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सहकारी संघों में तैनात होंगे प्रोफेशनल एमडीः डाॅ. धन सिंह रावत

Professional MDs will be posted in cooperative societies Dr. Dhan Singh Rawat
Professional MDs will be posted in cooperative societies Dr. Dhan Singh Rawat

बैठक में आधी-अधूरी तैयारियों के साथ पहुंचे अधिकारियों को लगाई फटकार

निबंधक कार्यालय व सहकारी बाजार के निर्माण शीघ्र शुरू करने के निर्देश

कहा, आयोग को शीघ्र भेजें एआर व डीआर के रिक्त पदों पर डीपीसी प्रस्ताव

देहरादून, 10 फरवरी 2026

सहकारिता विभाग के अंतर्गत विभिन्न सहकारी संघों के प्रभावी संचालन व पेशेवर प्रबंधन को प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर तैनात किये जायेंगे, ताकि सहकारी संघों को बाजार के अुनरूप प्रतिस्पर्धा के लिये तैयार किया जा सके। दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के साथ ही एआर व डीआर के डीपीसी प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिये। आधी-अधूरी तैयारियों के साथ बैठक में पहुंचे अधिकारियों को विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की सख्त चेतावनी भी दी।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज देहरादून में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने दून सहकारी बाजार, निबंधक कार्यालय के निर्माण कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी पर विभागीय अधिकारियों को जमकार फटकार लगाई। आधी-अधूरी तैयारियों के साथ बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुये उन्होंने इसे घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता बताया। उन्होंने भविष्य में अधिकारियों को भविष्य में पूरी तैयारी के साथ ही बैठक में आने के निर्देश दिये। डाॅ. रावत ने निबंधक सहकारिता को दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने सहकारी संघों यथा उत्तराखंड सहकारी संघ (यूसीएफ), उत्तराखंड सहकारी रेशम संघ, उत्तराखंड राज्य भण्डार निगम एवं उत्तराखंड आवास एवं निर्माण सहकारी संघ में कार्यकुशलता बढ़ाने व उन्हें बाजार की प्रतिस्पर्धी के अनुरूप तैयार करने को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने चारों सहकारी संघों में पेशेवर प्रबंधन के लिये प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर तैनात करने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिये। डाॅ. रावत ने बैठक में कृषि समिति रायवाला, एग्लो-इण्डियन सोसायटी, बीएचईएल हरिद्वार गृह निर्माण समिति एवं श्रीनगर में सहकारी विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे व विवाद को शीघ्र सुलझाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने विभाग के अंतर्गत एआर व डीआर की पदोन्नति को डीपीसी प्रस्ताव शीघ्र राज्य लोक सेवा आयोग को भेजने, सहकारी बैंकों में विभिन्न पदों पर आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा को भारत सरकार के उपक्रम आईबीपीएस के माध्यम से कराने, पैक्स समितियों के सचिवों की नियमावली जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने तथा सहकारी संघों में नवीन शुल्क का निर्धारण करते हुये सदस्यता अभियान शुरू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

बैठक में सचिव सहकारिता डाॅ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारिता डाॅ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम.पी. त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल, जिला सहायक निबंधक देहरादून बी.एस. मनराल, सुमन कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पीएनबी ने अपने 132वें स्थापना दिवस के पूर्व ‘पीएनबी सोल्जरथॉन 2026’ की घोषणा की

PNB announces 'PNB Soldierthon 2026' ahead of its 132nd Foundation Day
PNB announces 'PNB Soldierthon 2026' ahead of its 132nd Foundation Day

देहरादून – 10 फरवरी 2026: देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने आज अपने द्वारका स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में ‘ पीएनबी सोल्जरथॉन 2026’ की घोषणा की, जो बैंक के 132वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले समारोहों की शुरुआत का प्रतीक है। यह पीएनबी की इस प्रतिष्ठित मैराथन का दूसरा संस्करण है और इस वर्ष, यह हाफ मैराथन ‘सोल्जरथॉन’ थीम के तहत आयोजित की जा रही है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के सम्मान के प्रति बैंक की अटूट प्रतिबद्धता के साथ-साथ फिटनेस, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने के संकल्प को दोहराती है।

प्री-लॉन्च समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मेजर डॉ. सुरेंद्र पूनिया (वीएसएम), लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर और भारतीय सेना के पूर्व स्पेशल फोर्सेस अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर बैंक के एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशकगण, वरिष्ठ अधिकारी, सशस्त्र बलों एवं पूर्व सैनिक समुदाय के प्रतिनिधि और मैराथन धावक भी उपस्थित रहे।

