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वसंतोत्सव का राज्यपाल ने किया उद्घाटन, लोक भवन में बिखरी पुष्पों की छटा

The Governor inaugurated the Vasantotsav, a splendor of flowers scattered in Lok Bhavan.
The Governor inaugurated the Vasantotsav, a splendor of flowers scattered in Lok Bhavan.

देहरादून।  देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित ‘लोक भवन’ शुक्रवार को पुष्पों की खुशबू और प्रकृति के रंगों से सराबोर हो उठा। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने राजभवन परिसर स्थित लोक भवन में आयोजित पारंपरिक ‘वसंतोत्सव’ का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और गणेश जोशी भी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि वसंतोत्सव केवल एक पुष्प प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण और हमारी संस्कृति के प्रति प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जैव विविधता विश्व स्तर पर अद्वितीय है और इस तरह के आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय काश्तकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि वसंत के आगमन के साथ ही उत्तराखंड की घाटी फूलों से खिल उठती है, जो राज्य की आर्थिकी के लिए शुभ संकेत है। वहीं, कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुष्प उत्पादन (फ्लोरीकल्चर) को स्वरोजगार का मुख्य साधन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

रक्तदाता शिरोमणि डॉo अनिल वर्मा को किया सम्मानित

Blood Donor Shiromani Dr. Anil Verma honored
Blood Donor Shiromani Dr. Anil Verma honored

एनएसएस विधार्थियों द्वारा समाज सेवा का सरलतम माध्यम : डॉo ज्योति सेंगर

डीएवी (पी जी) कॉलेज की एनएसएस की एसपीओ तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉo ज्योति सेंगर ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना छात्र -छात्राओं के लिए समाज सेवा करने का सबसे सरल माध्यम है l विद्याध्ययन करते हुए जहाँ वे एक ओर अपने जीवन यापन हेतु भविष्य का निर्माण करते हैं, वहीं शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ “राष्ट्र प्रथम” के भाव को दृष्टिगत रखकर एनएसएस के माध्यम से समाज सेवा करके एक श्रेष्ठ नागरिक के रूप में अपनी भूमिका सुनिश्चित करते हैं l
डॉo सेंगर डीएवी कॉलेज एनएसएस की “बी” एवं “सी” यूनिट की छात्राओं के बाल भवन,रायपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष वार्षिक शिविर में यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित आपदा प्रबंधन अग्नि शमन तथा प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण व जागरूकता अभियान शिविर में शिविरार्थी छात्राओं को सम्बोधित कर रहीं थीं l
यूथ रेडक्रॉस कमेटी के मास्टर ट्रेनर आपदा प्रबंधन डॉo अनिल वर्मा ने कहा कि रेडक्रॉस मानवता की सेवा में संलग्न सबसे बड़ा वैश्विक संगठन है l वह युद्ध काल हो अथवा शान्तिकाल आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण से लेकर घायलों,रोगियों,विस्थापितों की सेवा करने में अग्रणी भूमिका निभाता है l मैंने स्वयं 2012 में उत्तरकाशी की भीषण प्राकृतिक आपदा तथा 2013 में रुद्रप्रयाग में केदारनाथ की भयंकर जल प्रलय त्रासदी दोनों में रेडक्रास से वहां जाकर सेवाएं दीं l आशा है उनके द्वारा दिया जाने वाला प्रशिक्षण छात्राओं के लिए उपयोगी साबित होगा l
एनएसएस यूनिट “सी” की कार्यक्रम अधिकारी डॉo रेणुका रावत ने बताया कि छात्राओं को मास्टर ट्रेनर डॉo अनिल वर्मा द्वारा अग्निशमन के तहत आग के प्रकार, आग बुझाने के सिद्धांत बताये गये l
प्राथमिक चिकित्सा के तहत शरीर का जलना एवं झुलसना, फर्स्ट-सेकंड व थर्ड डिग्री बर्न, परसेंटेज ऑफ़ बॉडी बर्न की पहचान रूल ऑफ़ 9 से करना व उपचार करने का प्रशिक्षण दिया गया l एनीमिया, हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाली बीमारियों, महिलाओं व बच्चों के रोग तथा हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय के साथ ही lभयंकर आनुवांशिक रक्त रोग थैलीसीमिया की पहचान, बचाव व उपचार का प्रशिक्षण दिया गया l
भूकंप, बाढ़ आदि के इमरजेंसी दौरान क्षतिग्रस्त भवनों से घायलों को सुरक्षित निकालकर ले जाने के फायरमैन लिफ्ट, फोर एंड आफ्ट मेथड के साथ ही इमरजेंसी मेथड्स ऑफ़ रेस्क्यू के रोप रेस्क्यू के तहत चेयर नॉट द्वारा घायलों को ऊपरी मंजिल से उतारने आदि का प्रशिक्षण दिया गया l
कार्यक्रम अधिकारी डॉo रेणुका रावत के संयोजन में टीम लीडरों खुशी कुमारी सिंह, आस्था सेमवाल, सलोनी, तमन्ना रावत, आकांक्षा, कनिका, कृतिका डबराल, स्वाति, सृष्टि , तृप्ति,अंजलि भट्ट, रिया, प्रिया, वैष्णवी छेत्री, भूमिका,अंशिका गुप्ता, शानवी शर्मा, तनूजा आदि छात्राओं द्वारा रेस्क्यू मेथड्स का कुशल प्रदर्शन किया गया l
इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए एसoपीoओo डॉo ज्योति सेंगर द्वारा कुशल प्रशिक्षण प्रदान करने एवं रक्तदान के छेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए रक्तदाता शिरोमणि डॉo अनिल वर्मा क़ो पौधा भेंटकर सम्मानित किया गया l
डॉo वर्मा ने कार्यक्रम अधिकारीयों डॉo ज्योति सेंगर व डॉo रेणुका रावत के शिविर संयोजन क़ो पूर्णतः अनुशासित तथा अति सफल बताते हुएउन्हें सम्मानित करने के प्रति दोनों का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया l

