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ॐ कल्याणम द्वारा “यंग तपस्वी” कार्यक्रम आयोजित, बच्चों और युवाओं के समग्र कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी पहल

Young Tapasvi program organized by Om Kalyanam—an inspiring and visionary initiative aimed at the holistic well-being of children and youth.
Young Tapasvi program organized by Om Kalyanam—an inspiring and visionary initiative aimed at the holistic well-being of children and youth.

शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलन से राष्ट्र निर्माण की दिशा में ॐ कल्याणम वेलनेस की अनूठी पहल

देहरादून- 16 जून 2026- मिसरा पट्टी ॐ कल्याणम वेलनेस सेंटर देहरादून में यंग तपस्वी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बच्चों और युवाओं के समग्र कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी पहल रही। वर्तमान समय अभूतपूर्व परिवर्तन का दौर है। तकनीकी क्रांति, डिजिटल जीवनशैली और तीव्र प्रतिस्पर्धा ने जहां जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं नई पीढ़ी विशेषकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक स्थिरता, सामाजिक व्यवहार और आंतरिक संतुलन के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। आज का बच्चा ज्ञान तो अर्जित कर रहा है, लेकिन जीवन को समझने की कला, आत्मसंवाद, संवेदनशीलता, अनुशासन और आत्मिक चेतना जैसे मूल तत्व धीरे-धीरे कमजोर होते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे समय में केवल औपचारिक शिक्षा पर्याप्त नहीं, बल्कि आवश्यकता एक ऐसे समग्र दृष्टिकोण की है जो बाल मन, शरीर, व्यवहार और चेतन चारों स्तरों पर विकास सुनिश्चित करे।

इसी व्यापक चिंतन और मानव कल्याण की भावना के साथ ॐ कल्याणम द्वारा संचालित “यंग तपस्वी” कार्यक्रम आज बच्चों और युवाओं के होलिस्टिक वेलनेस अर्थात समग्र कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी पहल के रूप में स्थापित हो रहा है। यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आंतरिक ऊर्जा जागरण और संतुलित जीवनशैली विकसित करने की एक जीवन यात्रा है।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सचिन त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसे आयोजनों की सबसे अधिक आवश्यकता है, जो बच्चों को केवल अकादमिक रूप से सक्षम न बनाएं, बल्कि उन्हें जीवन के हर आयाम में संतुलित और सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि यंग तपस्वी का उद्देश्य बच्चों के भीतर सोशल स्किल, फिजिकल फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन, नेतृत्व क्षमता और आध्यात्मिक चेतना का विकास करना है।

उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था बच्चों को जानकारी तो दे रही है, लेकिन जीवन जीने की कला, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, संवाद क्षमता, आत्मविश्वास और आंतरिक शांति जैसे विषयों पर गंभीर प्रयास कम दिखाई देते हैं। ऐसे में ॐ कल्याणम का प्रयास है कि नई पीढ़ी को जीवन के वास्तविक मूल्यों, संतुलित सोच और स्वस्थ जीवन पद्धति से जोड़ा जाए।

सचिन त्यागी ने कहा कि ॐ कल्याणम का मूल दर्शन “व्यक्ति का आंतरिक विकास ही समाज और राष्ट्र के स्थायी विकास की आधारशिला है।” संस्था का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो मानसिक रूप से सजग, शारीरिक रूप से सक्षम, सामाजिक रूप से संवेदनशील और आध्यात्मिक रूप से जागृत हो। उनका कहना है कि जब बच्चे भीतर से मजबूत बनेंगे तभी समाज और राष्ट्र भी मजबूत होगा। यही सोच संस्था के हर प्रयास की आधारशिला है।

वहीं राहुल सिंह पंवार ने बताया कि यंग तपस्वी अब एक राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। इस विशेष कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से बच्चे शामिल हुए हैं, जबकि उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों से अनुभवी ट्रेनर्स पहुंचे हैं। यह इस बात का संकेत है कि आज देशभर में अभिभावक और युवा ऐसी पहल की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं, जो बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखकर जीवन के व्यापक आयामों से जोड़ सके।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनकी आंतरिक क्षमता से परिचित कराना, आत्मविश्वास विकसित करना, नेतृत्व क्षमता को जागृत करना, सामूहिक सहयोग की भावना विकसित करना और उन्हें जीवन के प्रति सजग एवं संतुलित दृष्टिकोण देना है। यंग तपस्वी बच्चों को केवल बाहरी उपलब्धियों के लिए नहीं बल्कि भीतर से मजबूत, शांत और जागरूक व्यक्तित्व बनने की दिशा में तैयार करता है।

कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को योग, ध्यान, शारीरिक प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास, सामूहिक नेतृत्व, संवाद कला, आत्मअनुशासन, भावनात्मक प्रबंधन और आध्यात्मिक अभ्यासों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों के भीतर सुप्त ऊर्जा को जागृत करना और उन्हें स्वस्थ, संतुलित तथा उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करना रहा।

आयोजकों का मानना है कि भारत का भविष्य केवल आर्थिक या तकनीकी विकास से सशक्त नहीं होगा, बल्कि तब सशक्त होगा जब देश की नई पीढ़ी मानसिक स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों, आत्मिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण होगी। आज आवश्यकता केवल सफल व्यक्तियों की नहीं बल्कि संतुलित, संवेदनशील और जागरूक नागरिकों की है।

ॐ कल्याणम इसी विचारधारा के साथ कार्य कर रहा है कि आने वाला भारत केवल विकसित नहीं बल्कि भीतर से स्वस्थ, संतुलित और चेतनाशील भारत बने। यंग तपस्वी उसी संकल्प की एक जीवंत अभिव्यक्ति है, जो नई पीढ़ी को स्वयं से जोड़ते हुए समाज और राष्ट्र के व्यापक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

यह आयोजन एक कार्यक्रम भर नहीं, बल्कि उस परिवर्तनकारी विचार का प्रारंभ है जो आने वाले समय में भारत के युवाओं और बच्चों को एक नई दिशा, नई चेतना और एक संतुलित जीवन दृष्टि प्रदान करेगा।