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कृषि मंत्री गणेश जोशी से हाउस ऑफ़ स्वाशा की सह-संस्थापक ने की भेंट, बांस से निर्मित परिधान किए भेंट

The co-founder of House of Swasha met with Agriculture Minister Ganesh Joshi and presented him with garments made from bamboo.
The co-founder of House of Swasha met with Agriculture Minister Ganesh Joshi and presented him with garments made from bamboo.

देहरादून, 06 फरवरी। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी से आज उनके शासकीय आवास पर हाउस ऑफ़ स्वाशा ब्रांड (निजी संस्था) की सह-संस्थापक स्वाति खंडूरी डिमरी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर स्वाति खंडूरी डिमरी ने कृषि मंत्री गणेश जोशी को हाउस ऑफ़ स्वाशा ब्रांड के अंतर्गत बांस (Bamboo) से निर्मित परिधान भेंट किए।

भेंट के दौरान स्वाति खंडूरी डिमरी ने हाउस ऑफ़ स्वाशा द्वारा किए जा रहे सस्टेनेबल एवं इको-फ्रेंडली फैशन के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्रांड 100 प्रतिशत प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करते हुए नैतिक उत्पादन और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए कार्य कर रहा है। ब्रांड की नई पेशकशों में बांस (Bamboo) रेंज के क्लासिक फिट टॉप्स और बांस से बने मोज़े, साथ ही प्रीमियम ऑर्गेनिक कॉटन पुरुष कलेक्शन शामिल हैं। ये सभी परिधान 100% ऑर्गेनिक और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए हैं, जो अधिकतम आराम के साथ पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करते हैं।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हाउस ऑफ़ स्वाशा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बांस आधारित उत्पादों को प्रदेश में किसानों से जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी बांस से बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि बांस उत्पादन, उसके बहुउपयोगी लाभों तथा सस्टेनेबल उद्योगों को प्रोत्साहित एवं बढ़ावा देने के लिए भी बांस आधारित उत्पादों का प्रयोग राज्य में भी किया जाएगा, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण की सख्ती, 125 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

The Mussoorie-Dehradun Development Authority (MDDA) took strict action, demolishing illegal plots being developed on 125 bighas of land.
The Mussoorie-Dehradun Development Authority (MDDA) took strict action, demolishing illegal plots being developed on 125 bighas of land.

लांघा रोड छरबा सहसपुर में 100 बीघा भूमि पर कार्रवाई, होरावाला रोड छरबा में 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

नियमों की अनदेखी कर अवैध प्लॉटिंग व निर्माण करने की अनुमति किसी भी व्यक्ति को नहीं दी जाएगी- बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अनियोजित विकास के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को लगभग 125 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण उपविधियों के तहत की गई इस कार्रवाई में अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग की सड़कों पर बुलडोजर चलाया गया। एमडीडीए द्वारा लगातार यह स्पष्ट किया जा रहा है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण एवं प्लॉटिंग न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहरी अव्यवस्था, पर्यावरणीय असंतुलन एवं भविष्य की विकास योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।

होरावाला रोड छरबा में 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास, आलोक नौटियाल द्वारा होरावाला रोड, छरबा, आईटीआई के समीप देहरादून क्षेत्र में लगभग 20 से 25 बीघा भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। बिना प्राधिकरण की अनुमति भूमि का विभाजन कर प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आंतरिक सड़कें विकसित की जा रही थीं। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया और संबंधित लोगों को भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।

लांघा रोड छरबा सहसपुर में 100 बीघा भूमि पर कार्रवाई
इसी क्रम में तडियाल एवं जोशी द्वारा लांघा रोड, छरबा, सहसपुर देहरादून क्षेत्र में लगभग 100 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध भी बड़ी कार्रवाई की गई। यहां पर अवैध रूप से विकसित कॉलोनी के स्वरूप में प्लॉट चिन्हित किए गए थे तथा सड़कों का निर्माण किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, मनीश नौटियाल (सुपरवाइजर) सहित एमडीडीए का तकनीकी स्टाफ एवं पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