मोटोरोला ने अपने सभी सर्विस टचप्‍वाइंट पर लॉन्‍च किया नेशनवाइड मंथली सर्विस कनेक्‍ट और फ्री डोरस्‍टेप सर्विस

Motorola launches nationwide monthly service connect and free doorstep service across all its service touchpoints
Motorola launches nationwide monthly service connect and free doorstep service across all its service touchpoints

मोटोरोला 1 साल के भीतर अपना ‘आफ्टर-सेल्स’ सर्विस नेटवर्क दोगुना करने की तैयारी में।

देहरादून – 27 फरवरी 2026: मोटोरोला, मोबाइल टेक्नोलॉजी में ग्‍लोबल लीडर और भारत के प्रमुख AI स्मार्टफोन ब्रांड, ने आज अपना नेक्स्ट-जेनरेशन आफ्टर-सेल्स सपोर्ट इकोसिस्टम लॉन्च करने की घोषणा की। यह कदम कंपनी की ग्राहक-प्रथम सोच और आसानी से मिलने वाली भरोसेमंद सक्रिय सेवा के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

इस पहल के तहत, मोटोरोला हर महीने एक निर्धारित दिन को अपने अधिकृत सर्विस सेंटर्स और कलेक्शन पॉइंट्स पर नेशनवाइड मंथली सर्विस कैंप आयोजित करेगा, जो 28 फरवरी 2026 से शुरू होगा।

नेशनवाइड मंथली सर्विस कैंप के दौरान ग्राहक कई विशेष लाभ उठा सकेंगे, जैसे: जीरो लेबर चार्जेस, कोई इंस्पेक्शन या डायग्नोसिस फीस नहीं, फ्री सॉफ्टवेयर अपडेट्स, मुफ्त डिवाइस क्लीनिंग और सैनिटाइजेशन, बेसिक डिवाइस हेल्थ चेक-अप।

इसके अलावा, ग्राहकों को एक्सेसरीज़ पर 10% छूट और स्पेयर पार्ट्स पर 10% छूट मिलेगी, जिससे डिवाइस की देखभाल अधिक किफायती, सुविधाजनक और पैसा वसूल हो जाएगी। यह पहल ग्राहकों के साथ लंबे समय तक संबंध मजबूत करने का एक समर्पित प्लेटफॉर्म भी बनेगी, जिसमें सक्रिय देखभाल और व्यक्तिगत सेवा के माध्यम से जुड़ाव बढ़ेगा।

