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डीएम बंसल ने  की आपदाग्रस्त क्षेत्र सेरागांव सहस्त्रधारा में जिले के आला अधिकारियों के संग समीक्षा बैठक करते हुए संग ग्राउण्ंड जीरो पर समीक्षा की

DM Bansal held a review meeting with the top officials of the district in the disaster-hit area Seragaon Sahastradhara and reviewed the situation at ground zero.
DM Bansal held a review meeting with the top officials of the district in the disaster-hit area Seragaon Sahastradhara and reviewed the situation at ground zero.

देहरादून। मुख्यमंत्री के आपदाग्रस्त क्षेत्र में भ्रमण के क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज आपदाग्रस्त क्षेत्र सेरागांव सहस्त्रधारा में जिले के आला अधिकारियों के संग समीक्षा बैठक करते हुए संग ग्राउण्ंड जीरो पर समीक्षा की। आपदा में क्षतिग्रस्त हुई विभिन्न विभागों की परियोजनाओं  एवं सड़क आदि रेस्टोरेशन कार्य का फीडबैक लिया।  डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही तलब करते हुए विभागवार पुनर्निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित स्थानीय निवासियों, क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विस्तारपूर्वक निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ ही क्षेत्रवासियों की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कार्यों के आंगणन रह गए हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लेटलांग लोकेशन के साथ एक सप्ताह के भीतर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में राहत बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक सेरागांव में  की बैठक में आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त परियोजनाओं के पुनर्निर्माण कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। डीएम ने कार्लीगाड, मझेड़ा में बिजली, पानी, सड़क पुनर्निर्माण में तेजी लाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं डीएम पुनर्निर्माण कार्यों की निरंतर स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि मा0 सीएम  के राज्य हित, आपदा न्यूनीकरण जिला प्रशासन के लिए सर्वाेपरि है।  जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक-एक प्रभावितों को राहत पंहुचाने तक विभागीय अधिकारी क्षेत्र में ही जमे रहेंगे तथा इसकी उनके द्वारा निरीक्षण के साथ ही निरंतर समीक्षा की जाएगी। जिलाधिकारी ने कार्लीगाड़, मजेड़ा के विस्थापन हेतु उच्चस्तरीय सर्वें कार्य वॉडिया संस्थान, आईआईटी रूड़की की विशेषज्ञ टीम से कराने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में आपदा के संभावित बड़े कारण को सर्वेक्षण अनुमान निरीक्षण के पश्चात नदी, गाढ गदेरों के मलबा से लाखों टन मलबा के डीएम ने स्वीकृति आदेश दिए है। मलगा निस्तारण हेतु लॉट चिन्हित किए गए है जिसके लिए आज विज्ञप्ति प्रकाशित करवाते हुए मानसून पूर्व मलबा निस्तारित किया जाएगा।  प्रभावित परिवारों द्वारा मकान किराया बाजार दर पर दिए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही क निर्देश अपर जिलाधिकारी को दिए है। जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री द्वारा विगत दिवस आपदाग्रस्त क्षेत्र का भ्रमण दौरान युद्धस्तरपर जनजीवन सामान्य बनाने के निर्देश दिए गए है। जिसके लिए जिला प्रशासन पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध प्रत्येक कार्यों की उच्चस्तरीय मॉनिटिरिंग की जा रही है। इस दौरान डीएम ने  मौके पर पंचायत विभाग द्वारा निर्मित बाधित मोटर मार्ग सफाई कार्य मशीन द्वारा कराने हेतु लोनिवि को फंड स्वीकृत करने के साथ ही, पंचायत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए आंतरिक पैदल रास्ते युद्धस्तर पर खोलने के निर्देश दिए जिसके लिए मौके पर ही फंड स्वीकृति की गई।
जिलाधिकारी ने कहा मुख्यमंत्री  आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण कार्यों की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है। मा0 मुख्यमंत्री द्वारा विगत दिवस आपदाग्रस्त क्षेत्र का मौका मुआवना करते हुए निर्देशित किया गया था कि प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन को सामान्य बनाने तथा नदी गाढ गदेरों से प्रभावी मलबा निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए लॉट निर्धारित कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए आपदाग्रस्त क्षेत्र में जीवन पूर्णतः सामान्य होने तक विभागों के अधिकारी क्षेत्र में ही प्रवास करेंगे।
जिलाधिकारी ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में नदियों में आए मलबे को हटाने के लिए वन, सिचंाई, राजस्व खनन की टीम बनाते हुए पैच बनाकर कार्य आंवटित करते हुए मानसून पूर्व मलबा हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया लगभग 500-600 मीटर पैच बनाकर यह कार्य किया जाएगा इसके लिए स्थान चिन्हित किए गए है। जिलाधिकारी ने दैवीय आपदा में जिन प्रभावितों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उनको बाजार दरों पर किराए के मकान हेतु धनराशि दिए जाने हेतु अधिकारियों को औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा 4 हजार प्रतिमाह किराया दिया जा रहा है जिसे प्रभावितों द्वारा बढाने की मांग की गई। इसके लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए बाजार दरों पर किराया राशि देने के निर्देश दिए। बताया गया कि मजाड़ा, कार्लीगाड, सहस्त्रधारा में ऐसे लगभग 5 ऐसे परिवार हैं जिनके मकान पूर्णतः अथवा बड़े स्तर पर क्षतिग्रस्त हुए हैं अभी रहने योग्य नही है।
पंचायत की क्षतिग्रस्त आंतरिक सड़क एवं रास्ते न खुलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए पंचायत के अधिकारियों को फटकार लगाई तथा लोनिवि को पंचायत की आंतरिक सड़के मशीन के माध्यम से खोलने हेतु फंड की मौके पर ही स्वीकृति दी गई तथा जो पैदल रास्ते हैं पंचायत विभाग को तत्काल खुलवाने के निर्देश दिए जिसके लिए धन की मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की गई।
कार्लीगाड, मजाड़ क्षेत्र के विस्थापन हेतु उच्च स्तरीय टीम द्वारा जीयोलाजिकल सर्वे कराया जाएगा जिसमें वाडिया इंस्टीट्यूट, आईआईटी रूड़की आदि विशेषज्ञों तकनीकि टीम से प्राप्त विशलेषण रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी।
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के मिश्रा, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल, अभि0अभि0 विद्युत राकेश कुमार, अधि0अभि0 पीएमजीएसवाई अधिकारी, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ग्राम प्रधान माजाड़ राकेश जवाड़ी, बसवाड़ संजय राणा, फुलैत जय किशन ममगांई सहित अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।