चकराता वन प्रभाग के दारागाड स्थित बावर रेंज मुख्यालय में वन कर्मियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर फायर सीजन की तैयारियों पर चर्चा की। इसके साथ ही ग्रामीणों से वनों को आग से बचाने के लिए सहयोग देने की बात की। वन क्षेत्राधिकारी हरीश गैरोला ने ग्रामीणों को बताया कि वनों में आग लगने से पर्यावरण को काफी नुकसान होता है। इसकी रोकथाम के लिए तत्काल वन प्रभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में सूचना देनी चाहिए, जिससे कि वन पर्यावरण और जीव जंतुओं, जंगली जानवरों को बचाया जा सके। वन कर्मियों ने कथियान, डांगूठा, मुंडाली, दारागाड, दारमीगाड सेक्शन के तहत आने वाले ग्रामीणों को बताया कि पशुओं के चारे की हरी घास के लिए जंगलों में आग नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। ग्रामीणों को इन क्रू स्टेशन को ही वनों में लगने वाली आग की जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही क्रू स्टेशनों में तैनात कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर वन्य उत्पादों की सुरक्षा में अपना सहयोग देना चाहिए। इस दौरान सेक्शन अधिकारी मदन शाह, सुमन राणा, पूर्व प्रधान हृदय सिंह, जयदास, भीम सिंह, नवीन राणा, अतर सिंह, दौलत राम, मातबर सिंह, कृपाल सिंह, राम प्रसाद, मानदास, जगत सिंह, करम चंद, टेक सिंह, हरीदास, रविंद्र आदि मौजूद रहे।

