आमजन को किया गया सतर्क
एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि भूमि क्रय-विक्रय या निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। बिना स्वीकृति किए गए निर्माण या प्लॉटिंग पर न केवल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी, बल्कि नियमानुसार कानूनी कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। प्राधिकरण द्वारा अवैध गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग के खिलाफ भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा। शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मसूरी–देहरादून क्षेत्र में नियोजित और संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध कॉलोनियां विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियोजित विकास ही एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आमजन के हितों की रक्षा के लिए इस प्रकार की कार्रवाइयां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी विकास कार्य पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूमि खरीदने या निर्माण से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

देहरादून में निकाली सड़क सुरक्षा रैली

A road safety rally was held in Dehradun.
A road safety rally was held in Dehradun.

देहरादून।   राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत बुधवार को शहर में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से सड़क सुरक्षा और स्वच्छता का संदेश दिया गया। दून लाइब्रेरी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर आयुक्त नमामी बंसल ने जागरूकता रैली को रवाना किया। इससे पहले नगर आयुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा और वायु प्रदूषण में सुधार के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है। उन्होंने कोटा शहर का उदाहरण देते हुए देहरादून को भी ट्रैफिक सिग्नल मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास करने पर जोर दिया। उप परिवहन आयुक्त सुनील शर्मा ने कहा कि वायु प्रदूषण का सबसे बुरा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। वहीं, आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत वर्ष 2026 तक वायु प्रदूषण में 40 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने वाहनों की समय पर जांच और केवल ओरिजिनल पार्ट्स का ही प्रयोग करने, दुर्घटनाओं से बचने के लिए ओवरलोडिंग व ओवर स्पीडिंग से परहेज करने और टायरों में मानक के अनुसार हवा रखने और घिसे हुए टायरों का उपयोग न करने की सलाह दी। इस मौके पर एआरटीओ प्रवर्तन पंकज श्रीवास्तव, एआरटीओ प्रशासन चक्रपाणि मिश्रा मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने दून अस्पताल  पहुंचकर  क्वानू–मीनस मोटर मार्ग दुर्घटना में घायल यात्रियों का हाल जाना

Chief Minister Dhami visited Doon Hospital and inquired about the condition of the passengers injured in the Kwanu-Meenas motor road accident.
Chief Minister Dhami visited Doon Hospital and inquired about the condition of the passengers injured in the Kwanu-Meenas motor road accident.

– घायलों का हालचाल जाना, पारिवारिक जनों से बातचीत कर इलाज का पूरा भरोसा दिया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालसी क्षेत्र अंतर्गत क्वानू–मीनस मोटर मार्ग पर हिमाचल परिवहन निगम की बस दुर्घटना में घायल हुए हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के यात्रियों का हाल-चाल जानने के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सकीय टीम को सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री  ने घायलों के परिजनों से भी बातचीत कर उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासनगर के उप जिला चिकित्साधिकारी से दूरभाष पर विकासनगर में उपचाराधीन दुर्घटना के घायलों को भी समुचित एवं संवेदनशील चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार को भी आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में उपचाराधीन हिमाचल के सभी घायल यात्रियों का समुचित एवं निःशुल्क उपचार राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कौशल विकास व फॉरवर्ड लिंकेज पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

A high-level review meeting on skill development and forward linkages was held under the chairmanship of Chief Minister Dhami.
A high-level review meeting on skill development and forward linkages was held under the chairmanship of Chief Minister Dhami.

