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नारी शक्ति को निर्णय मंचों पर मिले भरपूर अवसरः डाॅ. धन सिंह रावत

Women Must Receive Ample Opportunities on Decision-Making Platforms Dr. Dhan Singh Rawat
Women Must Receive Ample Opportunities on Decision-Making Platforms Dr. Dhan Singh Rawat

विधानसभा के विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण पर रखें अपने विचार

कहा, उच्च शिक्षा में बालिकाओं का ड्राॅप आउट 12 फीसदी घटा

छात्र संघ चुनावों में छात्राओं को दिया जायेगा 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व

देहरादून, 28 अप्रैल 2026 | ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर राज्य विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र ‘नारी सम्मान–लोकतंत्र में अधिकार’ के दौरान कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि नारी शक्ति को निर्णय मंचों पर पर्याप्त अवसर मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी, यह अधिनियम महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के हकों को कुचल डाला।

डॉ रावत ने कहा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये गए प्रयासों ने हमेशा सकारात्मक परिणाम सामने लाये। उन्होंने राज्य में महिला सशक्तिकरण को लेकर किये गये प्रयासों को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने सहकारिता से लेकर शिक्षा क्षेत्र तक महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की, इसका परिणाम यह है कि सहकारी समितियों के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि 33 फीसदी प्रतिनिधित्व देने से सहकारी समितियों के चुनाव में कुल 6486 निर्वाचित संचालकों में लगभग 39% यानी 2517 महिलाएं विजेता बनीं, जबकि 668 समितियों में से 281 की कमान महिलाओं के हाथों में है।

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए डाॅ. रावत ने बताया कि राज्य में बालिकाओं को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और ड्रेस उपलब्ध कराई जा रही हैं। सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूर्ण किया जा चुका है। प्रदेश में 39 कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास संचालित हैं, जहां निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा, परिवहन, परामर्श एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि उच्च शिक्षा में बालिकाओं का ड्रॉपआउट 12% कम हुआ है और सकल नामांकन अनुपात (GER) 48% तक पहुंच गया है।

डाॅ. रावत ने बताया कि विद्या ज्योति छात्रवृत्ति और गौरा देवी कन्या धन योजना के माध्यम से बालिकाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। साथ ही, तीन विश्वविद्यालयों में महिला कुलपतियों की नियुक्ति कर महिला नेतृत्व को बढ़ावा दिया गया है।

उन्होंने घोषणा की कि शीघ्र ही छात्र संघ चुनावों में छात्राओं को 50% प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को अवसर दिया जाए, तो वे नेतृत्व में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं। राज्य सरकार का संकल्प है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से आधी आबादी को उनका उचित अधिकार मिले।