“PNB सोल्जरथॉन 2026 – सैनिकों के साथ दौड़, सैनिकों के लिए दौड़” की एक एक देशव्यापी आंदोलन के तौर पर परिकल्पना की गई है, जिसका उद्देश्य सैनिकों, दिग्गजों, नागरिकों, युवाओं और फिटनेस प्रेमियों को एक साथ लाना है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के पीएनबी के व्यापक लक्ष्य को सुदृढ़ करता है।

प्री-लॉन्च के एक अंग के तौर पर पीएनबी ने सोल्जरथॉन 2026 के आधिकारिक नाम, थीम, टी-शर्ट और मेडल का अनावरण किया। दर्शकों के सामने ‘ पीएनबी हाफ मैराथन 2025’ की प्रमुख झलकियों को दिखाती हुई एक शार्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जो पीएनबी की प्रमुख फिटनेस पहलों के बढ़ते पैमाने और प्रभाव को दर्शाती है।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पीएनबी के एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र ने कहा, “जैसे-जैसे हम पीएनबी के 132वें स्थापना दिवस के करीब पहुंच रहे हैं, हमें ‘पीएनबी सोल्जरथॉन 2026 – सैनिकों के साथ दौड़, सैनिकों के लिए दौड़’ थीम के तहत पीएनबी हाफ मैराथन के दूसरे संस्करण की घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है, जो 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। यह थीम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को समर्पित है और सशस्त्र बलों के प्रति हमारी श्रद्धांजलि है। महान स्वतंत्रता सेनानी श्री लाला लाजपत राय द्वारा स्थापित पीएनबी हमेशा राष्ट्र निर्माण के पक्ष में खड़ा रहा है, और इस वर्ष हम अपना उत्सव देश की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों को समर्पित कर रहे हैं। स्थापना दिवस मनाने के साथ-साथ, यह पहल पूरे भारत में फिटनेस, अच्छे स्वास्थ्य और एक मजबूत खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। हम नागरिकों, खिलाड़ियों और पूरे पीएनबी परिवार को हमारे सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता से खड़े होने और इसे वास्तव में एक प्रभावशाली आंदोलन बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं।”

मुख्य अतिथि मेजर डॉ. सुरेंद्र पूनिया ने पीएनबी के सतत प्रयासों की सराहना की और कहा कि सोल्जरथॉन जैसी पहल राष्ट्रीय चेतना के निर्माण, फिटनेस को प्रोत्साहित करने और नागरिक-सैन्य संबंधों को गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम का समापन ईडी श्री बिभु पी. महापात्रा द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर देशभर में जागरूकता अभियानों की शुरुआत की।

Honda Motorcycle and Scooter India has launched awareness campaigns across the country on the occasion of National Road Safety Month.
Honda Motorcycle and Scooter India has launched awareness campaigns across the country on the occasion of National Road Safety Month.

देहरादून- 09 फरवरी 2026: होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने देशभर में रोड सेफ्टी को लेकर कई जागरूकता-केंद्रित पहलें आयोजित कीं। इन गतिविधियों के लिए कंपनी ने अपने डीलर नेटवर्क और स्थानीय स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर सुरक्षित सड़क व्यवहार और ट्रैफिक नियमों की बेहतर समझ को बढ़ावा दिया। पूरे महीने के दौरान, देश के विभिन्न शहरों में सड़क सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 30,000 से अधिक लोगों की भागीदारी रही।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत अपनी पहलों के हिस्से के रूप में, एचएमएसआई ने जयपुर आइडियल रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट भी लॉन्च किया, जो सुरक्षित और जिम्मेदार मोबिलिटी की दिशा में कंपनी के फोकस को दर्शाता है। यह प्रोजेक्ट एक समग्र अप्रोच अपनाता है, जिसमें एजुकेशन, एनफोर्समेंट, इंजीनियरिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को स्कूलों, ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से रोज़मर्रा के सामुदायिक जीवन में जोड़ा गया है। इस पहल का फोकस जागरूकता और ट्रेनिंग, बेहतर सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर, चिन्हित ज़ोन्स में सख्त अनुपालन और क्रिटिकल लोकेशंस के विश्लेषण पर है। फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स की बेहतर तैयारी के जरिए यह पहल दुर्घटनाओं को कम करने और जीवन बचाने का लक्ष्य रखती है, साथ ही एक अधिक जिम्मेदार, तैयार और सेफ्टी-कोंशियस समुदाय का निर्माण करती है, जो देशभर के शहरों के लिए एक मॉडल बन सकता है।