-युवाओं को मांग आधारित कौशल, सुनिश्चित रोजगार और बेहतर वेतन दिलाने पर जोर
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में कौशल विकास के अंतर्गत अब तक की कार्य प्रगति तथा स्किल प्राप्त युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ने के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
आईटीआई  संस्थानों और स्किल प्राप्त युवाओं की वृद्धि के बावजूद रोजगार गैप पर गंभीर मंथन  : बैठक में इस तथ्य पर गहन चर्चा हुई कि राज्य में आईटीआई व तकनीकी संस्थानों तथा प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद उद्योगों में उनकी प्लेसमेंट और संतोषजनक वेतन क्यों नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन, समन्वय और प्लेटफार्म स्तर पर कमी का संकेत बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
बेरोजगारी बनाम कुशल श्रमिकों की कमी, समन्वय की जरूरत:   मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे दैनिक कार्यों के लिए कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर अनेक युवा जो आईटीआई से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं वे रोजगार की आकांक्षा में रहते हैं। उन्होंने तकनीकी, शिक्षा, कौशल और अन्य संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से इस विरोधाभास को दूर करने के निर्देश दिए।
स्मार्ट मानव संसाधन पर फोकस, उद्योग मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम :  बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना प्राथमिकता होगी। उद्योगों और भविष्य की तकनीकी मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, प्रशिक्षित ट्रेनर-शिक्षक और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने पर जोर देने को कहा।
तीन स्तर की वर्कफोर्स और स्थानीय रोजगार मॉडल :  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर दैनिक कार्यों के लिए बेसिक स्किल वर्कर, मीडियम तकनीक की वर्कफोर्स और उच्च कुशल तकनीकी वर्कफोर्स तैयार करने का समेकित मॉडल विकसित किया जाए, जिससे विकसित भारत @2047 की आकांक्षा को साकार करने को बल मिले।
ट्रेनिंग के साथ रोजगार सुनिश्चित, पाठ्यक्रमों की हो सतत समीक्षा:  निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से टैग किया जाए, ताकि ट्रेनिंग के दौरान ही जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित हो। तकनीकी पाठ्यक्रमों को समयानुसार रिवाइज करने तथा 6 माह, मध्य अवधि और दीर्घकालिक तीनों स्तरों पर आउटकम सुनिश्चित करने पर बल दिया जाय।
विदेशों में रोजगार, पारदर्शी भर्ती और न्यायिक प्रकरणों पर निर्देश :  विदेशों में स्वरोजगार/रोजगार के अवसरों के लिए चयनित किए जाने वाले युवाओं को भारत सरकार की विभिन्न देशों के अनुरूप प्रबंधन के संबंध में गाइडलाइंस साझा की जाए। ताकि उनको संबंधित देश में अपने आपको अनुकूलित करने में अधिक आसानी हो।
सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा न्यायालय में लंबित प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि भर्ती परिणाम अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
उद्योग सहभागिता और एकीकृत प्लेटफार्म पर जोर  : कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण में भागीदार बनाने का सुझाव दिया, जिससे मांग आधारित कौशल विकसित हों। उन्होंने बताया कि यदि उद्योग भी प्रशिक्षण और तकनीकी पाठ्यक्रम के निर्धारण में शामिल होंगे तो वे उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को स्किल्ड कर पाएंगे। इससे युवाओं को जॉब पाने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी संबंधित विभागों को एक प्लेटफार्म पर आकर रोजगार व कौशल से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग सी. रविशंकर ने विभागीय प्रयासों, स्थानीय से ओवरसीज प्लेसमेंट तक की रणनीति और बेहतर प्रयासों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम,  सचिव दिलीप जावलकर, रंजीत सिन्हा, रविनाथ रामन, विनय शंकर पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डी एस गब्रियाल, हॉफ वन विभाग रंजन मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में सभी विद्यालयों की भागीदारी अनिवार्यः डाॅ. धन सिंह रावत

Participation of all schools in the 'Pariksha Pe Charcha' program is mandatory Dr. Dhan Singh Rawat
Participation of all schools in the 'Pariksha Pe Charcha' program is mandatory Dr. Dhan Singh Rawat

सूबे के 7 लाख से अधिक छात्रों ने किया कार्यक्रम हेतु पंजीकरण

कहा, शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी देशभर के छात्रों से करेंगे सीधा संवाद

