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September 11, 2026
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उत्तराखंड

उच्च शिक्षा विभाग में 268 असिस्टेंट प्रोफसर के स्थायीकरण को सरकार की मंजूरी

The government has approved the permanent appointment of 268 assistant professors in the Higher Education Department.

विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने स्थायीकरण प्रस्ताव किया अनुमोदित

द्विवर्षीय परवीक्षा अवधि संतोषजनक पूर्ण कर चुके हैं असिस्टेंट प्रोफेसर

देहरादून, 15 जनवरी 2026
उच्च शिक्षा विभाग के 268 असिस्टेंट प्रोफसर के स्थायीकरण को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने विभाग द्वारा प्रस्तुत स्थायीकरण प्रस्ताव को अपना अनुमोदन दे दिया है। प्रदेशभर के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात विभिन्न विषयों के इन असिस्टेंट प्रोफेसर ने दो वर्ष की परवीक्षा अवधि संतोषजनक पूर्ण कर दी है। समयबद्ध स्थायीकरण होने पर असिस्टेंट प्रोफेसरों ने विभागीय मंत्री व राज्य सरकार का आभार जताया।

प्रदेश की उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार, प्रयोगात्मक व शोधात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती से लेकर उनके प्रशिक्षण को लेकर भी सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात 268 असिस्टेंट प्रोफसर के द्वारा द्विवर्षीय परवीक्षा अवधि पूर्ण करने पर उनके स्थायीकरण को मंजूरी दे दी है। स्थायीकरण का लाभ लेने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति विभागान्तर्गत वर्ष 2020 से वर्ष 2022 में हुई है। जिन्हें सरकार द्वारा उत्तराखण्ड सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली-2002 के तहत लाभान्वित किया गया है। 13 विभिन्न विषयों के इन असिस्टेंट प्रोफेसर में राजनीति विज्ञान के 71, शिक्षा शास्त्र 26, संस्कृत 35, हिन्दी 71, समाजशास्त्र 5, इतिहास 4, भूगोल व भौतिक विज्ञान 2-2, अर्थशास्त्र 35, गृह विज्ञान 13 तथा रसायन विज्ञान, जन्तु विज्ञान व अंग्रेजी में 1-1 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल है। उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा नियमावली-2003 के तहत ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति को स्थायी करने का प्रावधान है, जिनका कार्य और आचरण अच्छा हो, उनकी सत्यनिष्ठा प्रमाणित हो और नियुक्ति प्राधिकारी को यह समाधान हो कि शिक्षक को स्थायी करना उपयुक्त है। राज्य सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षकों को सुरक्षित, स्थायी एवं सम्मानजनक सेवा वातावरण उपलब्ध कराना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बुनियाद है। प्राध्यापकों के स्थायीकरण से न केवल उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक निरंतरता और अकादमिक गुणवत्ता भी और अधिक मजबूत होगी।

बयान
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत अपनी परवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 268 प्राध्यापकों के स्थायीकरण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय उच्च शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

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