रोड सेफ्टी रैली, समिट, हेलमेट वितरण, मासिक सड़क सुरक्षा अभियान और अन्य एंगेजमेंट गतिविधियों सहित सभी जागरूकता कार्यक्रमों का फोकस ट्रैफिक नियमों, राइडर की जिम्मेदारी और प्रोटेक्टिव राइडिंग प्रैक्टिसेज़ की अहमियत को लेकर प्रैक्टिकल लर्निंग पर रहा। इन पहलों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोड सेफ्टी संदेश को आगे बढ़ाना था, ताकि समुदाय की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान राइडिंग बिहेवियर और ट्रैफिक नियमों की समझ को लेकर चर्चा की गई, जिसमें ट्रैफिक रेगुलेशंस के सख्त पालन पर विशेष जोर दिया गया।

एचएमएसआई ने महिला राइडर्स के बीच आत्मविश्वास और तैयारियों को बढ़ावा देने के लिए महिला रोड सेफ्टी रैली भी आयोजित की। इस दौरान उन्हें हेलमेट भी वितरित किए गए, ताकि राइडिंग के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया जा सके। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह, एचएमएसआई की निरंतर चलने वाली रोड सेफ्टी पहलों का एक अहम हिस्सा है। इसके अलावा, कंपनी हर महीने नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है और ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्स (TTPs) व सेफ्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटर्स (SDECs) में लगातार गतिविधियों के जरिए यह सुनिश्चित करती है कि सड़क सुरक्षा शिक्षा एक बार की पहल न होकर निरंतर चलने वाला प्रयास बनी रहे।

इन सभी सामूहिक पहलों के माध्यम से एचएमएसआई अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर देशभर में राइडर्स, पैदल यात्रियों और समुदायों के लिए सुरक्षित सड़कों की दिशा में लगातार काम कर रहा है। अपनी वैश्विक सेफ्टी टैगलाइन “Safety for Everyone” से प्रेरित होकर, होंडा उस भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जहां मोबिलिटी और सुरक्षा साथ-साथ आगे बढ़ें। एजुकेशन और शुरुआती स्तर पर जागरूकता के जरिए कंपनी कम उम्र से ही रोड सेफ्टी के प्रति समझ विकसित कर रही है, ताकि एक पीढ़ीगत बदलाव को बढ़ावा दिया जा सके, जहां सुरक्षित आदतें स्वाभाविक बन जाएं। साल 2021 में होंडा ने 2050 तक होंडा मोटरसाइकिल्स और ऑटोमोबाइल्स से जुड़े ट्रैफिक हादसों में शून्य मृत्यु का लक्ष्य रखने वाली अपनी ग्लोबल विज़न की घोषणा की थी। भारत में एचएमएसआई इस विज़न के साथ-साथ भारत सरकार के 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम करने के लक्ष्य के अनुरूप काम कर रहा है।

 

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की सड़क सुरक्षा के प्रति सीएसआर प्रतिबद्धता:

2021 में होंडा ने वर्ष 2050 के लिए अपना वैश्विक विज़न स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें उसने होंडा के दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जुड़े सड़क हादसों में शून्य मृत्यु दर प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया। भारत में एचएमएसआई इस विज़न के अनुरूप कार्य कर रहा है और भारत सरकार के उस दिशा-निर्देश के साथ भी कदम मिला रहा है, जिसके तहत 2030 तक सड़क हादसों में मृत्यु दर को आधा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

इस लक्ष्य को हासिल करने का एक अहम पहलू यह है कि 2030 तक बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जाए और उसके बाद भी उन्हें निरंतर शिक्षित किया जाए। स्कूलों और कॉलेजों में दी जाने वाली सड़क सुरक्षा शिक्षा का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि युवाओं के मन में सुरक्षा की संस्कृति को विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में सड़क सुरक्षा के सशक्त प्रतिनिधि बन सकें। यह शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को ज़िम्मेदार नागरिक बनने के लिए सशक्त बनाती है और उन्हें एक सुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।

एचएमएसआई का उद्देश्य है कि वह ऐसी कंपनी बने जिसके अस्तित्व की समाज को आवश्यकता महसूस हो। इस दिशा में एचएमएसआई सड़क सुरक्षा जागरूकता को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। स्कूल के बच्चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और व्यापक समाज तक हर वर्ग के लिए एचएमएसआई विशेष और अनोखी पहलें तैयार कर रहा है, ताकि हर व्यक्ति को उसकी ज़रूरत

