर साल तीन रसोई गैस सिलेंडर फ्री उपलब्ध करवाए जाएं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने इस योजना के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ताकि जल्द ही इसका ड्राफ्ट तैयार कर कैबिनेट की बैठक में लाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पहाड़ी जनपदों में महिलाओं को रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए सबसे ज्यादा दिक्कतें होती हैं। इसके लिए सिस्टम को और दुरस्त कर आम व्यक्ति को राहत दी जाए।  इसके अलावा कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राशन कार्ड धारकों और राशन विक्रेताओं की समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण हो सके, इसके लिए एक सिस्टम तैयार किया जाए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को इस बात पर विशेष जोर देने को कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और राज्य खाद्य योजनाओं की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि वो इसका लाभ भी उठा सके। विभाग का प्रयास ये होना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति केंद्र और प्रदेश सरकार की इन लाभान्वित योजनाओं से वंचित न रहे। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अब प्रदेश सरकार की ओर से सस्ता गल्ला की दुकानों में गेहूं, चावल और चीनी के साथ फोर्टिफाइड नमक और अन्य खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए भी अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य की सभी राशन की दुकानों को सीएससी सेंटर्स के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जाए। वहीं बाट-माप-तोल विभाग को निर्देशित किया कि उवभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान मौके पर किया जाए और अधिकारियों को सख्त निर्देशित किया कि अपने कार्यालयों में समय पर आएं।

सिटी मजिस्ट्रेट ने मारा  खालसा डेयरी में छापा, मिलावटी दूध बनाने का माल बरामद

हरिद्वार।  गर्मियों का सीजन शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार में तीर्थ यात्रा करने पहुंचते हैं। इसको देखते हुए शहर में मिलावट खोर सक्रिय हो जाते हैं। सबसे ज्यादा खपत दूध की होती है। इसलिए मिलावटी दूध बाजारों के जरिए स्थानीय जनता और यात्रियों तक पहुंचाया जाता है। मिलावट खोरी पर नकेल कसने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ने खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में नकली दूध बनाने का कच्चा माल बरामद हुआ। जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकान के लाइसेंस निरस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं.यात्रा सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने मिलावट खोरों पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है। इस कड़ी में आज सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ कोतवाली ज्वालापुर स्थित खालसा डेयरी फार्म पर छापेमारी की। इस दौरान टीम को दुकान में रिफाइंड ऑयल, दूध बनाने का पाउडर बरामद हुआ।
खालसा डेयरी फार्म में छापेमारीखाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डेयरी से दूध, पनीर, मक्खन और मावा सहित अन्य उत्पादों का सैंपल लेकर टेस्टिंग के लिए लैब भेज दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा यात्रा सीजन शुरू होने वाला है। चारधाम यात्रा  के दौरान हरिद्वार के होटल, ढाबों में बड़ी मात्रा में डेयरी उत्पादों की सप्लाई होती है। लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर छापेमारी की गई है। डेयरी उत्पादों को टेस्टिंग के लिए लैब भेजा गया है। सैंपल फेल होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी: छापेमारी के दौरान प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाए जाने पर डेयरी का लाइसेंस निरस्त करने की खाद्य सुरक्षा विभाग तैयारी कर रहा है।

NSS is a national organization dedicated to social service Dr. Anil Verma

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यूथ रेड क्रास कमेटी के मुख्य आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉo अनिल वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवा छात्र- छात्राओं का समाज सेवा...
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