सुविधा को और बढ़ाने के लिए, मोटोरोला फ्री पिकअप एंड ड्रॉप सर्विस शुरू कर रहा है। इस सेवा के तहत टेक्निशियन या अधिकृत प्रतिनिधि ग्राहक के घर से डिवाइस ले जाएंगे, अधिकृत सर्विस सेंटर पर रिपेयर करेंगे और रिपेयर के बाद वापस पहुंचा देंगे। यह सेवा मोटोरोला सिग्नेचर, एज और रेज़र सीरीज़ के डिवाइसेज़ के लिए पूरी तरह मुफ्त है। सर्विस रिक्वेस्ट आसानी से की जा सकती है बस आपको https://en-in.support.motorola.com/app/mcp/contactus पर क्लिक करना होगा या फिर ईमेल के जरिए भी कर सकते हैं, जिससे अनुभव पूरी तरह परेशानी-मुक्त रहेगा।

तेज़, स्मार्ट और अधिक प्रीमियम सर्विस अनुभव देने के लिए डिज़ाइन की गई यह पहल एडवांस्‍ड AI-पावर्ड डिजिटल टूल्स, देशव्यापी फिजिकल सर्विस कवरेज और विशेष ग्राहक जुड़ाव लाभों को एक साथ लाती है। इस इकोसिस्टम का केंद्र एक व्यापक डिजिटल सेल्फ-सर्विस प्लेटफॉर्म है, जो डिवाइस हेल्‍प ऐप, सॉफ्टवेयर फिक्‍स टूल, इंटेलिजेंट वॉयस असिस्‍टेंस (IVA), Moli – मोटोरोला का AI चैटबॉट, और मजबूत ई-सपोर्ट पोर्टल से संचालित है।

यह WhatsApp, वेब और डिवाइसेज़ पर 24×7 कई भाषाओं में सहायता उपलब्ध कराता है। यह टेक्नोलॉजी-फर्स्ट दृष्टिकोण मोटोरोला को भारत में उन चुनिंदा स्मार्टफोन ब्रांड्स में शामिल करता है जो ट्रूली AI-पावर्ड, हमेशा सक्रिय सर्विस इकोसिस्टम प्रदान करते हैं – जो समस्याओं को सक्रिय रूप से हल करता है, डिवाइस डाउनटाइम को कम करता है और सहज सपोर्ट अनुभव देता है।

स्पीड और पहुंच के अलावा, मोटोरोला की नेक्स्ट-जेनरेशन सर्विस अनुभव सभी टचपॉइंट्स पर बेहतर कम्फर्ट, पारदर्शिता और एकरूपता देने के लिए तैयार की गई है। ग्राहकों को संरचित सर्विस वर्कफ्लो, सरल डिजिटल चेक-इन, रियल-टाइम सर्विस अपडेट्स और सुव्यवस्थित इन-सेंटर प्रक्रियाओं का लाभ मिलता है, जिससे अधिक स्पष्टता, कम इंतजार का समय और कुल मिलाकर अधिक सहज सर्विस यात्रा सुनिश्चित होती है।
इस डिजिटल-फर्स्ट अनुभव को तेज़ी से बढ़ते देशव्यापी सर्विस नेटवर्क का सपोर्ट मिलेगा, जो वित्‍त वर्ष 26-27 के अंत तक 1,200 से अधिक टचपॉइंट्स तक विस्तार करेगा – यह मौजूदा उपस्थिति में से दोगुने से अधिक की वृद्धि है, जो भारत भर में सुलभ और भरोसेमंद आफ्टर-सेल्स सपोर्ट के प्रति मोटोरोला की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