 

और समझ के अनुसार सड़क सुरक्षा की जानकारी दी जा सके। यह समावेशी दृष्टिकोण एचएमएसआई को एक ज़िम्मेदार और समाज-केंद्रित संगठन के रूप में स्थापित करता है।

एचएमएसआई के प्रशिक्षित सड़क सुरक्षा प्रशिक्षक देशभर में फैले 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोज़ाना कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है। अब तक यह पहल 10 मिलियन से अधिक भारतीयों तक पहुँच चुकी है। एचएमएसआई का राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम सीखने की प्रक्रिया को रोचक और वैज्ञानिक बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत वर्चुअल राइडिंग सिमुलेटर, इंटरैक्टिव गेम्स और खतरे की पहचान पर आधारित प्रशिक्षण जैसे आधुनिक तरीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक और प्रभावशाली अनुभव प्राप्त होता है। यह समग्र दृष्टिकोण सड़क सुरक्षा को व्यवहार में लाने और समाज में जिम्मेदार यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया शिक्षण मॉड्यूल: होंडा के दक्ष प्रशिक्षक सड़क सुरक्षा की मजबूत नींव रखने के लिए थ्योरी सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण की शुरुआत करते हैं। इन सत्रों में प्रतिभागियों को सड़क संकेत और चिन्हों की जानकारी, सड़क पर चालक की जिम्मेदारियाँ, सुरक्षित सवारी के लिए उपयुक्त गियर और बैठने की मुद्रा, तथा सुरक्षित और शिष्ट सवारी व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से समझाया जाता है। यह संरचित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रतिभागियों को न केवल जागरूक बनाता है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और सतर्क यात्री बनने के लिए प्रेरित भी करता है।

1. प्रायोगिक प्रशिक्षण: एक विशेष प्रशिक्षण गतिविधि के तहत प्रतिभागियों को होंडा के वर्चुअल राइडिंग सिमुलेटर पर अभ्यास कराया गया, जिसमें उन्होंने सड़क पर सवारी से पहले 100 से अधिक संभावित खतरों का अनुभव किया। यह तकनीक उन्हें वास्तविक परिस्थितियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करती है।

2. इंटरैक्टिव सत्र: प्रतिभागियों को किकेन योसोकु ट्रेनिंग (KYT) के माध्यम से खतरे की पहचान और पूर्वानुमान का प्रशिक्षण दिया गया। यह तकनीक चालक की संवेदनशीलता को बढ़ाती है और सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार सुनिश्चित करती है।

3. मौजूदा चालकों के कौशल को निखारना: स्कूलों के छात्र और स्टाफ सदस्य जो पहले से ही वाहन चलाते हैं, उन्होंने धीमी गति से सवारी करने की गतिविधियों और संकीर्ण पट्टियों पर संतुलन साधने जैसे अभ्यासों के माध्यम से अपने राइडिंग कौशल को और बेहतर बनाया।

एचएमएसआई ने हाल ही में अपना डिजिटल रोड सेफ्टी लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म ई-गुरुकुल लॉन्च किया है। यह एक इंटरैक्टिव और यूज़र-फ्रेंडली प्लेटफ़ॉर्म है, जो 5 से 18 साल तक के बच्चों के लिए तीन अलग-अलग एज ग्रुप्स में तैयार किए गए ट्रेनिंग मॉड्यूल्स ऑफर करता है। ई-गुरुकुल फिलहाल कन्नड़, मलयालम, हिंदी, तेलुगु, तमिल और अंग्रेज़ी भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले बच्चे इसे आसानी से समझ सकें। इस प्लेटफ़ॉर्म को gurukul.honda.hmsi.in पर एक्सेस किया जा सकता है। इसमें लाइव स्ट्रीमिंग और डाउनलोडिंग दोनों ऑप्शन हैं, जिससे कंटेंट को कहीं भी, कभी भी देखा जा सकता है। इस पहल का मकसद बच्चों, टीचर्स और डीलर्स को रोड सेफ्टी के लिए तैयार करना है, ताकि वे आगे चलकर सुरक्षित ड्राइविंग के एंबेसडर बन सकें।

एचएमएसआई इस प्रोग्राम को देश के हर राज्य के स्कूलों तक ले जाने की योजना बना रहा है, जिससे हर उम्र के बच्चों को उनकी ज़रूरत के मुताबिक रोड सेफ्टी की जानकारी दी जा सके। अगर कोई स्कूल इस जानकारी को पाना चाहता है, तो वह Safety.riding@honda.hmsi.in पर संपर्क कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने की कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा

The Chief Minister reviewed the preparations for the Kumbh Mela 2027.
The Chief Minister reviewed the preparations for the Kumbh Mela 2027.