विभागीय अधिकारियों को निर्देश, विद्यालयों में कार्यक्रम का हो सीधा प्रसारण

देहरादून, 04 फरवरी 2026
सूबे के प्रत्येक विद्यालय ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस विशेष कार्यक्रम का सभी विद्यालयों में डिजिटल माध्यम से प्रसारण किया जायेगा। जहां पर कक्षा-6 से आगे की छात्र-छात्राएं, अभिभावक व शिक्षक प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों को समुचित निर्देश दे दिये गये हैं।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेशभर के विद्यालयों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का वृहद स्तर पर आयोजन किया जायेगा। इस विशेष कार्यक्रम में सभी विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 6 फरवरी को प्रातः 10ः00 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण के माध्यम से देशभर के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधे संवाद करेंगे। इस विशेष कार्यक्रम के जरिये प्रधानमंत्री छात्रों को न सिर्फ तनाव मुक्त परीक्षाओं का मंत्र देंगे बल्कि उन्हें चुनौतियों से पार पाने, संतुलन बनाए रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी देंगे।

डाॅ. रावत ने बताया कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के इस संस्करण का प्रसारण प्रदेश के सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से किया जायेगा। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों के विद्यालयों में कार्यक्रम के प्रसारण की सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दे दिये गये हैं। ताकि कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के समस्त छात्र-छात्राएं, अभिभावक व शिक्षक प्रधानमंत्री के संवाद को देख व सुन सके। डाॅ. रावत ने उक्त कार्यक्रम का प्रसारण टीवी के अतिरिक्त एजुसेट व इंटरनेट एक्सेस डिवाइस पर भी देखने की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

बाॅक्स
8 लाख अभिभावकों व शिक्षकों व छात्रों ने किया पंजीकरण
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण के लिये प्रदेशभर के 8 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं, अभिभावकों व शिक्षकों ने रिकाॅर्ड संख्या में अपना पंजीकरण करवाया है। जिसमें विभिन्न जनपदों में 7 लाख 37 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीकरण कराया है। इसके अलावा 53149 शिक्षकों व 14512 अभिभावकों ने उक्त कार्यक्रम के लिये अपना पंजीकरण कराया है।

आईजीआई ने किया एजीएल का अधिग्रहण, कलर्ड जेमस्टोन सर्टिफिकेशन के क्षेत्र में दुनिया भर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम

IGI has acquired AGL, a major step towards expanding its global presence in the field of colored gemstone certification.
IGI has acquired AGL, a major step towards expanding its global presence in the field of colored gemstone certification.

देहरादून – 03 फरवरी, 2026: पूरी दुनिया में स्वतंत्र रूप से ग्रेडिंग एवं प्रमाणन सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद संगठनों में से एक, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (इंडिया) लिमिटेड (आईजीआई) ने आज अमेरिकन जेमोलॉजिकल लेबोरेटरीज (एजीएल) के अधिग्रहण की घोषणा की, जो रंगीन जेमस्टोन के विश्लेषण और उनके मूल स्रोत की जानकारी प्रदान करने में पूरी दुनिया में सबसे आगे है। इस समझौते के माध्यम से दुनिया भर में फैले नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर का मिलन रंगीन रत्नों के क्षेत्र में गहरी वैज्ञानिक जानकारी से हुआ है, और अब दोनों समूह साथ मिलकर पूरी दुनिया में रत्न एवं आभूषण उद्योग में प्रमाणन और भरोसे के मामले में सबसे आगे हो गया है।

इस अधिग्रहण के बाद विश्व स्तर पर प्रमाणन का एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है, जो आईजीआई के इस उद्योग में बड़े पैमाने पर मौजूदगी, इंफ्रास्ट्रक्चर और बाजार तक पहुंच को रंगीन रत्नों में एजीएल की गहरी वैज्ञानिक विशेषज्ञता और नेतृत्वकर्ता के तौर पर अग्रणी स्थिति के साथ जोड़ता है। अब आईजीआई और एजीएल साथ मिलकर पूरी दुनिया में रत्न एवं आभूषण उद्योग में बेहतर भरोसे, पारदर्शिता और इनोवेशन को बढ़ावा देंगे, साथ ही अपनी उस वैज्ञानिक निष्पक्षता को भी कायम रखेंगे जिसके लिए वे दुनिया भर में जाने जाते हैं।

