आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण बेहद जरूरी: किरन सिंह
यूथ रेडक्रास कमेटी, आपदा प्रबंधन के चीफ मास्टर ट्रेनर डॉ० अनिल वर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी दायित्व नहीं है । नागरिकों विशेषकर शिक्षित युवा छात्र-छात्राओं को भी सघन आपदा प्रशिक्षण लेकर आपदा के दौरान लोगों के जीवन और सम्पत्ति की हानि सीमित करने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।
उक्त विचार डॉ० वर्मा ने राजकीय इण्टर कॉलेज, पटेल नगर में जारी एम० के० पी० इंटर कॉलेज के एनएसएस शिविर में यूथ रेडक्रास द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आपदा प्रशिक्षण शिविर में व्यक्त किये।उन्होंने आम लोगों का आह्वान किया कि वे एक श्रेष्ठ नागरिक के रूप में स्वयं आगे आकर आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लें व आवश्यकता पड़ने पर अपना तथा दूसरों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान करें। मैं कहीं भी नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए सदैव तत्पर हूं।
एन एस एस की कार्यक्रम अधिकारी किरन सिंह ने कहा कि आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रत्येक नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। हमारा उत्तराखंड आपदाओं के प्रति बहुत ही संवेदनशील राज्य है। आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदाओं से नागरिकों व पशुओं का जीवन बचाना है। प्रतिवर्ष यहां आपदा में अनेक जानें जाती हैं और सम्पत्ति की अत्यधिक हानि होने के साथ ही पर्यावरण की क्षति होती है। इसका प्रशिक्षण जान – माल की सुरक्षा के लिए बहुत ही उपयोगी है।
इस अवसर पर शिविर संयोजिका व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती किरन सिंह तथा सहयोगी सुश्री राज पंवार ने एन एस एस के पूर्व स्वयंसेवी रहे रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा को 155 बार रक्तदान करने के लिए शॉल ओढ़ाकर, विशेष उपहार देकर तथा पुष्प गुच्छ भेंटकर “एम०के०पी० एनएसएस रक्तवीर सम्मान” से विभूषित किया। डॉ० वर्मा ने सम्मान के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।*
डॉ० वर्मा ने छात्राओं को फायर फाईटिंग के तहत् घरेलू आग विशेषकर गैस सिलिंडर की आग बुझाने के उपायों के साथ ही विभिन्न प्रकार के रासायनिक अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करना सिखाया l
रेस्क्यू ऑपरेशन में प्राकृतिक आपदाओं भूकंप, बाढ़, भूस्खलन , जंगल की आग आदि अथवा शत्रु देश से युद्ध या आतंकवादी घटनाओं के दौरान ज़ख़्मी व रोगियों को सुरक्षित निकालकर ले जाने के इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू में फायरमेंस लिफ्ट, ह्यूमन क्रेडल, ह्यूमन क्रच , मंकी क्राल, टो ड्रैग, चेयर नॉट रोप रेस्क्यू , बोलाईन नॉट ड्रैग तथा इंप्रोवाइज improvi इम्प्रोवाईज्ड स्ट्रेचरआदि का प्रशिक्षण दिया।
फर्स्ट एड ट्रेनिंग में आग से जलने, रक्तस्राव रोकने, कृत्रिम श्वसन क्रिया, टी०बी०, घाव , फ्रैक्चर, हार्ट अटैक के दौरान मृतप्राय व्यक्ति को पुनर्जीवित करने की सी०पी०आर० टेक्निक के साथ ही एनीमिया,थैलेसीमिया, हीमोफीलिया,सिकल सेल, डेंगू , टी०बी०,एड्स आदि से बचाव व उपचार की जानकारी दी।
विशेष सत्र “जान है तो जहान है” अभियान में हार्ट अटैक के दौरान मृतप्राय व्यक्ति को पुनर्जीवित करने की सी०पी०आर० टेक्निक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही रक्तदान – जीवनदान, नेत्रदान व देहदान महादान , नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा नियमों तथा पर्यावरण संरक्षण आदि पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया
डॉ० अनिल वर्मा के निर्देशन व एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती किरन सिंह के नेतृत्व में टीम लीडरों सिमरन शर्मा, दुर्गेश्वरी चौहान, बबली आर्य, प्राची, तनु चौधरी, अंशी रावत, आंचल, आयुषी,कविता, वंशिका तोमर, ऐलीना, सृष्टि, मुस्कान,शालिनी, भावना,प्राची,साक्षी आदि ने कुशल प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती किरन सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन सहयोगी सुश्री राज पंवार ने किया।

















