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155 बार रक्तदान एवं कुशल प्रशिक्षण हेतु रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा सम्मानित

Blood Donor Shiromani Dr. Anil Verma Honored for Donating Blood 155 Times and for Expert Training
Blood Donor Shiromani Dr. Anil Verma Honored for Donating Blood 155 Times and for Expert Training

डीएवी (पीजी) कॉलेज में रेडक्रॉस द्वारा आपदा प्रबंधन शिविर आयोजित

किसी भी क्षण आ सकता है 8 रिक्टर स्केल का भूकंप -डॉo अनिल वर्मा

यूथ रेडक्रॉस कमेटी के मुख्य आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉo अनिल वर्मा ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की संवेदनशीलता के भूकंपीय दृष्टिकोण से अब छटे जोन में आ जाने से स्थानीय युवाओं और समुदाय को आपदा प्रबंधन का विधिवत प्रशिक्षण दिया जाना और भी महत्वपूर्ण एवं आवश्यक हो गया है।
डॉo वर्मा डीएवी कॉलेज के दीन दयाल उपाध्याय सभागार में साइंस फैकल्टी द्वारा “आपदा प्रबंधन के परिप्रेक्ष्य में सामाजिक एवं व्यक्तिगत विकास” विषय पर आयोजित विशेष कार्यशाला एवं प्रशिक्षण शिविर में बतौर मास्टर ट्रेनर प्रोफ़ेसरों एवं छात्र – छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में किसी भी क्षण लगभग 8 रिक्टर स्केल का भूकंप आ सकता है,जो बड़ी तबाही ला सकता है।डॉo वर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण युवाओं को आपदा की गंभीर स्थिति में भी शांत भाव से निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है, क्योंकि आपदाएं गहरा सामाजिक, आर्थिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभाव छोड़ती हैं।अतः युवाओं द्वारा प्राप्त अग्नि शमन, रेस्क्यू तथा फर्स्ट एड आदि का प्रायोगिक प्रशिक्षण आपदा के समय स्वयं को सुरक्षित रखते हुए दूसरों का जीवन बचाने की कुशलता प्रदान करता है। वह प्रभावित आम जनता के साथ-साथ महिलाओं विशेषकर गर्भवती महिलाओं , बच्चों, वृद्धजनों,बीमारों , घायलों और दिव्यांगों को आपदाओं के दौरान प्राथमिकता के आधार पर रेस्क्यू करके उनका जीवन सुरक्षित करता है, क्योंकि वह जानता है कि आपदाएं सबसे अधिक उन्हें ही प्रभावित करती हैं।ऐसे समय में उनको इमरजेंसी मेथड्स ऑफ़ रेस्क्यू से सुरक्षित निकालकर समुचित जगह पर ले जाकर प्राथमिक चिकित्सा, आश्रय,भोजन, दवाइयाँ, दूध आदि उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
कार्यशाला व प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य प्रभारी अधिकारी व डीन फैकल्टी ऑफ़ साइंस प्रो० एस पी जोशी (उप प्राचार्य) महोदय ने कहा कि आपदाओं को रोक पाना असंभव है परन्तु कुशल प्रबंधन एवं सघन प्रशिक्षण से लोगों के जान-माल की हानि को कम किया जा सकता है। डॉ० जोशी ने बताया कि हेoनoबo गढ़वाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी द्वारा यूoजीo लेवल के समस्त विद्यार्थियों के लिए आपदा प्रबंधन को अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया गया है।इसमें डॉo अनिल वर्मा द्वारा इससे पूर्व डेढ़ महीना थ्योरी की कक्षाएं ली जा चुकी हैं।डीएवी कॉलेज प्रशासन द्वारा राज्य एवं राष्ट्र हित में इस विषय के महत्व को समझते हुए विद्यार्थियों को गंभीरता से थ्योरी एवं प्रैक्टिकल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षित युवा छात्र-छात्राएँ आपदाओं से निपटने में कारगर साबित हो सकें।