इस मौके पर आईजीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं ग्लोबल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री तेहमास्प प्रिंटर ने कहा, “यह इस उद्योग में बड़े पैमाने पर बदलाव लाने वाला कदम है। हमने रंगीन रत्नों के क्षेत्र में एजीएल की वैज्ञानिक विशेषज्ञता को आईजीआई के पूरी दुनिया में मौजूद प्लेटफॉर्म के साथ जोड़कर, हम एक ऐसा सर्टिफिकेशन इकोसिस्टम बना कर रहे हैं, जो भविष्य के अनुरूप होने के साथ-साथ निष्पक्षता या वैज्ञानिक जांच से समझौता किए बिना बड़े पैमाने पर अपनी सेवाएं देने में सक्षम हो। दोनों संगठन साथ मिलकर, रत्न प्रमाणन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर भरोसे, पारदर्शिता और एकरूपता की एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं।”

मुख्य अंश:
रणनीतिक गठबंधन: आईजीआई की मदद से अब एजीएल पूरी दुनिया में मौजूद उसके इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर पाएगा, और इस तरह एजीएल को अमेरिकी बाजार से बाहर अपनी रंगीन रत्न प्रमाणन सेवाओं का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। आईजीआई के लिए, इस साझेदारी से संगठन के बाजार के दायरे का और विस्तार होगा, साथ ही तेजी से बढ़ते रंगीन रत्नों के क्षेत्र में कदम रखने से राजस्व में भी विविधता आएगी और अलग-अलग बंजारों के एकजुट होने तथा रिसर्च की बढ़ी हुई क्षमताओं से लंबे समय तक विकास में काफी मदद मिलेगी।

व्यावसायिक निरंतरता: क्रिस स्मिथ पहले की तरह ही एजीएल के प्रेसिडेंट और चीफ जेमोलॉजिस्ट बने रहेंगे। लेबोरेटरी का मुख्यालय भी अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहेगा, और यह संगठन अपने सम्मानित ब्रांड और लीडरशिप के साथ स्वतंत्र रूप से काम करता रहेगा, साथ ही अपनी वैज्ञानिक गुणवत्ता के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता के प्रति समर्पित रहेगा। फिलहाल कामकाज के तरीके में किसी बदलाव की योजना नहीं है; दोनों संगठन अपने पुराने तकनीकी मानकों को बरकरार रखते हुए ग्राहकों को अपनी सेवाएं देना जारी रखेंगे, और साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को पूरा करने के लिए नए उपकरण और रिपोर्टिंग के तरीके विकसित करेंगे।
शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में नेतृत्व: एजीएल के अधिग्रहण के साथ, आईजीआई रंगीन रत्नों में विश्व स्तर पर अपने शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और बेहतर बनाएगा, जिसमें एजीएल के विशेष वैज्ञानिक ज्ञान, अनुसंधान और शिक्षण की विधियों को भी शामिल किया जाएगा।

लंबे समय के निवेश का वादा: ब्लैकस्टोन के लंबे समय के निवेश वाले नजरिए की मदद से, आईजीआई ने पूरी दुनिया में अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है, अपने लेबोरेटरी की सुविधाओं को बेहतर बनाया है साथ ही प्रशिक्षण एवं प्रतिभाशाली लोगों को साथ जोड़ने में निवेश किया है। एजीएल की लगातार प्रगति, इसकी वैज्ञानिक विशेषज्ञता और रंगीन रत्नों के प्रमाणन में पूरी दुनिया में इसके दायरे के विस्तार के लिए आईजीआई ने उसी अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश रणनीति को लागू करने का लक्ष्य रखा है।

एजीएल की स्थापना 1977 में हुई थी, जिसने अमेरिका में रंगीन रत्नों के लिए उसके मूल देश की जानकारी देने की परंपरा शुरू की। आज यह संगठन दुनिया के बड़े-बड़े लग्जरी ब्रांड्स, जाने-माने ऑक्शन हाउस, निर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं और निजी संग्रहकर्ताओं को अपनी सेवाएँ प्रदान करता है।

