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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की राजनैतिक दलों के साथ बैठक

Chief Electoral Officer held a meeting with political parties
Chief Electoral Officer held a meeting with political parties

– राजनैतिक दलों से फरवरी माह तक शत प्रतिशत बीएलए नियुक्त करने की अपील
– राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की गई विभिन्न विषयों पर चर्चा
देहरादून।  मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण, बीएलओ आउटरीच अभियान,बूथ लेवल एजेंट्स की शत प्रतिशत नियुक्ति के सम्बंध में विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि आगामी एसआईआर की तैयारियों को लेकर पूरे प्रदेश में बीएलओ द्वारा आउटरीच अभियान के तहत वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 79 प्रतिशत मैपिंग की जा चुकी है। उन्होंने राजनैतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल में बीएलए के सहयोग से मैपिंग प्रक्रिया और तेजी से की जा सकती है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि वर्तमान में राजनैतिक दलों द्वारा 15437 बूथ लेवल एजेंट्स की जा चुकी है। जिसमें भाजपा द्वारा 7165, कांग्रेस द्वारा 7968, बीएसपी द्वारा 117, सीपीआई (एम) द्वारा 187 बीएलए नियुक्त किए गए हैं, इसके अतरिक्त आप और एनपीपी द्वारा अभी एक भी बीएलए अबतक नियुक्त नहीं किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनैतिक दलों से फरवरी माह तक शत प्रतिशत बीएलए नियुक्त करने की अपील की।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित बीजेपी से श्री राजकुमार पुरोहित, विरेंद्र वल्दिया, कांग्रेस पार्टी से श्री मनोज रावत, अमेंद्र बिष्ट,सीपीआई (एम) से श्री अनंत आकाश,बीएसपी से श्री सुरेंद्र जजारिया उपस्थित रहे।

सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 95वीं बैठक सम्पन्न

The 95th meeting of the State Level Bankers Committee was held under the chairmanship of Secretary Dilip Jawalkar.
The 95th meeting of the State Level Bankers Committee was held under the chairmanship of Secretary Dilip Jawalkar.

– वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति की समीक्षा, प्राथमिकता क्षेत्र में 58% उपलब्धि
देहरादून।  सचिवालय सभागार में सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 95वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 30.09.2025 तक की प्रगति की समीक्षा की गई।
सीडी रेशियो बढ़ाने और डिजिटल फ्रॉड पर सख्ती के निर्देश
कम सीडी रेशियो वाले जनपदों को तत्काल सुधार के निर्देश
सचिव ने जिन जनपदों का सीडी (क्रेडिट-डिपॉजिट) रेशियो कम है, उन्हें तत्काल सुधार कर अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल फ्रॉड एवं साइबर सुरक्षा के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा तथा संबंधित एनफोर्समेंट एजेंसियों के समन्वय से लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु आरसेटी, एसएलआरएम, पीएमकेवीवाई एवं एनजीओ के माध्यम से जागरूकता कैंप चलाएं।

डिजिटलाइजेशन एवं सामाजिक समावेशन पर विशेष जोर
31 मार्च 2026 तक 100% डिजिटलीकरण का लक्ष्य
सचिव ने निर्देशित किया कि जिन 9 जनपदों में अभी तक शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण नहीं हुआ है, वहां 31 मार्च 2026 तक पूर्ण डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए।
वर्तमान में अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ एवं पौड़ी जनपदों में पूर्ण डिजिटलीकरण हो चुका है। राज्य में 5,77,073 किसानों को सितंबर 2025 तक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। पशुपालन हेतु 1,08,514 पशुपालकों तथा मत्स्य पालन हेतु 2,947 मत्स्य पालकों को भी केसीसी जारी किए गए हैं। सितंबर 2025 तक 40,23,448 पीएमजेडीवाई खाते तथा 9,30,058 एपीवाई खाते खोले गए हैं।

