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अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा दून विश्वविद्यालय में ‘एनालिसिस और पीडीई’ पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

The National Research Foundation organized a two-day workshop on 'Analysis and PDEs' at Doon University.
The National Research Foundation organized a two-day workshop on 'Analysis and PDEs' at Doon University.

– एएनआरएफ की इस रिसर्च परियोजना का शीर्षक “फास्ट और कम्प्यूटेशनली एफिशिएंट इटरेटिव रेगुलराइजेशन मेथड्स फॉर सॉल्विंग इनवर्स प्रॉब्लम्स” है

– भारत सरकार की प्रीमियर रिसर्च फन्डिंग एजेंसी है अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ)

– सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत गणित के छात्रों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

– आईआईटी, एनआईटी, विश्वविद्यालयों, कॉलेज और रिसर्च संस्थानों को रिसर्च, इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए फंड्स प्रदान करता है एएनआरएफ

– 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया

दून विश्वविद्यालय में गणित के छात्रों के लिए “एनालिसिस और पीडीई.” पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला, भारत सरकार की प्रीमियर रिसर्च फन्डिंग एजेंसी, “अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ)” की वैज्ञानिक सामाजिक जिम्मेदारी का एक हिस्सा है। प्रोफेसर आशा राम गैरोला इस कार्यशाला के दून विश्वविद्यालय में कोऑर्डिनेटर हैं। डॉ. कोमल और डॉ. सरिता सिंह मुख्य आयोजकों में शामिल हैं।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सूरेखा डंगवाल ने इस अवसर पर कहा कि गणित विभाग के संकाय सदस्य बहुत ही सक्रिय हैं। वे हमेशा अपने छात्रों के प्रशिक्षण के लिए नए अवसर बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि एएनआरएफ के अध्यक्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हैं। ए.एन.आर.एफ, आईआईटी, एनआईटी, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों को रिसर्च, इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए फंड्स प्रदान करता है। 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संसद के एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था।

आईआईटी. रुड़की के गणित के प्रोफेसर डॉ. अंकिक गिरी ने कहा- यह कार्यशाला एएनआरएफ की रिसर्च परियोजना, जिसका शीर्षक “फास्ट और कम्प्यूटेशनली एफिशिएंट इटरेटिव रेगुलराइजेशन मेथड्स फॉर सॉल्विंग इनवर्स प्रॉब्लम्स” है। जिसके एसएसआर बजट हेड के अंतर्गत दून विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है।

वर्कशॉप के समन्वयक और दून विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आशा राम गैरोला ने कहा कि छात्र पिछले दो दिनों से “विश्लेषण और पार्शियल डिफरेंशियल इक-वैसन के फंडामेंटल्स” सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को बहुत अच्छा अनुभव मिल रहा है।