प्रोफेसर (डॉo) प्रशांत सिंह ने बताया कि विशेष प्रशिक्षण शिविर में सर्च एंड रेस्क्यू के तहत इमरजेंसी मेथड्स ऑफ़ रेस्क्यू के फायरमेंस लिफ्ट,टो ड्रैग, बो लाइन ड्रैग, ह्यूमन क्रेडल, ह्यूमन क्रच, पिक-अबैक, रिवर्स पिक-अबैक, क्लब्ड हैंड्स,मंकी क्राल, टू-थ्री-फोर हैंडेड सीट, फोर एंड आफ्ट मेथड, ड्रा हिच तथा चेयर नॉट आदि रोप रेस्क्यू का प्रशिक्षण दिया गया।फर्स्ट एड के तहत हार्ट अटैक आदि के दौरान सीoपीoआरo (कार्डियो पल्मोनरी रीससीटेशन) का विधिवत प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर 155 बार रक्तदान करने एवं कुशल प्रशिक्षण हेतु उपप्राचार्य, डीन साइंस फैकल्टी एवं वनस्पति विज्ञानं विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर (डॉo) एस पी जोशी, जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉo) शशि किरण सोलंकी ,भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोo (डॉo) आर के शर्मा ने रक्तदाता शिरोमणि डॉo अनिल वर्मा को पुष्प गुच्छ एवं उपहार भेंट करके सम्मानित किया गया।डॉo वर्मा ने महाविद्यालय प्रशासन का उन्हें सम्मान प्रदान करने हेतु आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षण के उपरांत छात्र – छात्राओं से खचाखच भरे सभागार में संयोजक प्रोo एस पी जोशी, प्रोo शशि किरण सोलंकी, प्रोo प्रशांत सिंह, प्रोo झरना बनर्जी, व प्रोo आर के शर्मा के नेतृत्व में डीएवी कॉलेज आपदा प्रबंधन टीम की सीनियर कमांडर रिया बिष्ट, जिया तसव्वुर, स्नेहा, सलोनी पुंडीर, आस्था चौहान ,अमन तोमर, ध्रुव कौशिक,साहिल डोभाल, कमांडर आदित्य राजपूत,आर्यन लिंगवाल, लक्ष्य सैनी,लोकेश सगारु,सौम्या, सारिका भंडारी,रूचि,कृतिका,रितिक रौतेला, इफत, दिव्या गौड़ तथा आयुषी ने इमरजेंसी मेथड्स ऑफ़ रेस्क्यू तथा सीoपीoआरo का सफल एवं कुशल प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में रसायन विभागाध्यक्ष प्रोo प्रशांत सिंह, जंतु विज्ञान विभागाध्यक्षा प्रोo शशि किरन सोलंकी, भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोo आर के शर्मा, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोo एस पी जोशी, सांख्यिकी विभागाध्यक्षा प्रोo झरना बैनर्जी, प्रोo विनीत विश्नोई, चीफ प्रॉक्टर एस वी त्यागी, प्रोo प्रदीप जोशी,प्रोo अमित शर्मा,प्रोo रेणुका रावत,प्रोo डी के गुप्ता, प्रोo स्मिता शर्मा,प्रोo नैना श्रीवास्तव,प्रोo प्रतिमा सिंह,प्रोo पुष्पेंद्र शर्मा,प्रोo रीना वर्मा,प्रोo मेजर अतुल सिंह,प्रोo एमएम जुवांठा,प्रोo एमएम जस्सल,प्रोo मनोज जादौन सहित सभी 6 विज्ञान विभागों के समस्त प्रोफ़ेसरों एवं कर्मचारी श्री बुद्ध सिंह का विशेष सहयोग रहा!
प्रोo विनीत विश्नोई ने बताया कि कार्यशाला में 300 से अधिक प्रोफ़ेसरों एवं विद्यार्थियों ने आपदा प्रबंधन व प्राथमिक चिकित्सा का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।कार्यक्रम का संचालन प्रोo एस पी जोशी तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोo शशि किरण सोलंकी ने किया।