स्वरोजगार, कौशल विकास और ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण पर पहल
बाजार उन्मुख प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के निर्देश
सचिव ने बैंकों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष ऋण योजनाएं तैयार की जाएं। आर-सेटी के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भविष्य की बाजार एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदाता कंपनियों से टाई-अप कर रोजगार उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य ₹55,174 करोड़ के सापेक्ष बैंकों द्वारा ₹31,994 करोड़ (58%) की प्रगति दर्ज की गई। शिक्षा ऋण योजना के तहत 8,850 आवेदकों को ₹202.82 करोड़ का ऋण वितरित किया गया।
बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति इस प्रकार रही—
पीएम स्वनिधि: लक्ष्य ₹ 40,005 करोड़ के सापेक्ष ₹ 42,861 करोड़ (107%)
ए.आई.एफ: 157 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 432.52 करोड़ (77%)
पीएम अजय: ₹166 करोड़ के सापेक्ष 78 करोड़ (47%)
मुद्रा योजना: ₹4010 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष ₹1686 करोड़ (42%)
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वाहन योजना: 150 करोड़ के सापेक्ष 60 करोड़ (40%)
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली गैर-वाहन योजना: 100 करोड़ के सापेक्ष 34 करोड़ (34%)
दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना: 245 करोड़ के सापेक्ष 61करोड़ा (25%)
एमएसएमई 2.0 योजना: 8000 करोड़ के सापेक्ष 1744 करोड़ (22%)
बैठक में अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, श्री हिमांशु खुराना, श्री अभिषेक रोहेला, श्री प्रकाश चंद्र, सुश्री झरना कमठान, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरविंद कुमार, एजीएम श्री दीपक  मंमगाई, श्री पंकज यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने बॉडी  बिल्डर प्रतिभा थपलियाल को किया सम्मानित

Chief Minister Dhami honored bodybuilder Pratibha Thapliyal
Chief Minister Dhami honored bodybuilder Pratibha Thapliyal

– मातृशक्ति के उत्कर्ष और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनीं प्रतिभा
देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की बेटी एवं अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल को बॉडीबिल्डिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं गमला भेंट कर सम्मान प्रदान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभा थपलियाल की उपलब्धियों को उत्तराखंड की मातृशक्ति के गौरव तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की सफलता से प्रदेश, विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली बेटियों को खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। मातृशक्ति अब खेलों के साथ-साथ अन्य विविध क्षेत्रों में भी अपने कैरियर की संभावनाएं तलाश रही हैं, जो प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि मातृप्रधान रही है तथा पहाड़ की महिलाएं कृषि, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की धुरी रही हैं। समय-समय पर उत्तराखंड की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा, खेल और सुशासन के क्षेत्र में देश-दुनिया का मार्गदर्शन किया है। हमें अपनी मातृशक्ति पर गर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी प्रतिभाशाली महिलाएं जो विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर रही हैं, उन्हें राजकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि वे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकें।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का परचम
43 वर्षीय प्रतिभा थपलियाल की प्रमुख उपलब्धियां (पिछले चार वर्षों में):
वर्ष 2023 में राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
एशियाई बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
9 फरवरी 2026 को तेलंगाना के करीमनगर में आयोजित राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
प्रतिभा थपलियाल बॉडीबिल्डिंग क्षेत्र में महिला विश्व चैंपियनशिप एवं एशिया चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली महिला बॉडीबिल्डर हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
प्रदेश सरकार महिला खिलाड़ियों को हर संभव प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उत्तराखंड की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निरंतर सफलता का परचम लहराती रहें।
इस दौरान राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान भी उपस्थित थे।

13 और क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों की बदलेगी सूरतः डाॅ. धन सिंह रावत

13 more damaged primary schools will be restored Dr. Dhan Singh Rawat
13 more damaged primary schools will be restored Dr. Dhan Singh Rawat

विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण व नये कक्षा-कक्षों के लिये 274 लाख स्वीकृत