– कुंभ से संबंधित सभी तैयारियां, अक्टूबर माह तक पूरी हो : सीएम
देहरादून।   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुम्भ मेला-2027,  हरिद्वार की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित सभी तैयारियों को अक्टूबर माह तक पूरा किया जाए। साथ ही कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण कार्य तय समय के अंदर पूरे हों। सभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य/फाइल लंबित न रहे। किसी भी कार्य को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है की कुंभ मेले का भव्य दिव्य और सफल आयोजन हो। मुख्यमंत्री ने सचिव, पीडब्ल्यूडी को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट किया जाए। साथ ही कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी घाटो का सौंदर्यकरण और आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी के साथ ही अन्य सभी घाटों में भी स्नान की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। सभी प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी , एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो। उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। इसकी मेलाधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों ,संत समाज, संस्थाओं, समितियां एवं स्थानीय लोगों से परस्पर्म समन्वय किया जाए। साथ ही उनके सुझावों के अनुरूप मेले की तैयारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण की खिलाफ अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य  प्रदेशों से भी परस्पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा मेले से संबंधित सभी विकास कार्य  कागजों के साथ धरातल में भी दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आवास व टेंट सिटी की तैयारी समय से पूरी करने एवं मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है। जो भी श्रद्धालु राज्य में आए वह अच्छा अनुभव यहां से लेकर जाएं। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक रेनू बिष्ट, विधायक अनुपमा रावत, विधायक रवि बहादुर, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह  एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

डॉ. नित्यानंद का पूरा जीवन- हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र को रहा समर्पित : मुख्यमंत्री

Dr. Nityanand's entire life was dedicated to the Himalayas, nature, society, and the nation Chief Minister
Dr. Nityanand's entire life was dedicated to the Himalayas, nature, society, and the nation Chief Minister

-मुख्यमंत्री ने डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
देहरादून।  मुख्यमंत्री  धामी ने सोमवार को दून विश्वविद्यालय, देहरादून में डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सत्तत हिमालयी पर्यावरण पुरस्कार 2025 -26 से जयेंद्र सिंह राणा एवं संजय सत्यवली को सम्मानित किया।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. नित्यानंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र को समर्पित किया। उनकी सोच, हिमालय की शिखरों जैसी ऊँची और उनका सेवा-भाव हिमालय की घाटियों से भी गहरा था। उनका मानना था कि हिमालय की रक्षा करना, भारतीय सभ्यता और राष्ट्र के भविष्य के लिए भी आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. नित्यानंद ने विज्ञान को अध्यात्म से, शोध को लोक-जीवन से और चिंतन को राष्ट्रहित से जोड़ने का कार्य किया। वो समाज के प्रत्येक वर्ग में राष्ट्रभाव और सामाजिक चेतना का संचार करते रहे। उन्होंने गांवों के सशक्तिकरण के लिए भी आजीवन कार्य किया। वे प्रतिवर्ष अपनी आय से लगभग 40 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान किया करते थे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 1991 में उत्तरकाशी और 1999 में चमोली की आपदा के बाद डॉ. नित्यानंद ने बिना किसी विलंब के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जो आज भी श्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने मनेरी गाँव को अपना केंद्र बनाकर वहाँ 400 से अधिक भूकंप रोधी मकानों के निर्माण का कार्य भी कराया। उन्होंने उस क्षेत्र के 50 से अधिक गाँवों को मॉडल गाँवों के रूप में विकसित करने का कार्य भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा डॉ. नित्यानंद ने ‘उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता समिति’ का गठन कर उन्होंने सेवा को संस्थागत स्वरूप दिया, जो आज भी देशभर में आपदाओं के समय मानवता की सेवा का सबसे बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने कहा देहरादून में संचालित डॉ. नित्यानंद हिमालय शोध एवं अध्ययन केंद्र उनके विचारों को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह केंद्र हिमालयी अध्ययन, सतत विकास, आपदा प्रबंधन और नीति-निर्माण के क्षेत्र में नई दिशा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान जैसे विभिन्न  माध्यम से हिमालय के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है। राज्य में प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के माध्यम से अब तक हिमालयी क्षेत्र में 72 टन कार्बन उत्सर्जन को कम किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों चलाए जा रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए सौर ऊर्जा सहित अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के नौले, धारे एवं वर्षा आधारित नदियों जैसे परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण हेतु ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA) का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी जीवन के प्रत्येक प्रमुख अवसर पर जैसे जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ या कोई अन्य स्मरणीय दिन पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल भी करें। जिससे हम सभी देवभूमि में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे पाएंगे। इस अवसर पर आर.एस.एस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ दिनेश, आर.एस.एस प्रान्त प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, विधायक विनोद चमोली, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक बृजभूषण गैरोला, डॉ. कमलेश कुमार, उत्तरांचल उत्थान परिषद के संरक्षक प्रेम बड़ाकोटी, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, रविदेवानंद, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 सीएस बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई सचिव समिति की बैठक सम्पन्न