अपनी ग्राहक-प्रथम फिलॉसफी के अनुरूप, मोटोरोला ने आफ्टर-सेल्स सर्विस फुटप्रिंट, रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और रिपेयर टर्नअराउंड टाइम (TAT) को काफी मजबूत किया है – मेट्रो, टियर 1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में तेज़, अधिक विश्वसनीय और एकसमान सर्विस डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए। आईडीसी की वित्‍त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, मोटोरोला ने इंडस्ट्री में 8.3% मार्केट शेयर के साथ सबसे अधिक वर्ष-दर-वर्ष ग्रोथ 52.4% दर्ज की, जो ब्रांड की मजबूत गति और भारत में बढ़ते उपभोक्ता विश्वास को दर्शाता है।

इस पहल के बारे में, श्री टी. एम. नरसिम्हन, मैनेजिंग डायरेक्टर, मोटोरोला इंडिया ने कहा, “मोटोरोला में हमारी ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धता खरीदारी से कहीं आगे है। नेशनवाइड मंथली सर्विस कैंप और फ्री डोरस्टेप केयर सर्विस के लॉन्च के साथ, हम एक व्यापक, सक्रिय और सुलभ आफ्टर-सेल्स सपोर्ट इकोसिस्टम बना रहे हैं। AI-पावर्ड सर्विस टूल्स, तेज़ी से बढ़ते फिजिकल नेटवर्क और सार्थक ग्राहक जुड़ाव पहलों को मिलाकर, हमारा लक्ष्‍य सहज ओनरशिप अनुभव देना और लंबे समय तक ग्राहक विश्वास को मजबूत करना है।”

सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इनोवेशन और देशव्यापी विस्तार में निरंतर निवेश के साथ, मोटोरोला भारत भर के ग्राहकों के लिए भरोसेमंद, सुलभ और श्रेणी में सबसे बेहतरीन आफ्टर-सेल्स अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मोटोरोला सर्विस टचप्‍वाइंट्स की जानकारी नीचे दी गई है:
Website Link – https://en-in.support.motorola.com/
Device Help App – Play Store Link
WhatsApp Chatbot – +91 8067916686 | +91 8067916687
Warranty Check – https://en-in.support.motorola.com/app/warranty/check

स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर मंथन

Brainstorming on financially empowering local bodies
Brainstorming on financially empowering local bodies

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन तथा राज्य के छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर एवं आयोग के सदस्यों द्वारा  नगर निकायों (नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत) तथा जिला पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता, प्रशासनिक सक्षमता तथा उन्हें अधिक सक्षम बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में प्रभावी योगदानकर्ता के रूप में उन्नत किए जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्थानीय निकायों—नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं जिला पंचायत द्वारा वर्तमान में फेस की जा रही चुनौतियों पर विचार करते हुए कहा गया कि वित्तीय आत्मनिर्भरता के अनेक अवसर उपलब्ध होने के बावजूद ये निकाय अपेक्षित स्तर तक आत्मनिर्भर नहीं हो पा रहे हैं। इसके पीछे प्रशासनिक एवं नीतिगत प्रवृत्तियों में आवश्यक बदलाव की जरूरत बताई। सीमित स्थानीय राजस्व स्रोत, पारंपरिक सुस्त कार्यशैली, प्रभावी एवं स्पष्ट बायलॉज का अभाव, प्रभावी भूमि प्रबंधन का अभाव तथा अत्यधिक राजनीतिक सेंट्रिक जैसे कारणों के चलते अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। मुख्य सचिव ने राज्य वित्त आयोग से अपेक्षा की कि स्थानीय शहरी निकायों और जिला पंचायतों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने हेतु उनके स्वयं के संसाधनों, संभावनाओं और क्षमताओं में वृद्धि के लिए व्यावहारिक, समयोचित तथा क्रियान्वयन योग्य सुझाव प्रस्तुत किए जाएं। आयोग ने अवगत कराया कि शहरी निकायों के लिए भूमि प्रबंधन, राजस्व सृजन से संबंधित बायलॉज, कार्य संस्कृति में विशेषज्ञता, नवाचारों का अनुकूलन (एडॉप्टेशन) एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक सक्षम इंटरवेंशन की आवश्यकता है। साथ ही यह भी बताया गया कि वर्तमान में जिला योजना का आवंटन एलोकेशन आधारित है, जिसे आवश्यकता एवं परिणाम (नीड एवं आउटकम) आधारित बनाए जाने की जरूरत है। बैठक में आयोग के सदस्य पी. एस. जंगपांगी व एम. सी. जोशी, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर एवं डॉ. आर. राजेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया नयार वैली फेस्टिवल का उद्घाटन

