एनएसएस युवाओं के सर्वांगीण विकास का माध्यम है। यह वह प्लेटफार्म है जहां शिविरों में साथ रहकर बिना किसी धर्म,जाति,अमीर, गरीब का भेदभाव किए आपस में मिलजुल कर रहना सीखते हैं बल्कि एकसाथ काम करके आपसी सहयोग और सामंजस्य का महत्व समझते हैं।
उक्त विचार उत्तराखंड के पूर्व राज्यमंत्री राजकुमार पुरोहित ने जीजीआईसी अजबपुर कलां के बाल भवन में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे।
विशिष्ट अतिथि व यूथ रेडक्रास कमेटी के अनिल वर्मा ने बताया कि शिविर में छात्राओं ने पूर्ण अनुशासन में रहकर संजीदगी से प्रशिक्षण ग्रहण किया। साथ ही साहित्यिक- सांस्कृतिक व जागरूकता कार्यक्रम उच्च स्तरीय थे। उन्होंने शिविर को पूर्णतः सफल बताया।
एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती दीप्ति रावत ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिविर में यूथ रेडक्रास कमेटी के आपदा प्रबंधन मास्टर ट्रेनर डॉ० अनिल वर्मा द्वारा आपदा प्रबंधन के तहत् फायर सेफ्टी,
इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू तथा प्राथमिक चिकित्सा में हार्ट अटैक से संबंधित सीपीआर तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही रक्तदान – नेत्रदान- देहदान, थैलेसीमिया, नशामुक्ति, टीबी, डेंगू, एड्स कंट्रोल, रोड सेफ्टी आदि का सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक बी के डोभाल ने गणित पर व्याख्यान दिया। छात्राओं द्वारा रैली निकाल कर मतदान, स्वच्छता, पालीथीन निषेध, डिजीटल इंडिया, नशामुक्ति आदि पर जागरूकता रैली निकाली तथा विभिन्न विषयों पर पोस्टर प्रतियोगिता , भ्रमण आदि अनेक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती दीप्ति रावत द्वारा यूथ रेडक्रास के मास्टर ट्रेनर रक्तदाता शिरोमणि डॉ० अनिल वर्मा को कुशल प्रशिक्षण देने एवं 155 बार रक्तदान करने हेतु शॉल ओढ़ाकर , बैज लगाकर तथा पौधा भेंटकर विशेष रूप से सम्मानित किया।
टीम लीडर सुहानी व योगेश्वरी के नेतृत्व में वंशिका,सिमरन, आरूषि कोठियाल, सुशीला, अंकिता, पूजा, मानसी,काजल, महक व नेहा ने गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी तथा पंजाबी लोकनृत्यों की बेहतरीन प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरी।
उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव पुष्पा मानस ने उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं के सुरक्षा एवं कल्याण में परिषद् की भूमिका व योगदान की विस्तृत जानकारी दी।
भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ प्रभारी बलबीर सिंह रावत ने कहा कि शिविर राष्ट्रीय एकता के प्रतीक होते हैं। शिविर परस्पर स्नेह, सम्मान , सहानुभूति तथा सहनशीलता का पाठ पढ़ाते हैं जिससे व्यक्तित्व विकास को बल मिलता है।
शिविर का समापन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ। टीम लीडर सुहानी व योगेश्वरी के नेतृत्व में वंशिका,सिमरन, आरूषि कोठियाल, सुशीला, अंकिता, पूजा, मानसी,काजल, महक व नेहा ने मधुर स्वागत गीत के उपरांत गढ़वाली, कुमांऊनी, जौनसारी तथा पंजाबी गीतों व लोकनृत्यों की बेहतरीन प्रस्तुतियों से हुआ। आकर्षक परिधान से सजी- धजी नृत्यांगनाओं ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं।

