The committee of secretaries meeting, chaired by CS Bardhan, has concluded.
The committee of secretaries meeting, chaired by CS Bardhan, has concluded.

देहरादून।  मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सचिवगणों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा कर दिशानिर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले वित्तीय वर्ष में कराए जाने वाले नए कार्यों के लिए 15 फरवरी तक स्वीकृतियां ले ली जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने सभी कार्यों को लेकर वार्षिक कैलेण्डर तैयार कर, उसके अनुसार अपनी सभी गतिविधियों को संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कुम्भ मेला – 2027 से सम्बन्धित कार्यों को भी प्राथमिकता पर लेते हुए सभी प्रकार की स्वीकृतियां और प्रक्रियाएं समय पर पूर्ण करते हुए निर्धारित प्रक्रिया समय पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।  मुख्य सचिव ने खाद्य सुरक्षा के मापदण्डों का प्रवर्तन एवं निगरानी को और मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए टेस्टिंग लैब आदि बढ़ाए जाने एवं इससे सम्बन्धित मामलों के निस्तारण में तेजी लाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को दी जाने वाली विशेष सहायता के तहत् सभी प्रोजेक्ट्स को गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड किए जाने एवं निर्धारित समय सीमा पर कार्य पूर्ण किए जाने हेतु लगातार निगरानी किए जाने के निर्देश दिए। जन-जन की सरकार कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए मुख्य सचिव ने तहसील एवं थाना दिवसों को वर्षभर नियमित आयोजन किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने इसके लिए कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस को मुख्यालयों एवं जनपद स्तरीय कार्यालयों में लागू किए जाने को लेकर अब तक हुयी प्रगति पर सभी विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों से प्रत्येक सचिव समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि नक्शा पास करने वाली सभी ऑथॉरिटीज नक्शा पास करने के उपरान्त सम्बन्धित स्थानीय निकाय के साथ उक्त नक्शा और जानकारियां भी साझा करें ताकि स्थानीय निकाय उक्त प्रॉपर्टी के सम्बन्ध में अपना डाटाबेस अपडेट कर सकें। उन्होंने कहा कि कुछ विभागों में श्रमिकों के लिए लेबर कंप्लायंस टूल (Labour Compliance Tool) का प्रयोग किया जा रहा है, यह एक अच्छा प्रयोग है, और इसे प्रदेशभर में लागू किया जाना चाहिए, ताकि श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं का निस्तारण इसी से हो सकेगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, धनंजय चुतर्वेदी, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, सी. रवि शंकर, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मदन नेगी ने विराट हिन्दू सम्मेलन में भाग लेने लिया

Madan Negi participated in the Virat Hindu Conference.
Madan Negi participated in the Virat Hindu Conference.

दिनांक 08-02-2026 को मदन नेगी, प्रतापनगर, टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड, विधान-सभा में हिन्दू सम्भेलन में भाग लेने का मौका मिला आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन का श्री गंगा सभा हरिद्वार के सचिव तीर्थ पुरोहित श्री उज्जवल पंडित जी,आरएसएस के प्रांत प्रचार प्रमुख श्रीमान संजय जी ,सहकार भारती की प्रदेश मंत्री अवंतिका भंडारी जी ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। सम्मेलन में सनातन धर्म के हम सब के जीवन में महत्त्व पर प्रकाश डाला.! और हिंदू समाज को जगाने पर जोर दिया गया साथ ही स्थानीय छात्रों द्वारा देश भक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ ही स्थानीय कलाकारों एवं कारीगरों को भी सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम की कुछ फोटो शेयर कर रहा हूं.
CA राजेश्वर पैन्यूली..!
सह -संयोजक, आर्थिक प्रकोष्ठ एवम् प्रवक्ता (पैनिलिस्ट),बीजेपी उत्तराखण्ड..!