Chief Minister Dhami inaugurated the Nayar Valley Festival
Chief Minister Dhami inaugurated the Nayar Valley Festival

– नयार वैली फेस्टिवल: पर्यटन, परंपरा और विकास का ऐतिहासिक संगम
– पौड़ी की नयार घाटी से मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा संदेश, पर्यटन, रोजगार और विकास को मिलेगी नयी गति
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही नयार घाटी की पर्यटन, संस्कृति एवं साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।  मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड पोखड़ा में रसलवाँण दीवा मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड बीरोंखाल में कालिंका मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर स्थलीय कार्य तथा विकासखंड पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों की घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की, योगिता की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई तथा समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों तुलसीदास एवं बीरेन्द्र को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने साइक्लिस्टों तथा एंगलरों से भी संवाद कर उनके साहस और उत्साह की सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज, रिवर्स बंजी सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नयार वैली क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है तथा ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि नयार घाटी सहित जनपद पौड़ी गढ़वाल का यह संपूर्ण क्षेत्र अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साहसिक संभावनाओं के कारण अत्यंत अद्वितीय है। प्रकृति ने इस क्षेत्र को सौंदर्य और रोमांच का अनुपम संगम प्रदान किया है, जिससे यह साहसिक पर्यटन और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आदर्श स्थल बनता है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है, जिससे प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, दूरसंचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का निर्माण प्रगति पर है, जबकि खोह नदी को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पौड़ी के गड़िया गांव में प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी का निर्माण, कोटद्वार में 11 करोड़ की लागत से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और मालन नदी पर पुल निर्माण कार्य जारी है।  मुख्यमंत्री ने कहा पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज के रूप में संरक्षित किया जा रहा है तथा सतपुली में सिंचाई निरीक्षण भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में खेल सुविधाओं के विस्तार, 50 बेड वाले आधुनिक चिकित्सालय के निर्माण, सीडीएस पार्क में विशाल तिरंगा, विज्ञान संग्रहालय, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, 20 करोड़ की लागत से माउंटेन म्यूजियम एवं तारामंडल जैसी परियोजनाएं भविष्य में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से क्षेत्र का संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास शासन-प्रशासन को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से 17 दिसंबर 2025 से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत प्रशासन के विभिन्न विभागों की टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से लोगों के प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज घर-घर पहुंचाए गए, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यही है कि हर नागरिक को समय पर सुविधाएं मिलें और उसकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान उसके अपने द्वार पर ही सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का समग्र सामाजिक विकास सरकार का प्रमुख लक्ष्य और संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखना, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों का संरक्षण करना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड को देश-विदेश में प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और नयार वैली फेस्टिवल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह एक आयोजन नहीं, बल्कि नयार घाटी की अपार प्राकृतिक सुंदरता, हमारी समृद्ध संस्कृति और साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं का सशक्त परिचय है। इस महोत्सव के माध्यम से पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियाँ युवाओं को नए अवसर प्रदान करेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खोलेंगी।  पर्यटन मंत्री कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से नयार घाटी आने वाले समय में देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी और विकास, रोजगार तथा सांस्कृतिक पहचान का नया अध्याय लिखेगी। विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनपद पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। साथ ही उन्होंने चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए नयार वैली फेस्टिवल को स्थायी रूप से आयोजित किए जाने का अनुरोध किया। बिलखेत में जिला प्रशासन द्वारा एक अद्वितीय एवं सुव्यवस्थित आयोजन संपन्न किया गया, जिसमें एक ही मंच पर 10 पृथक-पृथक गतिविधियों का सफल संचालन सुनिश्चित किया गया। विविध रोमांचक, सांस्कृतिक एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों से सुसज्जित इस आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों और दर्शकों में उत्साह का संचार किया, बल्कि प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली और उत्कृष्ट व्यवस्थापन क्षमता का भी परिचय दिया। यह आयोजन नवाचार, सुव्यवस्था और बहुआयामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा से लेकर रोजगार तक के लिए संकल्पबद्ध है सरकार :  मुख्यमंत्री