इस साझेदारी के बाद अमेरिका— जो अव्वल दर्जे के आभूषणों और रंगीन रत्नों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है— और भारत, जो रत्न निर्माण, सोर्सिंग और प्रमाणन का एक वैश्विक केंद्र है, के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूती मिली है। दोनों संगठनों के साथ मिलने के बाद अब यह प्लेटफॉर्म बड़े स्तर पर वैज्ञानिक क्षमता और भौगोलिक पहुंच के साथ वैश्विक रत्न व्यापार को अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार है, जिससे मूल स्थान के बारे में जानकारी, पारदर्शिता और एकरूपता के लिए बाजार की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

इस मौके पर एजीएल के प्रेसिडेंट एवं चीफ जेमोलॉजिस्ट, क्रिस्टोफर स्मिथ ने कहा: यह अधिग्रहण एजीएल के लिए रंगीन रत्नों से जुड़ी अपनी सेवाओं को जारी रखने और उन्हें बड़े पैमाने पर आगे बढ़ने का बेहद शानदार और अहम मौका है। ब्लैकस्टोन के सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईजीआई की सुविधाओं की उपलब्धता के साथ, एजीएल पूरी दुनिया में रंगीन रत्नों एवं आभूषणों के बाजार में अपनी निष्पक्षता, बेहतरीन सेवाओं और प्रोडक्ट के मानकों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”

जेमोरा ग्रुप के फाउंडर एवं सीईओ, तथा जेमफील्ड्स और फ्यूरा जेम्स के पूर्व एग्जीक्यूटिव, देव शेट्टी ने इस साझेदारी में रणनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाई है।

मंगल बाजार बंद कराने को व्यापारियों ने निकाला जुलूस

Traders took out a procession to demand the closure of Mangal Bazaar.
Traders took out a procession to demand the closure of Mangal Bazaar.

रुद्रपुर।  मंगल बाजार को बंद कराने की मांग को लेकर सोमवार को स्थानीय व्यापारियों ने शहर में जुलूस निकाला। देवभूमि व्यापार मंडल की अगुवाई में व्यापारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद एसडीएम गौरव पांडेय को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना था कि मंगलवार को बाजार की साप्ताहिक बंदी रहती है, इसके बावजूद फड़ व्यवसायी सड़कों पर फड़ लगाकर गैरकानूनी तरीके से बाजार संचालित कर रहे हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फड़ बाजार में सरकारी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और वहां अनुचित और संदिग्ध सामान की बिक्री भी होती है। व्यापारियों ने प्रशासन से मंगल बाजार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन में देवभूमि व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा, कार्यकारी अध्यक्ष जगरूप सिंह गोल्डी, महामंत्री नितिन फुटेला, गुलशन सिंधी, सत्यनारायण गोयल सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

स्व. रोहित वाणी मेमोरियल क्रिकेट कप पर गोल्डन बॉयज का कब्जा

Golden Boys won the Late Rohit Wani Memorial Cricket Cup.
Golden Boys won the Late Rohit Wani Memorial Cricket Cup.

