Home उत्तराखंड उच्च शिक्षा के 80 शिक्षक लेंगे आईआईएससी बेंगलुरु में प्रशिक्षण

उच्च शिक्षा के 80 शिक्षक लेंगे आईआईएससी बेंगलुरु में प्रशिक्षण

80 Higher Education Teachers to Undergo Training at IISc Bengaluru
80 Higher Education Teachers to Undergo Training at IISc Bengaluru

नवीन वैज्ञानिक शोध व नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति की सीखेंगे बारीकियां

आगामी 27 अप्रैल से 9 मई 2026 तक आयोजित होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

देहरादून 21 अप्रैल 2026
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 80 चयनित शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस बेंगलुरू (आईआईएससी) में प्रशिक्षण दिया जायेगा। जहां विज्ञान संवर्ग के इन सभी शिक्षकों को नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रयोगात्मक दृष्टिकोण सहित व्यावहारिक शिक्षण विधियों से अवगत कराया जायेगा, ताकि वह छात्रों में विज्ञान के प्रति रूचि पैदा कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 24 अप्रैल से 9 मई 2026 तक आयोजित किया जायेगा।

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्धन प्रशिक्षण योजना के तहत उच्च शिक्षा विभाग एवं इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ साइंस बेंगलुरू के साथ एमओयू साइन हुआ है। जिसका मकसद शिक्षकों को प्रशिक्षित कर शिक्षण संस्थानों में प्रयोगात्मक व शोधात्मक गतिविधियों को विकसित करना है। योजना के तहत विज्ञान संवर्ग के शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में इस बार विभिन्न राजकीय विश्वविद्यालयों एवं शासकीय महाविद्यालयों के 80 विज्ञान शिक्षकों का चयन प्रशिक्षण हेतु किया गया है, जिन्हें आगामी 24 अप्रैल से 9 मई 2026 तक आईआईएससी में प्रशिक्षण दिया जायेगा। चयनित शिक्षकों में भौतिक विज्ञान के 16, रसायन विज्ञान के 19, गणित के 13, वनस्पति विज्ञान के 16 तथा जन्तु विज्ञान के 16 शिक्षक शामिल है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी शिक्षक अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे साथ ही विज्ञान शिक्षा के नवीन आयामों से रूबरू होंगे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को शोध-आधारित शिक्षण, नवाचार, तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के प्रभावी तरीकों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

उच्च शिक्षा सचिव डाॅ. रणजीत सिन्हा ने बताया कि इस पहल से प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने संस्थानों में लौटकर विद्यार्थियों को आधुनिक, रोचक एवं प्रयोगात्मक तरीके से शिक्षा प्रदान करेंगे, जिससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि को बढ़ावा मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयनित शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने को निदेशक उच्च शिक्षा एवं सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुल सचिवों को निर्देश दे दिये हैं।

बयान-
उच्च शिक्षा के अंतर्गत शिक्षकों को प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण देकर शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, नवोन्मेषी और भविष्य उन्मुख बनाया जा रहा है। निश्चित तौर पर प्रशिक्षण के उपरांत शिक्षक अपने अनुभव व ज्ञान का लाभ अधिकाधिक छात्रों तक पहुंचाएंगे तथा प्रदेश में विज्ञान आधारित शिक्षा को नई दिशा देंगे।