The government is committed to the education, safety and employment of daughters Chief Minister

-नंदा गौरा योजना के तहत 33 हजार से अधिक बेटियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंची राशि
-एक क्लिक के जरिए 1 अरब 45 करोड़ 93 लाख रुपए की धनराशि का हुआ हस्तातंरण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश की 33,251 बालिकाओं के खाते में डीबीटी के माध्यम से 1,45,93.00 (एक अरब पैंतालीस करोड़ तिरान्नबे लाख रुपए) की धनराशि हस्तांतरित की।  मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन्म के समय बेटा- बेटी के बीच होने वाले भेदभाव को समाप्त करते हुए, कन्या जन्म को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश सरकार नंदा गौरा योजना संचालित कर रही है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपए और बेटी के 12वीं पास करने पर उच्च शिक्षा के लिए 51 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अब तक 3,77,784 (तीन लाख सत्तर हजार सात सौ चौरासी ) बालिकाओं को कुल 11,68,49.00 रुपए (ग्यारह अरब अडसठ करोड़ उनपचास लाख ) की धनराशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन दे रही है, साथ ही शिक्षित होने के बाद रोजगार के लिए भी बेटियों को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिसके बाद अब सरकारी सेवाओं में उत्तराखंड की महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई है, इससे सरकारी कार्यालयों की कार्य संस्कृति ज्यादा बेहतर हुई है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लखपति दीदी योजना के जरिए भी प्रदेश की आम महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन देने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देते हुए, समाज में लैंगिक असमानता को दूर करने के लक्य्द प्राप्त करने में सफल रही है।   इस मौके पर विभागीय मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने कहा कि, इस वर्ष लाभांवित होने वाली बालिकाओं में 5913, नवजात हैं, जबकि शेष 27338 को 12वीं पास करने पर यह धनराशि मिली है। उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं प्रेषित की।  इस मौके पर सचिव चंद्रेश कुमार, विभागीय निदेशक बंशीलाल राणा सहित अन्य अधिकारी कम्रचारी उपस्थित हुए।

महिलाओं में गर्भाशय कैंसर अब नहीं होगा लाइलाजः डाॅ. धन सिंह रावत

Uterine cancer in women will no longer be incurable Dr. Dhan Singh Rawat
Uterine cancer in women will no longer be incurable Dr. Dhan Singh Rawat

प्रदेश में 14 वर्ष की शत-प्रतिशत बालिकाओं को लगेगा एचपीवी टीका

कहा, 28 फरवरी को पीएम मोदी करेंगे एचपीवी वैक्सीनेशन का शुभारम्भ

देहरादून, 26 फरवरी 2026
सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि महिलाओं में गर्भाशय कैंसर अब लाइलाज नहीं है। उन्होंने बताया कि महिलाओं में तेजी से फैलने वाली इस गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिये भारत सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी वैक्सीनेशन अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसका शुभारम्भ आगामी 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अजमेर से करेंगे। राज्य सरकार ने भी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन के लिये प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर तैयारियां कर दी है।

डाॅ. रावत ने बताया कि सूबे की महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसे गंभीर रोग के खतरे से सुरक्षित करने के लिये प्रदेशभर में वृहद स्तर पर एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान संचालित किया जायेगा। जिसके तहत 14 वर्ष आयु वर्ग की शत-प्रतिशत बालिकाओं को एचपीवी का निःशुल्क टीका लगाया जायेगा। अभी तक यह टीका निजी अस्पतालों में 4 हजार प्रति डोज की कीमत पर उपलब्ध था लेकिन भारत सरकार द्वारा अब इसे पात्र बालिकाओं को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

