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संविधान बचाओ अभियान में भाजपा को बड़ा झटका, सोनू गहलोत संग डेढ़ सौ कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल

BJP suffers major setback in Save Constitution campaign, Sonu Gehlot and 150 workers join Congress
BJP suffers major setback in Save Constitution campaign, Sonu Gehlot and 150 workers join Congress

देहरादून । राज्य की राजनीति में उस वक्त नई हलचल मच गई जब कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग द्वारा आयोजित “संविधान बचाओ, भाजपा भगाओ” कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित जाति विभाग के नेता सोनू गहलोत के नेतृत्व में डेढ़ सौ कार्यकर्ताओं ने भाजपा से नाता तोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुए इस आयोजन में पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने माहौल को गरम और जोशपूर्ण बना दिया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने नवागंतुक कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा दबे-कुचले, शोषित और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकारों ने अनुसूचित जाति वर्ग को ठेका प्रथा के शिकंजे में जकड़ दिया है। सफाई जैसे स्थाई कार्यों को ठेके पर देकर सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और अब ठेकेदार गरीब वर्गों का शोषण कर रहे हैं। माहरा ने कहा कि कांग्रेस की आगामी सरकार इन वर्गों के कल्याण के लिए योजनाओं को प्राथमिकता देगी और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाएगी।

कार्यक्रम में पंजाब के विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी सुखविंदर कोटली ने कहा कि देहरादून में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं में कांग्रेस के प्रति जिस प्रकार का उत्साह देखा गया है, उसने उनके जोश को चार गुना बढ़ा दिया है। उन्होंने घोषणा की कि वे हर महीने उत्तराखंड के किसी न किसी जिले का दौरा करेंगे ताकि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके। कोटली ने भाजपा सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में अनुसूचित जाति वर्ग के साथ अत्याचारों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उत्तर प्रदेश में ओमप्रकाश वाल्मीकि की हत्या, हरियाणा में एडीजी की आत्महत्या और उत्तराखंड में दलित युवाओं व बेटियों के साथ हो रहे अपराध भाजपा की संवेदनहीन सोच को उजागर करते हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भाजपा सरकार दलित, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के खिलाफ काम कर रही है। राज्य में दलित उत्पीड़न और हत्या के बढ़ते मामले इस सरकार की कार्यशैली पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक में एक दलित युवक को मंदिर में प्रवेश करने के कारण आग से दागा गया, वहीं हरिद्वार जिले के संत्र्शा गाँव में दलित नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार और हत्या के आरोपी भाजपा नेता की गिरफ्तारी एक वर्ष बाद भी नहीं हो पाई। धस्माना ने चेतावनी दी कि कांग्रेस अब सड़कों पर उतरकर गरीबों और दलितों की बस्तियों को तोड़ने की साजिश के खिलाफ संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एलिवेटेड रोड परियोजना का खुलकर विरोध करेगी, क्योंकि यह गरीबों के घर उजाड़ने की साजिश है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल ने की। उन्होंने बताया कि विभाग जल्द ही हरिद्वार, उधमसिंह नगर, हल्द्वानी और अल्मोड़ा में भी “संविधान बचाओ, भाजपा भगाओ” अभियान चलाएगा, जिसके माध्यम से हजारों नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा। महानगर कांग्रेस एससी विभाग अध्यक्ष करण घाघट ने कहा कि महानगर क्षेत्र के सभी सौ वार्डों में कमेटियां गठित की जा रही हैं और नवंबर के अंत में एक बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेता भाग लेंगे।

कार्यक्रम का संचालन धर्मपाल घाघट ने किया। इस अवसर पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, मान सिंह एडवोकेट, गगन छाछर, नोहर सिंह, पूनम सिंह, गीता बहुते, पिंकी, संजय बिरला, भोला सिंह, हिमांशु घाघट, आकाश पंवार, सिकंदर, हिमांशु कुमार सहित बड़ी संख्या में भाजपा छोड़कर आए कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम का समापन कांग्रेस नेताओं के इस आह्वान के साथ हुआ कि अब संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के संघर्ष में कांग्रेस मैदान में डटकर मुकाबला करेगी। देहरादून से उठी यह आवाज़ अब पूरे प्रदेश में गूंजने लगी है — यह संकेत है कि उत्तराखंड की राजनीति में दलित वर्ग की नई चेतना करवट ले रही है और आने वाले समय में उसका रुख प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगा।