Home उत्तराखंड बीआरपी-सीआरपी कार्मिकों को गुमराह कर रहे कतिपय जनप्रतिनिधि

बीआरपी-सीआरपी कार्मिकों को गुमराह कर रहे कतिपय जनप्रतिनिधि

Certain public representatives are misleading BRP-CRP personnel.
Certain public representatives are misleading BRP-CRP personnel.

न विभाग से और न आउटसोर्स कंपनी से ली जानकारी, सीधे मढ़ रहे आरोप

सस्ती लोकप्रियता के लिये विभाग को कर रहे बदनाम

देहरादून, 13 जून 2026

समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत बीआरपी एवं सीआरपी कार्मिकों के मानदेय को लेकर कतिपय नेताओं के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को गुमराह किया जा रहा है। बिना किसी तथ्यों के लगाये जा रहे आरोपों से न केवल कार्मिकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं, बल्कि विभाग एवं सरकार की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शासन द्वारा बीआरपी-सीआरपी कार्मिकों के लिए निर्धारित ₹40,000 प्रतिमाह मानदेय के अनुरूप भुगतान किया जा रहा है। जो विभाग द्वारा जारी टेंडर व अनुबंध की शर्तों के अनुसार है।

आउटसोर्स एजेंसी के नियुक्ति अधिकारी मोहर सिंह ने बताया कि सभी कार्मिकों को टेंडर की शर्तों के अनुरूप मानदेय दिया जा रहा है। एजेंसी द्वारा केवल वही वैधानिक कटौतियां की जा रही हैं, जो राज्य एवं केंद्र सरकार के नियमों के तहत अनुमन्य हैं। इसके अतिरिक्त कार्मिकों के मानदेय से किसी प्रकार की अतिरिक्त कटौती नहीं की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा को पत्र भेजकर कार्मिकों के मानदेय सम्बन्धी समस्त तथ्यों को रखा गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया कि कार्मिकों के भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा बीआरपी-सीआरपी कार्मिकों के लिए निर्धारित 40 हजार प्रतिमाह मानदेय में से विभागीय शर्तों के अनुरूप 18 फीसदी जीएसटी की कटौती की जाती है, इसके अलावा बेसिक सेलरी में से ग्रेच्युटी व पीएफ की नियमानुसार कटौती की जाती है,जो कि कार्मिकों का ही पैसा है। जबकि एजेंसी टेंडर की शर्तों के अनुरूप मात्र 3.85 फीसदी सर्विस चार्ज काटती है।

मोहर सिंह ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न की गई है। ऐसे में बिना तथ्यात्मक जानकारी के लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कार्मिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अधिकृत विभागीय स्रोतों एवं एजेंसी से संपर्क करें तथा भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।

उन्होंने कहा कि एजेंसी एवं विभाग दोनों का उद्देश्य कार्मिकों के हितों की रक्षा करते हुए सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और नियमसम्मत ढंग से संचालित करना है।