डाॅ. रावत ने बताया कि टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर के सभी जिला एवं ब्लॉक स्तर पर पुख्ता तैयारियां कर दी गई है। जिसके तहत डॉक्टरों, नर्सों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों को वैक्सीन की उपलब्धता, कोल्ड-चेन व्यवस्था और रिपोर्टिंग सिस्टम को सुदृढ़ करने के निर्देश दे दिये गये हैं, ताकि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रदेशभर की चिकित्सा इकाइयों में 155 टीकाकरण केन्द्र चिन्हित किये गये हैं, जहां पर 14 वर्ष की सभी पात्र बालिकाओं को निःशुल्क टीका लगाया जायेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला समूहों और समाज के सभी जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय सहयोग कर हर पात्र बालिका के टीकाकरण को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाये। साथ ही उन्होंने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में टीकाकारण को लेकर व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिये, ताकि प्रदेश की हर बेटी इस महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच से लाभान्वित हो सके।

हाइपरलोकल डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने के लिए पीएनबी ने लाँच किया डिजिटल लोकेशन मैनेजमेंट साल्यूशन (डीएलएमएस)

देहरादून – 25 फरवरी 2026: भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, पंजाब नैशनल बैंक ने अपना डिजिटल लोकेशन मैनेजमेंट सॉल्यूशन (डीएलएमएस) लॉन्च किया है। यह एक केंद्रीकृत हाइपरलोकल समाधान है जिसे बैंक की डिजिटल दृश्यता बढ़ाने और ग्राहकों को ऑनलाइन खोज के माध्यम से निर्बाध भौतिक शाखाओं, एटीएम और बीएनए से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है।

प्रत्येक शाखा, एटीएम और बीएनए के लिए समर्पित माइक्रोसॉफ्ट के माध्यम से, जो https://locate.pnb.bank.in पर सुलभ हैं, डीएलएमएस विभिन्न डिजिटल प्रकाशकों जैसे कि गूगल, गूगल मैप्स, डकडकगो, ब्रेव, इकोसिया और वेज़ के साथ-साथ एआई -संचालित प्लेटफार्मों जैसे कि चैटजीपीटी, जेमिनाई और परप्लेक्सिटी आदि पर सटीक, सत्यापित और एकसमान स्थान की जानकारी सुनिश्चित करता है। प्रत्येक शाखा, एटीएम और बीएनए की व्यक्तिगत माइक्रोसॉफ़्ट को उनके संबंधित गूगल बिजनेस प्रोफाइल (GBP) के साथ एकीकृत किया गया है। प्रत्येक माइक्रोसॉफ़्ट शाखा, एटीएम और बीएनए के विवरण के लिए एक प्रामाणिक स्रोत के रूप में कार्य करती है, जिसमें पता, संपर्क जानकारी, IFSC, कामकाज के घंटे, दिशा-निर्देश और चल रहे ऑफर व योजनाएं शामिल हैं। पहुंच और क्षेत्रीय आउटरीच बढ़ाने के लिए, ये माइक्रोसॉफ़्ट आठ भाषाओं में उपलब्ध हैं, जिससे पूरे भारत में ग्राहक अपनी पसंदीदा भाषा में बैंकिंग जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

एकीकृत क्यूआर-आधारित समीक्षा प्रणाली और व्यवस्थित स्थान डेटा प्रबंधन के साथ, DLMS ग्राहक जुड़ाव को मजबूत करने, ऑनलाइन खोज क्षमता में सुधार करने और एक निर्बाध ‘फिजीटल’ (भौतिक + डिजिटल) बैंकिंग अनुभव के प्रति पीएनबी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के लिए तैयार है।

किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ, पर्यावरण के संरक्षक और संस्कृति के संवाहक भी हैं:  गणेश जोशी

Farmers are not only food providers, but also strong pillars of the economy, protectors of the environment and carriers of culture Ganesh Joshi
Farmers are not only food providers, but also strong pillars of the economy, protectors of the environment and carriers of culture Ganesh Joshi