बेसिक स्कूलों में निर्माण कार्यों के लिये नामित की गई कार्यदायी संस्थाएं

देहरादून, 13 फरवरी 2026
प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर के 13 और प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया जायेगा। जर्जर हो चुके इन विद्यालय भवनों का पुनर्निर्माण किया जायेगा, साथ ही कुछ विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष निर्मित किये जायेंगे। जिसके लिये राज्य सरकार द्वारा 274 लाख की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। उक्त विद्यालयों में निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। विद्यालयों में निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था के सुधार को लेकर खासी संजीदा है। खासकर प्राथमिक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर सरकार का विशेष ध्यान है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शैक्षणिक महौल के साथ ही उच्चकोटि की शिक्षा मिल सके। डाॅ. रावत ने बताया कि सरकार प्राथमिक स्तर के विद्यालयों में बच्चों के लिये सभी भौतिक संसाधन उपलब्ध करा रही है साथ ही ऐसे विद्यालय जिनके भवन जर्जर या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं उनका पुनर्निर्माण करा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के चार जनपदों देहरदाून, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग एवं टिहरी के 13 प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण, वृहद मरम्मत कार्य एवं अतिरिक्त कक्षा-कक्षाओं के लिये 274.20 लाख की धनराशि स्वीकृत कर दी है। शीघ्र ही उक्त राशि विद्यालयों को आवंटित कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि जनपद देहरादून में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चान्दपुर में वृहद मरम्मत कार्य के लिये 10.80 लाख तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय सावड़ा में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष के निर्माण के लिये 11.50 की लाख स्वीकृत दे दी है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय किमटा को 17.50 लाख तथा कवाधार में मरम्मत कार्य के लिये 18.26 लाख स्वीकृत किये हैं। रूद्रप्रयाग जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय नौना दानकोट, सेमलता, किमाणा, भुनका वल्ला तथा झुण्डोली में मरम्मत कार्य व कक्षा-कक्ष निर्माण के लिये 14-14 लाख स्वीकृत किये हैं। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय डुंग्रा एवं कोलू भन्नू में भवन पुनर्निर्माण के लिये 40.30-40.30 लाख मंजूर किये हैं। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय डोभासौड़ में 32 लाख तथा टिहरी जनपद में प्राथमिक विद्यालय सुनारगांव के भवन पुनर्निर्माण के लिये 33.62 लाख स्वीकृत किये हैं। इसके साथ ही उक्त विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिये ग्रामीण निर्माण विभाग, मण्डी परिषद तथा पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। शीघ्र ही उक्त धनाराशि विद्यालयों को आंवटित कर दी जायेगी। डा. रावत ने बताया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जायेगी, इसके लिये विभागीय अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं साथ ही निर्माण कार्य नियम समय पर पूरा करने को भी कहा गया है।

भागो मोबिलिटी ने होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया और होंडा पावर पैक एनर्जी इंडिया के साथ साझेदारी कर इंटेलिजेंट सस्टेनेबल मोबिलिटी ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

Bhaago Mobility launches Intelligent Sustainable Mobility Transport Platform in partnership with Honda Motorcycle & Scooter India and Honda Power Pack Energy India
Bhaago Mobility launches Intelligent Sustainable Mobility Transport Platform in partnership with Honda Motorcycle & Scooter India and Honda Power Pack Energy India

देहरादून- 13 फरवरी 2026: भागो मोबिलिटी ने आज भारत में तेजी से बढ़ती शहरी मोबिलिटी आवश्यकताओं को सक्षम बनाने के लिए एक व्यापक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के लॉन्च की घोषणा की। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के साथ साझेदारी में और होंडा पावर पैक एनर्जी इंडिया (एचईआईडी) के बैटरी-स्वैपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के सहयोग से, कंपनी दिल्ली और बेंगलुरु में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की तैनाती करेगी, जिसके बाद अगले तीन वर्षों में इसे पैन-इंडिया स्तर पर विस्तार दिया जाएगा।

यह प्लेटफॉर्म डिलीवरी पार्टनर्स, राइड-हेलिंग ड्राइवर्स और लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स वर्कर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें एक सिंगल सब्सक्रिप्शन-बेस्ड मॉडल के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों तक पहुंच, बैटरी स्वैपिंग, अनुपालन (कंप्लायंस) और टेक्नोलॉजी सपोर्ट जैसी सुविधाएँ एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह प्लेटफॉर्म लचीले स्वामित्व और उपयोग मॉडल के माध्यम से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स तक ऑन-डिमांड एक्सेस प्रदान करता है। यह उन व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध है जो ईवी को स्वयं के उपयोग के लिए खरीदना चाहते हैं या इसे अन्य ऑपरेटर्स के उपयोग हेतु उपलब्ध कराना चाहते हैं।

यह पहल न्यूनतम औपचारिक शिक्षा वाले व्यक्तियों के लिए भी रोज़गार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए केवल वैध ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होगी, जिससे प्रतिभागी अपनी वर्तमान आय की तुलना में 20% से अधिक कमाई कर सकेंगे।

यह पहल शहरी मोबिलिटी वर्कर्स के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियोंजैसे वाहनों की उच्च प्रारंभिक लागत जो स्वामित्व में बाधा बनती है, चार्जिंग में लगने वाला समय, रखरखाव और नियामकीय जटिलताओं का समाधान करती है। वाहन उपलब्धता और ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर को एकीकृत करके, यह प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अपटाइम और आय क्षमता को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखता है।

