Home उत्तराखंड 155 बार रक्तदान हेतु डॉ0 अनिल वर्मा को किया सम्मानित

155 बार रक्तदान हेतु डॉ0 अनिल वर्मा को किया सम्मानित

Dr. Anil Verma was honored for donating blood 155 times.
Dr. Anil Verma was honored for donating blood 155 times.

भजन ईश्वर के प्रति भक्ति और प्रेम व्यक्त करने के लिए संगीत के माध्यम अभिव्यक्ति का एक मधुर और भावनात्मक रूप है। इसमें आत्मा की परमात्मा से जुड़ाव तथा मन की शांति तथा आनंद की अनूभुति होती है।साथ ही मनुष्य के काम, क्रोध ,लोभ एवं अहंकार जैसी बुरी प्रवृत्तियों पर अंकुश लगता है।
उक्त विचार समाजसेवी रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा ने प्रेस क्लब सभागार में में गायक जितेन्द्र कुमार द्वारा नीब करौरी (नीम करौली) बाबा का भजन संग्रह‌ “बाबा‌‌ के आशीर्वाद से का टीजर और पोस्टर लांच एवं विशेष सम्मान समारोह के अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता एवं अतिथि व्यक्ति किये। उन्होंने भजन लेखक व गायक जितेन्द्र कुमार की सराहना करते हुए कहा कि बतौर थियेटर आर्टिस्ट विगत 30 वर्षों से जुड़े इस कलाकार की एक प्रतिभा और श्रेष्ठ भजन गायक के रूप में भी सामने आई है। उन्होंने उत्तराखंड की आवाज भजन गायक जितेन्द्र कुमार को सफल जीवन की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर 155 बार स्वयं रक्तदान करने तथा रक्तदान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अति विशिष्ट उपलब्धियों के लिए रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा को एक्टर व भजन गायक जितेन्द्र कुमार, इवेंट आर्गेनाइजर मोहित कुमार, मिस्टर दून/मॉडल/एक्टर कृष्णा सैनी तथा मिस देहरादून (रनर अप)/मॉडल/एक्ट्रेस मिस सोनालिका द्वारा शॉल ओढ़ाकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया
साथ ही मिस्टर दून/मॉडल/एक्टर कृष्णा सैनी तथा मिस देहरादून (रनर अप)/मॉडल/एक्ट्रेस मिस सोनालिका को भी द्वारा शॉल ओढ़ाकर व पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
भजन गायक जितेन्द्र कुमार तथा तरुण कुमार को रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा व अन्य के द्वारा सम्मानित किया गया।
गायक जितेन्द्र कुमार ने कहा कि मैंने एक थियेटर आर्टिस्ट के रूप में लगभग 30 वर्षों तक अनेकों भूमिकाओं का निर्वाह किया और प्लेबैक सिंगर भी रहा। बचपन से ही ईश्वर भक्ति के प्रति झुकाव रहने से हमेशा मन में भजन गाने की इच्छा बलवती रही। इसी ध्येय पूर्ति के उद्देश्य से मेरा बाबा का भजन 01 जनवरी 2026 से अपने यू ट्यूब चैनल “डिवाइन आशीर्वाद” पर रिलीज किया जाएगा।श्री जितेन्द्र ने बताया कि उन्होंने भजन स्वयं बनाये और गाये हैं । इसमें विरेंद्र कुमार धुसिया ने म्यूजिक दिया है।कोरस में साथ दिया है शिवाक्षी व बलाका दास जी ने और बांसुरी वादक पंकज नाथ जी सुमधुर धुनों से सजाया है। ढोलक और तबले पर संगति कलाकार प्रशांत त्रिवेदी तथा मिक्सिंग तथा मास्टर देव बसक जी ने की है।
भजनों को दिल्ली म्यूजिक स्टूडियो में रिकॉर्ड किया गया है। देहरादून में भजन करके प्रमोशन की जिम्मेदारी इवेंट मैनेजर मोहित कुमार मोंटी जी को दी है। लाईन प्रोड्यूसर व‌ कास्टिंग है ड श्री तरुण कुमार हैं। भजन के रिलीज होने पर सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर भजन का लिंक मिल जायेगा।
कार्यक्रम का संचालन मोहित कुमार ने तथा धन्यवाद् ज्ञापन जितेन्द्र कुमार ने किया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार व कलाकार उपस्थित थे।