देहरादून| उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ को बचाने की कोशिश की गई, उसी तरह अब भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली को बचाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जितेंद्र नेगी आत्महत्या प्रकरण में पुलिस द्वारा एक ही घटना की दो एफआईआर दर्ज की जाना इस साजिश का हिस्सा है ताकि मामले को कमजोर किया जा सके।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माहरा ने कहा कि मृतक जितेंद्र नेगी के वीडियो बयान में हिमांशु चमोली को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया गया था और मृतक के पिता की एफआईआर में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है। बावजूद इसके पुलिस ने बाद में अलग धाराओं में दूसरी एफआईआर दर्ज कर दी। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे भाजपा नेतृत्व का दबाव करार देते हुए मांग की कि दूसरी एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
माहरा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और भाजपा नेताओं की सीधी संलिप्तता कई गंभीर अपराधों में सामने आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण से लेकर सल्ट, चंपावत, काशीपुर, हरिद्वार और अन्य मामलों में भाजपा पदाधिकारियों पर बलात्कार और हत्या जैसे आरोप लगे हैं। यहां तक कि हरिद्वार में 13 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म में भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष का नाम सामने आया।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में भाजपा ने खुलेआम अपराधियों का इस्तेमाल कर प्रतिनिधियों का अपहरण कराया और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान देहरादून और हरिद्वार में डकैतियां होना प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था का बड़ा उदाहरण है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा में नियम 310 के तहत सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की गई, लेकिन भाजपा ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया ताकि असहज सवालों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस प्रदेशभर में कानून व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, विधायक लखपत बुटोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रवक्ता शीशपाल सिंह, सुजाता पॉल, डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी और आईटी विभाग अध्यक्ष विकास नेगी मौजूद रहे।

















