01.02.2022
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में बताया गया कि किसान आंदोलन को समाप्त कराने के लिए सरकार की ओर से जो लिखित आश्वासन दिए गए, उन पर अब तक सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की है। राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन में भाकियू के जिलाध्यक्ष पविंद्र चौधरी ने बताया कि लखीमपुर हत्याकांड के दोषी केंद्रीय मंत्री को अभी तक बर्खास्त नहीं किया गया है। इसके साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कमेटी गठन करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। आंदोलन के दौरान जितने भी किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस लेने के प्रति भी केंद्र सरकार दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। इसके साथ ही आंदोलन के समय शहीद हुए किसानों के परिवारों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया गया था। बताया सरकार ने अभी तक किसी भी वादे पर कार्यवाही शुरू नहीं की गई है, जिससे किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

