इस पहल के तहत एचएमएसआई इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की आपूर्ति करेगा, जिससे उच्च उपयोग वाले व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार वाहनों में उसकी मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। वहीं एचईआईडी का बैटरी-स्वैपिंग नेटवर्क लगभग तुरंत बैटरी बदलने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे वर्कर्स न्यूनतम डाउनटाइम के साथ अपने कार्य को जारी रख सकेंगे।

इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए श्री मुत्सुओ उसुई, निदेशक, सेल्स एवं मार्केटिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने कहा, “होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया में हमारा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रति दृष्टिकोण ऐसे समाधानों के निर्माण पर आधारित है जो टिकाऊ, विश्वसनीय और रोज़मर्रा के राइडर्स के लिए वास्तव में प्रभावी हों। भागो मोबिलिटी के साथ हमारी यह साझेदारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहाँ होंडा की विश्वसनीय गुणवत्ता और नवाचार को एक मज़बूत, तकनीक-आधारित बैटरी-स्वैपिंग इकोसिस्टम के साथ जोड़ा गया है। एचईआईडी के सशक्त स्वैपिंग नेटवर्क के साथ एकीकृत एक्टिवा e: के माध्यम से, हमारा उद्देश्य भारत के मोबिलिटी वर्कफोर्स के लिए सुरक्षित, कुशल और उत्पादकता बढ़ाने वाले मोबिलिटी समाधान प्रदान करना है, जो डाउनटाइम को न्यूनतम करें। हम इस सहयोग से उत्पन्न तालमेल को अत्यंत महत्व देते हैं और व्यापक व भरोसेमंद आफ्टर-सेल्स सपोर्ट के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, ताकि दीर्घकालिक विश्वास और ग्राहक संतुष्टि सुनिश्चित की जा सके।”

इस अवसर पर भागो मोबिलिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री आदित्य गोयल ने कहा, “शहरी मोबिलिटी की चुनौतियों का समाधान किसी एक कंपनी या एक उत्पाद से संभव नहीं है। इसके लिए लोगों, तकनीकों और क्षमताओं का ऐसा संयोजन आवश्यक है जो ज़मीनी स्तर की वास्तविक चुनौतियों का मिलकर समाधान कर सके। इसी कारण समान सोच और रणनीतिक रूप से जुड़े भागीदारों को एक साथ लाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। होंडा के साथ हमारा सहयोग, जो टू-व्हीलर इकोसिस्टम से शुरू होकर दो दशकों से अधिक पुराने मजबूत संबंधों पर आधारित है, हमें सशक्त इंजीनियरिंग और भरोसेमंद मोबिलिटी समाधान प्रदान करने में सक्षम बनाता है। एचईआईडी जैसे भागीदारों के साथ अपनी क्षमताओं को जोड़कर, हम एक ऐसा व्यावहारिक और स्केलेबल प्लेटफॉर्म प्रस्तुत कर पा रहे हैं, जो उन व्यक्तियों के लिए भी उपयुक्त है जो स्वयं वाहन चलाकर काम करना चाहते हैं, और उनके लिए भी जो इसे दूसरों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराना चाहते हैं। इस एकीकृत दृष्टिकोण की संभावनाएँ अत्यंत व्यापक हैं चाहे वह प्रभाव की दृष्टि से हो या अवसरों की।”

भागो मोबिलिटी का स्वामित्वाधीन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, ऑपरेशंस मैनेजमेंट, रोडसाइड असिस्टेंस और डेली परफॉर्मेंस एनालिटिक्स को एकीकृत करता है। इसके माध्यम से वर्कर्स को अपनी कमाई को बेहतर ढंग से अनुकूलित करने के लिए उपयोगी और व्यावहारिक जानकारी मिलती है। रियल-टाइम गाइडेंस ड्राइवर्स को मांग के पैटर्न समझने, बेहतर रूट चुनने और सेवा गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करता है, जिससे उनकी आय क्षमता सीधे तौर पर बढ़ती है।

शुरुआती चरण में यह पहल ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स के ऑन-बोर्डिंग पर केंद्रित होगी। इसके बाद इसे राइड-हेलिंग और लॉजिस्टिक्स सेवाओं तक विस्तारित करने की योजना है। संचालन की शुरुआत दिल्ली और बेंगलुरु से होगी, और जैसे-जैसे बैटरी-स्वैपिंग नेटवर्क का विस्तार होगा, अन्य शहरों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा, भागो मोबिलिटी भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। लक्षित आउटरीच, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और समर्पित सपोर्ट सिस्टम्स के माध्यम से यह प्लेटफॉर्म अधिक महिलाओं को गैर-पारंपरिक मोबिलिटी भूमिकाओं में प्रवेश करने में सक्षम बनाने का प्रयास करता है। सुरक्षित, लचीले और टिकाऊ आय के अवसरों का सृजन कर यह पहल महिलाओं और उनके परिवारों को सशक्त बनाने के साथ-साथ शहरी भारत में महिला श्रम-भागीदारी बढ़ाने के व्यापक प्रयासों में भी योगदान देना चाहती है।

एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के एच आर कॉन्क्लेव 2026 में एकजुट हुए 20 से ज़्यादा संगठन; भारत की अगली पीढ़ी के कामकाजी लोगों को नई दिशा देने की पहल

देहरादून – 12 फरवरी 2026: एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (एमआईटी-डब्ल्यूपीयू), में एच आर कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन बेहद सफल रहा। उद्योग और शिक्षा जगत के बीच राष्ट्रीय स्तर के इस संवाद का उद्देश्य छात्रों को आज के जमाने में लगातार बदल रहे कामकाजी माहौल के लिए तैयार करना था, ताकि वो उम्मीद की कसौटी पर खरे उतर सकें। इस सम्मेलन में चर्चा का मुख्य विषय “नई पीढ़ी को हुनरमंद बनाना: उम्मीदें बनाम सच्चाई” था।

 

इस कार्यक्रम में कई जाने-माने एच आर लीडर्स, उद्योग जगत के जानकार और शिक्षा के क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया, ताकि ग्रेजुएट छात्रों की नौकरी पाने की काबिलियत और कामकाजी माहौल के लिए तैयारी के बीच बढ़ते अंतर पर चर्चा की जा सके। मुख्य विषय के अलावा सारी चर्चा इन दो अहम मुद्दों पर हुई: “प्लग-अँड-प्ले ऑर ट्रेन-अँड-ट्रान्सफॉर्म? एचआर पर्स्पेक्टिव्ह ऑन न्यु जनरेशन टॅलेंट और एम्प्लॉयबिलिटी वर्सेस वर्क रेडीनेस: व्हेअर एज्युकेशन एंड्स अँड इंडस्ट्री बिगिन्स।”

 

पैनल सदस्यों के बीच हुई चर्चा में इन्फोसिस बीपीएम, नोवार्टिस, कल्याणी ग्रुप, एसकेएफ इंडिया, यूनाइटेड एयरलाइंस, विप्रो इंजीनियरिंग, मेट्रो ग्लोबल सॉल्यूशंस, बीएनवाई मेलॉन, सर्से, पीडब्ल्यूसी और इनोमैटिक्स रिसर्च लैब्स सहित देश-विदेश के कई बड़े संगठनों के एच आर लीडर शामिल हुए।

 

इस मौके पर एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर, डॉ. आर. एम. चिटनिस ने कहा: “एच आर प्रोफेशनल्स सही मायने में कर्मचारियों की तरक्की और उनकी खुशी का खयाल रखते हैं, लेकिन खुद का खयाल रखना भी उतना ही ज़रूरी है। तरक्की चौतरफा होनी चाहिए, यानी अच्छी सेहत, मन का सुकून, बेहतर रिश्ते और फाइनेंशियल सिक्योरिटी साथ मिलकर ही तो इंसान को कामयाब बनाते हैं। कर्मचारी जब खुश और संतुष्ट रहते हैं, तो संगठन अपने आप ही ज़्यादा मज़बूत, ज़्यादा कामकाजी और इंसानी भावनाओं की कद्र करने वाला बन जाता है।”

 

नोवार्टिस के ए डी एच आर, श्री विक्रम कुलकर्णी ने कहा: “हमारा मंत्र तो बहुत सरल है — तेज़ भागने के लिए थोड़ा रुकें। टीम को काम में लगे रहना चाहिए, पर काम को बोझ नहीं बनने देना चाहिए। खुशी और मानसिक सुकून वाले माहौल की बात लीडर्स को पहले करनी होगी, क्योंकि लीडर्स जैसा करेंगे संगठन का माहौल भी वैसा ही बन जाएगा। लोगों को जागरूक करने, लीडरशिप को मदद करने के काबिल बनाने और हकीकत को ध्यान में रखकर उम्मीदें तय करने में HR की भूमिका सबसे अहम होती है। कामकाजी माहौल अगर संतुलित हो तो प्रदर्शन लंबे समय तक बेहतर बना रहता है, क्योंकि ऐसे माहौल में कर्मचारी की बात सुनी जाती है, उन्हें सहयोग मिलता है और काम करने का जोश बना रहता है।”