शेफ हरपाल सिंह सोखी ने देहरादून में लाइव क्यूलिनरी मास्टरक्लास की मेज़बानी की

Chef Harpal Singh Sokhi hosted a live culinary masterclass in Dehradun.
Chef Harpal Singh Sokhi hosted a live culinary masterclass in Dehradun.

देहरादून, 8 फ़रवरी 2026: देहरादून में हाल ही में एक यादगार क्यूलिनरी शाम देखने को मिली, जब प्रसिद्ध शेफ और टेलीविज़न पर्सनैलिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने करिगरी में एक लाइव क्यूलिनरी मास्टरक्लास का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में फूड लवर्स, मीडिया प्रतिनिधि और विशेष अतिथि शामिल हुए, जिन्होंने भारतीय स्वाद, यादों और स्ट्रीट फूड संस्कृति से जुड़ा एक गहरा अनुभव साझा किया।

यह मास्टरक्लास एक लाइव और इंटरैक्टिव सत्र के रूप में डिज़ाइन की गई थी, जिसमें शेफ हरपाल ने चुने हुए प्रतिभागियों के साथ मिलकर खाना बनाया। इस दौरान उन्होंने हर डिश के पीछे की कहानियाँ साझा की और पारंपरिक स्वादों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ संतुलित करने की तकनीकें भी बताई। यह मेनू भारत भर में उनकी निजी भोजन यात्रा को दर्शाता है बनारस के दीनानाथ महाराज से प्रेरित दीनानाथ की टमाटर चाट, जो वाराणसी के घाटों के कालातीत स्वादों को समेटे हुए है, से लेकर क्लचे-छोले पकौड़े पॉकेट्स, जो उनके बचपन की उन यादों से निकले हैं जब वे अपने पिता के साथ लुधियाना की गलियों में स्ट्रीट फूड का आनंद लिया करते थे। यह यात्रा आगे बढ़ती है जलेबी वाफ़ल्स के साथ भारत की सड़कों के कारीगरों को सम्मान देते हुए, पारंपरिक मिठाई को नई पीढ़ी के लिए एक आधुनिक, गॉरमेट अंदाज़ में पेश किया गया है।

मेहमानों के लिए एक विशेष रूप से तैयार किया गया बुफे भी रखा गया, जिसमें करिगरों की दाल मखनी, कढ़ाही पनीर पालक मेथी, सब्ज़ बिरयानी, इंडियन ब्रेड्स और मिर्चा वाला हलवा जैसी पारंपरिक मिठाइयाँ शामिल थीं। पेय पदार्थों में क्षेत्रीय भारतीय ड्रिंक्स को प्रमुखता दी गई, खासतौर पर बेला चमेली शरबत, जो बीकानेर के छोटे कारीगरों और पारंपरिक दुकानों की विरासत को सम्मान देता है।

मास्टरक्लास के बारे में बात करते हुए शेफ हरपाल सिंह सोखी ने कहा, “”मेरे लिए खाना सिर्फ रेसिपीज़ तक सीमित नहीं है, यह लोगों, जगहों और यादों से जुड़ा होता है। देहरादून में हुई यह मास्टरक्लास उन्हीं कहानियों को थाली तक लाने की कोशिश थी बनारस से पंजाब तक की यात्रा, देर्शकों के साथ मिलकर खाना बनाना, भारत के कारीगरों और उनकी कारीगरी को अपनी रसोइयों में सम्मान देना, और हमारी क्षेत्रीय व्यंजनों का उत्सव मनाना। जब लोग साथ मिलकर खाना बनाते हैं, तब भोजन एक उत्सव बन जाता है।”

यह शाम पारंपरिक स्वागत के साथ शुरू हुई, जिसके बाद ढोल के साथ शेफ हरपाल की भव्य एंट्री हुई। कार्यक्रम में दर्शकों की भागीदारी के साथ लाइव कैकिंग सेशंस और एक विस्तृत मीट-एंड-ग्रीट सेशन भी शामिल था। मेहमानों ने भोजन को उसी रूप में अनुभव किया, जैसा उसका असली आनंद होता है ताज़ा बना हुआ और साथ बैठकर साझा किया गया।

