Home उत्तराखंड सभी विभाग सामंजस्य स्थापित कर विकास के लक्ष्य पूरा करें: महाराज

सभी विभाग सामंजस्य स्थापित कर विकास के लक्ष्य पूरा करें: महाराज

All departments should establish harmony and achieve development goals Maharaj
All departments should establish harmony and achieve development goals Maharaj

मंत्री ने भारत-नेपाल सीमा पर कराई जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक में दिये कई निर्देश

देहरादून। भारत नेपाल सीमा पर सिंचाई, लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये जा रहे विकास कार्यों के दृष्टिगत सभी विभागों के मध्य सामंजस्य होना चाहिए ताकि सरकार विकास के विजन के लक्ष्य को समय से पूरा कर सके।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाये, पर्यटन, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को चकराता रोड़, यमुना कालोनी स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय, लोक निर्माण विभाग के सभागार में लोनिवि एवं सिंचाई विभाग द्वारा भारत नेपाल सीमा पर कराये जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कही। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने शारदा नदी पर स्थित बनबसा बैराज, भारत नेपाल सीमा पर सिंचाई विभाग की फ्लड स्कीम, पंचेश्वर बांध, पिथौरागढ़ स्थित छारछम ब्रिज, एनएचपीसी द्वारा नियंत्रित बनवास बैराज के साथ-साथ बनबसा स्थित नदी पर निर्माणाधीन पुल और Dry port की स्थिति की जानकारी लेने के अलावा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
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प्रदेश के भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाये, लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री श्री महाराज ने समीक्षा बैठक के बाद प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि जनपद पिथौरागढ़ विधानसभा धारचूला के अंतर्गत भारत नेपाल सीमा के बीच काली नदी (शारदा) पर छारछूम नामक स्थान पर 110 मी० स्पान डबल लाइन मोटर मार्ग सेतु जिसकी लागत 32.98 करोड़ है का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है और पहुंच मार्ग का कार्य इस महा पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 3.79 करोड़ की लागत से 130 मीo छारछूम सेतु का निर्माण कार्य अगस्त 2025 से प्रारंभ हो चुका है जो कि मई 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त गृह मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा में टनकपुर-जौलजीवी दो-लेन मोटर मार्ग एवं अन्य कार्य स्वीकृत किए गए हैं जिन पर कार्य चल रहा है।

श्री महाराज ने बताया कि बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध निर्माण के लिए सरकार के प्रयास निरंतर जारी हैं। इस परियोजना की टीपीआर गठन का कार्य जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के उपक्रम वाप्कास लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 1928 में बने
बनबसा बैराज को लगभग 100 वर्ष हो चुके हैं इसलिए नए बैराज के निर्माण की प्रक्रिया को प्रारंभ कर दिया गया है। जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड धारचूला में काली नदी के दाएं तट पर 126 करोड़ की लागत की दो बाढ़ सुरक्षा योजनाएं जिनकी लंबाई 1000 मीटर तथा 750 मीटर है उनके कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसके अलावा काली नदी पर बाढ़ सुरक्षा के अन्य कार्य भी शीघ्र ही पूर्ण होने वाले हैं।

समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष पांडे, एनएचएआई के विशाल गुप्ता, नेशनल हाईवे के मुख्य अभियंता मुकेश परमार, एनएचपीसी के बृजेश बसेड़ा, जावेद अंसारी और सिंचाई विभाग, बनबसा के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सहित अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद थे।