 

एसकेएफ इंडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट- एच आर, श्री जैकब वर्गीस ने कहा: “आज कर्मचारियों की मानसिक खुशहाली किसी संगठन के लंबे समय तक कामयाब बने रहने के लिए ज़रूरी है। आजकल कंपनियाँ नए नियम, काउंसलिंग, ट्रेनिंग और कर्मचारियों की सहायता के लिए कार्यक्रमों के ज़रिए बेहतर माहौल बना रही हैं, क्योंकि मानसिक रूप से अच्छी सेहत वाले कर्मचारी लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हालाँकि, सेहत का ख्याल रखना खुद की भी ज़िम्मेदारी है, इसलिए लोगों को अपनी सीमाएँ तय करना और ना कहना सीखना चाहिए, साथ ही बेमतलब की तुलना करने या पैसों की चिंता करने से बचना चाहिए। आखिरकार कोविड के बाद भारत में भी मानसिक सेहत के बारे में लोग खुलकर बात करने लगे हैं, जो बेहद खुशी की बात है। कामकाजी माहौल को बेहतर बनाने के लिए संगठन के सहयोग के साथ-साथ खुद की जागरूकता, दोनों का तालमेल ज़रूरी है।”

 

मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (रिलायंस ग्रुप) के एल एंड डी हेड, श्री निखिल भोजवानी ने कहा: “आजकल संगठनों के लिए उन कर्मचारियों की भलाई पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी हो गया है, जो माता-पिता हैं। बहुत से कर्मचारी, खासकर कामकाजी माता-पिता अपने ऑफिस और घर की ज़िम्मेदारियों में तालमेल बिठाने में परेशान रहते हैं, और आखिर में मानसिक थकान व तनाव की वजह से नौकरी छोड़ देते हैं। जब संगठन ऐसे परिवारों का साथ देते हैं, उन्हें काउंसलिंग की सुविधा देते हैं और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल बनाते हैं, तो कर्मचारी को लगता है कि उनकी कद्र की जा रही है। इन तरीकों को अपनाने से कर्मचारी संगठन से जुड़ाव महसूस करते हैं, वफादार रहते हैं और वे लंबे समय तक टिके रहते हैं।”

 

कार्यक्रम के अलग-अलग सत्रों में नौकरी पर रखने के बदलते ट्रेंड्स, ए आई तकनीक वाली कामकाजी जगह और परिसर में नियुक्ति की बदलती उम्मीदों पर भी बात हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पढ़ाई और नौकरी के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट, अप्रेंटिसशिप और अनुभवी लोगों से सीखना बहुत ज़रूरी है।

 

कॉन्क्लेव का समापन उद्योग और अकादमिक जगत के बीच इस बात की सहमति के साथ हुआ कि वे युवा छात्रों का हुनर निखारने के लिए साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जिससे ग्रेजुएट छात्रों के पास सिर्फ डिग्री नहीं हो, बल्कि वे नौकरी के लिए भी पूरी तरह तैयार हों।

 

लोजपा आर उत्तराखंड ने बंजारावाला में एक बैठक का आयोजन किया।

LJP R Uttarakhand organised a meeting in Banjarawala.
LJP R Uttarakhand organised a meeting in Banjarawala.

देहरादून – 11 फरवरी 2026- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तराखंड प्रभारी पवन वर्मा के आगमन पर प्रदेश कैंप कार्यालय कारगी चौक बंजारावाला में एक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उत्तराखंड प्रभारी पवन वर्मा ने अपने संबोधन में कहां की हम प्रदेश स्तर पर पार्टी को मजबूती दे रहे हैं एवं कार्यकर्ताओं का लगातार पार्टी में शामिल होना जारी है। मुख्य रूप से आगामी चुनाव में हम देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी, लक्सर, रुड़की, विकास नगर, हल्द्वानी किच्छा इन क्षेत्रों में हम पार्टी को सशक्त कर रहे हैं तथा आगामी चुनाव में हम संभावित इन सभी विधानसभा क्षेत्रों से अपने उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे। बैठक में मुख्य रूप से उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष केदारनाथ पंडित, प्रदेश उपाध्यक्ष / मीडिया प्रभारी संजीव शर्मा, प्रधान महासचिव उमेश कुमार, कोषाध्यक्ष जय गोविंद, प्रदेश महासचिव नागेंद्र गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता विशाल ठाकुर, प्रदेश सचिव मोनिका अस्ट्रल, जिला अध्यक्ष देहरादून पिंटू कुमार, जिला उपाध्यक्ष ज्ञान पटेल, पप्पू यादव महानगर अध्यक्ष देहरादून, संदीप सगल, नरेश कुमार, मोहम्मद साबिर, एव वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भाग लिया बैठक का सफल संचालन सी पी सिंह द्वारा किया गया ।