देहरादून मास्टरक्लास ने एक बार फिर शेफ हरपाल सिंह सोखी के उस विश्वास को मज़बूत किया, जिसमें वे भारतीय पाक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे नए दौर और नई पीढ़ी से जोड़ने पर जोर देते हैं। कार्यक्रम का समापन स्वाद, सीख और गर्मजोशी से भरी यादों के साथ हुआ।

जनमानस की सुरक्षा से खिलवाड़ पर सीधे दर्ज होंगे आपराधिक मुकदमे: ङीएम

Criminal cases will be filed directly against those who endanger public safety DM
Criminal cases will be filed directly against those who endanger public safety DM

देहरादून दिनांक 08 फरवरी 2026(सूवि), जनपद में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही सड़क दुर्घटना संबंधी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन की क्यूआरटी ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। लापरवाही पर सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

अपर तुनवाला प्रकरण के संबंध में घटना कैनाल रोड, अपर तुनवाला क्षेत्र की नहर की सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध न किए जाने एवं असुरक्षित स्थिति में कार्य किए जाने के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा सिंचाई विभाग के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार एक बुजुर्ग व्यक्ति मॉर्निंग वॉक के दौरान पूर्वनिर्मित सिंचाई नहर (कैनाल) के खुले भाग में गिर गए। यह नहर सिंचाई विभाग की पुरानी संरचना है, जो सड़क से लगभग डेढ़ फीट ऊंचाई पर पेवमेंट के रूप में स्थित है। नहर की नियमित सफाई के उद्देश्य से सिंचाई विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्लैब हटाए गए थे।

कोहरे की स्थिति के कारण बुजुर्ग व्यक्ति खुले स्लैब को देख नहीं पाए और नहर में गिर गए। प्रथम दृष्टया यह घटना सीवर निर्माण कार्य से संबंधित नहीं पाई गई है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने समस्त कार्यवाही संस्थाओं एवं ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्यों के दौरान कटिंग की गई सड़कों अथवा कार्यस्थलों पर किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं/ठेकेदारों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज किये जाएंगे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर अनदेखी स्वीकार्य नहीं की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार के निर्माण/सफाई कार्य के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रात्रिकालीन रिफ्लेक्टर एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

अवगत कराया गया है कि कैनाल रोड, अपर तुनवाला प्रकरण के संबंध में घटना कैनाल रोड, अपर तुनवाला क्षेत्र की है, जहां सीवर पाइपलाइन डाले जाने के उपरांत मार्ग के रेस्टोरेशन का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में उक्त स्थल पर रोड कटिंग से संबंधित कोई कार्य संचालित नहीं हो रहा है तथा सड़क का प्राथमिक रेस्टोरेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

देहरादून में विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

Cabinet Minister Ganesh Joshi inaugurating and laying the foundation stone of development projects in Dehradun.
Cabinet Minister Ganesh Joshi inaugurating and laying the foundation stone of development projects in Dehradun.

देहरादून 08 फरवरी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को देहरादून के वार्ड 05 धोरणखास में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विभिन्न जनहितकारी विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत लगभग 1.50 करोड़ थी।

इस अवसर पर काबीना मंत्री ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सड़क, पेयजल, जल निकासी, सौंदर्यीकरण एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि क्षेत्र में स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत सड़क निर्माण एवं मरम्मत, नाली निर्माण, सामुदायिक सुविधाओं का विकास तथा अन्य जनोपयोगी कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने वार्ड में सीवर लाइन निर्माण एवं पूर्व सैनिक भवन निर्माण के लिए भी घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान राजेश्वर नगर जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए आभार व्यक्त किया।

इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण एवं शिलान्यास – जलसंस्थान द्वारा राजेश्वर नगर फेज 1 में नलकूप निर्माण (90.15 लाख), एमडीडीए द्वारा राजेश्वर नगर फेज 1 में सामुदायिक भवन का निर्माण (30.12 लाख) सहित विधायक निधि से निर्मित होने वाले माडर्न राजकीय प्राथमिक विद्यालय में टिन शेड एवं कक्ष निर्माण (14.60 लाख), मंदाकिनी विहार ब्लॉक सी में सामुदायिक भवन निर्माण (12. 58 लाख)।

इस अवसर पर पार्षद अल्पना राणा, सुरेन्द्र राणा, निरंजन डोभाल, आशीष थापा, अनुज कौशल, सूर्य प्रकाश फरासी, महानगर उपाध्यक्ष ओम कक्कड़, संजय नौटियाल, भूपेन्द्र सोलंकी, अजय कार्की, सोसाइटी के अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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