Home उत्तराखंड हरिद्वार रिश्वत प्रकरण में आरोपी खण्ड शिक्षा अधिकारी निलम्बित

हरिद्वार रिश्वत प्रकरण में आरोपी खण्ड शिक्षा अधिकारी निलम्बित

The Block Education Officer, accused in the Haridwar bribery case, has been suspended.
The Block Education Officer, accused in the Haridwar bribery case, has been suspended.

20 हजार की रिश्वत लेते विजिलेंस टीम ने किया था गिरफ्तार

विभागीय मंत्री डा. रावत की चेतावनी, अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं

देहरादून, 29 दिसम्बर 2025
हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक में विजीलेंस टीम द्वारा रिश्वत प्रकरण में रंगेहाथों गिरफ्तार किये गये खण्ड शिक्षा अधिकारी बृजपाल सिंह राठौड़ पर शासन ने कड़ा एक्शन लिया है। आरोपी शिक्षा अधिकारी के खिलाफ उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन अपील नियमावली) 2003 तहत विभागीय कार्यवाही करते हुये उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। जिसकी संस्तुति विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा दी गई। शासन ने खण्ड शिक्षा अधिकारी का प्रभार राजकीय इंटर कॉलेज गैंडीखाता के प्रधानाचार्य को हस्तांतरित कर दिया है, ताकि शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

विद्यालयी शिक्षा विभाग में कतिपय कर्मचारी अनुशासन को ताक पर रखकर विभाग की छवि धूमिल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अब सरकार आरोपी अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शने के मूड़ में नहीं है। इसी कड़ी में हरिद्वार के बहादराबाद में विजीलेंस टीम द्वारा 20 हजार के रिश्वत मामले में गिरफ्तार खण्ड शिक्षा अधिकारी बृजपाल सिंह राठौड को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। शासन द्वारा प्रस्तुत राठौड के निलम्बन प्रस्ताव को विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने मंजूर कर दिया है। रिश्वत प्रकरण में विजीलेंस टीम द्वारा आरोपी खण्ड शिक्षा अधिकारी को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके फलस्वरूप विभागीय स्तर पर की गई जांच के आधार पर शासन स्तर से आरोपी खण्ड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन अपील नियमावली) 2003 के तहत निलम्बन की कार्यवाही की गई है। जबकि खण्ड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद का प्रभार राजकीय इंटर कॉलेज गैंडीखाता के प्रधानाचार्य को हस्तांतरित किया गया है, ताकि विकासखण्ड में विभागीय कार्य प्रभावित न हो।

बयान
शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता एवं अनियमितताओं के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे कृत्यों में लिप्त किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हरिद्वार रिश्वत प्रकरण में आरोपी खण्ड शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जायेगी। – डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।