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने जनवरी 2026 में 5.74 लाख यूनिट बिक्री के साथ दर्ज की मजबूत वृद्धि

Honda Motorcycle and Scooter India Registers Strong Growth with Sales of 5.74 Lakh Units in January 2026
Honda Motorcycle and Scooter India Registers Strong Growth with Sales of 5.74 Lakh Units in January 2026

देहरादून- 11 फरवरी 2026: होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने जनवरी 2026 में कुल 5,74,411 यूनिट की बिक्री दर्ज की। इसमें 5,19,579 यूनिट की घरेलू बिक्री और 54,832 यूनिट का निर्यात शामिल है। जनवरी 2025 की तुलना में एचएमएसआई ने 29% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की है। यह प्रदर्शन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में एचएमएसआई के उत्पाद पोर्टफोलियो की मजबूत मांग को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2026 अवधि (अप्रैल 2025–जनवरी 2026) के दौरान, एचएमएसआई की कुल बिक्री 52,53,205 यूनिट रही। इसमें 47,23,979 यूनिट की घरेलू बिक्री और 5,29,226 यूनिट का निर्यात शामिल है।

जनवरी 2026 में एचएमएसआई की प्रमुख उपलब्धियाँ: रोड सेफ्टी: “सभी के लिए सुरक्षा ” के अपने विज़न के अनुरूप, एचएमएसआई ने जनवरी 2026 के दौरान देशभर में अहमदनगर, अलीबाग, बल्लभगढ़, भुवनेश्वर, दौसा, गुवाहाटी, ग्वालियर, होसपेटे, काकीनाडा, कासरगोड, कुरुक्षेत्र, रायपुर और सूरत सहित कई स्थानों पर सड़क सुरक्षा अभियान आयोजित किए। इन अभियानों का उद्देश्य जिम्मेदार राइडिंग को बढ़ावा देना और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से सभी के लिए सुरक्षित सड़कें सुनिश्चित करना था।

इसके अलावा, एचएमएसआई ने केरल के मलप्पुरम में एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन का आयोजन किया, जिसमें स्कूल प्रिंसिपल्स और शिक्षकों को शामिल किया गया, ताकि बचपन से ही बच्चों में सुरक्षित सड़क आदतें विकसित की जा सकें। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर, एचएमएसआई ने देशभर में जागरूकता अभियानों की श्रृंखला भी चलाई और जयपुर आइडियल रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट की शुरुआत की।

नेटवर्क विस्तार: होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने इरोड, बिलासपुर, मुरादाबाद और उधमपुर में नए अधिकृत डीलरशिप्स के साथ अपनी उपस्थिति का विस्तार किया। इन डीलरशिप्स को विशेष रूप से प्रशिक्षित सेल्स और सर्विस टीम का सहयोग प्राप्त है, जो ग्राहकों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और बेहतर सहायता प्रदान करती हैं।

आगे बढ़ते हुए, एचएमएसआई का फोकस ग्राहकों को सशक्त बनाने वाली मोबिलिटी, सुरक्षा को प्राथमिकता देने और एक सतत भविष्य में योगदान देने पर केंद्रित रहेगा।

एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण: एचएमएसआई में, मोबिलिटी केवल परिवहन का साधन नहीं है, बल्कि लोगों को सशक्त बनाने, समुदायों को जोड़ने और जीवन को समृद्ध करने का एक माध्यम है। हमारे द्वारा विकसित हर उत्पाद मोबिलिटी को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुलभ बनाने की दिशा में एक कदम है, ताकि देश के लाखों लोग आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें। यह दृष्टिकोण हमारे “सभी के लिए सुरक्षा ” विज़न के अनुरूप है, जिसमें केवल राइडर्स ही नहीं, बल्कि पैदल यात्री, समुदाय और संपूर्ण सड़क पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं।

एबीएस, सीबीएस और राइडर-असिस्ट जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से, हम हर सफर को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लोगों को केंद्र में रखते हुए, होंडा केवल एक ब्रांड नहीं बल्कि भारत की विकास यात्रा में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में खड़ा है। हमारे भविष्य के प्रति संकल्प हमारे प्रयासों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है एक अधिक सुरक्षित और हरित कल के निर्माण की दिशा में।

एनएचएम के तहत केन्द्र सरकार को भेजी जायेगी एक हजार करोड़ की पीआईपी

PIP worth Rs 1000 crore will be sent to the Central Government under NHM.
PIP worth Rs 1000 crore will be sent to the Central Government under NHM.

विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ की मंत्रणा

कहा, कार्ययोजना में नवीन योजनाओं को भी करें शामिल

देहरादून, 11 फरवरी 2026

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं संवर्धन के लिये केन्द्र सरकार को वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु करीब एक हजार करोड़ की प्रोग्राम इम्पलीमेंटेशन प्लान (पीआईपी) भेजी जायेगी। जिसमें राज्य की वर्तमान आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये आधा दर्जन नई योजनाओं को भी शामिल किया जायेगा।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु केन्द्र सरकार को भेजी जाने वाली पीआईपी को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। जिसमें उन्होंने एनएचएम के अंतर्गत पूर्व से संचालित कार्यक्रमों के के आलावा आशाओं का मानदेय बढ़ाये जाने, वैक्सीन स्टोरेज हेतु आवश्यक उपकरण, कोल्ड चेन उपकरण, माॅडल इम्युनाइजेशन सेंटर की स्थापना, चारधाम हेतु मोबाइल वैक्सीनेशन वैन, पर्वतीय क्षेत्रों में सेफ्टी पिट्स व वीपीडी सर्विलांस आदि को प्रमुखता से पीआईपी में शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये राज्य के सभी सांसदगणों से भी सुझाव आमंत्रित कर पीआइपी में शामिल करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के कुछ विकासखण्डों का चयन कर मोतियाबिंद संभावित मरीजों की शतप्रतिशत जांच करने के निर्देश भी बैठक में दिये। डाॅ. रावत ने प्रत्येक ब्लाॅकों में चिकित्सकों के लिये आवश्यकतानुसार ट्रांजिट हाॅस्टल के निर्माण, वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान का संचालन के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल ने बताया कि राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार पीआईपी तैयार कर शीघ्र केन्द्र सरकार को भेजी दी जायेगी। जिसमें प्रदेश के सांसदगणों के सुझावों को भी शामिल किया जायेगा।

एक दर्जन प्राथमिक विद्यालयों का होगा पुनर्निर्माणः डाॅ. धन सिंह रावत

A dozen primary schools will be reconstructed Dr. Dhan Singh Rawat
A dozen primary schools will be reconstructed Dr. Dhan Singh Rawat

विद्यालय भवनों के मरम्मत व निर्माण कार्य को 568 लाख की धनराशि मंजूर

विभागीय अधिकारियों को निर्देश, नियत समय पर पूर्ण हो निर्माण कार्य

देहरादून, 10 फरवरी, 2026
प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जायेगा। इन विद्यालयों के भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है साथ ही उक्त निर्माण कार्यों के लिये कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। शीघ्र ही इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचनात्मक कार्यों से लेकर शिक्षकों की तैनाती कर उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मुहैया हो सके। इसी कड़ी में सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून व चमोली में जर्जर व क्षतिग्रस्त हो चुके 16 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण को रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है। जिसमें रूद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली, सल्या में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिये 32-32 लाख स्वीकृत किये हैं जबकि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल में पुनर्निर्माण के लिये 40.30 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई में भवन पुनर्निमाण के लिये 39 लाख, गैला में कक्षा-कक्ष व प्राधानाध्यापक कक्ष के निर्माण को 20.47 लाख जबकि मल्ला वल्थी के लिये 20.30 लाख की धनराशि मंजूर की गई है। टिहरी जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिये 34.86, सौन्दकोटी मल्ली 37.36, मंजूरीडागर 39.94 तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के पुनर्निर्माण के लिये 29.59 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार जनपद चमोली में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण को 77.11 लाख जबकि देहरादून जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के भवन पुनर्निर्माण को 33.05 लाख तथा प्राथमिक विद्यालय बापूनगर जाखन के पुनर्निर्माण को 36.87 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ इन विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिये ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ ही पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। डा. रावत ने बताया कि इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं।

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