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स्वामी रामदेव, रोंजन सिंह सोढ़ी ने लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर के उद्घाटन में भाग लिया; मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवराज सिंह चौहान ने पहल की सराहना की

Swami Ramdev and Ronjan Singh Sodhi participated in the inauguration of the Life Transformation Center; Chief Ministers Devendra Fadnavis and Shivraj Singh Chouhan lauded the initiative.
Swami Ramdev and Ronjan Singh Sodhi participated in the inauguration of the Life Transformation Center; Chief Ministers Devendra Fadnavis and Shivraj Singh Chouhan lauded the initiative.

हरिद्वार- 16 मार्च 2026: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर का उद्घाटन पुणे जिले के दौंड तालुका के बोरीबेल में किया गया। यह केंद्र डॉ. राहुल वी. कराड – इनिशिएटर एंड विज़न, लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर की पूजनीय माता उर्मिला वी. कराड की स्मृति में स्थापित किया गया है, जिन्होंने इस केंद्र की अवधारणा की थी। यह केंद्र अनुभवात्मक और मूल्य आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्रों को प्रकृति, समाज और अपने आंतरिक स्व से जोड़कर उनके समग्र विकास को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखता है।

उद्घाटन समारोह में सरकार, आध्यात्म, रक्षा और खेल जगत के कई प्रतिष्ठित नेता उपस्थित रहे। प्रमुख अतिथियों में आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामदेव और अंतरराष्ट्रीय ट्रैप शूटर, राजीव गांधी खेल रत्न एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित श्री रोंजन सोढ़ी शामिल थे। यह कार्यक्रम एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय विठोबा भरणे, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (PVSM, AVSM), जीओसी-इन-सी, सदर्न कमांड, पुणे, तथा महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल के वीडियो संदेश साझा किए गए। वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में वर्चुअली भाग लिया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,

“आज के युवाओं को तीव्र प्रतिस्पर्धा, शैक्षणिक दबाव और डिजिटल दुनिया के विचलनों का सामना करना पड़ता है, जिससे वे जीवन के गहरे अर्थ से दूर होते जा रहे हैं। लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर युवाओं को प्रकृति, कृषि, अनुशासन और आध्यात्म से जोड़कर इसका प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है। एक किसान के बेटे के रूप में मैं ‘Connecting the Soul to the Soil’ की इस अवधारणा से गहराई से जुड़ाव महसूस करता हूं। जब युवा मिट्टी, भोजन और मेहनत के मूल्य को समझते हैं, तो उनमें किसानों, प्रकृति और समाज के प्रति सम्मान विकसित होता है। यह पहल भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परिकल्पित अनुभवात्मक शिक्षा की भावना को दर्शाती है और जिम्मेदार, आत्मविश्वासी तथा राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले युवाओं को तैयार करेगी।”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा,

“पुणे के बोरीबेल में लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर के उद्घाटन पर मैं हार्दिक बधाई देता हूं। महाराष्ट्र की भूमि संतों, समाज सुधारकों और राष्ट्रनिर्माताओं की प्रेरणादायी परंपरा से समृद्ध रही है। संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम महाराज की आध्यात्मिक विरासत से लेकर महात्मा ज्योतिराव फुले और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की परिवर्तनकारी दृष्टि तक, इस भूमि ने ज्ञान को सेवा, नैतिकता और समाज कल्याण से जोड़ने की परंपरा को कायम रखा है। कृषि और प्रकृति, शारीरिक फिटनेस और खेल, टीम बिल्डिंग और नेतृत्व, देशभक्ति और राष्ट्रनिर्माण, तथा आध्यात्म और शांति के स्तंभों पर आधारित यह केंद्र छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व और संवेदनशीलता का विकास करेगा।”

आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामदेव ने कहा, “आज मुझे लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर के उद्घाटन का हिस्सा बनकर अत्यंत खुशी हो रही है। MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान युवाओं में केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि चरित्र, मूल्य और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का भी विकास कर रहे हैं। लाखों छात्रों को शिक्षित करना और उन्हें व्यक्तिगत विकास से राष्ट्रनिर्माण तक मार्गदर्शन देना समाज के लिए एक महान सेवा है। मैं स्वयं एक साधारण किसान परिवार से आता हूं और समझता हूं कि शिक्षा और आत्मअनुशासन जीवन को किस प्रकार बदल सकते हैं। हर युवा में अपार क्षमता होती है, लेकिन उसे व्यक्तिगत सफलता से आगे किसी बड़े उद्देश्य से जोड़ना आवश्यक है। हमें अपने सपनों को केवल नौकरी या वेतन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए योगदान देने का लक्ष्य रखना चाहिए। लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर जैसी पहल के माध्यम से छात्र प्रकृति, आत्मअनुशासन, स्वास्थ्य और नेतृत्व का महत्व सीखेंगे। मैं डॉ. विश्वनाथ कराड, डॉ. राहुल कराड और पूरे MIT परिवार को युवाओं के लिए ऐसा परिवर्तनकारी मंच बनाने के लिए बधाई देता हूं।”

इस पहल के पीछे की दृष्टि के बारे में बताते हुए डॉ. राहुल कराड ने कहा, “यह पहल छात्रों को अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से प्रकृति, ग्रामीण जीवन और भारतीय सभ्यता के गहरे मूल्यों से पुनः जोड़ने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है। यह केंद्र पांच स्तंभों पर आधारित है—कृषि और प्रकृति, आध्यात्म और शांति, खेल और शारीरिक फिटनेस, टीम बिल्डिंग और नेतृत्व, तथा देशभक्ति और राष्ट्रनिर्माण। इस पहल के माध्यम से हम जिम्मेदार, आत्म-जागरूक और सामाजिक रूप से जागरूक युवाओं का निर्माण करना चाहते हैं। मेरा मानना है कि यह केंद्र शिक्षा के लिए एक परिवर्तनकारी प्रयोगशाला के रूप में कार्य करेगा और छात्रों को समाज तथा एक सामंजस्यपूर्ण और टिकाऊ विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।”

लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर के कार्यक्रम पांच प्रमुख स्तंभों—कृषि और प्रकृति, शारीरिक फिटनेस और खेल, टीम बिल्डिंग और नेतृत्व, देशभक्ति और राष्ट्रनिर्माण, तथा आध्यात्म और शांति—पर आधारित हैं। इन स्तंभों के माध्यम से केंद्र छात्रों के शारीरिक, बौद्धिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना चाहता है।

इस केंद्र की एक विशेषता सादगी और सजग जीवनशैली पर दिया गया जोर है। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और बढ़ते तनाव के इस दौर में यह केंद्र न्यूनतावाद के सिद्धांत को बढ़ावा देता है, जिससे प्रतिभागियों को सरल जीवनशैली अपनाने, ध्यान भंग करने वाली चीजों को कम करने और जीवन के सार्थक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

प्रकृति आधारित शिक्षा, नेतृत्व विकास और मूल्य आधारित शिक्षण को एकीकृत करते हुए लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर उच्च शिक्षा में एक नया प्रतिमान स्थापित करने का प्रयास करता है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना और एक मजबूत भारत तथा अधिक सामंजस्यपूर्ण विश्व के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।