Home उत्तराखंड आपदा: चौथे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सीएम  खुद कर रहे निगरानी

आपदा: चौथे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सीएम  खुद कर रहे निगरानी

Disaster: Rescue operation continues on the fourth day, CM himself is monitoring it
Disaster: Rescue operation continues on the fourth day, CM himself is monitoring it

उत्तरकाशी।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी और निर्देशन में आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री तीन दिन से उत्तरकाशी में ही प्रवास कर स्वयं रेस्क्यू अभियान की कमान संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह जिला मुख्यालय उत्तरकाशी के निकटवर्ती मातली हेलिपैड में जाकर रेस्क्यू अभियान को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए और हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री की खेप रवाना करवाई।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आपदा प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए मातली हेलीपैड से सुबह सात बजे से हेलिकॉप्टर्स की आवाजाही का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर तक 128 लोगों को हर्षिल से हेलिकॉप्टर के जरिए मातली हैलिपैड पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री रेस्क्यू अभियान का जायजा लेने के लिये आज फिर से धराली क्षेत्र के भ्रमण पर रवाना हुए हैं। आपदाग्रस्त धराली क्षेत्र में प्रभावितों को राहत पहुँचाने और लापता लोगों की खोजबीन का अभियान युद्धस्तर पर जारी है। बुनियादी सुविधाओं तथा संचार व्यवस्था की बहाली के लिए विभिन्न एजेंसियां निरंतर जुटी हुई हैं। हर्षिल बगोरी में मोबाईल सेवा बहाल कर दी गई है।
उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल में आज भी सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरफ और अन्य एजेंसियों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। धराली-हरसिल में बादल फटने के बाद अचानक आए सैलाब में फंसे लोगों को निकालने की कशिशें जारी हैं। बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं और लोगों को मातली हेलीपैड पर लाया जा रहा है। उनके गंतव्य तक सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की गई है। सीएम धामी खुद राहत और बचाव के कामों की निगरानी कर रहे हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सड़क, संचार, बिजली और खाद्य आपूर्ति बहाल करने के आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास कर रही है।
वायुसेना ने 20 टन राहत सामग्री पहुंचाई
उधर, भारतीय वायुसेना भी राहत और बचाव के काम में जुटी है। वायुसेना के शिनुक और एम आई -17वी 5 हेलीकॉप्टरों ने सी -295 और एएन -32 परिवहन विमान युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। सड़क संपर्क ध्वस्त होने के बाद वायुसेना की भूमिका अहम हो गई है। वायुसेना ने 130 एनडीआरएफ /एसडीआरएफ/आईए  कर्मियों को तैनात किया और लगभग 20 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचाई।
9 सैन्यकर्मी अभी भी लापता
हेलीकॉप्टरों ने आपदा के बाद निकटवर्ती गांवों और सेना के शिविरों में शरण लेने वाले लोगों को बाहर निकालने के लिए दिनभर में कई चक्कर लगाए। जीवित लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान में एनडीआरएफ के 69 बचावकर्मियों, दो खोजी कुत्तों और पशु-चिकित्सकों की एक टीम भी शामिल हो गयी है। सेना ने कहा कि 50 से अधिक लोग और एक जूनियर कमीशन ऑफिसर समेत नौ सैन्यकर्मी अब भी लापता हैं।
बारिश के चलते बाधा
उत्तरकाशी में पिछले कुछ दिन से हो रही भारी बारिश के कारण खोज और बचाव अभियान में बाधा आ रही है। उत्तरकाशी को जोड़ने वाली सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। इसके बाद भी राहत और बचाव दल काफी मुश्लिक हालात में आपदा प्रभावित इलाकों में पहुंचकर वायुसेना की मदद से राहत और बचाव का कार्य कर रहे हैं। जिले में कई सड़कें अब भी अनेक स्थानों पर भूस्खलन के मलबे से अवरुद्ध या क्षतिग्रस्त हैं।
एयररूट से ले जा रहे उपकरण
अधिकारियों ने कहा कि उन्नत और आधुनिक उपकरणों को एयर रूट से धराली तक पहुंचाने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं ताकि मलबे में दबे लोगों की तलाश का काम रफ्तार पकड़ सके। भारतीय सेना ने अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए धराली और निकटवर्ती हर्षिल में मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान तेज कर दिया है। अनेक स्थानों पर भूस्खलन और सड़के टूटने के कारण यह क्षेत्र अब भी अन्य क्षेत्रों से कटा हुआ है। सड़कें अवरुद्ध होने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे उपकरणों को हवाई मार्ग से घटनास्थल पर पहुंचाया जा रहा है।