Home उत्तराखंड प्रयागराज महाकुंभ में लगे उत्तराखंड पवेलियन में पहुंचे महाराज

प्रयागराज महाकुंभ में लगे उत्तराखंड पवेलियन में पहुंचे महाराज

Maharaj reached the Uttarakhand pavilion set up at Prayagraj Maha Kumbh
Maharaj reached the Uttarakhand pavilion set up at Prayagraj Maha Kumbh

कहा बड़ी मात्रा में उत्तराखंड के उत्पादों को पसंद कर रहे हैं लोग

सात लाख से अधिक लोग पहुंच चुके हैं उत्तराखंड पवेलियन में

देहरादून/प्रयागराज। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 में लगे उत्तराखंड पवेलियन में पहुंच कर प्रदेश के विभिन्न स्टॉलों का निरिक्षण किया।

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बुधवार को प्रयागराज महाकुंभ-2025 में लगे उत्तराखंड पवेलियन में पहुंच कर प्रदेश के विभिन्न स्टॉलों का निरिक्षण किया। उन्होंने कहा कि यहां पर उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालया’ के स्टॉल पर बहुत से उत्पाद रखे गए हैं जिन्हें बड़ी संख्या में लोग पसंद कर रहे हैं। उत्तराखंड के सभी उत्पादों के प्रति यहां लोगों में काफी रुचि देखने को मिल रही है।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री श्री महाराज ने बताया कि उत्तराखंड पवेलियन में लगे प्रदेश के विभिन्न स्टॉलों में अब तक सात लाख से भी अधिक लोग अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं। पवेलियन में बने पर्यटन विकास परिषद, श्री बद्री-केदार द्वारा, मानसखंड मंदिर मिशन के अंतर्गत विभिन्न सिद्ध पीठों सहित दिव्य मंदिरों की प्रतिकृतियां और जल जीवन मिशन के स्टॉल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ-2025 मात्र एक मेले का ही आयोजन नहीं बल्कि यह भारत और विश्व की तमाम संस्कृतियों के मिलन का एक प्रमुख केन्द्र भी है, जिसमें देश-विदेश के तीर्थ यात्री अपनी आध्यात्मिक शुद्धि के लिए यहां एकत्रित होते हैं। प्रयागराज महाकुंभ में स्थापित उत्तराखंड पवेलियन में स्थित विभिन्न स्टॉलों में जहां एक ओर देवभूमि के उत्पाद शॉल, बिच्छू घास से बनी वस्तुएं और अन्य उत्पादों को बड़ी मात्रा में लोग पसंद कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर देश-विदेश से बड़ी संख्या में आये लोग यहां उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लुफ्त उठा रहे हैं।