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय प्रेमनगर द्वारा आयोजित ‘कृषि कुम्भ-2026’ के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न कृषि, बागवानी एवं नवाचार आधारित स्टालों का अवलोकन किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। साथ ही मंत्री जोशी ने कृषि वानिकी पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया। अपने संबोधन में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और गाँवों की आत्मा हमारे किसान हैं। किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ, पर्यावरण के संरक्षक और संस्कृति के संवाहक भी हैं। उन्होंने कहा कि जब विश्व खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब भारतीय किसान अपनी मेहनत, नवाचार और संकल्प से समाधान प्रस्तुत कर रहा है। कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि प्रदेश के किसानों ने जैविक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, अन्न (मिलेट्स), मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन एवं पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि “किसान मेला” केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव और नवाचार का संगम है, जहाँ किसान, वैज्ञानिक, छात्र और उद्यमी एक मंच पर संवाद कर कृषि के भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा और खेत के बीच की दूरी जितनी कम होगी, कृषि उतनी ही प्रगति करेगी। आज कृषि तकनीक आधारित, वैज्ञानिक और बाज़ार उन्मुख क्षेत्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक, सटीक खेती, मिट्टी परीक्षण, स्मार्ट सिंचाई, जैव उर्वरक एवं डिजिटल मार्केटिंग आधुनिक कृषि के महत्वपूर्ण आयाम हैं।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग, मंडुवा और झंगोरा जैसे मोटे अनाज का प्रसंस्करण, हर्बल उत्पाद, फल प्रसंस्करण, शहद एवं मशरूम उद्योग में अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार स्टार्टअप, मुद्रा योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे केवल रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें और कृषि को उद्यम के रूप में अपनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर कुलपति प्रो० अजय कुमार, रितिका मेहरा, अमन बंसल, पूर्व पार्षद मंजीत रावत सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं एवं कृषकगण शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश

Instructions for speedy implementation of employment schemes in border areas and prevention of migration
Instructions for speedy implementation of employment schemes in border areas and prevention of migration

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) तथा मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) की अनुवीक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई।  बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार व आजीविका से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर गैप न रहे। जनपदों से आने वाले प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया को तेज़ रखते हुए निर्धारित टाइमलाइन में कार्य पूर्ण किए जाएं। पुराने क्रियान्वयनों की समीक्षा करते हुए योजनाओं से धरातली आउटकम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
टारगेटेड अप्रोच व संसाधन-आधारित इंटरवेंशन पर बल :   मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में टारगेटेड अप्रोच और प्रभावी इंटरवेंशन अपनाने के निर्देश दिए ताकि अपेक्षित परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में MPRY और MBADP संचालित हैं, वे स्वरोजगार व आजीविका के मामलों में अन्य सीमांत गांवों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बनें। साथ ही सीमांत गांवों में उपलब्ध संसाधनों और कमी (गैप) का वैज्ञानिक अध्ययन कर उसी अनुरूप योजनाओं का इम्प्लीमेंटेशन किया जाए।
वार्षिक कार्ययोजना 2025-26: प्रगति तेज़ करने के निर्देश:  बैठक में पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने बताया कि योजनाओं का प्रभाव दिख रहा है, किंतु और बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
– MPRY के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 12 जनपदों में 90 योजनाएं प्रस्तावित हैं।
– MBADP के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 5 सीमांत जनपदों के चिन्हित विकासखंडों में 155 योजनाएं प्रस्तावित हैं।
मुख्य सचिव ने दोनों योजनाओं की प्रगति में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
संदर्भित है कि MPRY उत्तराखंड के 50% तक पलायन-प्रभावित 474 गांवों में आवासीय परिवारों, बेरोजगार युवाओं एवं रिवर्स माइग्रेंट्स को स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु संचालित है। MBADP के माध्यम से पांच सीमांत जनपदों के सीमांत विकासखंडों में सतत आजीविका व स्वरोजगार के संसाधन उपलब्ध कराकर पलायन रोकने और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे व डी.एस. गब्रियाल, विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव अनुराधा पाल, झरना कमठान, हॉफ वन विभाग रंजन कुमार मिश्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

NSS is a national organization dedicated to social service Dr. Anil Verma

एनएसएस समाज सेवा को समर्पित राष्ट्रीय संगठन है : डॉo अनिल...

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यूथ रेड क्रास कमेटी के मुख्य आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉo अनिल वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवा छात्र- छात्राओं का समाज सेवा...
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