अल्मोड़ा। नगर के जीआईसी खेल मैदान में आयोजित स्वर्गीय रोहित वाणी मेमोरियल कॉस्को क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला खेल के रोमांच और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। फाइनल में गोल्डन बॉयज और कसार वॉरियर्स की टीमें आमने-सामने रहीं, जिसमें गोल्डन बॉयज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल मैच का शुभारंभ विधायक मनोज तिवारी, महापौर अजय वर्मा तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह पिलखवाल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूपेन्द्र भोज, भाजपा जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह बिष्ट और नगर निगम पार्षद वंदना वर्मा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन करते हुए किया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गोल्डन बॉयज की टीम ने निर्धारित 15 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 110 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी कसार वॉरियर्स की टीम 67 रन पर सिमट गई। इस तरह गोल्डन बॉयज ने 43 रन से मुकाबला जीतकर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। मैच में गोल्डन बॉयज के कप्तान गोलू ने 19 गेंदों में 44 रन की तेज पारी खेली और मैन ऑफ द मैच चुने गए। दीप चंद्र जोशी को सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर, तुषार गुप्ता को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और विक्की रॉनी को मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिया गया। विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 21 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि दी गई, जबकि उपविजेता कसार वॉरियर्स को ट्रॉफी के साथ 11 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। प्रतियोगिता के दौरान युवा प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से अंडर-13 आयु वर्ग में सनशाइन क्रिकेट एकेडमी और टीम स्टेडियम के बीच खेला गया। सनशाइन क्रिकेट एकेडमी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवरों में 54 रन बनाए, जिसके जवाब में टीम स्टेडियम ने आठ ओवर में लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की। समापन अवसर पर देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज सिंह पवार, कैलाश वाणी, भगत रावत, सूरज वाणी, आशीष भारती, अरविंद चंद्र जोशी, अनिल वर्मा, सुनील कुमार यादव, अवनी अवस्थी, पवन नगरकोटी, राहुल कनवाल, गिरीश नाथ गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

उत्तर-पूर्वी किसानों को जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण

Farmers in northeastern India are being trained in climate-resilient farming techniques.
Farmers in northeastern India are being trained in climate-resilient farming techniques.

अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के किसानों के लिए आजीविका संवर्धन को केंद्र में रखते हुए जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ कृषि प्रौद्योगिकियों पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 27 से 31 जनवरी 2026 तक चला, जिसमें उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से आए 18 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप टिकाऊ कृषि, उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों और वैकल्पिक आजीविका अवसरों की व्यावहारिक समझ विकसित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों के व्याख्यान, क्षेत्रीय प्रदर्शन और प्रयोगात्मक सत्र आयोजित किए गए, ताकि प्रतिभागी तकनीकों को सीधे खेत-स्तर पर अपनाने के लिए तैयार हो सकें। उद्घाटन सत्र में प्रभारी निदेशक एवं फसल सुधार विभागाध्यक्ष एन. के. हेडाऊ ने संस्थान की प्रमुख प्रौद्योगिकियों और उत्तर-पूर्वी हिमालयी कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। शुरुआती सत्रों में मिलेट्स व अन्य संभावनाशील फसलों का उत्पादन, सब्जियों की संरक्षित खेती और उत्तम कृषि पद्धतियों पर चर्चा हुई। 29 जनवरी को प्रतिभागियों ने दाड़िमा क्लस्टर और केंद्रीय समशीतोष्ण बागवानी संस्थान, मुक्तेश्वर का भ्रमण कर उन्नत बागवानी तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। 30 जनवरी को पर्वतीय कृषि प्रणाली में पशुपालन प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण, मक्का उत्पादन तकनीक, जैव उर्वरकों व सूक्ष्मजीवी इनोकुलेंट्स के उपयोग तथा मधुमक्खी पालन को उद्यम के रूप में अपनाने पर सत्र आयोजित हुए। इस अवसर पर संस्थान की अभियांत्रिकी कार्यशाला का भी भ्रमण कराया गया। निदेशक लक्ष्मीकांत ने प्रतिभागियों से संवाद कर प्रशिक्षण पर उनकी प्रतिक्रियाएँ लीं और अर्जित ज्ञान को अपने क्षेत्रों में प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन पर्वतीय पारिस्थितिकी के अनुरूप धान और दलहन उत्पादन तकनीक, समन्वित मृदा व जल प्रबंधन, कृषि में ड्रोन के उपयोग और जैविक खेती पर व्याख्यान हुए। कार्यक्रम का समापन उत्तर-पूर्वी हिमालयी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी आर. के. खुल्बे की उपस्थिति में प्रतिभागियों की प्रतिपुष्टि और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ किया गया। कार्यक्रम का समन्वय संस्थान के वैज्ञानिक कामिनी बिष्ट, आर. पी. मीना, एम. एस. भिंडा और उत्कर्ष कुमार ने किया।

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