Home उत्तराखंड उत्तराखंड से अमेरिका तक: मिसेज टेक्सास एलीट यूनिवर्स बनीं पहाड़ की बेटी,...

उत्तराखंड से अमेरिका तक: मिसेज टेक्सास एलीट यूनिवर्स बनीं पहाड़ की बेटी, अब लेंगी मिसेज यूएसए यूनिवर्स के मंच पर हिस्सा

From Uttarakhand to America Daughter of the mountains became Mrs. Texas Elite Universe, now she will participate in the stage of Mrs. USA Universe
From Uttarakhand to America Daughter of the mountains became Mrs. Texas Elite Universe, now she will participate in the stage of Mrs. USA Universe

देहरादून- 09 जुलाई 2025 – उत्तराखंड की बेटी नेहा नैथानी ने अमेरिका के टेक्सास में आयोजित प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता में “मिसेज टेक्सास एलीट यूनिवर्स 2025” का खिताब जीतकर न सिर्फ अपने राज्य बल्कि पूरे भारत का नाम गर्व से ऊँचा किया है।

नेहा की जीत को और भी खास बनाता है उनका अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहरा जुड़ाव। प्रतियोगिता के हेरिटेज राउंड में उन्होंने गर्व से पारंपरिक पहाड़ी पोशाक पहनकर उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। गहनों और रंग-बिरंगे परिधानों से सजी नेहा जब मंच पर उतरीं, तो उन्होंने न केवल सौंदर्य का प्रदर्शन किया, बल्कि पूरे उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया।

“मैं भले ही अब अमेरिका में रहती हूँ, लेकिन मेरा दिल आज भी उत्तराखंड के लिए धड़कता है,” नेहा ने कहा। “पारंपरिक परिधान पहनना मेरे लिए सिर्फ फैशन नहीं था — यह मेरी जड़ों, मेरी संस्कृति और मेरे पहाड़ों को समर्पित है जो मेरी विरासत और स्वाभिमान है।”

अब नेहा इस खिताब के साथ अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित मंच — मिसेज यूएसए यूनिवर्स — में भाग लेंगी, जहाँ वे भारत व टेक्सास का प्रतिनिधित्व करेंगी।

उनकी यह यात्रा केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता की नहीं, बल्कि स्वयं को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपनी पहचान को गर्व से दुनिया के सामने लाने की कहानी है। नेहा उन सभी पहाड़ी बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखती हैं।

“मैं चाहती हूं कि दुनिया जाने कि मैं कहां से आती हूं। हम पहाड़ी लोग मजबूत होते हैं, सरल होते हैं, और हमारे दिल बहुत बड़े होते हैं,” नेहा ने कहा। “यह ताज सिर्फ मेरा नहीं है — यह हर उस लड़की का है जो पहाड़ों से आती है और दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहती है।”

अब अमेरिका में बसने के बाद, नेहा इस मंच का उपयोग उत्तराखंड की संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए करना चाहती हैं।

देवभूमि देहरादून की इस बेटी ने अमेरिका में ताज जीतकर यह साबित कर दिया है कि जब इरादे मजबूत हों और संस्कार साथ हों, तो कोई भी सपना दूर नहीं होता।